मुंगेर के ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन के ट्रांसफर की खबर से आम जनता में भारी मायूसी छा गई है, जहाँ हर गली से बस एक ही आवाज़ उठ रही है कि 'सर को मत भेजिए!' प्रभात रंजन सर को बिहार के उन ईमानदार अफसरों में गिना जाता है जिन पर लोग गालियाँ नहीं बल्कि फूल बरसाते हैं। उनमें न तो कोई एटीट्यूड है और न ही इस बात का जरा सा भी घमंड कि वे एक बड़े पुलिस अफसर हैं, उन्होंने वर्दी में भी अपनी इंसानियत जिंदा रखी है। उन्होंने डंडे के बजाय दिल से शहर को संभाला है, युवाओं को सही रास्ता दिखाया और गरीबों के दर्द को समझा है। मुंगेर का हर बच्चा-बूढ़ा उनके यहीं रह जाने के लिए दुआ कर रहा है। बिहार पुलिस को भी प्रभात रंजन जैसे अफसरों पर गर्व है, जिन्हें मुंगेर का असली हीरा और एक सच्चा #RealHero बताया जा रहा है, और जनता उनके ट्रांसफर को रोकने की मार्मिक अपील कर रही है।
मुंगेर के ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन के ट्रांसफर की खबर से आम जनता में भारी मायूसी छा गई है, जहाँ हर गली से बस एक ही आवाज़ उठ रही है कि 'सर को मत भेजिए!' प्रभात रंजन सर को बिहार के उन ईमानदार अफसरों में गिना जाता है जिन पर लोग गालियाँ नहीं बल्कि फूल बरसाते हैं। उनमें न तो कोई एटीट्यूड है और न ही इस बात का जरा सा भी घमंड कि वे एक बड़े पुलिस अफसर हैं, उन्होंने वर्दी में भी अपनी इंसानियत जिंदा रखी है। उन्होंने डंडे के बजाय दिल से शहर को संभाला है, युवाओं को सही रास्ता दिखाया और गरीबों के दर्द को समझा है। मुंगेर का हर बच्चा-बूढ़ा उनके यहीं रह जाने के लिए दुआ कर रहा है। बिहार पुलिस को भी प्रभात रंजन जैसे अफसरों पर गर्व है, जिन्हें मुंगेर का असली हीरा और एक सच्चा #RealHero बताया जा रहा है, और जनता उनके ट्रांसफर को रोकने की मार्मिक अपील कर रही है।
- मुंगेर के ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन के ट्रांसफर की खबर से आम जनता में भारी मायूसी छा गई है, जहाँ हर गली से बस एक ही आवाज़ उठ रही है कि 'सर को मत भेजिए!' प्रभात रंजन सर को बिहार के उन ईमानदार अफसरों में गिना जाता है जिन पर लोग गालियाँ नहीं बल्कि फूल बरसाते हैं। उनमें न तो कोई एटीट्यूड है और न ही इस बात का जरा सा भी घमंड कि वे एक बड़े पुलिस अफसर हैं, उन्होंने वर्दी में भी अपनी इंसानियत जिंदा रखी है। उन्होंने डंडे के बजाय दिल से शहर को संभाला है, युवाओं को सही रास्ता दिखाया और गरीबों के दर्द को समझा है। मुंगेर का हर बच्चा-बूढ़ा उनके यहीं रह जाने के लिए दुआ कर रहा है। बिहार पुलिस को भी प्रभात रंजन जैसे अफसरों पर गर्व है, जिन्हें मुंगेर का असली हीरा और एक सच्चा #RealHero बताया जा रहा है, और जनता उनके ट्रांसफर को रोकने की मार्मिक अपील कर रही है।1
- बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित फर्जीवाड़ा और जालसाजी के मामले में तारापुर अनुमंडल के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तारापुर एसडीपीओ कुमार देवेंद्र ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सचिवालय थाना कांड संख्या 160/25 और गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 76/25 के तहत की गई है। संयुक्त छापेमारी अभियान के तहत संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ददरीजाला निवासी सन्नू कुमार, हरपुर थाना क्षेत्र के बलराम कुमार और मिथुन कुमार, तारापुर के काजीचक मिल्की निवासी राहुल कुमार, मोहंगंज निवासी सुभाष पासवान तथा महापुर निवासी रामजीवन कुमार तांती को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में संग्रामपुर थानाध्यक्ष विनोद झा, हरपुर थानाध्यक्ष सत्यम कुमार, अपर थानाध्यक्ष सुबंता कुमारी और दरोगा अनिल सिंह सहित पुलिसकर्मी शामिल रहे। गिरफ्तार किए गए इन सभी आरोपियों को बुधवार शाम सचिवालय और गर्दनीबाग थाना पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया है। मामले में भर्ती परीक्षा के दौरान हुए कथित फर्जीवाड़े और जालसाजी की जांच लगातार जारी है।1
- नरेंद्र मोदी जी द्वारा की गई 12 वर्षों की सेवा से जनता और कार्यकर्ता बेहद गदगद और उत्साहित हैं। यह प्रतिक्रिया सम्राट चौधरी के क्षेत्र में देखी गई, जहाँ लोग मोदी जी की सेवाओं को लेकर अपनी खुशी और संतोष व्यक्त कर रहे हैं। इस अवसर पर कई लोगों ने अपनी भावनाएं साझा कीं, जिसके बारे में जानने के लिए उत्सुकता बनी हुई है।1
- मुंगेर में नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत पुलिस ने 900 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त किया है। नशे के इस अवैध धंधे में संलिप्त दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- मुंगेर के बजरंग चौक, मक्ससपुर में अब सभी प्रकार के ऑनलाइन संबंधित कार्य उपलब्ध हैं, जिसे सप्ताह के सातों दिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जा सकता है। ग्राहकों की सुविधा के लिए, जो लोग घर से बाहर नहीं जाना चाहते या असमर्थ हैं, वे अपने घर पर ही सेवाएँ प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, दुकान पर घंटों इंतजार करने से बचने के लिए कॉल करके अपॉइंटमेंट बुक करने और निर्धारित समय पर काम कराने की सुविधा भी दी गई है। इन सेवाओं में परिवहन, जमीन, स्कूल, कॉलेज, वेबसाइट निर्माण, पोस्टर/बैनर डिजाइन, लेटर हेड, आईडी कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ई-श्रम कार्ड, सीनियर सिटीजन कार्ड, खतियान, केवाला, पंजी 2 और लगान भुगतान से संबंधित सभी कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही, पासपोर्ट सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। शाम 6:30 बजे से रात 10 बजे तक निर्दोष काली मंदिर, कासिम बाजार में भी ऑनलाइन संबंधित काम करवाए जा सकते हैं। इस सुविधा से अब किसी भी ऑनलाइन काम के लिए कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि ये सभी सेवाएँ अब मुंगेर के बजरंग चौक, मक्ससपुर में आसानी से उपलब्ध हैं।1
- श्रमिक यूनियन ने शहर की सरकार के मंत्रिपरिषद सशक्त स्थाई समिति के नवनिर्वाचित सदस्य का अभिनंदन किया है। यह अभिनंदन समिति के नए सदस्य के चुनाव के उपरांत किया गया।1
- सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद में 5 करोड़ 93 लाख 70 हजार रुपये की लागत से 60 हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना को "घोटाले की मिसाल" बताया जा रहा है। आरोप है कि डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी एक भी लाइट नहीं जली है, फिर भी कार्यपालक पदाधिकारी कंपनी पर मेहरबान बने हुए हैं। इसे विकास के नाम पर सरकारी राशि की "लूट की छूट" करार दिया जा रहा है और योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने 25 मार्च 2025 को इस योजना का कार्य आदेश जारी किया था। टेंडर की शर्तों के मुताबिक, एजेंसी को 30 दिनों के भीतर काम पूरा करना था, अन्यथा वर्क ऑर्डर रद्द हो जाना चाहिए था। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बाद भी नगर क्षेत्र में एक भी हाई मास्ट लाइट पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है। कई जगहों पर हाई मास्ट के खंभे जमीन पर पड़े हैं, तो कुछ जगहों पर खंभे तो खड़े हैं लेकिन उनमें लाइटें नहीं लगी हैं। आरोप है कि एजेंसी को अग्रिम रूप से 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया, जिसके बाद उसने काम अधूरा छोड़ दिया। इसके बावजूद अब तक एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय ग्रामीण सुरेंद्र यादव सहित कई लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस मामले पर, सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राम विलास दास ने अब एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।1
- मुंगेर के धरहरा थाना क्षेत्र स्थित अदलपुर गांव में सोमवार को 66 वर्षीय सामंत कुमार सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। यह घटना आम-चूड़ा खाने के कुछ देर बाद हुई। परिजनों ने उनकी पुत्रवधू पर आम-चूड़ा में विषैला पदार्थ मिलाकर देने का गंभीर आरोप लगाया है। सामंत सिंह की पत्नी अंजुमा देवी ने बताया कि उनके पुत्र प्रियरंजन और पुत्रवधू पूजा के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट के निर्देश पर दोनों को छह माह तक साथ रहने को कहा गया था, जिसके बाद पूजा 1 जून को अपने मायके से ससुराल आई थी। अंजुमा देवी के अनुसार, ससुराल आने के बाद से पूजा लगातार घर में कलह और विवाद कर रही थी तथा परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दे चुकी थी। सोमवार को जब सामंत सिंह ने आम के साथ खाने के लिए चूड़ा मांगा, तो उसे खाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। अंजुमा देवी का स्पष्ट आरोप है कि उनकी पुत्रवधू ने ही चूड़ा में विषैला पदार्थ मिलाया था। सामंत सिंह को तत्काल धरहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मुंगेर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में चिकित्सक उनका 'वॉशिंग' कर इलाज कर रहे हैं। चिकित्सकों ने भी पुष्टि की है कि उनकी तबीयत किसी विषैले पदार्थ के सेवन के कारण ही बिगड़ी है।1