प्रकाश पाठक ने मनीष पटेल से जुड़े मामले पर जनता की राय जानने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पहले भी दो वीडियो बनाए जा चुके हैं। पहले वीडियो में उन्होंने पूरे मामले का विवरण दिया था, जबकि दूसरे वीडियो में यह समझाने की कोशिश की गई थी कि विवाद कैसे शुरू हुआ और क्या किसी व्यक्ति को गलती के बाद सुधार का अवसर मिलना चाहिए। अपने हालिया वीडियो के माध्यम से, प्रकाश पाठक ने सीधे जनता से तीन महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने जानना चाहा है कि क्या मनीष पटेल के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित थी। साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा कि क्या गलती करने के बाद किसी व्यक्ति को सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए, या फिर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। यह पहल किसी व्यक्ति या पक्ष का समर्थन अथवा विरोध करने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि इसका एकमात्र मकसद जनमत को समझना है। पाठक ने दर्शकों से अपील की है कि वे अपनी राय सभ्य भाषा में टिप्पणी अनुभाग में अवश्य साझा करें।
प्रकाश पाठक ने मनीष पटेल से जुड़े मामले पर जनता की राय जानने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पहले भी दो वीडियो बनाए जा चुके हैं। पहले वीडियो में उन्होंने पूरे मामले का विवरण दिया था, जबकि दूसरे वीडियो में यह समझाने की कोशिश की गई थी कि विवाद कैसे शुरू हुआ और क्या किसी व्यक्ति को गलती के बाद सुधार का अवसर मिलना चाहिए। अपने हालिया वीडियो के माध्यम से, प्रकाश पाठक ने सीधे जनता से तीन महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने जानना चाहा है कि क्या मनीष पटेल के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित थी। साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा कि क्या गलती करने के बाद किसी व्यक्ति को सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए, या फिर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। यह पहल किसी व्यक्ति या पक्ष का समर्थन अथवा विरोध करने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि इसका एकमात्र मकसद जनमत को समझना है। पाठक ने दर्शकों से अपील की है कि वे अपनी राय सभ्य भाषा में टिप्पणी अनुभाग में अवश्य साझा करें।
- बिरसिंहपुर स्थित गैवीनाथ धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद, वहाँ की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह स्थिति एक ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है, जिसमें मौके की वास्तविक स्थिति और लोगों की राय जानने का प्रयास किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, धाम में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपना कार्य करने के लिए पर्याप्त सहयोग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इसी वजह से, गैवीनाथ धाम पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को भी आने-जाने में, भीड़ को नियंत्रित करने में, और अन्य सभी तरह की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रकाश पाठक द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में इन गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है, और दर्शकों से इस पूरी स्थिति पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने का आग्रह भी किया गया है।1
- मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के धार्मिक स्थलों को आधुनिक और श्रद्धालु-मैत्रीपूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में निरंतर सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस उद्देश्य के तहत, राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा कर रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल उन स्थलों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुरक्षा, साफ-सफाई, ठहरने की सुविधाओं, परिवहन और डिजिटल सुविधाओं का गहन अध्ययन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन अनुभवों के आधार पर मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक विकास किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के मंदिरों और तीर्थों पर आने वाले श्रद्धालुओं को देश के सर्वश्रेष्ठ धार्मिक स्थलों जैसी सुविधाएं मिलें, जिससे उन्हें विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो सके। सरकार की इस योजना में महाकाल लोक उज्जैन, ओरछा रामराजा मंदिर, मैहर शारदा देवी, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। इन स्थानों पर भीड़ प्रबंधन, ऑनलाइन दर्शन, ई-वाहन, डिजिटल भुगतान, स्वच्छ शौचालय, वेटिंग हॉल और पार्किंग जैसी सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा।1
- सतना के जिला अस्पताल के अंदर एक व्यक्ति अपनी बाइक लेकर पहली मंजिल तक पहुँच गया। बताया गया कि उसका एक गंभीर मरीज अस्पताल के पहली मंजिल पर भर्ती था, जिसे रीवा रेफर किया गया था। स्ट्रेचर समय पर न मिलने के कारण वह व्यक्ति पीछे के गेट से अस्पताल में घुस गया। वह रैंप के सहारे पहली मंजिल पर स्थित आइसोलेशन वार्ड तक पहुँच कर मरीज को बाइक पर ले जाने का प्रयास करने लगा। हालांकि, मरीज की गंभीर हालत के चलते उसे बाइक पर नहीं ले जाया जा सका। यह घटना सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि यह जिला अस्पताल है या सैर-सपाटे की जगह। मामले की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने तत्काल गंभीर मरीज को रीवा रेफर करवाया। इसके साथ ही उन्होंने उस व्यक्ति की बाइक जब्त करने का आदेश दिया और अस्पताल पुलिस चौकी को सूचित किया। इस लापरवाही के लिए गेट पर तैनात दो सुरक्षा कर्मियों को सेवा से पृथक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने सरकार से मांग की है कि मुस्लिमों को अल्पसंख्यक वर्ग से हटाया जाए। पार्टी का तर्क है कि देश में ब्राह्मण अब अल्पसंख्यक हो गए हैं, और इसी कारण ब्राह्मणों तथा ठाकुरों को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाना चाहिए।1
- जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के तत्वावधान में 9 जून 2026 को मध्य प्रदेश के जिला मुख्यालय सतना में क्रांतिसूर्य धरती आबा बिरसा मुंडा जी के 126वें शहादत दिवस पर एक विशाल “बिरसा मुंडा क्रांति महासम्मेलन” का आयोजन होने जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि आदिवासी अस्मिता, युवा शक्ति और सामाजिक एकता का एक महाआंदोलन है। इस सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं की ताकत को उजागर करना है, जो संघर्ष, संगठन और जागरूकता की नई पहचान बन चुके हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन में मान. एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा जी, जो जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। मान. रवि कुमार कोल जी, संभागीय उपाध्यक्ष, रीवा, अध्यक्षता करेंगे, जबकि मान. पवन डावर जी, मान. जीवन ठाकुर जी, और मान. बाबूलाल बघेल जी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यह महासम्मेलन टाउनहॉल, सेमरिया चौराहा, बस स्टैंड के पास, सतना (म.प्र.) में होगा। पुष्पेन्द्र कोल द्वारा सभी मातृशक्ति, युवा साथियों, छात्र साथियों एवं समस्त सगा जनों से निवेदन किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक महासम्मेलन को सफल बनाएं, जो आदिवासी समाज में युवा शक्ति और एकता का प्रतीक बनेगा।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत खारी में रामकरण रजक की अहरी में बीती रात अचानक आग लग गई। इस भीषण आग की चपेट में आने से दो बछड़ों की दर्दनाक मौत हो गई। आग ने दो आम के पेड़, भूसा और अन्य सामग्री को भी जलाकर राख कर दिया। इस घटना के बाद खारी गांव के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि यह आग अज्ञात कारणों से लगी थी या इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है।3
- चित्रकूट के मानिकपुर थाना क्षेत्र में एक बकरी चरवाहे का शव पेड़ से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। कल्याणपुर गांव के चौकी पुरवा लक्ष्मणपुर निवासी 45 वर्षीय अजय कोल, जो बकरी चराते थे, शुक्रवार शाम मछली पकड़ने की बात कहकर अपने घर से निकले थे। हालांकि, अजय रात 11 बजे तक भी वापस नहीं लौटे, जिसके बाद उनके परिजनों और ग्रामीणों ने रातभर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार सुबह लगभग 8 बजे बरदहा नदी के फोहा घाट के पास एक बरगद के पेड़ पर उनका शव उनकी ही साफी के सहारे लटका हुआ पाया गया। इस सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर दोपहर 2 बजे जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच अभी जारी है।1
- प्रकाश पाठक ने मनीष पटेल से जुड़े मामले पर जनता की राय जानने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पहले भी दो वीडियो बनाए जा चुके हैं। पहले वीडियो में उन्होंने पूरे मामले का विवरण दिया था, जबकि दूसरे वीडियो में यह समझाने की कोशिश की गई थी कि विवाद कैसे शुरू हुआ और क्या किसी व्यक्ति को गलती के बाद सुधार का अवसर मिलना चाहिए। अपने हालिया वीडियो के माध्यम से, प्रकाश पाठक ने सीधे जनता से तीन महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने जानना चाहा है कि क्या मनीष पटेल के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित थी। साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा कि क्या गलती करने के बाद किसी व्यक्ति को सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए, या फिर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। यह पहल किसी व्यक्ति या पक्ष का समर्थन अथवा विरोध करने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि इसका एकमात्र मकसद जनमत को समझना है। पाठक ने दर्शकों से अपील की है कि वे अपनी राय सभ्य भाषा में टिप्पणी अनुभाग में अवश्य साझा करें।1