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गाजोल स्टैंड के मैदान में एक मेले का आयोजन किया गया है, जो VDP का एक हिस्सा बताया गया है। इस मेले में एक नागरदोला भी लगा हुआ है। पोस्ट में दोस्तों से पूछा गया है कि यह कैसा लगा है और उनसे इस पर अपनी टिप्पणी साझा करने का आग्रह किया गया है।

1 hr ago
user_সেন্টু সরকার
সেন্টু সরকার
Video Creator सरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
1 hr ago

गाजोल स्टैंड के मैदान में एक मेले का आयोजन किया गया है, जो VDP का एक हिस्सा बताया गया है। इस मेले में एक नागरदोला भी लगा हुआ है। पोस्ट में दोस्तों से पूछा गया है कि यह कैसा लगा है और उनसे इस पर अपनी टिप्पणी साझा करने का आग्रह किया गया है।

More news from North West Delhi and nearby areas
  • गुजरात के अंकलेश्वर जीआईडीसी स्थित सर्वाइवल टेक्नोलॉजी लिमिटेड कंपनी में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है।
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    गुजरात के अंकलेश्वर जीआईडीसी स्थित सर्वाइवल टेक्नोलॉजी लिमिटेड कंपनी में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है।
    user_JAGAT NEWS 24
    JAGAT NEWS 24
    Rohini, North West Delhi•
    26 min ago
  • गाजोल स्टैंड के मैदान में एक मेले का आयोजन किया गया है, जो VDP का एक हिस्सा बताया गया है। इस मेले में एक नागरदोला भी लगा हुआ है। पोस्ट में दोस्तों से पूछा गया है कि यह कैसा लगा है और उनसे इस पर अपनी टिप्पणी साझा करने का आग्रह किया गया है।
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    गाजोल स्टैंड के मैदान में एक मेले का आयोजन किया गया है, जो VDP का एक हिस्सा बताया गया है। इस मेले में एक नागरदोला भी लगा हुआ है। पोस्ट में दोस्तों से पूछा गया है कि यह कैसा लगा है और उनसे इस पर अपनी टिप्पणी साझा करने का आग्रह किया गया है।
    user_সেন্টু সরকার
    সেন্টু সরকার
    Video Creator सरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं, और अब विधायकों की बगावत के बाद पार्टी में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। टीएमसी के 14 सांसदों ने ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है, जिसका प्रभाव न केवल बंगाल बल्कि देश की राजनीति पर भी पड़ सकता है। इन 14 टीएमसी सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी नेता व त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब भी मौजूद थे। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने सोमवार को अपनी राज्यसभा सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद टीएमसी के पांच सांसद सुखेंदु शेखर से मिलने पहुंचे, और फिर यह खबर आई कि टीएमसी के 14 सांसद भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ये 14 सांसद सुखेंदु शेखर की तरह इस्तीफा देंगे या पार्टी को तोड़ने का प्रयास करेंगे? इन बागी सांसदों के सामने पहला और कानूनी रूप से स्पष्ट रास्ता यह है कि वे लोकसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दें, जैसा कि सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सभापति को किया है। इस्तीफा देने से उन पर दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित होने का खतरा नहीं रहेगा, और वे अपनी मर्जी से भाजपा या किसी अन्य दल में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, इस्तीफा देने का मतलब यह होगा कि उनकी सांसदी तुरंत चली जाएगी और उन सीटों पर उपचुनाव होंगे। भले ही बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी के पक्ष में माहौल है, लेकिन उपचुनाव में दोबारा जीत दर्ज करना इन सांसदों के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा होगी। अगर वे उपचुनाव हारते हैं तो संसद से बाहर हो जाएंगे, लेकिन जीतने पर सत्ता में भागीदार बन सकते हैं। दूसरा विकल्प टीएमसी को तोड़कर एक नया गुट बनाना है। भारत के संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत किसी भी पार्टी को कानूनी रूप से तोड़ने के लिए दो-तिहाई (2/3) सांसदों का एक साथ आना अनिवार्य है। संसद में टीएमसी के पास वर्तमान में 28 लोकसभा सांसद हैं, ऐसे में पार्टी तोड़ने या नया गुट बनाने के लिए 19 लोकसभा सांसदों की आवश्यकता होगी। 14 लोकसभा सांसदों की यह संख्या दो-तिहाई के आंकड़े को छूने के लिए नाकाफी है। इसलिए, इस संख्या बल के साथ 'पार्टी तोड़ना' कानूनी रूप से संभव नहीं दिख रहा है, और यदि ये सांसद बिना पर्याप्त बहुमत के अलग गुट बनाने का दावा करते हैं, तो लोकसभा अध्यक्ष उन्हें अयोग्य घोषित कर सकते हैं, जिससे उनका मामला फंस सकता है। तीसरा विकल्प यह है कि ये लोकसभा सदस्य सदन के भीतर टीएमसी के आधिकारिक व्हिप (आदेश) का उल्लंघन करें, जैसे किसी महत्वपूर्ण विधेयक पर सरकार के पक्ष में वोट करना। ऐसा करने पर टीएमसी नेतृत्व लोकसभा अध्यक्ष से इनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश करेगा। अयोग्य घोषित होने के बाद, इन सांसदों को अगले 6 महीने के भीतर चुनाव लड़कर वापस आना होगा। कई बागी नेता इस विकल्प को चुनते हैं ताकि वे खुद को 'शहीद' के रूप में पेश कर सकें। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इन 14 टीएमसी सांसदों के पीछे देश की सत्ताधारी पार्टी का हाथ हो सकता है, जिससे उनकी रणनीति बेहद सोची-समझी होने की संभावना है। बागी गुट के नेता फिलहाल कानूनी जानकारों से सलाह ले रहे हैं ताकि उनकी सदस्यता तुरंत न जाए, और वे संसद सत्र के दौरान अपनी रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। इन 14 बागी सांसदों के लिए आगे की राह कांटों भरी है, क्योंकि बिना दो-तिहाई बहुमत के पार्टी तोड़ना नामुमकिन है, और इस्तीफा देने का मतलब अपने राजनीतिक जीवन को दांव पर लगाना है। अब देखना यह होगा कि ये सांसद 'एकला चलो' की रणनीति अपनाते हैं या फिर किसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी की छत्रछाया में अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हैं।
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    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं, और अब विधायकों की बगावत के बाद पार्टी में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। टीएमसी के 14 सांसदों ने ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है, जिसका प्रभाव न केवल बंगाल बल्कि देश की राजनीति पर भी पड़ सकता है। इन 14 टीएमसी सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी नेता व त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब भी मौजूद थे।

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने सोमवार को अपनी राज्यसभा सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद टीएमसी के पांच सांसद सुखेंदु शेखर से मिलने पहुंचे, और फिर यह खबर आई कि टीएमसी के 14 सांसद भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ये 14 सांसद सुखेंदु शेखर की तरह इस्तीफा देंगे या पार्टी को तोड़ने का प्रयास करेंगे?

इन बागी सांसदों के सामने पहला और कानूनी रूप से स्पष्ट रास्ता यह है कि वे लोकसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दें, जैसा कि सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सभापति को किया है। इस्तीफा देने से उन पर दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित होने का खतरा नहीं रहेगा, और वे अपनी मर्जी से भाजपा या किसी अन्य दल में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, इस्तीफा देने का मतलब यह होगा कि उनकी सांसदी तुरंत चली जाएगी और उन सीटों पर उपचुनाव होंगे। भले ही बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी के पक्ष में माहौल है, लेकिन उपचुनाव में दोबारा जीत दर्ज करना इन सांसदों के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा होगी। अगर वे उपचुनाव हारते हैं तो संसद से बाहर हो जाएंगे, लेकिन जीतने पर सत्ता में भागीदार बन सकते हैं।

दूसरा विकल्प टीएमसी को तोड़कर एक नया गुट बनाना है। भारत के संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत किसी भी पार्टी को कानूनी रूप से तोड़ने के लिए दो-तिहाई (2/3) सांसदों का एक साथ आना अनिवार्य है। संसद में टीएमसी के पास वर्तमान में 28 लोकसभा सांसद हैं, ऐसे में पार्टी तोड़ने या नया गुट बनाने के लिए 19 लोकसभा सांसदों की आवश्यकता होगी। 14 लोकसभा सांसदों की यह संख्या दो-तिहाई के आंकड़े को छूने के लिए नाकाफी है। इसलिए, इस संख्या बल के साथ 'पार्टी तोड़ना' कानूनी रूप से संभव नहीं दिख रहा है, और यदि ये सांसद बिना पर्याप्त बहुमत के अलग गुट बनाने का दावा करते हैं, तो लोकसभा अध्यक्ष उन्हें अयोग्य घोषित कर सकते हैं, जिससे उनका मामला फंस सकता है।

तीसरा विकल्प यह है कि ये लोकसभा सदस्य सदन के भीतर टीएमसी के आधिकारिक व्हिप (आदेश) का उल्लंघन करें, जैसे किसी महत्वपूर्ण विधेयक पर सरकार के पक्ष में वोट करना। ऐसा करने पर टीएमसी नेतृत्व लोकसभा अध्यक्ष से इनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश करेगा। अयोग्य घोषित होने के बाद, इन सांसदों को अगले 6 महीने के भीतर चुनाव लड़कर वापस आना होगा। कई बागी नेता इस विकल्प को चुनते हैं ताकि वे खुद को 'शहीद' के रूप में पेश कर सकें। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इन 14 टीएमसी सांसदों के पीछे देश की सत्ताधारी पार्टी का हाथ हो सकता है, जिससे उनकी रणनीति बेहद सोची-समझी होने की संभावना है। बागी गुट के नेता फिलहाल कानूनी जानकारों से सलाह ले रहे हैं ताकि उनकी सदस्यता तुरंत न जाए, और वे संसद सत्र के दौरान अपनी रणनीति का खुलासा कर सकते हैं।

इन 14 बागी सांसदों के लिए आगे की राह कांटों भरी है, क्योंकि बिना दो-तिहाई बहुमत के पार्टी तोड़ना नामुमकिन है, और इस्तीफा देने का मतलब अपने राजनीतिक जीवन को दांव पर लगाना है। अब देखना यह होगा कि ये सांसद 'एकला चलो' की रणनीति अपनाते हैं या फिर किसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी की छत्रछाया में अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हैं।
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Civil Lines, Central Delhi•
    3 hrs ago
  • बाहरी उत्तरी दिल्ली के होलंबी खुर्द इलाके में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक सरकारी शौचालय के सीवर टैंक के ऊपर बना पोल अचानक टूटकर गिर गया. इस घटना में एक सात साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में गम और गुस्से का माहौल है। यह दुखद घटना नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाना क्षेत्र के होलंबी खुर्द में हुई, जब बच्ची सीवर टैंक के पास खेल रही थी और अचानक पोल उस पर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तुरंत बच्ची को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मासूम बच्ची की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और इलाके में शोक का माहौल है। परिजनों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी शौचालय और सीवर टैंक की जर्जर हालत के बारे में संबंधित विभाग को कई बार शिकायतें दी गई थीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो आज यह मासूम जान नहीं गँवाती। लोगों ने यह भी बताया कि घटना के बाद भी इलाके में कई जगह सीवर टैंक के ढक्कन और जर्जर दीवारें अभी भी लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं, और ऐसे हालात भविष्य में भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। वहीं, परिजन दोषी अधिकारियों और संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है, और यह सवाल उठ रहा है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग कब जागेगा और इस तरह की लापरवाही के लिए कौन जवाबदेह होगा। स्थानीय लोग जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और इलाके में तत्काल सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग कर रहे हैं।
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    बाहरी उत्तरी दिल्ली के होलंबी खुर्द इलाके में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक सरकारी शौचालय के सीवर टैंक के ऊपर बना पोल अचानक टूटकर गिर गया. इस घटना में एक सात साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में गम और गुस्से का माहौल है। यह दुखद घटना नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाना क्षेत्र के होलंबी खुर्द में हुई, जब बच्ची सीवर टैंक के पास खेल रही थी और अचानक पोल उस पर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तुरंत बच्ची को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मासूम बच्ची की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और इलाके में शोक का माहौल है।

परिजनों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी शौचालय और सीवर टैंक की जर्जर हालत के बारे में संबंधित विभाग को कई बार शिकायतें दी गई थीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो आज यह मासूम जान नहीं गँवाती। लोगों ने यह भी बताया कि घटना के बाद भी इलाके में कई जगह सीवर टैंक के ढक्कन और जर्जर दीवारें अभी भी लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं, और ऐसे हालात भविष्य में भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

फिलहाल, पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। वहीं, परिजन दोषी अधिकारियों और संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है, और यह सवाल उठ रहा है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग कब जागेगा और इस तरह की लापरवाही के लिए कौन जवाबदेह होगा। स्थानीय लोग जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और इलाके में तत्काल सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग कर रहे हैं।
    user_Hamwaran TV
    Hamwaran TV
    Local News Reporter रोहिणी, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    5 hrs ago
  • अमेठी जिले के जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लोढ़ियांवा गांव में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब खेत में शौच के लिए गए एक बुजुर्ग व्यक्ति की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान हीरालाल द्विवेदी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, हीरालाल द्विवेदी सुबह करीब 5 बजे अपने घर से खेत की ओर गए थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर जगदीशपुर कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए तथा परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस फिलहाल हत्या के कारणों का पता लगाने और आरोपियों की पहचान करने के लिए अपनी जांच में जुटी हुई है।
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    अमेठी जिले के जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लोढ़ियांवा गांव में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब खेत में शौच के लिए गए एक बुजुर्ग व्यक्ति की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान हीरालाल द्विवेदी के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, हीरालाल द्विवेदी सुबह करीब 5 बजे अपने घर से खेत की ओर गए थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने पर जगदीशपुर कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए तथा परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस फिलहाल हत्या के कारणों का पता लगाने और आरोपियों की पहचान करने के लिए अपनी जांच में जुटी हुई है।
    user_Amit mishra
    Amit mishra
    Local News Reporter Rohini, North West Delhi•
    6 hrs ago
  • grandma Khan this week are coming I'm available I love you more. reggae movie januario
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    grandma Khan this week are coming I'm available I love you more.
reggae movie januario
    user_Akram Khan
    Akram Khan
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • तृणमूल कांग्रेस में बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है, जहाँ पार्टी के 14 बागी सांसदों ने दिल्ली में पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। यह महत्वपूर्ण बैठक बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई, जिसमें बीजेपी नेता और त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब देब भी शामिल थे। पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी आज ही दिल्ली पहुंचे थे, और सूत्रों के अनुसार उन्होंने दोपहर 1 बजे के बाद भूपेंद्र यादव के घर जाकर इन सांसदों से मुलाकात की। दोपहर 2 बजे के बाद शुभेंदु अधिकारी वहां से निकल गए। इस घटनाक्रम से पहले, आज ही राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा देने वाले राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय से भी दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के पांच सांसदों ने मुलाकात की। सुखेंदु शेखर रॉय एक दशक से अधिक समय तक राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे पुराने सदस्यों में से एक थे। उनसे मिलने वाले सांसदों में बर्दमान पूर्व से शर्मिला सरकार, हावड़ा से प्रसून बनर्जी, कूचबिहार से जगदीश बसुनिया, झारग्राम से कालिपद सोरेन और बांकुरा से अरूप चक्रवर्ती शामिल थे। इन मुलाकातों से टीएमसी की राजनीति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, क्योंकि पार्टी में पहले से ही सांसदों के बीच विभाजन की खबरें हैं और ममता बनर्जी की विधायकों पर पकड़ ढीली पड़ने के बाद अब संसदीय खेमे को भी झटका लगा है। बंगाल में ममता के खिलाफ बगावत करने वाले बागी विधायक और नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने सुखेंदु के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सुखेंदु से बात नहीं की है, लेकिन वे उनकी अधिकांश बातों से सहमत हैं, खासकर संसद के उच्च सदन के कामकाज को लेकर। उन्होंने इसे निराशाजनक बताया कि सुखेंदु जैसे कद के सांसद को पिछली कतार में धकेल दिया गया और भविष्यवाणी की कि, “आज सुखेंदु आवाज़ उठा रहे हैं; कल दूसरे भी ऐसा ही करेंगे।” यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब ममता बनर्जी स्वयं इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में हैं, और अभिषेक बनर्जी भी उनके साथ हैं। आज सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच गर्मजोशी से मुलाकात भी हुई। टीएमसी के लोकसभा में कुल 28 सांसद हैं, और पार्टी में किसी भी संवैधानिक विभाजन को मान्यता प्राप्त करने के लिए कम से कम 19 सांसदों का एक गुट में आना आवश्यक है। हालांकि, सांसद इस्तीफा देने के लिए स्वतंत्र हैं।
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    तृणमूल कांग्रेस में बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है, जहाँ पार्टी के 14 बागी सांसदों ने दिल्ली में पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। यह महत्वपूर्ण बैठक बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई, जिसमें बीजेपी नेता और त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब देब भी शामिल थे। पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी आज ही दिल्ली पहुंचे थे, और सूत्रों के अनुसार उन्होंने दोपहर 1 बजे के बाद भूपेंद्र यादव के घर जाकर इन सांसदों से मुलाकात की। दोपहर 2 बजे के बाद शुभेंदु अधिकारी वहां से निकल गए।

इस घटनाक्रम से पहले, आज ही राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा देने वाले राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय से भी दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के पांच सांसदों ने मुलाकात की। सुखेंदु शेखर रॉय एक दशक से अधिक समय तक राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे पुराने सदस्यों में से एक थे। उनसे मिलने वाले सांसदों में बर्दमान पूर्व से शर्मिला सरकार, हावड़ा से प्रसून बनर्जी, कूचबिहार से जगदीश बसुनिया, झारग्राम से कालिपद सोरेन और बांकुरा से अरूप चक्रवर्ती शामिल थे। इन मुलाकातों से टीएमसी की राजनीति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, क्योंकि पार्टी में पहले से ही सांसदों के बीच विभाजन की खबरें हैं और ममता बनर्जी की विधायकों पर पकड़ ढीली पड़ने के बाद अब संसदीय खेमे को भी झटका लगा है।

बंगाल में ममता के खिलाफ बगावत करने वाले बागी विधायक और नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने सुखेंदु के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सुखेंदु से बात नहीं की है, लेकिन वे उनकी अधिकांश बातों से सहमत हैं, खासकर संसद के उच्च सदन के कामकाज को लेकर। उन्होंने इसे निराशाजनक बताया कि सुखेंदु जैसे कद के सांसद को पिछली कतार में धकेल दिया गया और भविष्यवाणी की कि, “आज सुखेंदु आवाज़ उठा रहे हैं; कल दूसरे भी ऐसा ही करेंगे।”

यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब ममता बनर्जी स्वयं इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में हैं, और अभिषेक बनर्जी भी उनके साथ हैं। आज सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच गर्मजोशी से मुलाकात भी हुई। टीएमसी के लोकसभा में कुल 28 सांसद हैं, और पार्टी में किसी भी संवैधानिक विभाजन को मान्यता प्राप्त करने के लिए कम से कम 19 सांसदों का एक गुट में आना आवश्यक है। हालांकि, सांसद इस्तीफा देने के लिए स्वतंत्र हैं।
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Civil Lines, Central Delhi•
    3 hrs ago
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ओमान तट से लगभग 15 समुद्री मील दूर एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर संदिग्ध ड्रोन या मिसाइल हमले में एक बड़ा धमाका हुआ है। पलाउ देश का झंडा लगे इस जहाज के इंजन रूम में जोरदार विस्फोट के बाद आग लग गई और उसमें तेजी से पानी भरने लगा, जिससे उसकी स्थिरता बिगड़ गई और डूबने का खतरा पैदा हो गया। जहाज पर कम से कम 24 भारतीय नाविक सवार थे, जिसकी पुष्टि फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने की है, और उन्होंने तुरंत मदद के लिए डिस्ट्रेस कॉल (एसओएस) जारी किया है। इस घटना में कुछ क्रू मेंबर्स को नुकसान भी पहुंचा है, क्योंकि नाविकों ने जहाज में बहुत तेजी से पानी भरने की सूचना दी। बचाव कार्य और मुश्किल हो गया है क्योंकि जहाज की लाइफबोट्स भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण क्षेत्रीय तनाव पहले से ही बहुत अधिक है। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां हाल के दिनों में कई जहाजों पर हमले हो चुके हैं।
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    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ओमान तट से लगभग 15 समुद्री मील दूर एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर संदिग्ध ड्रोन या मिसाइल हमले में एक बड़ा धमाका हुआ है। पलाउ देश का झंडा लगे इस जहाज के इंजन रूम में जोरदार विस्फोट के बाद आग लग गई और उसमें तेजी से पानी भरने लगा, जिससे उसकी स्थिरता बिगड़ गई और डूबने का खतरा पैदा हो गया। जहाज पर कम से कम 24 भारतीय नाविक सवार थे, जिसकी पुष्टि फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने की है, और उन्होंने तुरंत मदद के लिए डिस्ट्रेस कॉल (एसओएस) जारी किया है।

इस घटना में कुछ क्रू मेंबर्स को नुकसान भी पहुंचा है, क्योंकि नाविकों ने जहाज में बहुत तेजी से पानी भरने की सूचना दी। बचाव कार्य और मुश्किल हो गया है क्योंकि जहाज की लाइफबोट्स भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण क्षेत्रीय तनाव पहले से ही बहुत अधिक है। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां हाल के दिनों में कई जहाजों पर हमले हो चुके हैं।
    user_Ragini Garg
    Ragini Garg
    Civil Lines, Central Delhi•
    1 hr ago
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