ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग ने प्रदेश में 92 जातियों के आंकड़े जुटाए ओबीसी की 55 प्रतिशत आबादी 7 जातियों मेंः जाट 71.76 लाख जयपुर। प्रदेश में जनगणना से पहले ओबीसी की जातिगत आबादी का अनुमान सामने आया है। ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने ओबीसी परिवारों के सर्वे के दौरान जातिवार आंकड़े जुटाकर अपनी रिपोर्ट में शामिल किए हैं। सरकार को सौंपी रिपोर्ट में आयोग ने 92 जातियों की जातिवार जनसंख्या के आंकड़े दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में 92 जातियों और पांच एमबीसी जातियों सहित कुल ओबीसी आबादी साढ़े तीन करोड़ से पौने चार करोड़ के बीच मानी गई है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जाट आबादी के मामले में ओबीसी में सबसे आगे हैं। गुर्जर दूसरे, कुम्हार-कुमावत तीसरे, माली-सैनी चौथे, जांगिड़ पांचवें, यादव छठे और मेव सातवें नंबर पर हैं। ओबीसी की 3.58 करोड़ आबादी में से 1.97 करोड़ आबादी सात जातियों में है। यानी ओबीसी की कुल जनसंख्या में 55 फीसदी हिस्सा टॉप 7 जातियों का है। जाट, गुर्जर, कुम्हार-कुमावत, माली-सैनी, जांगिड़, यादव और मेव मिलकर ओबीसी की 55 फीसदी आबादी हैं। बाकी 85 जातियों की आबादी 45 फीसदी है। इन्हें भी ओबीसी के साथ गिना आयोग की रिपोर्ट में एमबीसी की गुर्जर सहित 5 जातियों को भी ओबीसी के साथ गिना गया है। इसमें गुर्जर, बंजारा / बाल्दिया/ लबाना, गाड़िया लुहार, रेबारी रायका / देवासी, गडरिया (गाडरी) को ओबीसी के साथ गिना गया है। 52.23% पुरुष, 47.76% महिलाएं ओबीसी की 3.58 करोड़ आबादी में 1 करोड़ 87 लाख 50 हजार 94 पुरुष और 1 करोड़ 71 लाख 5 हजार 82 महिलाएं हैं। ओबीसी आबादी में 52.23% पुरुष और 47.76% महिलाएं हैं। ओबीसी का लिंगानुपात 914 है। यानी प्रति हजार पुरुषों पर 914 महिलाएं हैं। 3.92 लाख लोग सरकारी नौकरी में राजस्थान में ओबीसी के 3.92 लाख सरकारी कर्मचारी हैं। सरकारी कर्मचारियों में 78 फीसदी हिस्सा चार जातियों से है, जिनमें जाट, गुर्जर, सैनी और यादव शामिल हैं। गौरतलब है कि गुर्जर सहित पांच जातियों को 5 प्रतिशत एमबीसी में अलग से आरक्षण मिल रहा है। 12.50 लाख लोग स्वरोजगार से जुड़े ओबीसी के 12.50 लाख लोग खुद का रोजगार करते हैं। स्वरोजगार में भी बड़ी संख्या वाली जातियों का वर्चस्व है। जाट, सैनी, कुमावत और जांगिड़ आगे हैं। स्वरोजगार में जाट 1.21 लाख, सैनी 1.15 लाख, कुम्हार कुमावत 1.24 लाख और जांगिड़ सुथार के 85,114 सदस्य हैं। 8.67 लाख प्राइवेट नौकरी करते हैं ओबीसी के 8.67 लाख लोग प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। इनमें कॉर्पोरेट सेक्टर से लेकर रिटेल जैसे काम शामिल हैं। यहां भी वही जातियां आगे हैं जो सरकारी नौकरी में हैं। प्राइवेट नौकरियों में जाट, जाट सिख 82,157, कुम्हार-कुमावत 51,277, सैनी 49,091 और यादव 28,797 हैं। ओबीसी के 31.50 लाख लोग मजदूर ओबीसी की 92 जातियों में 31.50 लाख लोग मजदूरी करते हैं। 20 जातियों में ही सबसे ज्यादा मजदूर हैं। कुम्हार कुमावत जाति से 3.32 लाख लोग मजदूर हैं। ओबीसी में मजदूरी के मामले में कुमावत पहले नंबर पर हैं। दूसरे नंबर पर 2.67 लाख मजदूर सैनी जाति के हैं। तीसरे स्थान पर 2.16 लाख मजदूरों के साथ जाट हैं। गुर्जर 1.80 लाख मजदूर हैं। रावत 1.25 लाख और जांगिड़ 1.15 लाख मजदूर हैं।
ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग ने प्रदेश में 92 जातियों के आंकड़े जुटाए ओबीसी की 55 प्रतिशत आबादी 7 जातियों मेंः जाट 71.76 लाख जयपुर। प्रदेश में जनगणना से पहले ओबीसी की जातिगत आबादी का अनुमान सामने आया है। ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने ओबीसी परिवारों के सर्वे के दौरान जातिवार आंकड़े जुटाकर अपनी रिपोर्ट में शामिल किए हैं। सरकार को सौंपी रिपोर्ट में आयोग ने 92 जातियों की जातिवार जनसंख्या के आंकड़े दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में 92 जातियों और पांच एमबीसी जातियों सहित कुल ओबीसी आबादी साढ़े तीन करोड़ से पौने चार करोड़ के बीच मानी गई है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जाट आबादी के मामले में ओबीसी में सबसे आगे हैं। गुर्जर दूसरे, कुम्हार-कुमावत तीसरे, माली-सैनी चौथे, जांगिड़ पांचवें, यादव छठे और मेव सातवें नंबर पर हैं। ओबीसी की 3.58 करोड़ आबादी में से 1.97 करोड़ आबादी सात जातियों में है। यानी ओबीसी की कुल जनसंख्या में 55 फीसदी हिस्सा टॉप 7 जातियों का है। जाट, गुर्जर, कुम्हार-कुमावत, माली-सैनी, जांगिड़, यादव और मेव मिलकर ओबीसी की 55 फीसदी आबादी हैं। बाकी 85 जातियों की आबादी 45 फीसदी है। इन्हें भी ओबीसी के साथ गिना आयोग की रिपोर्ट में एमबीसी की गुर्जर सहित 5 जातियों को भी ओबीसी के साथ गिना गया है। इसमें गुर्जर, बंजारा / बाल्दिया/ लबाना, गाड़िया लुहार, रेबारी रायका / देवासी, गडरिया (गाडरी) को ओबीसी के साथ गिना गया है। 52.23% पुरुष, 47.76% महिलाएं ओबीसी की 3.58 करोड़ आबादी में 1 करोड़ 87 लाख 50 हजार 94 पुरुष और 1 करोड़ 71 लाख 5 हजार 82 महिलाएं हैं। ओबीसी आबादी में 52.23% पुरुष और 47.76% महिलाएं हैं। ओबीसी का लिंगानुपात 914 है। यानी प्रति हजार पुरुषों पर 914 महिलाएं हैं। 3.92 लाख लोग सरकारी नौकरी में राजस्थान में ओबीसी के 3.92 लाख सरकारी कर्मचारी हैं। सरकारी कर्मचारियों में 78 फीसदी हिस्सा चार जातियों से है, जिनमें जाट, गुर्जर, सैनी और यादव शामिल हैं। गौरतलब है कि गुर्जर सहित पांच जातियों को 5 प्रतिशत एमबीसी में अलग से आरक्षण मिल रहा है। 12.50 लाख लोग स्वरोजगार से जुड़े ओबीसी के 12.50 लाख लोग खुद का रोजगार करते हैं। स्वरोजगार में भी बड़ी संख्या वाली जातियों का वर्चस्व है। जाट, सैनी, कुमावत और जांगिड़ आगे हैं। स्वरोजगार में जाट 1.21 लाख, सैनी 1.15 लाख, कुम्हार कुमावत 1.24 लाख और जांगिड़ सुथार के 85,114 सदस्य हैं। 8.67 लाख प्राइवेट नौकरी करते हैं ओबीसी के 8.67 लाख लोग प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। इनमें कॉर्पोरेट सेक्टर से लेकर रिटेल जैसे काम शामिल हैं। यहां भी वही जातियां आगे हैं जो सरकारी नौकरी में हैं। प्राइवेट नौकरियों में जाट, जाट सिख 82,157, कुम्हार-कुमावत 51,277, सैनी 49,091 और यादव 28,797 हैं। ओबीसी के 31.50 लाख लोग मजदूर ओबीसी की 92 जातियों में 31.50 लाख लोग मजदूरी करते हैं। 20 जातियों में ही सबसे ज्यादा मजदूर हैं। कुम्हार कुमावत जाति से 3.32 लाख लोग मजदूर हैं। ओबीसी में मजदूरी के मामले में कुमावत पहले नंबर पर हैं। दूसरे नंबर पर 2.67 लाख मजदूर सैनी जाति के हैं। तीसरे स्थान पर 2.16 लाख मजदूरों के साथ जाट हैं। गुर्जर 1.80 लाख मजदूर हैं। रावत 1.25 लाख और जांगिड़ 1.15 लाख मजदूर हैं।
- मातृकुंडिया से रामेश्वर महादेव तक दौड़ते पहुंचे कांवड़िए 30 युवाओं ने 30 किलोमीटर की डाक कांवड़ यात्रा करीब 1 घंटे 10 मिनट में की पूरी, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा मार्ग मातृकुंडिया से रामेश्वर महादेव तक दौड़ते पहुंचे कांवड़िए 30 युवाओं ने 30 किलोमीटर की डाक कांवड़ यात्रा करीब 1 घंटे 10 मिनट में की पूरी, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा मार्ग रेलमगरा। सावन के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और संकल्प से ओतप्रोत डाक कांवड़ यात्रा निकाली गई। मातृकुंडिया स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर से रेलमगरा के रामेश्वर महादेव मंदिर तक करीब 30 युवाओं ने दौड़ते हुए लगभग 30 किलोमीटर की दूरी महज 1 घंटे 10 मिनट में पूरी की। कांवड़ियों ने मातृकुंडिया पहुंचकर मंगलेश्वर महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा पवित्र जल कांवड़ में लेकर यात्रा का शुभारंभ किया। डाक कांवड़ की परंपरा के अनुसार युवाओं ने पूरे मार्ग में कहीं भी रुके बिना लगातार दौड़ते हुए कांवड़ यात्रा पूरी की। इस दौरान मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों का उत्साहवर्धन किया। यात्रा के दौरान युवाओं में खासा उत्साह और जोश देखने को मिला। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिमय हो उठा। निर्धारित समय में 30 किलोमीटर की दूरी पूरी कर युवाओं ने अपनी आस्था के साथ शारीरिक क्षमता, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का भी परिचय दिया। रामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने भगवान रामेश्वर महादेव का पवित्र जल से विधिवत अभिषेक किया तथा क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। डाक कांवड़ यात्रा में दीपक वैष्णव, राजकुमार सेन, देवेंद्र सेन, मगन जाट, लादू गाडरी, अभिषेक लोहार, संजय सेन, नारायण लाल गाडरी, कमलेश जाट, दीपक सिंह, लेहरू सेन, राहुल वैष्णव, यश टेलर, कन्हैयालाल गाडरी, राहुल खटीक, कीर्तन प्रजापत, अभिषेक वैष्णव सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल रहे।4
- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खमनोर ने की पंचायतराज चुनावों को लेकर अहम बैठक तरुण जोशी, राजसमंद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खमनोर ने की पंचायतराज चुनावों को लेकर अहम बैठक खमनोर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खमनोर के तत्वाधान में आगामी पंचायतराज चुनावों को लेकर मोलेला खेड़ादेवी माताजी प्रांगण में अहम मीटिंग का आयोजन किया गया।। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष केसरसिंह गौड़ ने बताया कि प्रदेश व जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खमनोर द्वारा आगामी पंचायतराज चुनावों ओर क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों में भेदभाव ओर पंचायत समिति के अधिकारियों की मनमानी ओर आमजन की परेशानी को लेकर अहम मीटिंग का आयोजन मोलेला खेड़ादेवी माताजी प्रांगण में किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस सचिव व विधानसभा प्रभारी श्यामसुंदर शर्मा व अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष केसरसिंह गौड़ ने की, सर्वप्रथम माताजी के श्रीचरणों में वन्दन एवं माताजी के जयकारो के साथ मीटिंग की शुरुआत की गई, वक्ताओं ने कहा कि भाजपाराज में जनता त्रस्त ओर प्रशासन मस्त में हे, ओर पंचायतों में स्टाफ की कमी जिससे आमजन को भटकना पड़ रहा है, इस भाजपा के कुशासन को आगामी पंचायतराज चुनावों में उन्खाड़ फेकने,ओर सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों को जिताने का संकल्प लिया, इस दौरान पूर्व प्रधान पुरुषोत्तम माली, निवर्तमान प्रधान भेरुलाल वीरवाल, फ़तेलाल गमेती, उपप्रधान रामेश्वरलाल खटीक, वेभवराजसिंह चौहान,जिलापरिषद सदस्य कुकसिंह गौड, दशरथसिंह झाला, जिला महामंत्री संदीप श्रीमाली, श्रवणसिंह झाला, देवीसिंह शिशवी , इंदरलाल गमेती,ब्लॉक महामंत्री बंटी पुरोहित,महिला ब्लॉक अध्यक्ष नीता माली, संतोष सुथार,मण्डल अध्यक्ष दुर्गालाल भील, बालू गायरी, नारायणलाल लोहार, रामू रेबारी, खेमसिंह, भगवतीलाल पालीवाल, किसन कटारा, रामचंद्र पालीवाल, पप्पू सुथार,प्रशासक जगन्नाथ डागलिया, तेजसिंह सोलंकी,यशवंत श्रीमाली, लहरीलाल गायरी, पंकज सोनी, रमेश सोनी, पप्पू डांगी, नरेंद्र मेहता, रतनसिंह, दुर्गासिंह, अजयसिंह मचिन्द , मोहनसिंह चदाना, लक्ष्मीलाल प्रजापत, कमलेश श्रीमाली, विनोद श्रीमाली, ललित कनेरिया, संजय पुरोहित, देवा गायरी, नारायणलाल गायरी, रवींद्र श्रीमाली, सहित पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- धनेतकलां में पिछले 25 वर्षों से बच्चों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित। Sharma Coaching Center — 25 वर्षों का विश्वास! ✨ कक्षा 1 से 12वीं तक ✨ गणित एवं अंग्रेज़ी पर विशेष ध्यान ✨ कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन 🎓 3 बच्चों के परिवार में 1 बच्चे की पढ़ाई निःशुल्क Sharma Coaching Center धनेतकलां, जिला चित्तौड़गढ़ 25 वर्षों का विश्वास... उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत।1
- ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग ने प्रदेश में 92 जातियों के आंकड़े जुटाए ओबीसी की 55 प्रतिशत आबादी 7 जातियों मेंः जाट 71.76 लाख जयपुर। प्रदेश में जनगणना से पहले ओबीसी की जातिगत आबादी का अनुमान सामने आया है। ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने ओबीसी परिवारों के सर्वे के दौरान जातिवार आंकड़े जुटाकर अपनी रिपोर्ट में शामिल किए हैं। सरकार को सौंपी रिपोर्ट में आयोग ने 92 जातियों की जातिवार जनसंख्या के आंकड़े दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में 92 जातियों और पांच एमबीसी जातियों सहित कुल ओबीसी आबादी साढ़े तीन करोड़ से पौने चार करोड़ के बीच मानी गई है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जाट आबादी के मामले में ओबीसी में सबसे आगे हैं। गुर्जर दूसरे, कुम्हार-कुमावत तीसरे, माली-सैनी चौथे, जांगिड़ पांचवें, यादव छठे और मेव सातवें नंबर पर हैं। ओबीसी की 3.58 करोड़ आबादी में से 1.97 करोड़ आबादी सात जातियों में है। यानी ओबीसी की कुल जनसंख्या में 55 फीसदी हिस्सा टॉप 7 जातियों का है। जाट, गुर्जर, कुम्हार-कुमावत, माली-सैनी, जांगिड़, यादव और मेव मिलकर ओबीसी की 55 फीसदी आबादी हैं। बाकी 85 जातियों की आबादी 45 फीसदी है। इन्हें भी ओबीसी के साथ गिना आयोग की रिपोर्ट में एमबीसी की गुर्जर सहित 5 जातियों को भी ओबीसी के साथ गिना गया है। इसमें गुर्जर, बंजारा / बाल्दिया/ लबाना, गाड़िया लुहार, रेबारी रायका / देवासी, गडरिया (गाडरी) को ओबीसी के साथ गिना गया है। 52.23% पुरुष, 47.76% महिलाएं ओबीसी की 3.58 करोड़ आबादी में 1 करोड़ 87 लाख 50 हजार 94 पुरुष और 1 करोड़ 71 लाख 5 हजार 82 महिलाएं हैं। ओबीसी आबादी में 52.23% पुरुष और 47.76% महिलाएं हैं। ओबीसी का लिंगानुपात 914 है। यानी प्रति हजार पुरुषों पर 914 महिलाएं हैं। 3.92 लाख लोग सरकारी नौकरी में राजस्थान में ओबीसी के 3.92 लाख सरकारी कर्मचारी हैं। सरकारी कर्मचारियों में 78 फीसदी हिस्सा चार जातियों से है, जिनमें जाट, गुर्जर, सैनी और यादव शामिल हैं। गौरतलब है कि गुर्जर सहित पांच जातियों को 5 प्रतिशत एमबीसी में अलग से आरक्षण मिल रहा है। 12.50 लाख लोग स्वरोजगार से जुड़े ओबीसी के 12.50 लाख लोग खुद का रोजगार करते हैं। स्वरोजगार में भी बड़ी संख्या वाली जातियों का वर्चस्व है। जाट, सैनी, कुमावत और जांगिड़ आगे हैं। स्वरोजगार में जाट 1.21 लाख, सैनी 1.15 लाख, कुम्हार कुमावत 1.24 लाख और जांगिड़ सुथार के 85,114 सदस्य हैं। 8.67 लाख प्राइवेट नौकरी करते हैं ओबीसी के 8.67 लाख लोग प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। इनमें कॉर्पोरेट सेक्टर से लेकर रिटेल जैसे काम शामिल हैं। यहां भी वही जातियां आगे हैं जो सरकारी नौकरी में हैं। प्राइवेट नौकरियों में जाट, जाट सिख 82,157, कुम्हार-कुमावत 51,277, सैनी 49,091 और यादव 28,797 हैं। ओबीसी के 31.50 लाख लोग मजदूर ओबीसी की 92 जातियों में 31.50 लाख लोग मजदूरी करते हैं। 20 जातियों में ही सबसे ज्यादा मजदूर हैं। कुम्हार कुमावत जाति से 3.32 लाख लोग मजदूर हैं। ओबीसी में मजदूरी के मामले में कुमावत पहले नंबर पर हैं। दूसरे नंबर पर 2.67 लाख मजदूर सैनी जाति के हैं। तीसरे स्थान पर 2.16 लाख मजदूरों के साथ जाट हैं। गुर्जर 1.80 लाख मजदूर हैं। रावत 1.25 लाख और जांगिड़ 1.15 लाख मजदूर हैं।1
- आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, दी गिरफ्तारियां राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन के बैनर तले जिलेभर की आशा सहयोगिनियों ने आज अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कलेक्ट्रेट सर्कल पर मानव श्रृंखला बनाकर गिरफ्तारियां दी और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मौजूद आशा सहयोगिनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि आशा वर्कर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की महत्वपूर्ण कड़ी और स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है जो गांव-गांव पहुंचकर स्वास्थ्य योजनाओं को पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम करती है। इसके बावजूद उनकी मेहनत के अनुरूप मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा 2025 में 1500 रूपये की मानदेय बढ़ोतरी को भी लागू नहीं किया गया है और न ही आशा वर्करों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया गया है। विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान मौजूद आशा वर्करों ने बताया कि जब तक उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता तब तक 26 हजार रूपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षाओं का लाभ दिया जाये। उन्होंने मानदेय को महंगाई भत्ते से जोड़ने, मातृत्व एवं चिकित्सा अवकाश देने, सेवानिवृति की आयु 65 वर्ष करने, सेवानिवृति पर सम्माजनक राशि देने, फील्ड कार्य के दौरान आशा वर्कर की दुर्घटना या मृत्यु होने पर 5 लाख रूपये की सहायता देने, सभी आशा वर्करों के परिवारों को बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बकाया भुगतान जारी करने, ऑनलाइन कार्य के लिए मोबाइल और पर्याप्त डाटा उपलब्ध करवाने, अस्पतालों में आशा वर्करों के लिए स्थान निर्धारित करने की मांग की है। वहीं उन्होंने चेतावनी दी कि आज गिरफ्तारी देकर आंदोलन किया है। मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन और तेज किया जायेगा।1