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राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। अपने संबोधन में, उन्होंने सरकार की नीतियों और विभिन्न फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए। इसके जवाब में, बीजेपी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि विपक्ष जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। राहुल गांधी और मोदी सरकार के बीच यह राजनीतिक टकराव अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का एक प्रमुख विषय बन गया है।
Babu gupta
राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। अपने संबोधन में, उन्होंने सरकार की नीतियों और विभिन्न फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए। इसके जवाब में, बीजेपी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि विपक्ष जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। राहुल गांधी और मोदी सरकार के बीच यह राजनीतिक टकराव अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का एक प्रमुख विषय बन गया है।
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- विनीत तिवारी की जान लेने वाले प्रदीप तिवारी के ठिकाने को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही, पुलिस की कार्रवाई पर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया है, जिसने कथित तौर पर प्रदीप तिवारी के भाई को बीच सड़क पर परेड कराया।1
- बस 10 सेकंड.... बस 10 सेकंड.... बस 10 सेकंड.... बस 10 सेकंड.... बस 10 सेकंड....1
- गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड मुख्यालय स्थित झारखंड राज्य खाद्य निगम गोदाम में 23 दिनों के भीतर अनाज कटौती का दूसरा मामला सामने आया है। शनिवार को चौधरीबांध और बेको पंचायत की आंगनबाड़ी सेविकाओं ने शिकायत की कि उन्हें कम अनाज दिया गया और ऑपरेटर अजीत कुमार ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। सेविकाओं के विरोध प्रदर्शन और जेएलकेएम नेता प्रेमचंद साहु के हस्तक्षेप के बाद अनाज का दोबारा वजन किया गया। इस जाँच में तीन केंद्रों के लिए निर्धारित कुल 475 किलोग्राम अनाज में से 63 किलोग्राम की कमी पाई गई। हंगामे के बाद, संबंधित आंगनबाड़ी सेविकाओं को पूरा अनाज उपलब्ध कराया गया। इस मामले को लेकर एमओ रूपेश कुमार ने आश्वासन दिया है कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी। हालांकि, जेएलकेएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि खाद्य निगम गोदाम की व्यवस्था में सुधार नहीं होता है, तो वे आंदोलन करेंगे।1
- झारखंड के डुमरी स्थित केबी हाई स्कूल मैदान में आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा आयोजित दो दिवसीय सेमिनार रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य उद्देश्य आगामी जनगणना में आदिवासी कुड़मी समाज की पहचान, अधिकार, सामाजिक एकता, शिक्षा, संस्कृति और सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करना था। सेमिनार के दौरान समाज की ऐतिहासिक विरासत, भाषा-संस्कृति के संरक्षण, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और मौजूदा सामाजिक चुनौतियों का सामना करने जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि समाज के सभी सदस्य आगामी जनगणना में अपनी जनजाति के रूप में 'कुड़मी' और मातृभाषा के रूप में 'कुड़माली' दर्ज कराने के लिए एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगे। वक्ताओं ने समाज के लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और पहचान व संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इस अवसर पर समाज के अधिकारों, शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए संगठित रूप से कार्य करने का संकल्प भी लिया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने समाज के उत्थान हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मूल मानता मूलखूंटी मानगर अजीत प्रसाद महतो थे। केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो, प्रदेश अध्यक्ष बैजनाथ महतो उर्फ छोटू दीपक पुनरियार, डॉ. निरीश महतो, युवा नेता पिंटू कुमार सहित समाज के कई बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। इसके अतिरिक्त, पूर्व मुखिया फलजीत महतो, मेघलाल महतो, जितेन्द्र प्रसाद महतो, तालेश्वर महतो, लखी महतो, साई मनी महतो, युवा नेत्री माला महतो, टिंकू महतो, शंकर पटेल, बासुदेव महतो और सुमित महतो झब्बू समेत दर्जनों अन्य महिला-पुरुषों ने भी इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अंत में, आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया, साथ ही भविष्य में भी समाजहित में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया।3
- झारखंड के शिक्षा मंत्री रांची पहुँचे, जहाँ उन्हें पूजा करते हुए देखा गया।1
- झारखंड के गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड स्थित ग्राम पंचायत बेलवाना के टोला परसनवा गांव में आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी विकास नहीं पहुंच पाया है। इस गांव में लगभग 500 परिवार रहते हैं, जहाँ सड़कों की गंभीर समस्या बनी हुई है। सड़कों के अभाव के कारण यहां के ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं।1
- झारखंड के कोडरमा जिले के मरकच्चो स्थित भौरियाही टोला में लगभग 200 आदिवासी परिवार आज भी बिजली, सड़क और साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इन परिवारों को बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले पर HNN24X7 TV पर कुछ ही देर में एक विशेष खबर प्रसारित की जाएगी।1
- यह संदेश एक प्रबल और अडिग संकल्प को व्यक्त करता है, जो इस बात पर जोर देता है कि किसी लक्ष्य को प्राप्त करने या किसी चुनौती को पार करने तक प्रयास नहीं छोड़ा जाएगा। इसमें तब तक हार न मानने की भावना निहित है जब तक कि अभीष्ट परिणाम प्राप्त न हो जाए।1
- झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की नगरी पंचायत में स्थित मध्य विद्यालय नगरी के पास की जलमीनार पिछले कई महीनों से खराब पड़ी है। जहाँ सरकार हर घर तक जल पहुँचाने का दावा कर रही है, वहीं इस जलमीनार के खराब होने के कारण नगरी पंचायत के हजारों ग्रामीण, राहगीर और स्कूली बच्चे पेयजल के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह जलमीनार नगरी-बाराडीह, नगरी-बलथरिया, नगरी-फुचोनगरी, नगरी-भेंडरा और नगरी-सहरिया जैसे प्रमुख मार्गों पर स्थित है। प्रतिदिन हजारों राहगीर इन मार्गों से गुजरते हैं और मध्य विद्यालय नगरी के सैकड़ों बच्चे भी इसी जलमीनार से पानी पीते थे। जलमीनार के बंद होने से बच्चों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भीषण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर पेयजल समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण अब प्रखंड प्रशासन और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से इस जलमीनार की अविलंब मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि भीषण गर्मी में हजारों लोगों की प्यास बुझाई जा सके और उन्हें राहत मिल सके।4