प्रयागराज की बेटी शिफा फातिमा ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और पारिवारिक संस्कारों के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक के.पी. ट्रेनिंग कॉलेज की छात्रा शिफा ने सत्र 2023-25 की बीएड मुख्य परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस शानदार सफलता के लिए उन्हें कॉलेज प्रशासन द्वारा गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया, जिससे उन्होंने महाविद्यालय के साथ-साथ अपने माता-पिता और पूरे प्रयागराज शहर का मान बढ़ाया है। शिफा की इस कामयाबी के पीछे वर्षों की अथक मेहनत, अनुशासित जीवनशैली और परिवार का मजबूत सहयोग रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई टैगोर पब्लिक स्कूल से पूरी की थी। बचपन से ही शिक्षा के प्रति उनका गहरा झुकाव था और वे एक शिक्षक बनने का सपना देखती थीं, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने पूरी निष्ठा से बीएड की पढ़ाई की। उल्लेखनीय है कि शिफा ने अपनी शिक्षा के दौरान किसी बाहरी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उनकी माँ, जो स्वयं एक इंटर कॉलेज में अध्यापिका हैं, उनकी सबसे बड़ी मार्गदर्शक रहीं। माँ ने शिफा को किताबों के ज्ञान के अलावा अनुशासन, धैर्य और संघर्ष की भी सीख दी, और एक शिक्षक की तरह हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया। वहीं, उनके पिता, जो पेशे से डेंटिस्ट हैं, ने भी बेटी की शिक्षा और सपनों को सदैव प्राथमिकता दी। परिवार ने उन्हें ऐसा माहौल दिया जहाँ पढ़ाई और मेहनत को सबसे अधिक महत्व दिया गया, और माता-पिता के इसी सहयोग और विश्वास ने शिफा को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए प्रेरित किया। गोल्ड मेडल प्राप्त करने के बाद शिफा फातिमा ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। अब शिफा का अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी करना है, ताकि वे देश सेवा के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ सकें। शिफा की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ बड़ा करने की इच्छा हो, परिवार का पूरा साथ मिले और निरंतर मेहनत की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। उनकी यह सफलता आज हजारों युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए एक सच्ची प्रेरणा बनकर उभरी है।
प्रयागराज की बेटी शिफा फातिमा ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और पारिवारिक संस्कारों के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक के.पी. ट्रेनिंग कॉलेज की छात्रा शिफा ने सत्र 2023-25 की बीएड मुख्य परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस शानदार सफलता के लिए उन्हें कॉलेज प्रशासन द्वारा गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया, जिससे उन्होंने महाविद्यालय के साथ-साथ अपने माता-पिता और पूरे प्रयागराज शहर का मान बढ़ाया है। शिफा की इस कामयाबी के पीछे वर्षों की अथक मेहनत, अनुशासित जीवनशैली और परिवार का मजबूत सहयोग रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई टैगोर पब्लिक स्कूल से पूरी की थी। बचपन से ही शिक्षा के प्रति उनका गहरा झुकाव था और वे एक शिक्षक बनने का सपना देखती थीं, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने पूरी निष्ठा से बीएड की पढ़ाई की। उल्लेखनीय है कि शिफा ने अपनी शिक्षा के दौरान किसी बाहरी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उनकी माँ, जो स्वयं एक इंटर कॉलेज में अध्यापिका हैं, उनकी सबसे बड़ी मार्गदर्शक रहीं। माँ ने शिफा को किताबों के ज्ञान के अलावा अनुशासन, धैर्य और संघर्ष की भी सीख दी, और एक शिक्षक की तरह हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया। वहीं, उनके पिता, जो पेशे से डेंटिस्ट हैं, ने भी बेटी की शिक्षा और सपनों को सदैव प्राथमिकता दी। परिवार ने उन्हें ऐसा माहौल दिया जहाँ पढ़ाई और मेहनत को सबसे अधिक महत्व दिया गया, और माता-पिता के इसी सहयोग और विश्वास ने शिफा को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए प्रेरित किया। गोल्ड मेडल प्राप्त करने के बाद शिफा फातिमा ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। अब शिफा का अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी करना है, ताकि वे देश सेवा के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ सकें। शिफा की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ बड़ा करने की इच्छा हो, परिवार का पूरा साथ मिले और निरंतर मेहनत की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। उनकी यह सफलता आज हजारों युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए एक सच्ची प्रेरणा बनकर उभरी है।
- प्रयागराज जिले के मेजा क्षेत्र के अकोढा गांव कस्बे में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में बीती रात अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है। चोरों ने सुनसान मौके का फायदा उठाकर मंदिर परिसर के अंदर रखे दानपात्र और घंटा को निशाना बनाया। इस दौरान, उन्होंने प्याऊ के घड़े को भी तोड़ दिया और उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गए। सोमवार सुबह जब श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो उन्होंने मंदिर का घंटा टूटा हुआ देखा, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। गांव के गुड्डू यादव महाकाल और उनके साथी छोटू इस मंदिर की देखरेख और व्यवस्था संभालते हैं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मंदिर परिसर में जमा हो गई। लोगों ने इस धार्मिक स्थल पर हुई चोरी को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की और पुलिस से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की मांग की। सूचना मिलने पर 112 पीआरबी की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- प्रयागराज के कोरांव में देसी शराब की दुकान पर निर्धारित समय के बाद भी शराब बेची जा रही है। जानकारी के अनुसार, दुकान बंद होने के बावजूद सेल्समैन द्वारा शराब बेची जा रही थी, जिससे आसपास के लोगों में भारी आक्रोश है।3
- प्रयागराज के मेजा में स्थित पटपर फाल को "मौत का कुआं" बताया गया है, जहाँ प्रकृति की गोद में खेलते-खेलते लोग हमेशा के लिए मौत का शिकार बन जाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि गर्मी के मौसम में लाखों लोग यहां स्नान करने आते हैं, और पत्थरों के ऊपर से गुजरता पानी उन्हें बेहद फिसलन भरा बना देता है, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इसी को देखते हुए, अगर आप भी प्रयागराज के मेजा स्थित पटपर फाल पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यह जानकारी अधिवक्ता अजय उपाध्याय और दीप चंद्र यादव द्वारा डीएम प्रयागराज का ध्यान आकर्षित करते हुए साझा की गई है।1
- प्रयागराज जिले के पूरामुफ्ती थाना परिसर में एक गंभीर घटना सामने आई है। एक पीड़ित अपने भाई के संबंध में जानकारी लेने के लिए थाने गया था, जहाँ कार्यालय में मौजूद एक पुलिसकर्मी पर आरोप है कि उसने भाई को छोड़ने के नाम पर उनसे पहले ₹2000 की वसूली की। पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने इस वसूली पर सवाल उठाया, तो पुलिसकर्मी ने उनके साथ मारपीट की और जबरन ₹3000 और ले लिए। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मी ने पीड़ित के हाथ का कड़ा भी छीन लिया। यह पूरा आरोप पीड़ित द्वारा लगाया गया है।1
- प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र स्थित कसारी-मसारी उप डाकघर को दूसरे डाकघर में विलय करने के फैसले पर स्थानीय जनता ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। लगभग 5000 खाताधारकों ने मीडिया क्लब में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर इस डाकघर के स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। खाताधारकों ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि कसारी-मसारी उप डाकघर को यथावत स्थिति में रखा जाए। उनकी मुख्य चिंता यह है कि इस डाकघर के अधिकांश खाताधारक बुजुर्ग, पेंशनधारी और वाकर के सहारे चलने वाली महिलाएं हैं, जिन्हें डाकघर के दूर स्थानांतरित होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने बताया कि उन्होंने पहले सांसद, विधायक और अन्य अधिकारियों से भी गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। जनता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे धरना-प्रदर्शन और अनशन जैसे विरोध-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।2
- प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से सामने आई तस्वीरों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां सीएचसी की बाउंड्री के बाहर कबाड़ और कचरे के ढेर में सरकारी दवाइयां, जांच किट और अन्य चिकित्सा सामग्री बेतरतीब हालत में पड़ी मिलीं। रविवार को स्थानीय लोगों की नजर इस पर पड़ने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, और इन तस्वीरों व वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने से सरकारी दावों की जमीनी हकीकत उजागर हुई। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन गरीब मरीजों के हक को लूट रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार जहां गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जसरा सीएचसी में मरीजों को सरकारी दवाएं देने के बजाय बाहर मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदने पर मजबूर किया जाता है। इतना ही नहीं, अस्पताल में जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर भेजा जाता है। सूत्रों के अनुसार, शासन से मुफ्त इलाज और जांच के लिए भेजी गई दवाइयां व किट स्टोरों में पड़ी-पड़ी खराब हो जाती हैं और बाद में उन्हें चुपचाप फेंक दिया जाता है। आरोप यह भी है कि निजी मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी सेंटरों को फायदा पहुंचाने के लिए कमीशनखोरी का संगठित खेल चल रहा है, जिसके चलते गरीब मरीजों के नाम पर आने वाली सरकारी सुविधाएं कबाड़ में फेंकी जा रही हैं। इस पूरे प्रकरण ने स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गरीब और असहाय मरीज इलाज के नाम पर आर्थिक शोषण झेलने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी संसाधनों की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी डॉक्टरों, कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। अब सबकी निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में सख्त कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह कागजों और फाइलों में दबकर रह जाएगा।2
- हावड़ा में एक कथित 'डॉन' को शहर की सड़कों पर उसके अंडरवियर में घुमाया गया। इस शख्स पर 2021 में पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने और 20 से अधिक बम फेंकने का आरोप है। पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में उसे गिरफ्तार किया था, और आज उसकी परेड निकाली गई। पुलिस ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य सभी गुंडों को एक कड़ा संदेश देना था।1
- प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत आनंदपुरम चकिया में एक महिला बच्चा चोर को पकड़ा गया है। पकड़ी गई महिला ने पूछताछ के दौरान अपना नाम यास्मीन बताया और अपना पता करामत चौकी, करेली बताया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना में और भी लोग शामिल हैं। सूचना मिलने पर, मौके पर 112 नंबर की पुलिस टीम बुलाई गई, जिसने बच्चा चोर महिला को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।2
- रविवार को प्रयागराज जिले में भीषण गर्मी और तेज धूप का व्यापक असर देखा गया, जहाँ दोपहर के समय तापमान लगभग 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर घूरपुर क्षेत्र समेत पूरे प्रयागराज में इस तीव्र गर्मी के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर में सड़कें पूरी तरह सुनसान दिखीं, और लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकले। बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ काफी कम दर्ज की गई। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के कारण लोगों को उमस और लू जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों ने इस स्थिति के मद्देनजर लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से अपना बचाव करने की विशेष सलाह दी है।1