गल्ला मंडी रोड पर कैलाश रेजिडेंसी के पहले संचालित हो रही एक अवैध कैंटीन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। यहां खुलेआम शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के साथ शराब परोसी जा रही है, जबकि इसके संचालन के लिए किसी भी प्रकार की वैध अनुमति होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इस अवैध कैंटीन में देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रहती है और भोजन के साथ शराब भी परोसी जाती है। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर यह गतिविधि चल रही है, वहां से पुलिस और प्रशासन की नजरें जैसे पूरी तरह हट चुकी हैं। लाखों रुपये खर्च कर मॉडल शॉप और बार का वैध ठेका लेने वाले व्यापारियों की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जबकि अवैध तरीके से संचालित यह कैंटीन बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रही है। इस मामले में थाना और चौकी पुलिस के साथ-साथ आबकारी विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। इतने खुलेआम अवैध रूप से शराब परोसे जाने के बावजूद संबंधित विभागों को इसकी भनक तक नहीं लगना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। आम लोगों ने इस अवैध गतिविधि के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने शुरू कर दिए हैं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
गल्ला मंडी रोड पर कैलाश रेजिडेंसी के पहले संचालित हो रही एक अवैध कैंटीन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। यहां खुलेआम शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के साथ शराब परोसी जा रही है, जबकि इसके संचालन के लिए किसी भी प्रकार की वैध अनुमति होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इस अवैध कैंटीन में देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रहती है और भोजन के साथ शराब भी परोसी जाती है। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर यह गतिविधि चल रही है, वहां से पुलिस और प्रशासन की नजरें जैसे पूरी तरह हट चुकी हैं। लाखों रुपये खर्च कर मॉडल शॉप और बार का वैध ठेका लेने वाले व्यापारियों की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जबकि अवैध तरीके से संचालित यह कैंटीन बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रही है। इस मामले में थाना और चौकी पुलिस के साथ-साथ आबकारी विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। इतने खुलेआम अवैध रूप से शराब परोसे जाने के बावजूद संबंधित विभागों को इसकी भनक तक नहीं लगना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। आम लोगों ने इस अवैध गतिविधि के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने शुरू कर दिए हैं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
- इलाइट चौराहे के पास अवैध पत्थर तोड़ाई का खेल, अधिकारियों की नाक के नीचे रातभर गूंजती मशीनें जनपद की हृदयस्थली इलाइट चौराहे से चंद कदमों की दूरी पर 48 चैंबर के पास देर रात अवैध गतिविधियों का खुला खेल चल रहा है। यहां रात के अंधेरे में नीली चादरों से पूरे क्षेत्र को घेरकर बड़े पैमाने पर पत्थर तोड़ने और जमीन समतल करने का कार्य किया जा रहा है। मशीनों की तेज आवाज साफ संकेत देती है कि यह काम छोटे स्तर पर नहीं बल्कि व्यापक पैमाने पर किया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह पूरा काम खनिज विभाग से बिना किसी वैध अनुमति के किया जा रहा है। रात के सन्नाटे में चल रही इस अवैध पत्थर तोड़ाई से आसपास के इलाके में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। धूल और मशीनों की कर्कश आवाज के कारण आसपास रहने वाले लोगों की नींद तक हराम हो गई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इलाइट चौराहे से प्रतिदिन जिले के कई बड़े अधिकारी और जिम्मेदार विभागों के वाहन गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद इस खुलेआम चल रही गतिविधि पर किसी की नजर नहीं पड़ रही या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ जागरूक लोगों द्वारा इस पूरे मामले की शिकायत भी की गई है, लेकिन इसके बावजूद कार्य बदस्तूर जारी है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में शहर के बीचों-बीच अवैध खनन और पत्थर तोड़ाई का यह खेल चल रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि शहर के बीचों-बीच चल रहे इस अवैध कार्य पर लगाम लगाई जा सके।1
- मध्यप्रदेश कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का झांसी स्टेशन पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया1
- झांसी। दहेज उत्पीड़न और जान के खतरे से भयभीत एक विवाहिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित करते रहे और अब मुकदमा दर्ज कराने के बाद जबरन उसे ससुराल ले जाने का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता को आशंका है कि यदि वह ससुराल गई तो उसके साथ गंभीर अनहोनी हो सकती है प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना बरुआसागर क्षेत्र के ग्राम धमनाखुर्द निवासी 21 वर्षीय अनुराधा पुत्री सियाराम अहिरवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसका विवाह दिनांक 08 मई 2025 को दीपचन्द्र अहिरवार पुत्र महेश अहिरवार निवासी ग्राम छिपरी थाना लिधौरा जिला टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता के अनुसार उसे आए दिन अपमानित किया जाता था और तरह-तरह की मांगें पूरी करने के लिए दबाव बनाया जाता था। पीड़िता ने बताया कि 08 जुलाई 2025 को ससुराल पक्ष के लोगों ने उसका समस्त स्त्रीधन छीन लिया और उसे झांसी मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर-1 के सामने छोड़कर चले गए। इस घटना के बाद उसने न्याय की आस में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी / सीएडब्ल्यू न्यायालय झांसी में अपने ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पीड़िता द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85, 115(2), 351(2), 352 तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कराया गया। इसके साथ ही घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 12, 17, 18, 19, 20 और 22 के अंतर्गत भी महिला थाना नवाबाद में एक अन्य मुकदमा दर्ज कराया गया। अनुराधा का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से उसके ससुराल पक्ष के लोग उससे रंजिश रखने लगे हैं और अब उसके पिता पर दबाव बनाकर उसे जबरदस्ती ससुराल ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि वह वर्तमान में अपने मायके ग्राम धमनाखुर्द में रह रही है और ससुराल जाने से डर रही है। उसका कहना है कि यदि उसे जबरदस्ती ससुराल भेजा गया तो उसके साथ कोई बड़ी घटना हो सकती है या उसकी हत्या भी की जा सकती है। काफी समय तक न्याय और सहारे की तलाश करने के बाद जब उसे कोई रास्ता समझ नहीं आया तो वह मदद के लिए सामाजिक संस्था आसरा सोसाइटी की अध्यक्ष पूजा शर्मा और बंटी शर्मा के पास पहुंची। पीड़िता ने संस्था को अपनी पूरी आपबीती सुनाई और सुरक्षा दिलाने की गुहार लगाई। इसके बाद आसरा सोसाइटी की अध्यक्ष पूजा शर्मा और बंटी शर्मा पीड़िता को साथ लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और वहां प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी कार्यालय में मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने प्रकरण को सुनने के बाद पीड़िता को संबंधित थाना में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी, ताकि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उसे ससुराल पक्ष से सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में उसके साथ किसी प्रकार की अनहोनी न हो सके। ज्ञापन के दौरान निशांत वर्मा , बंटी शर्मा, शक्ति, कीर्ति वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।1
- झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नैनागढ़ चौकी के कुछ कदमों की दूरी पर एक महिला बेहोशी की हालत में कई घन्टों तक पड़ी रही है, सड़क किनारे पड़ी महिला को लोग देखती हुई निकलते रहे, लेकिन किसी ने उसको उठाने की कोशिश तक नहीं की आखिर यह महिला कौन है और उसको क्या हो गया, वहीं कुछ कदमों की दूरी पर स्थित चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मी भी दूर से सड़क पर पड़ी महिला को देखते रहे लेकिन वे भी उसकी सुद लेने को नहीं पहुंचे, वहीं कुछ कदमों की दूरी पर एक लड़का मिला उसने बताया कि महिला नशे की हालत में है और काफी देर से पड़ी हुई है। यह मामला शुक्रवार की शाम 5:00 बजे का बताया जा रहा है।1
- झांसी से वसीम रजा की रिपोर्ट- महिला के प्लाट पर दबंगों द्वारा कब्जे का प्रयास किया गया। न्यू रेलगंज निवासी महिला ने झांसी एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति से न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।।1
- स्टंटबाज बुलेट सवारों पर ट्रैफिक पुलिस का शिकंजा, एक दिन में काटे 92,000 से ज्यादा के चालान, दो बुलेट सीज1
- Post by S News1
- गल्ला मंडी रोड पर कैलाश रेजिडेंसी के पहले संचालित हो रही एक अवैध कैंटीन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। यहां खुलेआम शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के साथ शराब परोसी जा रही है, जबकि इसके संचालन के लिए किसी भी प्रकार की वैध अनुमति होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इस अवैध कैंटीन में देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रहती है और भोजन के साथ शराब भी परोसी जाती है। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर यह गतिविधि चल रही है, वहां से पुलिस और प्रशासन की नजरें जैसे पूरी तरह हट चुकी हैं। लाखों रुपये खर्च कर मॉडल शॉप और बार का वैध ठेका लेने वाले व्यापारियों की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जबकि अवैध तरीके से संचालित यह कैंटीन बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रही है। इस मामले में थाना और चौकी पुलिस के साथ-साथ आबकारी विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। इतने खुलेआम अवैध रूप से शराब परोसे जाने के बावजूद संबंधित विभागों को इसकी भनक तक नहीं लगना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। आम लोगों ने इस अवैध गतिविधि के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने शुरू कर दिए हैं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।1