हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था द्वारा विमर्श विविधा कार्यक्रम के तहत 'जिनका देश ऋणी है' पहल के अंतर्गत देशभक्तों की भूमिका को याद किया गया। इसी कड़ी में संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने स्वतंत्रता संघर्ष के सूरमा पं. परमानंद की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने परमानंद को माँ भारती का एक बेमिसाल रणबांकुरा बताते हुए कहा कि देश के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। पं. परमानंद का जन्म 6 जून 1892 को हमीरपुर जिले के राठ स्थित सिकरौधा गाँव में गयाप्रसाद खरे और सगुना देवी के यहाँ हुआ था। वे शुरू से ही देशधर्मी सोच के व्यक्ति थे और गदर पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। परमानंद ने स्वदेशी आंदोलन से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक हर आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई। 1915 के गदर संघर्ष में भी उनका प्रभावी प्लान था, लेकिन भितरघात के कारण वह योजना विफल हो गई। उन्हें फाँसी की सज़ा सुनाई गई, जिसे बाद में आजीवन कारावास में बदल दिया गया। उन्होंने सेलुलर जेल में 23 वर्ष बिताए। जेल से मुक्त होने के बाद वे झाँसी में रहने लगे और इसी कारण 'झाँसी वाले' के नाम से पहचाने जाने लगे। पं. परमानंद का निधन 13 अप्रैल 1982 को हुआ। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, प्रिंस, महावीर प्रजापति, रामनारायन सोनकर, रामबाबू, राहुल, रिचा, भोलू सिंह, पंकज सिंह, सतेन्द्र, अजय गुप्ता सहित कई अन्य लोग शामिल हुए।
हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था द्वारा विमर्श विविधा कार्यक्रम के तहत 'जिनका देश ऋणी है' पहल के अंतर्गत देशभक्तों की भूमिका को याद किया गया। इसी कड़ी में संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने स्वतंत्रता संघर्ष के सूरमा पं. परमानंद की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने परमानंद को माँ भारती का एक बेमिसाल रणबांकुरा बताते हुए कहा कि देश के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। पं. परमानंद का जन्म 6 जून 1892 को हमीरपुर जिले के राठ स्थित सिकरौधा गाँव में गयाप्रसाद खरे और सगुना देवी के यहाँ हुआ था। वे शुरू से ही देशधर्मी सोच के व्यक्ति थे और गदर पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। परमानंद ने स्वदेशी आंदोलन से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक हर आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई। 1915 के गदर संघर्ष में भी उनका प्रभावी प्लान था, लेकिन भितरघात के कारण वह योजना विफल हो गई। उन्हें फाँसी की सज़ा सुनाई गई, जिसे बाद में आजीवन कारावास में बदल दिया गया। उन्होंने सेलुलर जेल में 23 वर्ष बिताए। जेल से मुक्त होने के बाद वे झाँसी में रहने लगे और इसी कारण 'झाँसी वाले' के नाम से पहचाने जाने लगे। पं. परमानंद का निधन 13 अप्रैल 1982 को हुआ। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, प्रिंस, महावीर प्रजापति, रामनारायन सोनकर, रामबाबू, राहुल, रिचा, भोलू सिंह, पंकज सिंह, सतेन्द्र, अजय गुप्ता सहित कई अन्य लोग शामिल हुए।
- कानपुर नगर के घाटमपुर-मुगल रोड पर हर बार की तरह शनिवार को तहसील समाधान दिवस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में एडीएम सप्लाई राजेश सिंह, एसडीम अबिचल प्रताप सिंह और तहसीलदार अंकिता पाठक सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। समाधान दिवस में कुल 284 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से राजस्व विभाग से संबंधित 110, पुलिस विभाग से संबंधित 48, विकास विभाग से संबंधित 46, नगर पालिका से संबंधित 15, विद्युत विभाग से संबंधित 21, आपूर्ति विभाग से संबंधित 16, चकबंदी विभाग से 9, जल निगम से संबंधित 5, डीपीओ विभाग से 3, समाज कल्याण से संबंधित 5, दिव्यांग अधिकारी से संबंधित 3 और बैंक से संबंधित 3 शिकायतें शामिल थीं। इनमें से 16 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक संख्या राजस्व विभाग से संबंधित रही। शेष शिकायतकर्ताओं को अधिकारियों द्वारा आगे कार्रवाई का आश्वासन देकर संतुष्ट किया गया।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा तहसील सभागार में माह के पहले शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 60 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 6 का मौके पर ही सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। शेष बचे प्रकरणों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है, ताकि उनका शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस समाधान दिवस की अध्यक्षता संयुक्त रूप से जिलाधिकारी अभिषेक गोयल और पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाण्डेय ने की। कार्यक्रम के दौरान बिजली, जल निगम, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से प्राप्त हुईं। इसी कार्यक्रम में एक अप्रत्याशित घटना हुई जब कस्बे के अरतरा तिराहा निवासी काजल सोनकर अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं और अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। मौके पर मौजूद कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार सिंह और नायब तहसीलदार महेंद्र गुप्ता ने तुरंत स्थिति संभाली। उन्होंने तत्काल एम्बुलेंस बुलाई और महिला सिपाहियों की निगरानी में काजल सोनकर को उपचार के लिए भेजा। कोतवाली प्रभारी ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। समाधान दिवस की समाप्ति के बाद, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने तहसील परिसर में लगाए गए एक नए टीनशेड का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके उपरांत, दोनों अधिकारियों ने परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह, क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय, तहसीलदार शिखर मिश्रा, नायब तहसीलदार महेंद्र गुप्ता, अधिशासी अधिकारी सीमा तोमर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- मौदहा तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 60 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 6 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। अधिकांश शिकायतें विद्युत विभाग, जल निगम तथा राजस्व विभाग से जुड़ी थीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शेष शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक फरियादी को त्वरित न्याय और राहत मिलनी चाहिए। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे और प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। कार्यक्रम के समापन के बाद, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने की अपील की।1
- बांदा जिले के एक क्षेत्र में स्थानीय लोगों को पानी की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि वहाँ कोई भी नल नहीं लगा रहा है, जिससे पानी की भारी समस्या बनी हुई है। स्थानीय प्रधान पर आरोप है कि वह इस मुद्दे पर उनकी बात बिल्कुल नहीं सुनते और साफ तौर पर कह चुके हैं कि नल नहीं बनाए जाएंगे। यह पूरा मामला जल विभाग से भी संबंधित है।1
- कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने जवाहर नवोदय कोचिंग सेंटर से लापता हुए 11 वर्षीय सचिन यादव को सकुशल बरामद कर लिया है। सचिन, जो अजन सिंह पुत्र श्री अमर सिंह यादव निवासी मद्दीपुरवा मजरा उमरन थाना रनिया, जनपद कानपुर देहात के पुत्र हैं, जवाहर नवोदय कोचिंग सेंटर कस्बा रूरा में पढ़ने गए थे और वहीं से कहीं चले गए थे। उनके घर वापस न आने पर उनके पिता अजन सिंह ने रूरा थाने में इस संबंध में तहरीर दी थी। इस शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए, रूरा पुलिस द्वारा मुखबिर खास की सूचना पर गुमशुदा सचिन यादव को उरई स्टेशन से ढूंढ निकाला गया। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि बरामद हुए बालक को उसके परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया है। कानपुर देहात की रूरा पुलिस द्वारा किए गए इस सराहनीय कार्य की परिजनों और आम-जनमानस द्वारा भरपूर प्रशंसा की गई है।1
- जालौन जिले में एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने कोतवाली जालौन में एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उससे दहेज मांगा गया, प्रताड़ित किया गया, धोखे से तलाकनामा तैयार कराया गया और उसे घर से निकाल दिया गया। पीड़िता तकसीम बानो के अनुसार, उनका निकाह लगभग 10 वर्ष पूर्व शाह आलम निवासी नगरी, थाना सिरसाकलार के साथ हुआ था। उनका आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग की जाती रही, और मांग पूरी न होने पर उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़िता का कहना है कि 2 फरवरी, 2026 को उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। साथ ही, समझौते का झांसा देकर उनसे कोरे स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए गए, जिनका कथित तौर पर बाद में तलाकनामा तैयार करने में इस्तेमाल किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि इस दौरान उसके पास मौजूद 35 हजार रुपये भी ले लिए गए। पीड़िता का कहना है कि जब उसने दोबारा ससुराल में रहने का प्रयास किया तो उसे स्वीकार नहीं किया गया। पीड़िता ने पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था द्वारा विमर्श विविधा कार्यक्रम के तहत 'जिनका देश ऋणी है' पहल के अंतर्गत देशभक्तों की भूमिका को याद किया गया। इसी कड़ी में संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने स्वतंत्रता संघर्ष के सूरमा पं. परमानंद की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने परमानंद को माँ भारती का एक बेमिसाल रणबांकुरा बताते हुए कहा कि देश के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। पं. परमानंद का जन्म 6 जून 1892 को हमीरपुर जिले के राठ स्थित सिकरौधा गाँव में गयाप्रसाद खरे और सगुना देवी के यहाँ हुआ था। वे शुरू से ही देशधर्मी सोच के व्यक्ति थे और गदर पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। परमानंद ने स्वदेशी आंदोलन से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक हर आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई। 1915 के गदर संघर्ष में भी उनका प्रभावी प्लान था, लेकिन भितरघात के कारण वह योजना विफल हो गई। उन्हें फाँसी की सज़ा सुनाई गई, जिसे बाद में आजीवन कारावास में बदल दिया गया। उन्होंने सेलुलर जेल में 23 वर्ष बिताए। जेल से मुक्त होने के बाद वे झाँसी में रहने लगे और इसी कारण 'झाँसी वाले' के नाम से पहचाने जाने लगे। पं. परमानंद का निधन 13 अप्रैल 1982 को हुआ। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, प्रिंस, महावीर प्रजापति, रामनारायन सोनकर, रामबाबू, राहुल, रिचा, भोलू सिंह, पंकज सिंह, सतेन्द्र, अजय गुप्ता सहित कई अन्य लोग शामिल हुए।1
- हमीरपुर के मौदहा विकास खंड स्थित ग्राम पंचायत गुड़ा के ग्रामीणों ने गंभीर पेयजल संकट से परेशान होकर जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में न केवल पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, बल्कि जो पानी उपलब्ध है वह भी पीने योग्य नहीं है। ज्ञापन में यह बात प्रमुखता से उठाई गई है कि नमामि गंगे पेयजल योजना के तहत गांव में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी की सप्लाई कभी-कभार केवल औपचारिकता पूरी करने और फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से ही चालू की जाती है, जबकि अधिकांश समय उन्हें स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पाता। इस कारण ग्रामीणों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के संबंध में वे कई बार संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की गई है कि ग्राम गुड़ा में जल संस्थान के ट्यूबवेल का नियमित और सुचारु संचालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके और उनकी परेशानी दूर हो। ज्ञापन सौंपने वालों में कंचन, चुन्नू देवी, फूल कुमारी, मीना पाल, मातादीन, मेवालाल, रामदीन, धनीराम, श्याम बाबू सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।2
- थाना गजनेर पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' अभियान के तहत एक भटकते हुए नाबालिग बच्चे को उसके परिजनों से सकुशल मिलाया। लगभग 7 वर्ष की आयु का यह बच्चा गजनेर थाना क्षेत्र के गजनेर रायपुर रोड पर निनायां मोड़ पर भटकता हुआ मिला था। बच्चे के परिजनों की जानकारी प्राप्त करने के लिए थाना गजनेर पुलिस ने विभिन्न थानों और सोशल मीडिया ग्रुप्स की सहायता ली, जिसके बाद उनसे संपर्क स्थापित किया गया और उन्हें थाना गजनेर बुलाया गया। थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि बच्चे को उसके परिजनों को सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया गया है। जनपद कानपुर देहात पुलिस द्वारा किए गए इस सराहनीय कार्य की बच्चे के परिजनों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।1