बैतूल।होली पर्व के अवसर पर पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा जिलेवासियों को वीडियो संदेश के माध्यम से शुभकामनाएँ दी गईं। अपने संदेश में उन्होंने विशेष रूप से नशे के दुष्प्रभावों एवं उससे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अक्सर त्यौहार की खुशी में लोग नशे की अवस्था में वाहन चलाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएँ होती हैं और कई परिवारों की खुशियाँ पलभर में मातम में बदल जाती हैं। पुलिस अधीक्षक महोदय ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि — “होली का रंग आपके जीवन में खुशियाँ घोले, लेकिन नशे का रंग आपकी जिंदगी को फीका न कर दे। आपकी एक लापरवाही पूरे परिवार को जीवनभर का दर्द दे सकती है।” उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि — नशे की हालत में वाहन बिल्कुल न चलाएँ। यातायात नियमों का पालन करें एवं हेलमेट/सीट बेल्ट का उपयोग करें। हुड़दंग एवं कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहें। किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री सोशल मीडिया पर साझा न करें। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि होली पर्व के दौरान जिले में विशेष चेकिंग अभियान एवं गश्त की व्यवस्था की गई है, जिससे दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। अंत में उन्होंने सभी जिलेवासियों से जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की अपील करते हुए सुरक्षित एवं मंगलमय होली की शुभकामनाएँ दीं।
बैतूल।होली पर्व के अवसर पर पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा जिलेवासियों को वीडियो संदेश के माध्यम से शुभकामनाएँ दी गईं। अपने संदेश में उन्होंने विशेष रूप से नशे के दुष्प्रभावों एवं उससे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अक्सर त्यौहार की खुशी में लोग नशे की अवस्था में वाहन चलाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएँ होती हैं और कई परिवारों की खुशियाँ पलभर में मातम में बदल जाती हैं। पुलिस अधीक्षक महोदय ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि — “होली का रंग आपके जीवन में खुशियाँ घोले, लेकिन नशे का रंग आपकी जिंदगी को फीका न कर दे। आपकी एक लापरवाही पूरे परिवार को जीवनभर का दर्द दे सकती है।” उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि — नशे की हालत में वाहन बिल्कुल न चलाएँ। यातायात नियमों का पालन करें एवं हेलमेट/सीट बेल्ट का उपयोग करें। हुड़दंग एवं कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहें। किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री सोशल मीडिया पर साझा न करें। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि होली पर्व के दौरान जिले में विशेष चेकिंग अभियान एवं गश्त की व्यवस्था की गई है, जिससे दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। अंत में उन्होंने सभी जिलेवासियों से जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की अपील करते हुए सुरक्षित एवं मंगलमय होली की शुभकामनाएँ दीं।
- M. Afsar khanमुलताई, बैतूल, मध्य प्रदेश🙏9 hrs ago
- केरपानी में फाल्गुन मेले से पूर्व भैंसदेही भैंसदेही ब्लॉक के ग्राम केरपानी में आदिवासी समाज की पारंपरिक रीति-नीति के अनुरूप फाल्गुन मेले के पूर्व रविवार को मेघनाथ एवं जेरी की औपचारिक स्थापना की गई। धुरेड़ी उत्सव के ठीक अगले दिन होने वाले इस एकदिवसीय मेले की तैयारियों के तहत पूरा गांव एकजुट हो गया, जहां सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।तीन दिनों की विस्तृत प्रक्रिया से संपन्न हुई स्थापनास्थानीय निवासियों गुलाबराव लोखंडे, दामासिंग उइके, भुतुसींग उइके और श्रीराम धुर्वे ने बताया कि मेघनाथ एवं जेरी की स्थापना की पूरी प्रक्रिया में तीन दिनों का समय लगा।प्रथम दिवस: ग्राम के प्रमुख देवता मुठवा देव सहित सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद जंगल से उस पेड़ की पूजा की गई, जिसकी लकड़ियों से स्थापना बनानी थी। बकरा-बकरी तथा मुर्गा-मुर्गी की बलि देकर पेड़ काटा गया और गांव लाया गया।द्वितीय दिवस: लकड़ियों को चाकू और अन्य औजारों से आकार दिया गया, ताकि मेघनाथ एवं जेरी की मूर्तियां तैयार हो सकें।तृतीय दिवस (रविवार): सम्पूर्ण गांव के सहयोग से स्थापना स्थल पर पूजा-पाठ, पशुबलि और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इस दौरान सामूहिक भोजन का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ग्रामीणों ने भाग लिया।ये स्थापनाएं फाल्गुन मेला के मुख्य आकर्षण का हिस्सा हैं, जो प्रतिवर्ष धुरेड़ी के अगले दिन आयोजित होता है। आयोजन में आदिवासी समाज के सभी बंधुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने के प्रति समर्पित नजर आई।यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि ग्रामीणों के बीच सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का माध्यम भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी परंपराएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही हैं, जो प्रकृति पूजा और सामुदायिक एकता पर आधारित हैं।1
- विजयपुर मे बढते नशें के खिलाफ रैली निकाली और विजयपुर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा1
- Nayak Baba mandir jo ki shikarpur Me hai Nayak Baba ka mandir kulbhera Nadi ke pas hai yaha pr Tulsi Vivah ke din mela lgta hai1
- सोहागपुर (नर्मदापुरम)-इंदिरा वार्ड स्थित साईं क्लीनिक के संचालक डॉक्टर एच.डी. वाला के बेटे अभिजीत वाला का जन्मदिन राम रहीम रोटी बैंक में आकर इन जरूरतमंद वृद्ध एवं बेसहारा लोगों को मिष्ठान के साथ स्वादिष्ट भोजन कराकर मनाया गया। इस दौरान डॉक्टर वाला ने कहा कि हम फिजूल खर्च करने के बजाय इन गरीब लोगों को भोजन कराकर बेटे के जन्मदिन की प्रसन्नता व्यक्त कर रहे हैं। नर सेवा ही, नारायण सेवा है, इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है।1
- Post by Aadab Khan2
- जबलपुर के तिलवारा घाट पर सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह का सेवा भाव, साफ सफाई कर मां नर्मदा में लगाई आस्था की डुबकी सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह ने माँ नर्मदा परिक्रमा के बारहवें दिवस पर जबलपुर स्थित तिलवारा घाट पहुंचकर माँ नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई। विधायक श्री सिंह ने मंगलवार सुबह विधिवत स्नान कर माँ नर्मदा नदी की पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने घाट परिसर में स्वयं श्रमदान करते हुए साफ-सफाई भी की और स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि जीवनदायिनी नदी हैं, जिनकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। परिक्रमा के दौरान उनके साथ श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की भी उपस्थिति रही। विधायक के इस सेवा कार्य की स्थानीय लोगों ने सराहना की।1
- बैतूल दर्दनाक सड़क हादसा: खड़ी क्रेन से टकराई कार, तीन दोस्तों की मौत, दो जिंदगी और मौत के बीच बसंत पेट्रोल पंप इटारसी रोड़ की घटना मध्यप्रदेश के बैतूल से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बैतूल कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत बसंत पेट्रोल पंप के पास सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी क्रेन में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में सवार पांचों युवक आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं, जो किसी ढाबे से खाना खाने के बाद वापस लौट रहे थे। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और कोतवाली पुलिस की मदद से कार के दरवाजे और कांच तोड़कर अंदर फंसे युवकों को बाहर निकाला गया। सभी को 108 एंबुलेंस और निजी वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में ऋतिक सोलंकी पिता आकाश उम्र 30 साल निवासी गर्ग कालोनी, विनय पिता राजेंद्र प्रजापति उम्र 21 साल नि० रामनगर और अभय पिता संजय ठाकुर उम्र 22 साल निवासी रामनगर शामिल हैं। वहीं घायल देवा पिता मनीष पांडे उम्र 32 निवासी गंज आकाश पिता सचीन पाल उम्र 30 वर्ष रामनगर का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। बैतूल का यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही की दर्दनाक तस्वीर सामने लाता है।2
- केरपानी में फाल्गुन मेले से पूर्व भैंसदेही भैंसदेही ब्लॉक के ग्राम केरपानी में आदिवासी समाज की पारंपरिक रीति-नीति के अनुरूप फाल्गुन मेले के पूर्व रविवार को मेघनाथ एवं जेरी की औपचारिक स्थापना की गई। धुरेड़ी उत्सव के ठीक अगले दिन होने वाले इस एकदिवसीय मेले की तैयारियों के तहत पूरा गांव एकजुट हो गया, जहां सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।तीन दिनों की विस्तृत प्रक्रिया से संपन्न हुई स्थापनास्थानीय निवासियों गुलाबराव लोखंडे, दामासिंग उइके, भुतुसींग उइके और श्रीराम धुर्वे ने बताया कि मेघनाथ एवं जेरी की स्थापना की पूरी प्रक्रिया में तीन दिनों का समय लगा।प्रथम दिवस: ग्राम के प्रमुख देवता मुठवा देव सहित सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद जंगल से उस पेड़ की पूजा की गई, जिसकी लकड़ियों से स्थापना बनानी थी। बकरा-बकरी तथा मुर्गा-मुर्गी की बलि देकर पेड़ काटा गया और गांव लाया गया।द्वितीय दिवस: लकड़ियों को चाकू और अन्य औजारों से आकार दिया गया, ताकि मेघनाथ एवं जेरी की मूर्तियां तैयार हो सकें।तृतीय दिवस (रविवार): सम्पूर्ण गांव के सहयोग से स्थापना स्थल पर पूजा-पाठ, पशुबलि और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इस दौरान सामूहिक भोजन का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ग्रामीणों ने भाग लिया।ये स्थापनाएं फाल्गुन मेला के मुख्य आकर्षण का हिस्सा हैं, जो प्रतिवर्ष धुरेड़ी के अगले दिन आयोजित होता है। आयोजन में आदिवासी समाज के सभी बंधुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने के प्रति समर्पित नजर आई।यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि ग्रामीणों के बीच सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का माध्यम भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी परंपराएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही हैं, जो प्रकृति पूजा और सामुदायिक एकता पर आधारित हैं।1
- मोहन कॉलरी की मदीना मस्जिद सियाल में पूर्व जनपद सदस्य अकबर अली के द्वारा कराया गया रोजा इफ्तार।1