मैहर स्थित KJS मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है, जहाँ श्रद्धालुओं को कथित तौर पर अभद्र व्यवहार, डर और अपमान का सामना करना पड़ रहा है। आमतौर पर मंदिर सम्मान और शांति का स्थान होता है, लेकिन यहाँ की परिस्थितियाँ पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कई श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और युवतियों, को सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार के कारण असहज स्थितियों से गुजरना पड़ा है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने इन चर्चाओं को और तेज़ कर दिया है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि मंदिर परिसर में सुरक्षा का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना है या उन्हें भय और दबाव में रखना। लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद उनकी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही, और क्या आम श्रद्धालुओं की आवाज़ तब तक अनसुनी रहेगी जब तक कोई प्रभावशाली व्यक्ति इस मामले से न जुड़ जाए? क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि आस्था के केंद्रों की गरिमा केवल भव्य इमारतों से नहीं, बल्कि वहाँ आने वाले हर श्रद्धालु के सम्मान से तय होती है। यदि वर्तमान व्यवस्थाएं असंतोष पैदा कर रही हैं, तो जिम्मेदार पक्षों को इसका जवाब देना होगा। वर्तमान में सभी की निगाहें मंदिर प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों पर टिकी हैं। क्षेत्र में लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि क्या आस्था के इस दरबार में श्रद्धालुओं को सम्मान मिलेगा या वे इसी तरह अपमान सहते रहेंगे।
मैहर स्थित KJS मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है, जहाँ श्रद्धालुओं को कथित तौर पर अभद्र व्यवहार, डर और अपमान का सामना करना पड़ रहा है। आमतौर पर मंदिर सम्मान और शांति का स्थान होता है, लेकिन यहाँ की परिस्थितियाँ पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कई श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और युवतियों, को सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार के कारण असहज स्थितियों से गुजरना पड़ा है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने इन चर्चाओं को और तेज़ कर दिया है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि मंदिर परिसर में सुरक्षा का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना है या उन्हें भय और दबाव में रखना। लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद उनकी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही, और क्या आम श्रद्धालुओं की आवाज़ तब तक अनसुनी रहेगी जब तक कोई प्रभावशाली व्यक्ति इस मामले से न जुड़ जाए? क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि आस्था के केंद्रों की गरिमा केवल भव्य इमारतों से नहीं, बल्कि वहाँ आने वाले हर श्रद्धालु के सम्मान से तय होती है। यदि वर्तमान व्यवस्थाएं असंतोष पैदा कर रही हैं, तो जिम्मेदार पक्षों को इसका जवाब देना होगा। वर्तमान में सभी की निगाहें मंदिर प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों पर टिकी हैं। क्षेत्र में लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि क्या आस्था के इस दरबार में श्रद्धालुओं को सम्मान मिलेगा या वे इसी तरह अपमान सहते रहेंगे।
- मैहर स्थित KJS मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है, जहाँ श्रद्धालुओं को कथित तौर पर अभद्र व्यवहार, डर और अपमान का सामना करना पड़ रहा है। आमतौर पर मंदिर सम्मान और शांति का स्थान होता है, लेकिन यहाँ की परिस्थितियाँ पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कई श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और युवतियों, को सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार के कारण असहज स्थितियों से गुजरना पड़ा है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने इन चर्चाओं को और तेज़ कर दिया है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि मंदिर परिसर में सुरक्षा का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना है या उन्हें भय और दबाव में रखना। लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद उनकी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही, और क्या आम श्रद्धालुओं की आवाज़ तब तक अनसुनी रहेगी जब तक कोई प्रभावशाली व्यक्ति इस मामले से न जुड़ जाए? क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि आस्था के केंद्रों की गरिमा केवल भव्य इमारतों से नहीं, बल्कि वहाँ आने वाले हर श्रद्धालु के सम्मान से तय होती है। यदि वर्तमान व्यवस्थाएं असंतोष पैदा कर रही हैं, तो जिम्मेदार पक्षों को इसका जवाब देना होगा। वर्तमान में सभी की निगाहें मंदिर प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों पर टिकी हैं। क्षेत्र में लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि क्या आस्था के इस दरबार में श्रद्धालुओं को सम्मान मिलेगा या वे इसी तरह अपमान सहते रहेंगे।1
- रीवा से एक अत्यंत हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ पति-पत्नी के बीच अक्सर प्यार में कही जाने वाली बात 'जब तक जिएंगे साथ जिएंगे... साथ मरेंगे' एक दर्दनाक हकीकत में बदल गई। इस त्रासदीपूर्ण घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। जानकारी के अनुसार, रीवा के युवा कारोबारी प्रदीप सोनी का अचानक कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया, जिससे परिवार में गहरा कोहराम मच गया। यह असमय मृत्यु परिवार के लिए एक बड़ा सदमा थी। प्रदीप सोनी की मौत के वक्त उनकी पत्नी वैशाली खड़ायत उत्तराखंड में थीं। पति की मृत्यु की खबर जैसे ही कुछ ही मिनटों में वैशाली तक पहुँची, वह इस असहनीय दुख और सदमे को सहन नहीं कर पाईं और पति के वियोग में उन्होंने भी तुरंत अपनी जान दे दी। इस घटना ने दोनों परिवारों को कभी न भूलने वाला गहरा घाव दिया है। एक ही दिन में दोनों हँसते-खेलते चेहरों के चले जाने से रीवा और वैशाली के गृह क्षेत्र में अटूट प्रेम के इस दर्दनाक अंत पर गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है।1
- भोपाल से मिली इस वक्त की सबसे बड़ी खबर के अनुसार, एक विधायक निर्वाचन कार्य से संबंधित मामले को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। इस घटना ने ध्यान खींचा है।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र में एक मकान के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में छोटे भाई ने अपने साले के साथ मिलकर बड़े भाई की हत्या कर दी। यह घटना 1 जून को ग्राम तिवनी निवासी राजबहोर कोरी (उम्र 30 वर्ष) की तुर्की स्टेशन के पास हुई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया कि मृतक राजबहोर का छोटा भाई कृष्णा कोरी (उम्र 26 वर्ष) ने अपनी दादी से मकान अपनी पत्नी के नाम वसीयत करा लिया था। जब राजबहोर ने मकान में अपना हिस्सा मांगा, तो कृष्णा ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के तहत, आरोपी कृष्णा कोरी और उसके साले लवकुश कोरी (उम्र 25 वर्ष) ने राजबहोर को रोककर लकड़ी की फंटी से उसके सिर पर वार किया। गंभीर रूप से घायल राजबहोर को एक दुकान के अंदर छोड़कर दोनों फरार हो गए। अस्पताल ले जाते समय राजबहोर की मौत हो गई। थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चतुर्वेदी के नेतृत्व में पुलिस ने इस मामले में धारा 103(1) और 3(5) BNS के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए ऑटो और लकड़ी की फंटी को भी जब्त कर लिया है।1
- रामपुर बघेलान में आगामी पंचायत निर्वाचन की तैयारियों को तेज़ करते हुए, जनपद पंचायत सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विधानसभा मतदाता सूची और पंचायत मतदाता सूची के मिलान पर चर्चा करना था। तहसीलदार सुजीत नागेश की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में खंड पंचायत अधिकारी महेश शर्मा, सभी पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और बीएलओ उपस्थित रहे। इस दौरान, निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए, विधानसभा की अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में हुए नए नामांकन, संशोधनों और विलोपन की जानकारी को पंचायत मतदाता सूची में अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। यह पहल त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रशासनिक तैयारियों को गति देने के लिए की गई है।2
- आज, बुधवार 10 जून 2026 को जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में संध्या काल के दिव्य दर्शन हुए।1
- मैहर स्थित केजेएस सीमेंट कंपनी द्वारा निर्मित और संचालित इच्छा पूर्ति मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे गार्डों की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि मंदिर दर्शन के लिए आए एक परिवार के साथ सुरक्षा कर्मियों ने हाथापाई और हंगामा किया, जिसके परिणामस्वरूप 37 वर्षीय एक महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। जानकारी के अनुसार, पुरानी बस्ती पांडेय टोला का एक परिवार इच्छा पूर्ति मंदिर में दर्शन और भ्रमण के लिए पहुंचा था। मंदिर परिसर में फोटो खींचने को लेकर सुरक्षा कर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच विवाद शुरू हुआ, जो इतना बढ़ गया कि माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों के दुर्व्यवहार और विवाद के कारण महिला बेहोश हो गई। आपातकालीन स्थिति के बावजूद, मंदिर परिसर में एंबुलेंस जैसी मूलभूत व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी, जिसके चलते महिला को आनन-फानन में एक ऑटो से मैहर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनका उपचार किया गया। स्थानीय लोगों ने मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि सुरक्षा कर्मी ही भक्तों के साथ अभद्र व्यवहार करेंगे तो यह आस्था का केंद्र भय और विवाद का स्थल बन जाएगा। लोगों की यह भी चर्चा है कि यदि मंदिर में आम नागरिकों के प्रवेश, फोटो खींचने या भ्रमण को लेकर इतनी सख्ती है, तो इसके स्पष्ट नियम सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाने चाहिए। परिजनों ने अपनी आपबीती बताई है, और अब देखना होगा कि मंदिर प्रबंधन तथा केजेएस सीमेंट कंपनी इस पूरे मामले पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।1