रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के कुशल दिशा-निर्देशन में 30 मई 2026 को गुढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत गौरा में एक विशाल जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण करना था। इस चौपाल में एसडीएम सुधाकर सिंह, नायब तहसीलदार महिमा पाठक, जनपद सीईओ रायपुर कर्चुलियान प्रदीप दुबे, एपीओ गोविंद नारायण श्रीवास्तव, उपयंत्री संदीप त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, राजस्व विभाग, पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग का पूरा मैदानी अमला भी मुस्तैद रहा। स्थानीय सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी इसमें हिस्सा लिया। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के अनुपालन में, चौपाल में केवल औपचारिकता नहीं निभाई गई, बल्कि मौके पर काम कर दिखाने की भावना स्पष्ट दिखी। ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन सीधे अधिकारियों को सौंपे। जन चौपाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि यहाँ राजस्व मामलों, नामांतरण, बटवारा, पेंशन योजना, राशन पात्रता पर्ची और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं से जुड़े लगभग 15 लंबित आवेदनों का तत्काल निराकरण कर पीड़ित पक्षों को त्वरित राहत प्रदान की गई। शेष अन्य आवेदनों के लिए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण हेतु कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। एसडीएम सुधाकर सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि कलेक्टर महोदय के स्पष्ट निर्देश हैं कि ग्रामीणों को अपनी छोटी-मोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं चलकर उनके द्वार आ रहा है, और यह चौपाल इसी पहल का एक हिस्सा है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत गौरा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी सहित उपस्थित समस्त अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के कुशल दिशा-निर्देशन में 30 मई 2026 को गुढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत गौरा में एक विशाल जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण करना था। इस चौपाल में एसडीएम सुधाकर सिंह, नायब तहसीलदार महिमा पाठक, जनपद सीईओ रायपुर कर्चुलियान प्रदीप दुबे, एपीओ गोविंद नारायण श्रीवास्तव, उपयंत्री संदीप त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, राजस्व विभाग, पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग का पूरा मैदानी अमला भी मुस्तैद रहा। स्थानीय सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी इसमें हिस्सा लिया। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के अनुपालन में, चौपाल में केवल औपचारिकता नहीं निभाई गई, बल्कि मौके पर काम कर दिखाने की भावना स्पष्ट दिखी। ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन सीधे अधिकारियों को सौंपे। जन चौपाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि यहाँ राजस्व मामलों, नामांतरण, बटवारा, पेंशन योजना, राशन पात्रता पर्ची और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं से जुड़े लगभग 15 लंबित आवेदनों का तत्काल निराकरण कर पीड़ित पक्षों को त्वरित राहत प्रदान की गई। शेष अन्य आवेदनों के लिए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण हेतु कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। एसडीएम सुधाकर सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि कलेक्टर महोदय के स्पष्ट निर्देश हैं कि ग्रामीणों को अपनी छोटी-मोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं चलकर उनके द्वार आ रहा है, और यह चौपाल इसी पहल का एक हिस्सा है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत गौरा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी सहित उपस्थित समस्त अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
- मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के धार्मिक स्थलों को आधुनिक और श्रद्धालु-मैत्रीपूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में निरंतर सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस उद्देश्य के तहत, राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा कर रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल उन स्थलों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुरक्षा, साफ-सफाई, ठहरने की सुविधाओं, परिवहन और डिजिटल सुविधाओं का गहन अध्ययन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन अनुभवों के आधार पर मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक विकास किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के मंदिरों और तीर्थों पर आने वाले श्रद्धालुओं को देश के सर्वश्रेष्ठ धार्मिक स्थलों जैसी सुविधाएं मिलें, जिससे उन्हें विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो सके। सरकार की इस योजना में महाकाल लोक उज्जैन, ओरछा रामराजा मंदिर, मैहर शारदा देवी, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। इन स्थानों पर भीड़ प्रबंधन, ऑनलाइन दर्शन, ई-वाहन, डिजिटल भुगतान, स्वच्छ शौचालय, वेटिंग हॉल और पार्किंग जैसी सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा।1
- प्रकाश पाठक ने मनीष पटेल से जुड़े मामले पर जनता की राय जानने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पहले भी दो वीडियो बनाए जा चुके हैं। पहले वीडियो में उन्होंने पूरे मामले का विवरण दिया था, जबकि दूसरे वीडियो में यह समझाने की कोशिश की गई थी कि विवाद कैसे शुरू हुआ और क्या किसी व्यक्ति को गलती के बाद सुधार का अवसर मिलना चाहिए। अपने हालिया वीडियो के माध्यम से, प्रकाश पाठक ने सीधे जनता से तीन महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने जानना चाहा है कि क्या मनीष पटेल के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित थी। साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा कि क्या गलती करने के बाद किसी व्यक्ति को सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए, या फिर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। यह पहल किसी व्यक्ति या पक्ष का समर्थन अथवा विरोध करने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि इसका एकमात्र मकसद जनमत को समझना है। पाठक ने दर्शकों से अपील की है कि वे अपनी राय सभ्य भाषा में टिप्पणी अनुभाग में अवश्य साझा करें।1
- चित्रकूट के मानिकपुर थाना क्षेत्र में एक बकरी चरवाहे का शव पेड़ से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। कल्याणपुर गांव के चौकी पुरवा लक्ष्मणपुर निवासी 45 वर्षीय अजय कोल, जो बकरी चराते थे, शुक्रवार शाम मछली पकड़ने की बात कहकर अपने घर से निकले थे। हालांकि, अजय रात 11 बजे तक भी वापस नहीं लौटे, जिसके बाद उनके परिजनों और ग्रामीणों ने रातभर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार सुबह लगभग 8 बजे बरदहा नदी के फोहा घाट के पास एक बरगद के पेड़ पर उनका शव उनकी ही साफी के सहारे लटका हुआ पाया गया। इस सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर दोपहर 2 बजे जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच अभी जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया के महत्व पर बल देते हुए कहा है कि मीडिया के बिना लोकतंत्र की कल्पना करना असंभव है। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि जनता तक सरकार की नीतियों को पहुँचाने और सत्ता को जवाबदेह बनाने में मीडिया की भूमिका सबसे अहम है। मुख्यमंत्री योगी ने विश्वास व्यक्त किया कि निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता से ही समाज में जागरूकता आएगी और इससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।1
- रीवा पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर की जा रही विवादित पोस्टों पर पैनी नजर रख रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल ध्यान दिया जाए।1
- सतना जिले के तिकुरिया टोला बायपास मैहर रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जहाँ बस और मोटरसाइकिल की भिड़ंत में रामपुर बघेलान थाना अंतर्गत चकदही निवासी दो सगे भाई, विनय यादव (उम्र 26 वर्ष) और विवेक यादव (उम्र 28 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में उनकी बहन बंदना यादव की स्थिति नाजुक बनी हुई है। परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचने के बावजूद, जिला प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसी बात से नाराज होकर समस्त परिजनों ने सेमरिया चौराहा बस स्टैंड पर चक्का जाम कर दिया।1
- संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में नवजात शिशु गहन शिक्षा इकाई में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई।1