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एक उपाध्यक्ष पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अभी तक कोई कार्यवाही न होने के विरोध में, एसपी कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम हमले के बाद न्याय न मिलने और अधिकारियों द्वारा मामले पर संज्ञान न लिए जाने के कारण उठाया जा रहा है।
Dwarika prasad Yadaw
एक उपाध्यक्ष पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अभी तक कोई कार्यवाही न होने के विरोध में, एसपी कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम हमले के बाद न्याय न मिलने और अधिकारियों द्वारा मामले पर संज्ञान न लिए जाने के कारण उठाया जा रहा है।
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- कोरबा जिले के नकटीगांव में गरीबों के घर तोड़े जाने के विरोध में कांग्रेस ने अपना ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। यह प्रदर्शन घर तोड़ने की कार्रवाई के खिलाफ था।1
- कोरबा जिले के बारपाली में एक सरपंच के घर लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों द्वारा चोरों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में उच्च न्यायालय ने एक हत्या के मामले पर अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस न्यायिक प्रक्रिया के दौरान, कोर्ट ने नार्को टेस्ट से जुड़े बिंदुओं पर भी अपनी राय व्यक्त की है।1
- कोरबा के कुसमुंडा कोयला खदान क्षेत्र में आज एक बड़ा हादसा उस समय होते-होते टल गया जब नीलकंठ कंपनी का एक विशालकाय डंपर अनजाने में ऊपर से गुजर रही बिजली की हाई-टेंशन लाइन से टकरा गया। गनीमत यह रही कि उस समय लाइन में विद्युत प्रवाह बंद था, जिसके कारण डंपर चालक की जान बाल-बाल बच गई। मिली जानकारी के अनुसार, नीलकंठ कंपनी के डंपर ऑपरेटर लकी यादव, जो ग्राम पाली निवासी रामदास यादव के पुत्र हैं, रोजाना की तरह खदान क्षेत्र में काम कर रहे थे। इसी दौरान डंपर का ऊपरी हिस्सा वहां से गुजर रहे भारी भरकम बिजली के तारों से टकरा गया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और मौजूद लोगों ने देखा कि बिजली का तार डंपर के पिछले टायरों और बॉडी के बीच बुरी तरह फंस चुका था। यदि उस वक्त लाइन में सप्लाई चालू होती, तो डंपर में भीषण ब्लास्ट हो सकता था और ऑपरेटर लकी यादव की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। इस घटना ने एसईसीएल (SECL) प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खदान क्षेत्र में, जहाँ हर वक्त भारी वाहनों की आवाजाही रहती है, वहाँ इतनी नीचे बिजली की लाइनें होना सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन माना जा रहा है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों और सहकर्मियों के बीच भी इस बात को लेकर तीखी बहस देखने को मिली, जिसमें कुछ लोगों ने सीधे तौर पर वहाँ तैनात सुपरवाइजरों और प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया, जो समय रहते ऐसी जगहों पर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करते। बिजली सप्लाई बंद होने के कारण एक बड़ा अनर्थ होने से रुक गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई है और तार को डंपर से सुरक्षित अलग करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने मांग की है कि खदान क्षेत्रों में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए बिजली के तारों को पर्याप्त ऊंचाई पर रखा जाए।1
- छत्तीसगढ़ के चांपा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने 10 लाख 55 हजार रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है और एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया है।1
- बिलासपुर में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध जुआ-सट्टा एवं संगठित सट्टेबाजी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में तोरवा पुलिस लगातार छापेमार कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना को आगे बढ़ाते हुए की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों सटोरियों की पहचान 53 वर्षीय दीपक रामनानी, 50 वर्षीय अजहर जुननानी, 56 वर्षीय सुधीर बोले और 30 वर्षीय शुभम पांडे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी पहले भी जुआ-सट्टा से जुड़े मामलों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी प्रकरण दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में संगठित तरीके से अवैध सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर, आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धाराओं 6 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, और ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- एक उपाध्यक्ष पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अभी तक कोई कार्यवाही न होने के विरोध में, एसपी कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम हमले के बाद न्याय न मिलने और अधिकारियों द्वारा मामले पर संज्ञान न लिए जाने के कारण उठाया जा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के केसला नामक स्थान पर आज भी मुक्तिधाम की अनुपलब्धता एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण मृतकों का अंतिम संस्कार खुले आसमान के नीचे ही करना पड़ रहा है। यह स्थिति विकास के बड़े-बड़े दावों पर भारी पड़ रही स्थानीय लोगों की बेबसी को उजागर करती है। यह विडंबना है कि 75 साल बीत जाने के बाद भी, इस क्षेत्र में अंतिम संस्कार के लिए एक भी व्यवस्थित स्थल नहीं बन पाया है। इसी कारण, मरने के बाद भी लोगों को उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है और उनका अंतिम संस्कार बिना किसी मर्यादा के खुले में संपन्न होता है।1