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छत्तीसगढ़ के केसला नामक स्थान पर आज भी मुक्तिधाम की अनुपलब्धता एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण मृतकों का अंतिम संस्कार खुले आसमान के नीचे ही करना पड़ रहा है। यह स्थिति विकास के बड़े-बड़े दावों पर भारी पड़ रही स्थानीय लोगों की बेबसी को उजागर करती है। यह विडंबना है कि 75 साल बीत जाने के बाद भी, इस क्षेत्र में अंतिम संस्कार के लिए एक भी व्यवस्थित स्थल नहीं बन पाया है। इसी कारण, मरने के बाद भी लोगों को उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है और उनका अंतिम संस्कार बिना किसी मर्यादा के खुले में संपन्न होता है।

2 hrs ago
user_Kaniya Soni
Kaniya Soni
कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

छत्तीसगढ़ के केसला नामक स्थान पर आज भी मुक्तिधाम की अनुपलब्धता एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण मृतकों का अंतिम संस्कार खुले आसमान के नीचे ही करना पड़ रहा है। यह स्थिति विकास के बड़े-बड़े दावों पर भारी पड़ रही स्थानीय लोगों की बेबसी को उजागर करती है। यह विडंबना है कि 75 साल बीत जाने के बाद भी, इस क्षेत्र में अंतिम संस्कार के लिए एक भी व्यवस्थित स्थल नहीं बन पाया है। इसी कारण, मरने के बाद भी लोगों को उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है और उनका अंतिम संस्कार बिना किसी मर्यादा के खुले में संपन्न होता है।

More news from Chhattisgarh and nearby areas
  • बिलासपुर में नगर निगम प्रशासन ने बकायेदारों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की है। इसी क्रम में, 20 से भी अधिक दुकानों को सील कर दिया गया।
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    बिलासपुर में नगर निगम प्रशासन ने बकायेदारों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की है। इसी क्रम में, 20 से भी अधिक दुकानों को सील कर दिया गया।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    13 hrs ago
  • एक उपाध्यक्ष पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अभी तक कोई कार्यवाही न होने के विरोध में, एसपी कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम हमले के बाद न्याय न मिलने और अधिकारियों द्वारा मामले पर संज्ञान न लिए जाने के कारण उठाया जा रहा है।
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    एक उपाध्यक्ष पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अभी तक कोई कार्यवाही न होने के विरोध में, एसपी कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम हमले के बाद न्याय न मिलने और अधिकारियों द्वारा मामले पर संज्ञान न लिए जाने के कारण उठाया जा रहा है।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • बिलासपुर में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध जुआ-सट्टा एवं संगठित सट्टेबाजी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में तोरवा पुलिस लगातार छापेमार कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना को आगे बढ़ाते हुए की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों सटोरियों की पहचान 53 वर्षीय दीपक रामनानी, 50 वर्षीय अजहर जुननानी, 56 वर्षीय सुधीर बोले और 30 वर्षीय शुभम पांडे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी पहले भी जुआ-सट्टा से जुड़े मामलों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी प्रकरण दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में संगठित तरीके से अवैध सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर, आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धाराओं 6 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, और ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    बिलासपुर में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध जुआ-सट्टा एवं संगठित सट्टेबाजी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में तोरवा पुलिस लगातार छापेमार कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना को आगे बढ़ाते हुए की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों सटोरियों की पहचान 53 वर्षीय दीपक रामनानी, 50 वर्षीय अजहर जुननानी, 56 वर्षीय सुधीर बोले और 30 वर्षीय शुभम पांडे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी पहले भी जुआ-सट्टा से जुड़े मामलों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी प्रकरण दर्ज हैं।

प्रारंभिक जांच में संगठित तरीके से अवैध सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर, आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धाराओं 6 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, और ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    21 min ago
  • बिलासपुर में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। शहर के आईएमए भवन में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों का कहना है कि इस प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, और उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, ईसाई समाज ने हिंदू संगठनों के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईसाई समाज ने स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा केवल नियमित प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है और किसी भी प्रकार का धर्मांतरण नहीं कराया जाता है। इस घटना के बाद, बिलासपुर में हिंदू और ईसाई समाज आमने-सामने आ गए हैं, जिससे धर्मांतरण का यह मामला गर्मा गया है।
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    बिलासपुर में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। शहर के आईएमए भवन में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों का कहना है कि इस प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, और उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी ओर, ईसाई समाज ने हिंदू संगठनों के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईसाई समाज ने स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा केवल नियमित प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है और किसी भी प्रकार का धर्मांतरण नहीं कराया जाता है। इस घटना के बाद, बिलासपुर में हिंदू और ईसाई समाज आमने-सामने आ गए हैं, जिससे धर्मांतरण का यह मामला गर्मा गया है।
    user_Ziya khan
    Ziya khan
    Local News Reporter Bilaspur, Chhattisgarh•
    22 min ago
  • कांकेर में एक विधायक अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं। वे आज भी अपनी मिट्टी से रिश्ता कायम रखे हुए हैं, जिसमें तालाब में स्नान करना, मंदिर में सेवा देना और खेत-खलिहान से लगातार जुड़े रहना शामिल है। विधायक की इस सादगी ने लोगों का दिल जीत लिया है, और उनकी यह जीवनशैली कांकेर की एक अनोखी तस्वीर पेश करती है, जो स्थानीय लोगों के बीच प्रशंसा का पात्र बन रही है।
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    कांकेर में एक विधायक अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं। वे आज भी अपनी मिट्टी से रिश्ता कायम रखे हुए हैं, जिसमें तालाब में स्नान करना, मंदिर में सेवा देना और खेत-खलिहान से लगातार जुड़े रहना शामिल है।

विधायक की इस सादगी ने लोगों का दिल जीत लिया है, और उनकी यह जीवनशैली कांकेर की एक अनोखी तस्वीर पेश करती है, जो स्थानीय लोगों के बीच प्रशंसा का पात्र बन रही है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    13 hrs ago
  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक 15 वर्षीय गुम बालिका को सकुशल बरामद करने के साथ ही उससे दुष्कर्म करने वाले अपचारी बालक और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया है। पहले मामले में, 14 जून को एक 15 वर्षीय बालिका की माँ ने चौकी रैरूमाखुर्द में अपनी बेटी के 10 जून से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी बेटी को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने का संदेह जताया गया था, जिस पर पुलिस ने तुरंत 165/2026, धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया। 18 जून को बालिका अपनी माँ के साथ चौकी में उपस्थित हुई और महिला अधिकारी के समक्ष दिए बयान में बताया कि विधि से संघर्षरत एक बालक ने उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाकर उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए। जांच के दौरान मामले में BNS की धारा 64(2)(m), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 भी जोड़ी गईं। बालिका का न्यायालयीन बयान कराकर बाल कल्याण समिति, रायगढ़ के माध्यम से उसकी काउंसलिंग भी कराई गई। पुलिस टीम ने आरोपित बालक को उसके निवास से तलाश कर हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोप स्वीकार करने तथा चिकित्सीय परीक्षण में साक्ष्य मिलने पर 1 जुलाई को विधिसम्मत निरुद्ध कर उसे बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। दूसरे मामले में, 2 जुलाई को महिला थाना रायगढ़ को 31 वर्षीय एक पीड़िता से लिखित शिकायत प्राप्त हुई। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2018 में उसकी पहचान महेंद्र पासवान (31, निवासी जूटमिल सामने गली, थाना जूटमिल) से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को अविवाहित बताकर विवाह का भरोसा दिलाया और किराये के मकान में रखकर लंबे समय तक पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। हाल ही में पीड़िता को जानकारी हुई कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसके तीन बच्चे भी हैं। 30 जून को विवाद होने के बाद आरोपी ने उसे घर से निकाल दिया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने 64/2026, धारा 69 BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। बयान के साथ चिकित्सीय परीक्षण कर आवश्यक जैविक साक्ष्य सुरक्षित किए गए। आरोपी महेंद्र पासवान की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। वैधानिक कार्रवाइयों के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि "अभियान संवेदना" के माध्यम से बाल सुरक्षा और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर तत्काल, संवेदनशील और कड़ाई से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या महिला थाना में दें, ताकि समय पर बचाव और उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक 15 वर्षीय गुम बालिका को सकुशल बरामद करने के साथ ही उससे दुष्कर्म करने वाले अपचारी बालक और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया है।

पहले मामले में, 14 जून को एक 15 वर्षीय बालिका की माँ ने चौकी रैरूमाखुर्द में अपनी बेटी के 10 जून से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी बेटी को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने का संदेह जताया गया था, जिस पर पुलिस ने तुरंत 165/2026, धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया। 18 जून को बालिका अपनी माँ के साथ चौकी में उपस्थित हुई और महिला अधिकारी के समक्ष दिए बयान में बताया कि विधि से संघर्षरत एक बालक ने उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाकर उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए। जांच के दौरान मामले में BNS की धारा 64(2)(m), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 भी जोड़ी गईं। बालिका का न्यायालयीन बयान कराकर बाल कल्याण समिति, रायगढ़ के माध्यम से उसकी काउंसलिंग भी कराई गई। पुलिस टीम ने आरोपित बालक को उसके निवास से तलाश कर हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोप स्वीकार करने तथा चिकित्सीय परीक्षण में साक्ष्य मिलने पर 1 जुलाई को विधिसम्मत निरुद्ध कर उसे बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।

दूसरे मामले में, 2 जुलाई को महिला थाना रायगढ़ को 31 वर्षीय एक पीड़िता से लिखित शिकायत प्राप्त हुई। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2018 में उसकी पहचान महेंद्र पासवान (31, निवासी जूटमिल सामने गली, थाना जूटमिल) से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को अविवाहित बताकर विवाह का भरोसा दिलाया और किराये के मकान में रखकर लंबे समय तक पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। हाल ही में पीड़िता को जानकारी हुई कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसके तीन बच्चे भी हैं। 30 जून को विवाद होने के बाद आरोपी ने उसे घर से निकाल दिया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने 64/2026, धारा 69 BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। बयान के साथ चिकित्सीय परीक्षण कर आवश्यक जैविक साक्ष्य सुरक्षित किए गए। आरोपी महेंद्र पासवान की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। वैधानिक कार्रवाइयों के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि "अभियान संवेदना" के माध्यम से बाल सुरक्षा और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर तत्काल, संवेदनशील और कड़ाई से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या महिला थाना में दें, ताकि समय पर बचाव और उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
    user_Kumar Poptani National Crime
    Kumar Poptani National Crime
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • बिलासपुर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मामलों में इस्तेमाल होने वाले 'म्यूल बैंक खातों' के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में तारबाहर पुलिस ने दो फरार आरोपियों अमीर उर्फ अमीरुद्दीन (29) और मोहम्मद अल्मास गाजी (24) को रायपुर से गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में सहयोग करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 13 मई 2026 को मिली एक मुखबिर सूचना के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें बताया गया था कि स्टेट बैंक, व्यापार विहार बिलासपुर के आसपास एक व्यक्ति लोगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के एवज में कमीशन का लालच दे रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर शुरू हुई इस जांच में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में पहले ही दीपेश कुमार गुप्ता, नवनीत मिश्रा, ऋषभ साहू और राजा घरानी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। प्रकरण में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश के दौरान, साइबर सेल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन विश्लेषण के आधार पर पुलिस को दोनों आरोपियों के रायपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रायपुर पहुंचकर उन्हें दबोच लिया। पूछताछ में अमीर उर्फ अमीरुद्दीन और मोहम्मद अल्मास गाजी ने स्वीकार किया कि वे कमीशन लेकर ऐसे बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए होता था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 317(4), 112 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया और उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध में सहयोग करने वाले म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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    बिलासपुर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मामलों में इस्तेमाल होने वाले 'म्यूल बैंक खातों' के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में तारबाहर पुलिस ने दो फरार आरोपियों अमीर उर्फ अमीरुद्दीन (29) और मोहम्मद अल्मास गाजी (24) को रायपुर से गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में सहयोग करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 13 मई 2026 को मिली एक मुखबिर सूचना के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें बताया गया था कि स्टेट बैंक, व्यापार विहार बिलासपुर के आसपास एक व्यक्ति लोगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के एवज में कमीशन का लालच दे रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर शुरू हुई इस जांच में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में पहले ही दीपेश कुमार गुप्ता, नवनीत मिश्रा, ऋषभ साहू और राजा घरानी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

प्रकरण में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश के दौरान, साइबर सेल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन विश्लेषण के आधार पर पुलिस को दोनों आरोपियों के रायपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रायपुर पहुंचकर उन्हें दबोच लिया। पूछताछ में अमीर उर्फ अमीरुद्दीन और मोहम्मद अल्मास गाजी ने स्वीकार किया कि वे कमीशन लेकर ऐसे बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए होता था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 317(4), 112 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया और उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध में सहयोग करने वाले म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • सक्ति जिले के ग्राम पंचायत सोंठी में विकास के दावों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब सड़क के अभाव में ग्रामीणों को एक 60 वर्षीय महिला कमलाबाई महंत के शव को कंधे पर उठाकर कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से श्मशान तक ले जाना पड़ा। जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में कमलाबाई का बीमारी के चलते निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के लिए परिजन जब शव लेकर निकले, तो भारी बारिश के कारण कच्चा रास्ता पूरी तरह से कीचड़ और दलदल में बदल गया था, जिससे वाहन तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया। मजबूरन, ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर तक शव को अपने कंधों पर उठाकर श्मशान घाट पहुंचाया। इस दौरान उन्हें पानी से भरी बोराई नदी भी पार करनी पड़ी, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। इस अमानवीय घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि रेलवे लाइन से बोराई नदी तक सड़क निर्माण की मांग वे वर्षों से कर रहे हैं, और मनरेगा के तहत इसका प्रस्ताव भी बना था, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी को ऐसी दुखद स्थिति का सामना न करना पड़े।
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    सक्ति जिले के ग्राम पंचायत सोंठी में विकास के दावों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब सड़क के अभाव में ग्रामीणों को एक 60 वर्षीय महिला कमलाबाई महंत के शव को कंधे पर उठाकर कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से श्मशान तक ले जाना पड़ा। जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में कमलाबाई का बीमारी के चलते निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के लिए परिजन जब शव लेकर निकले, तो भारी बारिश के कारण कच्चा रास्ता पूरी तरह से कीचड़ और दलदल में बदल गया था, जिससे वाहन तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया।

मजबूरन, ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर तक शव को अपने कंधों पर उठाकर श्मशान घाट पहुंचाया। इस दौरान उन्हें पानी से भरी बोराई नदी भी पार करनी पड़ी, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। इस अमानवीय घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि रेलवे लाइन से बोराई नदी तक सड़क निर्माण की मांग वे वर्षों से कर रहे हैं, और मनरेगा के तहत इसका प्रस्ताव भी बना था, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी को ऐसी दुखद स्थिति का सामना न करना पड़े।
    user_Lala upadhyay
    Lala upadhyay
    Local News Reporter Sakti, Chhattisgarh•
    8 hrs ago
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