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बांका जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला के निर्देश पर बुधवार को बौसी नगर पंचायत क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया।
N.k.choudhary
बांका जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला के निर्देश पर बुधवार को बौसी नगर पंचायत क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया।
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- मंगलवार को बिहार के बांका जिले के बाराहाट प्रखंड मुख्यालय में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की। इस दौरान राजद नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता परेशान है, वहीं भ्रष्टाचार और खराब कानून व्यवस्था ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता शामिल हुए और उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए। राजद नेताओं ने यह भी कहा कि वे जनता के मुद्दों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेंगे और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे।1
- Bhagalpur Bhagalpur ka Mausam dekhna hawai jahaj aur aap tufan ke sath mein1
- भागलपुर में पानी की एक टंकी कई दिनों से फटी हुई है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, यहाँ तक कि टंकी की देखरेख करने वाला व्यक्ति भी इसे अनदेखा कर रहा है। इस उपेक्षा के चलते लोगों को पानी की उपलब्धता में अत्यधिक परेशानी हो रही है।1
- बिहार के बांका जिले के चांदन प्रखंड मुख्यालय में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा एक आंदोलन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के निर्देशों का समर्थन करते हुए जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार सहित जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सरकार के विरुद्ध जोरदार आवाज बुलंद की गई। इस आंदोलन कार्यक्रम में जिला राजद महासचिव मितान यादव और कोरिया पंचायत राजद अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जिला राजद महासचिव मितान यादव ने जोर देकर कहा कि राजद हमेशा से आम जनता के हितों की लड़ाई लड़ता रहा है और भविष्य में भी जनता के अधिकारों के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा। पंचायत अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने यह भी बताया कि पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे, और यह आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।2
- राजनीतिक गलियारों में उस समय बड़ी हलचल देखने को मिली जब रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का जोरदार स्वागत किया।1
- मुंगेर के ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन के ट्रांसफर की खबर से आम जनता में भारी मायूसी छा गई है, जहाँ हर गली से बस एक ही आवाज़ उठ रही है कि 'सर को मत भेजिए!' प्रभात रंजन सर को बिहार के उन ईमानदार अफसरों में गिना जाता है जिन पर लोग गालियाँ नहीं बल्कि फूल बरसाते हैं। उनमें न तो कोई एटीट्यूड है और न ही इस बात का जरा सा भी घमंड कि वे एक बड़े पुलिस अफसर हैं, उन्होंने वर्दी में भी अपनी इंसानियत जिंदा रखी है। उन्होंने डंडे के बजाय दिल से शहर को संभाला है, युवाओं को सही रास्ता दिखाया और गरीबों के दर्द को समझा है। मुंगेर का हर बच्चा-बूढ़ा उनके यहीं रह जाने के लिए दुआ कर रहा है। बिहार पुलिस को भी प्रभात रंजन जैसे अफसरों पर गर्व है, जिन्हें मुंगेर का असली हीरा और एक सच्चा #RealHero बताया जा रहा है, और जनता उनके ट्रांसफर को रोकने की मार्मिक अपील कर रही है।1
- भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा कहा जाता है, जिस पर हर दिन करोड़ों लोग अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए निर्भर रहते हैं। हालाँकि, हाल ही में सामने आई तस्वीरों ने रेलवे की एक कड़वी हकीकत कैमरे में कैद कर ली है, जो दर्शाती है कि यात्रियों को किस तरह की गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन दृश्यों से स्पष्ट है कि ट्रेनों में यात्रियों के लिए सीट मिलना तो दूर, उन्हें खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पा रही है।1
- एक व्यक्ति पर सीधे तौर पर यह आरोप लगाया गया है कि शादीशुदा होने के बावजूद भी उसका 'छिनर गिरी' व्यवहार अभी तक नहीं बदला है और वह जारी है।1
- सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद में 5 करोड़ 93 लाख 70 हजार रुपये की लागत से 60 हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना को "घोटाले की मिसाल" बताया जा रहा है। आरोप है कि डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी एक भी लाइट नहीं जली है, फिर भी कार्यपालक पदाधिकारी कंपनी पर मेहरबान बने हुए हैं। इसे विकास के नाम पर सरकारी राशि की "लूट की छूट" करार दिया जा रहा है और योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने 25 मार्च 2025 को इस योजना का कार्य आदेश जारी किया था। टेंडर की शर्तों के मुताबिक, एजेंसी को 30 दिनों के भीतर काम पूरा करना था, अन्यथा वर्क ऑर्डर रद्द हो जाना चाहिए था। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बाद भी नगर क्षेत्र में एक भी हाई मास्ट लाइट पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है। कई जगहों पर हाई मास्ट के खंभे जमीन पर पड़े हैं, तो कुछ जगहों पर खंभे तो खड़े हैं लेकिन उनमें लाइटें नहीं लगी हैं। आरोप है कि एजेंसी को अग्रिम रूप से 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया, जिसके बाद उसने काम अधूरा छोड़ दिया। इसके बावजूद अब तक एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय ग्रामीण सुरेंद्र यादव सहित कई लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस मामले पर, सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राम विलास दास ने अब एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।1