logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

लखनऊ की मड़ियांव पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से कुल 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित जायसवाल के रूप में हुई है, जिस पर पहले भी चोरी, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी सुमित जायसवाल ने विभिन्न इलाकों से बाइक चुराकर उन्हें कम दामों में बेचने की बात कबूल की है। मड़ियांव पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है और इस संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

2 hrs ago
user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

लखनऊ की मड़ियांव पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से कुल 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित जायसवाल के रूप में हुई है, जिस पर पहले भी चोरी, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी सुमित जायसवाल ने विभिन्न इलाकों से बाइक चुराकर उन्हें कम दामों में बेचने की बात कबूल की है। मड़ियांव पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है और इस संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बबलू कुमार ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व के संबंध में सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ में इस पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं के तहत, संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही, ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और फुट पेट्रोलिंग के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर एक विशेष डायवर्जन प्लान भी लागू किया गया है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने का आग्रह किया है।
    1
    बबलू कुमार ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व के संबंध में सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ में इस पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं के तहत, संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही, ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और फुट पेट्रोलिंग के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है।

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर एक विशेष डायवर्जन प्लान भी लागू किया गया है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने का आग्रह किया है।
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • लखनऊ की मड़ियांव पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से कुल 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित जायसवाल के रूप में हुई है, जिस पर पहले भी चोरी, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी सुमित जायसवाल ने विभिन्न इलाकों से बाइक चुराकर उन्हें कम दामों में बेचने की बात कबूल की है। मड़ियांव पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है और इस संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
    1
    लखनऊ की मड़ियांव पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से कुल 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित जायसवाल के रूप में हुई है, जिस पर पहले भी चोरी, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी सुमित जायसवाल ने विभिन्न इलाकों से बाइक चुराकर उन्हें कम दामों में बेचने की बात कबूल की है। मड़ियांव पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है और इस संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व के दृष्टिगत लखनऊ में सुरक्षा और यातायात के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं के संबंध में संयुक्त पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, श्री बबलू कुमार द्वारा एक बयान दिया गया है।
    1
    ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व के दृष्टिगत लखनऊ में सुरक्षा और यातायात के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं के संबंध में संयुक्त पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, श्री बबलू कुमार द्वारा एक बयान दिया गया है।
    user_Journalist prabhat kashyap
    Journalist prabhat kashyap
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में देर रात हुई एक मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बालागंज स्थित लाल मस्जिद के पास एक पेट्रोल पंप के सामने यह घटना घटी, जहाँ बेल्टों का जमकर इस्तेमाल किया गया। इस हिंसक वारदात ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    1
    लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में देर रात हुई एक मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बालागंज स्थित लाल मस्जिद के पास एक पेट्रोल पंप के सामने यह घटना घटी, जहाँ बेल्टों का जमकर इस्तेमाल किया गया। इस हिंसक वारदात ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Anurag Kashyap
    Anurag Kashyap
    Local News Reporter Sadar, Lucknow•
    4 hrs ago
  • देश में चल रहे 'अमृत काल' पर कटाक्ष करते हुए, नीति-निर्माताओं पर यह आरोप लगाया गया है कि वे शायद 'सोमरस या विशेष प्रकार की जड़ी-बूटी का काढ़ा' पीकर नियम-कानून बना रहे हैं, जिसके चलते ज़मीन पर 'दिव्य नौटंकी' देखने को मिल रही है, जिससे 'बड़े-बड़े सर्कस वाले' भी शरमा जाएं। इस पूरे घटनाक्रम को एक 'महान ड्रामा' के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस 'ड्रामा' के पहले दृश्य में पश्चिम बंगाल के 'वेस्ट बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट' का उल्लेख है, जिसके तहत 14 साल या 'टूटी-फूटी, लंगड़ी-लूली, स्थायी रूप से अपाहिज' गाय को काटा जा सकता है। हालाँकि, इसके लिए सरकारी डॉक्टर और म्युनिसिपैलिटी अधिकारी से 'फिट-फॉर-स्लॉटर' का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। पोस्ट में इस पर व्यंग्य करते हुए कहा गया है कि जो गरीब किसान अपनी बीमार गाय के इलाज का खर्च नहीं उठा सकता, उसे अब अफसरों से यह मनुहार करनी पड़ेगी कि उसकी गाय 'पर्याप्त रूप से लंगड़ी' हो चुकी है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जानवर भले ही तड़पता रहे, लेकिन पहले नौकरशाही की फाइलें पूरी होनी चाहिए, और कोर्ट का आदेश है कि सब कुछ बंद बूचड़खानों में ही होगा। दूसरे दृश्य में देश के दो अलग-अलग कोनों में दिख रहे विरोधाभास को सामने रखा गया है। जहाँ सड़क पर मुसलमान भाईचारा और कानून बचाने के लिए गोवंश को न छूने और किसी और जानवर की कुर्बानी देने की बात कर रहे हैं, वहीं सड़क पर हिंदू व्यापारी चिंतित हैं कि अगर वे बूढ़ी और दूध न देने वाली गायों को नहीं बेचेंगे, तो अपने बच्चों को क्या खिलाएंगे और नई दुधारू गायें कहाँ से लाएंगे। आरोप है कि ए.सी. कमरों में बैठकर सिर्फ भावनाओं के आधार पर नीतियां बनाने वाले यह भूल गए हैं कि भारत का ग्रामीण पशु व्यापार 'किसान की जेब के अर्थशास्त्र' से चलता है, न कि 'किसी धर्म की किताब' से। जब तक गाय दूध देती है, वह माता होती है; दूध देना बंद करने पर वह गरीब किसान के लिए एक 'अनुत्पादक जिम्मेदारी' बन जाती है, और उसे न बेचना किसान की आजीविका पर सीधा प्रहार है। तीसरे दृश्य में 'संवर्धन' के नाम पर 'आवारा पशुओं का आतंक' दर्शाया गया है। भावनाओं के उबाल में बिना सोचे-समझे गोवंश के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध के बाद से देश के खेतों और सड़कों पर 'गोमाता' का नया अवतार, यानी 'आवारा पशु' देखने को मिल रहे हैं। चारे की भारी कमी है, और 'संरक्षण' के नाम पर लाखों जानवर सड़कों पर प्लास्टिक खा रहे हैं, किसानों की फसलें तबाह कर रहे हैं, और हाईवे पर गाड़ियों से टकराकर खुद भी मर रहे हैं और इंसानों की भी जान ले रहे हैं। इसे 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' की स्थिति बताया गया है, जहाँ ऐसा 'संरक्षण' हुआ है कि जानवर और किसान दोनों सड़क पर आ गए हैं। पोस्ट में इस 'नौटंकी' से इतर, कड़वी सच्चाई यह बताई गई है कि एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र और डेयरी उद्योग के लिए पशुओं का वैज्ञानिक संरक्षण और संवर्धन जितना आवश्यक है, अनुपयोगी हो चुके पशुओं का व्यावहारिक प्रबंधन (कटान सहित) भी उतना ही अनिवार्य है। पशुधन को 'सजावट की वस्तु' न मानकर एक 'आर्थिक चक्र' बताया गया है, और चेतावनी दी गई है कि पुराने और बीमार पशुओं को हटाने की तार्किक व्यवस्था न होने पर स्वस्थ पशुओं के हिस्से का चारा और चिकित्सा भी समाप्त हो जाएगी, क्योंकि 'दुनिया का कोई भी विकसित समाज केवल भावनाओं से नहीं, बल्कि विज्ञान और व्यावहारिक संतुलन से चलता है'। अंत में नीति-निर्माताओं से सवाल पूछा गया है कि वे कब तक पशुधन प्रबंधन को 'केवल वोट बैंक और मजहबी चश्मे' से देखते रहेंगे, और उनसे 'भांग का नशा उतरने' के बाद एक व्यावहारिक राष्ट्रीय नीति बनाने का आग्रह किया गया है, जो धार्मिक सौहार्द, किसान की आजीविका और मूक जानवरों को सड़कों पर तड़पने से रोके। यह पोस्ट सैय्यद अली हसनैन आब्दी फ़ैज़ द्वारा लिखी गई है।
    1
    देश में चल रहे 'अमृत काल' पर कटाक्ष करते हुए, नीति-निर्माताओं पर यह आरोप लगाया गया है कि वे शायद 'सोमरस या विशेष प्रकार की जड़ी-बूटी का काढ़ा' पीकर नियम-कानून बना रहे हैं, जिसके चलते ज़मीन पर 'दिव्य नौटंकी' देखने को मिल रही है, जिससे 'बड़े-बड़े सर्कस वाले' भी शरमा जाएं। इस पूरे घटनाक्रम को एक 'महान ड्रामा' के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

इस 'ड्रामा' के पहले दृश्य में पश्चिम बंगाल के 'वेस्ट बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट' का उल्लेख है, जिसके तहत 14 साल या 'टूटी-फूटी, लंगड़ी-लूली, स्थायी रूप से अपाहिज' गाय को काटा जा सकता है। हालाँकि, इसके लिए सरकारी डॉक्टर और म्युनिसिपैलिटी अधिकारी से 'फिट-फॉर-स्लॉटर' का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। पोस्ट में इस पर व्यंग्य करते हुए कहा गया है कि जो गरीब किसान अपनी बीमार गाय के इलाज का खर्च नहीं उठा सकता, उसे अब अफसरों से यह मनुहार करनी पड़ेगी कि उसकी गाय 'पर्याप्त रूप से लंगड़ी' हो चुकी है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जानवर भले ही तड़पता रहे, लेकिन पहले नौकरशाही की फाइलें पूरी होनी चाहिए, और कोर्ट का आदेश है कि सब कुछ बंद बूचड़खानों में ही होगा।

दूसरे दृश्य में देश के दो अलग-अलग कोनों में दिख रहे विरोधाभास को सामने रखा गया है। जहाँ सड़क पर मुसलमान भाईचारा और कानून बचाने के लिए गोवंश को न छूने और किसी और जानवर की कुर्बानी देने की बात कर रहे हैं, वहीं सड़क पर हिंदू व्यापारी चिंतित हैं कि अगर वे बूढ़ी और दूध न देने वाली गायों को नहीं बेचेंगे, तो अपने बच्चों को क्या खिलाएंगे और नई दुधारू गायें कहाँ से लाएंगे। आरोप है कि ए.सी. कमरों में बैठकर सिर्फ भावनाओं के आधार पर नीतियां बनाने वाले यह भूल गए हैं कि भारत का ग्रामीण पशु व्यापार 'किसान की जेब के अर्थशास्त्र' से चलता है, न कि 'किसी धर्म की किताब' से। जब तक गाय दूध देती है, वह माता होती है; दूध देना बंद करने पर वह गरीब किसान के लिए एक 'अनुत्पादक जिम्मेदारी' बन जाती है, और उसे न बेचना किसान की आजीविका पर सीधा प्रहार है।

तीसरे दृश्य में 'संवर्धन' के नाम पर 'आवारा पशुओं का आतंक' दर्शाया गया है। भावनाओं के उबाल में बिना सोचे-समझे गोवंश के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध के बाद से देश के खेतों और सड़कों पर 'गोमाता' का नया अवतार, यानी 'आवारा पशु' देखने को मिल रहे हैं। चारे की भारी कमी है, और 'संरक्षण' के नाम पर लाखों जानवर सड़कों पर प्लास्टिक खा रहे हैं, किसानों की फसलें तबाह कर रहे हैं, और हाईवे पर गाड़ियों से टकराकर खुद भी मर रहे हैं और इंसानों की भी जान ले रहे हैं। इसे 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' की स्थिति बताया गया है, जहाँ ऐसा 'संरक्षण' हुआ है कि जानवर और किसान दोनों सड़क पर आ गए हैं।

पोस्ट में इस 'नौटंकी' से इतर, कड़वी सच्चाई यह बताई गई है कि एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र और डेयरी उद्योग के लिए पशुओं का वैज्ञानिक संरक्षण और संवर्धन जितना आवश्यक है, अनुपयोगी हो चुके पशुओं का व्यावहारिक प्रबंधन (कटान सहित) भी उतना ही अनिवार्य है। पशुधन को 'सजावट की वस्तु' न मानकर एक 'आर्थिक चक्र' बताया गया है, और चेतावनी दी गई है कि पुराने और बीमार पशुओं को हटाने की तार्किक व्यवस्था न होने पर स्वस्थ पशुओं के हिस्से का चारा और चिकित्सा भी समाप्त हो जाएगी, क्योंकि 'दुनिया का कोई भी विकसित समाज केवल भावनाओं से नहीं, बल्कि विज्ञान और व्यावहारिक संतुलन से चलता है'। अंत में नीति-निर्माताओं से सवाल पूछा गया है कि वे कब तक पशुधन प्रबंधन को 'केवल वोट बैंक और मजहबी चश्मे' से देखते रहेंगे, और उनसे 'भांग का नशा उतरने' के बाद एक व्यावहारिक राष्ट्रीय नीति बनाने का आग्रह किया गया है, जो धार्मिक सौहार्द, किसान की आजीविका और मूक जानवरों को सड़कों पर तड़पने से रोके। यह पोस्ट सैय्यद अली हसनैन आब्दी फ़ैज़ द्वारा लिखी गई है।
    user_सैय्यद अली हसनैन आब्दी
    सैय्यद अली हसनैन आब्दी
    सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बरेली में तैनात लेखपाल विशेषता गंगवार और उनके पति विपिन पटेल इन दिनों चर्चा में हैं, क्योंकि विपिन पटेल, जो स्वयं भी लेखपाल बताए जा रहे हैं, उन्हें एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद मामला तब और गहरा गया जब उनकी पत्नी विशेषता गंगवार सामने आईं और दावा किया कि उनके पति को एक गहरी साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा बताया और अपने पति को निर्दोष करार दिया। विशेषता गंगवार के अनुसार, उनके पति ईमानदारी से अपना काम कर रहे थे, लेकिन कुछ लोगों की पुरानी रंजिश के कारण उन्हें झूठे मामले में घसीटा गया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके विपरीत, एंटी करप्शन टीम का कहना है कि उन्हें एक शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने कार्रवाई की और विपिन पटेल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। वर्तमान में, इस मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रियाएँ अपनाई जा रही हैं। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है, जहाँ कुछ लोग एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई को उचित ठहरा रहे हैं, तो वहीं कुछ अन्य लोग मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर दे रहे हैं।
    1
    बरेली में तैनात लेखपाल विशेषता गंगवार और उनके पति विपिन पटेल इन दिनों चर्चा में हैं, क्योंकि विपिन पटेल, जो स्वयं भी लेखपाल बताए जा रहे हैं, उन्हें एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

इस गिरफ्तारी के बाद मामला तब और गहरा गया जब उनकी पत्नी विशेषता गंगवार सामने आईं और दावा किया कि उनके पति को एक गहरी साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा बताया और अपने पति को निर्दोष करार दिया। विशेषता गंगवार के अनुसार, उनके पति ईमानदारी से अपना काम कर रहे थे, लेकिन कुछ लोगों की पुरानी रंजिश के कारण उन्हें झूठे मामले में घसीटा गया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके विपरीत, एंटी करप्शन टीम का कहना है कि उन्हें एक शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने कार्रवाई की और विपिन पटेल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

वर्तमान में, इस मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रियाएँ अपनाई जा रही हैं। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है, जहाँ कुछ लोग एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई को उचित ठहरा रहे हैं, तो वहीं कुछ अन्य लोग मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर दे रहे हैं।
    user_JANTA DARPAN
    JANTA DARPAN
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    32 min ago
  • लखनऊ से प्राप्त ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, भारत में 29 मई से 5 जून तक प्री-मानसून बारिश होने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि इस अवधि में देश का लगभग 90% क्षेत्र प्री-मानसून वर्षा से आच्छादित हो सकता है। हालांकि, केरल में नमी की मात्रा कम होने के कारण मुख्य मानसून के आगमन में फिलहाल देरी हो रही है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो मौजूदा समय की तीव्र गर्मी को दर्शाता है।
    1
    लखनऊ से प्राप्त ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, भारत में 29 मई से 5 जून तक प्री-मानसून बारिश होने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि इस अवधि में देश का लगभग 90% क्षेत्र प्री-मानसून वर्षा से आच्छादित हो सकता है।

हालांकि, केरल में नमी की मात्रा कम होने के कारण मुख्य मानसून के आगमन में फिलहाल देरी हो रही है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो मौजूदा समय की तीव्र गर्मी को दर्शाता है।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Court reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    53 min ago
  • लखनऊ के PGI थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह को बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मार दी। हमलावरों ने संदीप सिंह पर तीन राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली उनके सिर के पास लगी। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल संदीप सिंह को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
    1
    लखनऊ के PGI थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह को बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मार दी। हमलावरों ने संदीप सिंह पर तीन राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली उनके सिर के पास लगी। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल संदीप सिंह को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
    user_Journalist prabhat kashyap
    Journalist prabhat kashyap
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • चीन के हुबेई प्रांत से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अचानक एक पुल टूट जाने से उस पर से गुजर रही एक कार नदी में जा गिरी और तेज बहाव में बह गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। हालांकि, कार में सवार लोगों की स्थिति के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया यूजर्स पुलों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। कई लोग इस हादसे को भारत में होने वाले पुल संबंधी दुर्घटनाओं से जोड़कर भी चर्चा कर रहे हैं।
    1
    चीन के हुबेई प्रांत से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अचानक एक पुल टूट जाने से उस पर से गुजर रही एक कार नदी में जा गिरी और तेज बहाव में बह गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। हालांकि, कार में सवार लोगों की स्थिति के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया यूजर्स पुलों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। कई लोग इस हादसे को भारत में होने वाले पुल संबंधी दुर्घटनाओं से जोड़कर भी चर्चा कर रहे हैं।
    user_JANTA DARPAN
    JANTA DARPAN
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    31 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.