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बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। गोगरी के अंचल अधिकारी आमिर हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बाढ़ के खतरों को लेकर चर्चा की गई। बैठक के दौरान बौरना के मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद नासिर इकबाल ने भी बाढ़ की तैयारियों को लेकर अपनी बात रखी और महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
Abhay Kumar Press
बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। गोगरी के अंचल अधिकारी आमिर हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बाढ़ के खतरों को लेकर चर्चा की गई। बैठक के दौरान बौरना के मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद नासिर इकबाल ने भी बाढ़ की तैयारियों को लेकर अपनी बात रखी और महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
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- बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। गोगरी के अंचल अधिकारी आमिर हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बाढ़ के खतरों को लेकर चर्चा की गई। बैठक के दौरान बौरना के मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद नासिर इकबाल ने भी बाढ़ की तैयारियों को लेकर अपनी बात रखी और महत्वपूर्ण विचार साझा किए।1
- खगड़िया के गोगरी में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जन जागरूकता को लेकर सोमवार को अधिकार सेना फाउंडेशन के बैनर तले एक शांतिपूर्ण फ्लैग मार्च निकाला गया। संवाददाता मोहम्मद जावेद के अनुसार, यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में आयोजित किया गया। मार्च की शुरुआत केडीएस कॉलेज परिसर से हुई, जिसके बाद यह गोगरी प्रखंड मुख्यालय और अनुमंडल कार्यालय परिसर तक पहुंचा। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना, विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकार व संबंधित विभागों का ध्यान शिक्षा सुधार की ओर खींचना था। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने बैनर-तख्तियों के साथ हिस्सा लिया। छात्र संघ के अध्यक्ष उगन कृष्णवंशी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी पांच प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाया। छात्रों का कहना है कि शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की मांग की ताकि सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकें। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने शिक्षा से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था लागू करने, सुधारों के लिए छात्रों, शिक्षकों और अन्य पक्षों के साथ नियमित संवाद करने तथा छात्र हितों को प्राथमिकता देने की मांग की। मार्च के दौरान "शिक्षा में पारदर्शिता लागू करो", "छात्र हितों की रक्षा करो", और "निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था लागू करो" जैसे नारे भी लगाए गए। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के लिए जन जागरूकता फैलाना है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार और शिक्षा विभाग छात्रों की इन गंभीर मांगों पर विचार करेंगे और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।1
- खगड़िया के बेलदौर नगर पंचायत में लगातार हो रही बारिश के कारण कई सड़कों पर भारी जलजमाव हो गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। इससे स्थानीय पैदल चलने वाले राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को आवागमन में बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर कई दिनों से बरसात का पानी जमा है, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन की ओर से पानी निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी पर लापरवाही और मनमानी करने का गंभीर आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। सड़कों पर जमा गंदे पानी के कारण आसपास के क्षेत्रों में गंदगी फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत से अविलंब जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- खगड़िया लोकसभा क्षेत्र में किसानों के मुद्दों पर किसान नेता धीरेन्द्र सिंह टुडू ने सांसद राजेश वर्मा को घेरा है और सीधे तौर पर कहा है कि जनप्रतिनिधि इस पर जवाब दें। इसके साथ ही, खगड़िया लोकसभा क्षेत्र में किसान आंदोलन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, जिसके तहत किसान नेता धीरेन्द्र सिंह टुडू ने क्षेत्र में किसान रैलियां निकालने का ऐलान किया है।1
- बिहार के खगड़िया जिले में बहुत मेहनत करके मोम, चाय और बर्गर बनाने का काम करने वाले एक शख्स का काम-धंधा नहीं चल रहा है। दिन-रात कड़ा परिश्रम करने के बावजूद काम-धाम नहीं चलने की वजह से वह बेहद परेशान है और सच में हमेशा चिंता में डूबा रहता है।1
- भागलपुर के सुलतानगंज में नवपदस्थापित उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रवि राकेश ने विधिवत रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। रवि राकेश का तबादला पूर्णिया से भागलपुर किया गया है, जहां वे पहले अपनी प्रशासनिक सेवाएं दे रहे थे। कार्यभार संभालने के बाद नए डीडीसी ने अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और योजनाओं को समय पर पूरा करना उनकी मुख्य प्राथमिकता होगी। उनके आगमन से जिला प्रशासन में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।3
- खगड़िया के गोगरी प्रखंड मुख्यालय स्थित ट्रायसन भवन में सोमवार को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। डीसीएलआर राजकुमार की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में प्रखंड की छह पंचायतों के बाढ़ प्रभावित वार्डों की स्थिति एवं आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक में प्रखंड प्रमुख अशोक पंथ, अंचलाधिकारी आमिर हुसैन, कार्यपालक पदाधिकारी सोनी कुमारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी तनुजा सहाय और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में अंचलाधिकारी आमिर हुसैन ने सभी मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने पंचायतों के बाढ़ प्रभावित वार्डों में आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि नाव या अन्य संसाधनों की किसी भी प्रकार की कमी होने पर इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए, ताकि बाढ़ आने पर लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सोमवार को हुई यह बैठक शाम पांच बजे तक चली।1
- मुंगेर के मधु मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है, जहां सुसाइड की बनाई गई कहानी पूरी तरह झूठी साबित हुई है। इस मामले में असलियत सामने आई है कि मधु की मौत आत्महत्या से नहीं हुई, बल्कि उसके दारोगा पति ने ही उसे गोली मारी थी।1