कटनी शहर के वेंकट वार्ड में निषादराज क्रिकेट क्लब द्वारा आयोजित भव्य नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन बड़े उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। निषादराज क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष श्री शैलू निषाद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के पहले मैच के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, युवा खिलाड़ी और समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री श्याम निषाद, तथा मझगांव फाटक के सरपंच श्री संतोष निषाद के साथ निषाद समाज के कई वरिष्ठजन और युवा साथी उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि खेल युवाओं को अनुशासन, समर्पण और टीम भावना सिखाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि क्रिकेट जैसे खेल युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका देते हैं और उन्हें नशे तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने में मदद करते हैं। आयोजन समिति की सराहना करते हुए, वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करते हैं। निषादराज क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष श्री शैलू निषाद ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को खेलों के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी प्रतिभा को एक मंच प्रदान करना है। उद्घाटन मैच के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश देखने को मिला, और दर्शकों ने भी तालियों व जयकारों से उनका हौसला बढ़ाया। यह आयोजन पूरी तरह से खेल भावना और उत्सवपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
कटनी शहर के वेंकट वार्ड में निषादराज क्रिकेट क्लब द्वारा आयोजित भव्य नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन बड़े उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। निषादराज क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष श्री शैलू निषाद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के पहले मैच के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, युवा खिलाड़ी और समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री श्याम निषाद, तथा मझगांव फाटक के सरपंच श्री संतोष निषाद के साथ निषाद समाज के कई वरिष्ठजन और युवा साथी उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि खेल युवाओं को अनुशासन, समर्पण और टीम भावना सिखाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि क्रिकेट जैसे खेल युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका देते हैं और उन्हें नशे तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने में मदद करते हैं। आयोजन समिति की सराहना करते हुए, वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करते हैं। निषादराज क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष श्री शैलू निषाद ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को खेलों के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी प्रतिभा को एक मंच प्रदान करना है। उद्घाटन मैच के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश देखने को मिला, और दर्शकों ने भी तालियों व जयकारों से उनका हौसला बढ़ाया। यह आयोजन पूरी तरह से खेल भावना और उत्सवपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
- पश्चिम बंगाल के 'विकास मॉडल' पर तीखे सवाल उठाए गए हैं, जहाँ रेलवे स्टेशन पर बांग्लादेशी घुसपैठियों ने घर और दुकानें बना ली हैं। इन कब्ज़ाई हुई जगहों पर कपड़े सूख रहे हैं, बच्चे खेल रहे हैं और ट्रेनें इन्हीं के बीच से होकर गुज़र रही हैं। यह स्थिति अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र में देखी जा रही है, जिसे व्यंगात्मक ढंग से एक ऐसा 'मॉडल' बताया गया है जिसकी तारीफ अमर्त्य सेन जैसे अर्थशास्त्री भी करते थे। यह रेलवे की ज़मीन पर अवैध कब्ज़े का स्पष्ट उदाहरण है, जहाँ सफाई और सुरक्षा का कोई नामोनिशान नहीं है। इस 'विकास' पर टिप्पणी करते हुए कटाक्ष व्यक्त किया गया है कि अब बीजेपी इस 'विकास' को खत्म कर देगी, और यह स्थिति पहले के पश्चिम बंगाल की एक झलक प्रस्तुत करती है।1
- कटनी के जिला अस्पताल में एक बड़ा हादसा टल गया, जिससे वहाँ भर्ती मरीजों में भय का माहौल बन गया। अस्पताल में भर्ती मरीज पटाखों जैसी तेज़ आवाज़ सुनकर सहम गए थे।1
- कटनी जिले के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने वर्षा ऋतु के दौरान बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के जर्जर शासकीय स्कूलों में व्यापक मरम्मत कार्यों के लिए ₹1 करोड़ 66 लाख 94 हजार 100 की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत, जिले की कुल 82 शालाओं में मरम्मत कार्य कराए जाएंगे, जिनमें विशेष रूप से रीठी तहसील क्षेत्र के 24 स्कूल भी शामिल हैं। इन मरम्मत योग्य स्कूलों का प्रस्ताव जिला शिक्षा केंद्र द्वारा किए गए विस्तृत सर्वेक्षण और तकनीकी परीक्षण के बाद तैयार किया गया था। यह प्रस्ताव डीएमएफ पोर्टल पर अपलोड किया गया, जिसके परीक्षण उपरांत राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के नोडल अधिकारी द्वारा इसकी अनुमति प्रदान की गई। इसी प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद, कलेक्टर ने इन मरम्मत कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है। इस मंजूरी से जिले के 82 और रीठी तहसील के 24 स्कूलों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है, जिससे बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित हो सकेगा।1
- उमरिया जिले के ग्राम सर्रा, पोस्ट निगहरी और पंचायत निगहरी में स्थानीय लोग पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं, क्योंकि वहां कुएं की स्थिति बेहद जर्जर है। इस स्थिति के कारण आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके साथ ही, गांव में सड़कों की हालत भी बहुत खराब है। जानकारी के अनुसार, पाइपलाइन डालने वाले ठेकेदारों ने सड़क को खोदकर तोड़ दिया था, लेकिन उन्होंने उसकी मरम्मत नहीं करवाई, जिससे आवागमन में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।3
- मैहर स्थित KJS मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है, जहाँ श्रद्धालुओं को कथित तौर पर अभद्र व्यवहार, डर और अपमान का सामना करना पड़ रहा है। आमतौर पर मंदिर सम्मान और शांति का स्थान होता है, लेकिन यहाँ की परिस्थितियाँ पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कई श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और युवतियों, को सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार के कारण असहज स्थितियों से गुजरना पड़ा है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने इन चर्चाओं को और तेज़ कर दिया है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि मंदिर परिसर में सुरक्षा का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना है या उन्हें भय और दबाव में रखना। लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद उनकी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही, और क्या आम श्रद्धालुओं की आवाज़ तब तक अनसुनी रहेगी जब तक कोई प्रभावशाली व्यक्ति इस मामले से न जुड़ जाए? क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि आस्था के केंद्रों की गरिमा केवल भव्य इमारतों से नहीं, बल्कि वहाँ आने वाले हर श्रद्धालु के सम्मान से तय होती है। यदि वर्तमान व्यवस्थाएं असंतोष पैदा कर रही हैं, तो जिम्मेदार पक्षों को इसका जवाब देना होगा। वर्तमान में सभी की निगाहें मंदिर प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों पर टिकी हैं। क्षेत्र में लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि क्या आस्था के इस दरबार में श्रद्धालुओं को सम्मान मिलेगा या वे इसी तरह अपमान सहते रहेंगे।1
- कटनी नगर में शेरों वाली माँ का लाल रंग का चोला भक्तों के मन को अत्यधिक मोह लेता है। माँ की यह दिव्य छवि, जो करुणा और शक्ति का प्रतीक है, सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है। जय माता दी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है, जहाँ माता रानी के मंदिर में श्रद्धालु भी पूरे भक्तिभाव के साथ जयकारे लगाते हुए उपस्थित रहते हैं।1
- चित्रकूट में नगर परिषद ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया है। प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में सड़क और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई से पहले ही नोटिस और मुनादी के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद, इस अभियान के दौरान कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया।1
- कटनी जिले की रीठी तहसील के बरहटा ग्राम पंचायत स्थित खैर माता प्रांगण में आयोजित अखंड राम नाम संकीर्तन का समापन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण छा गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रामवासियों और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसके दौरान पूरे प्रांगण में भक्ति रस की अविरल धारा प्रवाहित होती रही। श्रद्धालु राम नाम के संकीर्तन में लीन होकर भगवान श्रीराम की भक्ति में सराबोर नज़र आए। समापन के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। इस दौरान फैले भक्तिमय वातावरण ने सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, और राम नाम के जयघोष व भजनों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। आयोजन समिति और ग्रामवासियों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने बताया कि यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक परंपरा का एक अहम हिस्सा है, जो लोगों के बीच आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मज़बूत करने का कार्य करता है। समापन समारोह में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में, महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ अखंड राम नाम संकीर्तन का विधिवत समापन हुआ।1
- जबलपुर के सिहोरा में एक अंधा मोड़ लगातार घटनाओं का कारण बन रहा है। इसी कारण इस स्थान पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।1