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मुंगेर में आज जिला प्रशासन के द्वारा एक साथ 10 मॉडल विद्यालयों का उद्घाटन किया गया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए इन मॉडल विद्यालयों के अंदर डिजिटल लैब भी तैयार की गई है। इसके माध्यम से स्कूली बच्चे स्मार्ट क्लास के दौरान बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
Kumar Mithun
मुंगेर में आज जिला प्रशासन के द्वारा एक साथ 10 मॉडल विद्यालयों का उद्घाटन किया गया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए इन मॉडल विद्यालयों के अंदर डिजिटल लैब भी तैयार की गई है। इसके माध्यम से स्कूली बच्चे स्मार्ट क्लास के दौरान बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
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- बिहार में मूसलाधार बारिश के कारण रेल की रफ्तार थम गई है और करीब दो घंटे तक ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा। कजरा के पास रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने की वजह से राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें 3 से 5 घंटे की देरी से चल रही हैं। ट्रेनों के इस कदर विलंबित होने के कारण जमालपुर स्टेशन पर यात्री बेहद परेशान और बेहाल हैं।1
- बिहार के मुंगेर जिले के वासुदेवपुर में मां के निधन के बाद हुए संपत्ति विवाद में लोजपा महिला जिलाध्यक्ष निशी कुमारी और उनकी बेटी के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। इस वारदात के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। यह पूरा मामला मुंगेर के वासुदेवपुर और मॉडल सदर अस्पताल से जुड़ा हुआ है, जहां संपत्ति विवाद को लेकर मां-बेटी पर हमला किया गया है। मामले में पुलिस केस दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। गोगरी के अंचल अधिकारी आमिर हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बाढ़ के खतरों को लेकर चर्चा की गई। बैठक के दौरान बौरना के मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद नासिर इकबाल ने भी बाढ़ की तैयारियों को लेकर अपनी बात रखी और महत्वपूर्ण विचार साझा किए।1
- खगड़िया के गोगरी में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जन जागरूकता को लेकर सोमवार को अधिकार सेना फाउंडेशन के बैनर तले एक शांतिपूर्ण फ्लैग मार्च निकाला गया। संवाददाता मोहम्मद जावेद के अनुसार, यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में आयोजित किया गया। मार्च की शुरुआत केडीएस कॉलेज परिसर से हुई, जिसके बाद यह गोगरी प्रखंड मुख्यालय और अनुमंडल कार्यालय परिसर तक पहुंचा। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना, विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकार व संबंधित विभागों का ध्यान शिक्षा सुधार की ओर खींचना था। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने बैनर-तख्तियों के साथ हिस्सा लिया। छात्र संघ के अध्यक्ष उगन कृष्णवंशी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी पांच प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाया। छात्रों का कहना है कि शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की मांग की ताकि सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकें। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने शिक्षा से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था लागू करने, सुधारों के लिए छात्रों, शिक्षकों और अन्य पक्षों के साथ नियमित संवाद करने तथा छात्र हितों को प्राथमिकता देने की मांग की। मार्च के दौरान "शिक्षा में पारदर्शिता लागू करो", "छात्र हितों की रक्षा करो", और "निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था लागू करो" जैसे नारे भी लगाए गए। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के लिए जन जागरूकता फैलाना है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार और शिक्षा विभाग छात्रों की इन गंभीर मांगों पर विचार करेंगे और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।1
- खगड़िया के चौथम प्रखंड की पिपरा पंचायत स्थित मध्य विद्यालय जमुआं में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय लोगों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। विद्यालय में चहारदीवारी नहीं होने के कारण बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चहारदीवारी न होने से कुछ बच्चे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और मध्याह्न भोजन करने के बाद सीधे स्कूल परिसर से बाहर भाग जाते हैं। इसके साथ ही, विद्यालय परिसर में ग्रामीणों द्वारा अपने ट्रैक्टर, डाला और कृषि उपकरण खड़े किए जाने की शिकायत भी सामने आई है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि कोई बच्चा खेल-खेल में इन भारी उपकरणों के संपर्क में आकर दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी तय करना बहुत मुश्किल होगा। ग्रामीणों ने स्कूल की जर्जर इमारत को लेकर भी नाराजगी जताई है और बरामदे की मरम्मत कराने के साथ-साथ विद्यालय विकास मद की राशि के उपयोग की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक या शिक्षा विभाग का पक्ष फिलहाल प्राप्त नहीं हो सका है।1
- बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज, 20 जुलाई से शुरू हो रहा है, जो 24 जुलाई तक चलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का यह पहला मानसून सत्र है, जिसमें सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करने जा रही है। वहीं, विपक्ष कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को सदन के भीतर घेरने की पूरी तैयारी में है। सोमवार सुबह 11 बजे से शुरू होने वाली विधानसभा की कार्यवाही में वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों, विधेयकों, अन्य विधायी कार्यों और महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने को लेकर चर्चा होगी। सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी दलों से प्रश्नकाल को बाधित न करने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की है। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सूत्रों के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सत्र में शामिल होंगे, हालांकि उनके सभी दिनों तक सदन में उपस्थित रहने पर संशय बना हुआ है। इस मानसून सत्र के दौरान 15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाली सम्राट चौधरी सरकार के 100 दिन भी पूरे हो रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में इस महत्वपूर्ण सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष सरकार से उसके कामकाज का हिसाब मांगने के लिए कानून-व्यवस्था, भरत तिवारी एनकाउंटर, बेरोजगारी, विकास योजनाओं की प्रगति और रिशु श्री मामले जैसे मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाने की रणनीति बना रहा है, जबकि सरकार भी अपनी उपलब्धियों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी फैसलों को सदन में प्रमुखता से रखने के लिए तैयार है।1
- खगड़िया के परबत्ता में सावन शुरू होने से ठीक पहले अगुवानी बस स्टैंड की बेहद बदहाल तस्वीर सामने आई है। बारिश के पानी के कारण चारों तरफ भारी जलजमाव हो गया है, जिससे यात्री कीचड़ और कचरे के बीच सफर करने को मजबूर हैं। महज एक सप्ताह बाद सावन का महीना शुरू होने वाला है, लेकिन इस बस स्टैंड पर न तो शौचालय की कोई समुचित व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई का कोई इंतजाम है। श्रद्धालुओं और यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ के बीच बुनियादी सुविधाओं की इस भारी कमी ने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और सफाई व शौचालय की पूरी व्यवस्था फेल साबित हो रही है।2
- मुंगेर के धरहरा में बारिश का भारी कहर देखने को मिल रहा है, जिससे इलाके के स्कूलों में दो फीट तक पानी घुस गया है। इस जलजमाव के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके साथ ही, क्षेत्र की सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का आवागमन भी पूरी तरह बाधित हो गया है।1