सोनभद्र के चोपन विकास खंड के पडरछ ग्राम पंचायत के मदरिया टोला में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ 16 वर्षीय किशोर की 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना के बाद, गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर तेलगुडवा-कोन मार्ग को जाम कर दिया और बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान संदीप यादव (16 वर्ष) पुत्र रामाशंकर यादव निवासी पिपरहवा, पडरछ के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे संदीप अपने घर से लगभग 200 मीटर दूर खेत की ओर किसी काम से जा रहा था। इसी दौरान वह रास्ते में नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आ गया, जिससे उसे गंभीर करंट लगा और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से हाईटेंशन लाइन के तार नीचे लटक रहे थे, जिसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई थी, लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने इसे विभागीय लापरवाही करार देते हुए कहा कि इसी वजह से एक मासूम की जान चली गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक का शव तेलगुडवा-कोन मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया और बिजली विभाग के एक्सईएन, एसडीओ और जेई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की जानकारी डायल-112 और कोन थाना पुलिस को दी गई थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और भी बढ़ गया।
सोनभद्र के चोपन विकास खंड के पडरछ ग्राम पंचायत के मदरिया टोला में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ 16 वर्षीय किशोर की 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना के बाद, गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर तेलगुडवा-कोन मार्ग को जाम कर दिया और बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान संदीप यादव (16 वर्ष) पुत्र रामाशंकर यादव निवासी पिपरहवा, पडरछ के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे संदीप अपने घर से लगभग 200 मीटर दूर खेत की ओर किसी काम से जा रहा था। इसी दौरान वह रास्ते में नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आ गया, जिससे उसे गंभीर करंट लगा और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से हाईटेंशन लाइन के तार नीचे लटक रहे थे, जिसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई थी, लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने इसे विभागीय लापरवाही करार देते हुए कहा कि इसी वजह से एक मासूम की जान चली गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक का शव तेलगुडवा-कोन मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया और बिजली विभाग के एक्सईएन, एसडीओ और जेई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की जानकारी डायल-112 और कोन थाना पुलिस को दी गई थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और भी बढ़ गया।
- सोनभद्र जनपद में 10 जून 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगवां, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चतरा और खलियारी स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के तहत चिकित्सालयों में उपलब्ध सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई की व्यवस्था और मरीजों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने विशेष रूप से टीकाकरण सत्रों का भी निरीक्षण किया और लाभार्थियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेखों की जाँच करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने पर जोर दिया। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्हें मरीजों को बेहतर उपचार और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा गया, साथ ही नियमित निगरानी बनाए रखने और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।4
- आज सिंगरौली में सनातन रक्षा मंच ने जिला पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राष्ट्रीय और सिंगरौली जिले से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर दिया गया है। मंच द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों में अवैध गतिविधियां, ड्रग माफिया, और गौतस्करों पर कार्रवाई की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, अवैध कबाड़खानों, नशीले पदार्थों जैसे गांजा, अफीम, चरस, हेरोइन और शराब की अवैध पैकारी को रोकने की अपील की गई है। ज्ञापन में सड़क दुर्घटनाओं, गौवंश के संरक्षण, विस्थापितों के शोषण और बेरोजगारी जैसे विषयों को भी उठाया गया है। इसके साथ ही, सनातन रक्षा मंच ने धर्मांतरण, जिहादी गतिविधियों, लव जिहाद, लैंड जिहाद और हेल्थ जिहाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया है।2
- सोनभद्र जिले के विंढमगंज रेलवे स्टेशन पर आग लगने से भारी हड़कंप मच गया है। इस घटना के कारण स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया।1
- सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र के मालोघाट गुरमुरा स्थित एसीपी टोल प्लाजा पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में 29 वर्षीय ट्रेलर चालक राकेश कुमार की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, एक अनियंत्रित ट्रेलर दो टोल डिवाइडरों को तोड़ते हुए एक पोल से जा टकराया। इस हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने वहाँ उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- सोनभद्र जिले के चोपन में पोस्ट ऑफिस के पास एक बोलेरो गाड़ी खड़ी ट्रक में जा घुसी। इस दुर्घटना में कुल चार लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।1
- सोनभद्र के चोपन विकास खंड के पडरछ ग्राम पंचायत के मदरिया टोला में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ 16 वर्षीय किशोर की 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना के बाद, गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर तेलगुडवा-कोन मार्ग को जाम कर दिया और बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान संदीप यादव (16 वर्ष) पुत्र रामाशंकर यादव निवासी पिपरहवा, पडरछ के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे संदीप अपने घर से लगभग 200 मीटर दूर खेत की ओर किसी काम से जा रहा था। इसी दौरान वह रास्ते में नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आ गया, जिससे उसे गंभीर करंट लगा और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से हाईटेंशन लाइन के तार नीचे लटक रहे थे, जिसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई थी, लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने इसे विभागीय लापरवाही करार देते हुए कहा कि इसी वजह से एक मासूम की जान चली गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक का शव तेलगुडवा-कोन मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया और बिजली विभाग के एक्सईएन, एसडीओ और जेई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की जानकारी डायल-112 और कोन थाना पुलिस को दी गई थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और भी बढ़ गया।1