प्रेस रिलीज़ जय महाकाली 7अप्रैल 2026 प्रेस विज्ञप्ति चिरैया वेबसीरीज सनातनी पारिवारों का वैवाहिक जीवन बर्बाद करने का वामपंथी षड्यंत्र, क्या कोई जागरूक महिलावादी डायरेक्टर/प्रोडूसर “हलाला प्रथा” पर वेबसीरीज बनाने की हिम्मत दिखा सकता है? - डॉ उदिता त्यागी महाकाली वाहिनी के तत्वाधान में डीएम कार्यालय गाजियाबाद पर वेबसीरीज चिरैया को बैन करने के लिए किया गया विरोध प्रदर्शन वामपंथी एजेंडा से प्रेरित “चिरैया” वेबसीरीज में सनातन विवाह के संबंधों पर कुठाराघात करते हुए “मैरिटल रेप”की धारणा को सही साबित लिए ग़लत आँकड़े प्रस्तुत करके सनातनी पुरुषों के प्रति समाज में घृणा फैला कर वैवाहिक संस्था को तोड़ने की साज़िश की जा रही है। आज बड़ी संख्या में महाकाली वाहिनी की महाकालियों के द्वारा इसका विरोध डीएम कार्यालय पर किया गया। सनातन धर्म पर रोज़ाना सिनेमा में अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर वामपंथियों द्वारा प्रोपोगंडा फ़िल्म /सीरीज के माध्यम से फेक नैरेटिव चलाए जा रहे हैं। जिसका शिकार मासूम सनातनी महिलाये और बच्चियाँ हो रही हैं।इन प्रोपोगैंडा में फँस कर महिलाये अपने परिवारों को छोड़ रही हैं,नवविवाहिताएं अपने पतियों की हत्या कर रही हैं,लड़कियां लव जिहाद में फँस रही हैं। डॉ उदिता त्यागी ने बताया कि वामपंथियों द्वारा सनातनी परंपराओं पर प्रहार किया जा रहा है।समाज में मासूम बच्चियों के मन में विवाह और पति के प्रति घृणा का भाव रोपा जा रहा है। उन्होंने पूछा क्या हलाला प्रथा पर किसी वामपंथी की हिम्मत है वेबसीरीज बनाने की???क्या हलाला रेप की श्रेणी में नहीं आता???क्या सनातन धर्म इतना कमजोर हो गया है की कोई भी हमारे रीति रिवाजों पर प्रोपोगंडा चला कर हमारे बच्चों को गुमराह कर सकता है??? सीरीज में एक सनातनी परिवार के माध्यम से ये सब दिखाया गया है जिस से निर्माता/निर्देशक की दुर्भावना का पता चलता है। वाहिनी के द्वारा डीएम साहब के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को लिखे गए पत्र में ott प्लेटफार्म के लिए कड़े सेंसरशिप नियमों को बनाने की मांग की गई। फ़िल्म के प्रोडूसर, डायरेक्टर,और राइटर पर महाकाली वाहिनी के द्वारा एफ आई आर भी कविनगर थाने में करवाई गई। वेबसीरीज में सनातनी पुरुषों को राक्षसों के रूप में प्रस्तुत किया गया है और महिला पुरुष के वैवाहिक संबंधों को मैरिटल रेप की श्रेणी में लाकर कानून बनाने की बात कही गई है विरोध प्रदर्शन में उपस्थित निशि त्यागी जी,रीना त्यागी जी, सुमन उपाध्याय और गीता त्यागी जी,शिरोमणि त्यागी जी,ई े पूजा शर्मा,ज्योतित्यागी ,नीता राय ने सीरीज पर आपत्ति जताते हुए सेंसर बोर्ड से सीरीज को बैन करने की माँग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया मुख्य रूप से शैलज सिन्हा,डॉरचनाशाही,ज्योति चौधरी मंजूश्रीवतस्तव,सुधाशुक्ला,कुसूमगोसाईं,आशा,पूनमपांडे,सीतावर्मा,मोनिकागुप्ता,प्रीति मेहरा,पद्मागोसाईं,आंचल,शोभा,सोनिया,शालिनी,पूनम,कौशल, निधि राय,बबीता,तोशी श्रीवतास्तव,सरोज,सुनीता,सरोज उपस्थित रहीं। यह विरोध सनातन वैवाहिक संस्था के रक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की कड़ी है। डॉ उदिता त्यागी राष्ट्रीय समन्वयक महाकाली वाहिनी प्रेस रिलीज़ जय महाकाली 7अप्रैल 2026 प्रेस विज्ञप्ति चिरैया वेबसीरीज सनातनी पारिवारों का वैवाहिक जीवन बर्बाद करने का वामपंथी षड्यंत्र, क्या कोई जागरूक महिलावादी डायरेक्टर/प्रोडूसर “हलाला प्रथा” पर वेबसीरीज बनाने की हिम्मत दिखा सकता है? - डॉ उदिता त्यागी महाकाली वाहिनी के तत्वाधान में डीएम कार्यालय गाजियाबाद पर वेबसीरीज चिरैया को बैन करने के लिए किया गया विरोध प्रदर्शन वामपंथी एजेंडा से प्रेरित “चिरैया” वेबसीरीज में सनातन विवाह के संबंधों पर कुठाराघात करते हुए “मैरिटल रेप”की धारणा को सही साबित लिए ग़लत आँकड़े प्रस्तुत करके सनातनी पुरुषों के प्रति समाज में घृणा फैला कर वैवाहिक संस्था को तोड़ने की साज़िश की जा रही है। आज बड़ी संख्या में महाकाली वाहिनी की महाकालियों के द्वारा इसका विरोध डीएम कार्यालय पर किया गया। सनातन धर्म पर रोज़ाना सिनेमा में अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर वामपंथियों द्वारा प्रोपोगंडा फ़िल्म /सीरीज के माध्यम से फेक नैरेटिव चलाए जा रहे हैं। जिसका शिकार मासूम सनातनी महिलाये और बच्चियाँ हो रही हैं।इन प्रोपोगैंडा में फँस कर महिलाये अपने परिवारों को छोड़ रही हैं,नवविवाहिताएं अपने पतियों की हत्या कर रही हैं,लड़कियां लव जिहाद में फँस रही हैं। डॉ उदिता त्यागी ने बताया कि वामपंथियों द्वारा सनातनी परंपराओं पर प्रहार किया जा रहा है।समाज में मासूम बच्चियों के मन में विवाह और पति के प्रति घृणा का भाव रोपा जा रहा है। उन्होंने पूछा क्या हलाला प्रथा पर किसी वामपंथी की हिम्मत है वेबसीरीज बनाने की???क्या हलाला रेप की श्रेणी में नहीं आता???क्या सनातन धर्म इतना कमजोर हो गया है की कोई भी हमारे रीति रिवाजों पर प्रोपोगंडा चला कर हमारे बच्चों को गुमराह कर सकता है??? सीरीज में एक सनातनी परिवार के माध्यम से ये सब दिखाया गया है जिस से निर्माता/निर्देशक की दुर्भावना का पता चलता है। वाहिनी के द्वारा डीएम साहब के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को लिखे गए पत्र में ott प्लेटफार्म के लिए कड़े सेंसरशिप नियमों को बनाने की मांग की गई। फ़िल्म के प्रोडूसर, डायरेक्टर,और राइटर पर महाकाली वाहिनी के द्वारा एफ आई आर भी कविनगर थाने में करवाई गई। वेबसीरीज में सनातनी पुरुषों को राक्षसों के रूप में प्रस्तुत किया गया है और महिला पुरुष के वैवाहिक संबंधों को मैरिटल रेप की श्रेणी में लाकर कानून बनाने की बात कही गई है विरोध प्रदर्शन में उपस्थित निशि त्यागी जी,रीना त्यागी जी, सुमन उपाध्याय और गीता त्यागी जी,शिरोमणि त्यागी जी,ई े पूजा शर्मा,ज्योतित्यागी ,नीता राय ने सीरीज पर आपत्ति जताते हुए सेंसर बोर्ड से सीरीज को बैन करने की माँग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया मुख्य रूप से शैलज सिन्हा,डॉरचनाशाही,ज्योति चौधरी मंजूश्रीवतस्तव,सुधाशुक्ला,कुसूमगोसाईं,आशा,पूनमपांडे,सीतावर्मा,मोनिकागुप्ता,प्रीति मेहरा,पद्मागोसाईं,आंचल,शोभा,सोनिया,शालिनी,पूनम,कौशल, निधि राय,बबीता,तोशी श्रीवतास्तव,सरोज,सुनीता,सरोज उपस्थित रहीं। यह विरोध सनातन वैवाहिक संस्था के रक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की कड़ी है। डॉ उदिता त्यागी राष्ट्रीय समन्वयक महाकाली वाहिनी
प्रेस रिलीज़ जय महाकाली 7अप्रैल 2026 प्रेस विज्ञप्ति चिरैया वेबसीरीज सनातनी पारिवारों का वैवाहिक जीवन बर्बाद करने का वामपंथी षड्यंत्र, क्या कोई जागरूक महिलावादी डायरेक्टर/प्रोडूसर “हलाला प्रथा” पर वेबसीरीज बनाने की हिम्मत दिखा सकता है? - डॉ उदिता त्यागी महाकाली वाहिनी के तत्वाधान में डीएम कार्यालय गाजियाबाद पर वेबसीरीज चिरैया को बैन करने के लिए किया गया विरोध प्रदर्शन वामपंथी एजेंडा से प्रेरित “चिरैया” वेबसीरीज में सनातन विवाह के संबंधों पर कुठाराघात करते हुए “मैरिटल रेप”की धारणा को सही साबित लिए ग़लत आँकड़े प्रस्तुत करके सनातनी पुरुषों के प्रति समाज में घृणा फैला कर वैवाहिक संस्था को तोड़ने की साज़िश की जा रही है। आज बड़ी संख्या में महाकाली वाहिनी की महाकालियों के द्वारा इसका विरोध डीएम कार्यालय पर किया गया। सनातन धर्म पर रोज़ाना सिनेमा में अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर वामपंथियों द्वारा प्रोपोगंडा फ़िल्म /सीरीज के माध्यम से फेक नैरेटिव चलाए जा रहे हैं। जिसका शिकार मासूम सनातनी महिलाये और बच्चियाँ हो रही हैं।इन प्रोपोगैंडा में फँस कर महिलाये अपने परिवारों को छोड़ रही हैं,नवविवाहिताएं अपने पतियों की हत्या कर रही हैं,लड़कियां लव जिहाद में फँस रही हैं। डॉ उदिता त्यागी ने बताया कि वामपंथियों द्वारा सनातनी परंपराओं पर प्रहार किया जा रहा है।समाज में मासूम बच्चियों के मन में विवाह और पति के प्रति घृणा का भाव रोपा जा रहा है। उन्होंने पूछा क्या हलाला प्रथा पर
किसी वामपंथी की हिम्मत है वेबसीरीज बनाने की???क्या हलाला रेप की श्रेणी में नहीं आता???क्या सनातन धर्म इतना कमजोर हो गया है की कोई भी हमारे रीति रिवाजों पर प्रोपोगंडा चला कर हमारे बच्चों को गुमराह कर सकता है??? सीरीज में एक सनातनी परिवार के माध्यम से ये सब दिखाया गया है जिस से निर्माता/निर्देशक की दुर्भावना का पता चलता है। वाहिनी के द्वारा डीएम साहब के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को लिखे गए पत्र में ott प्लेटफार्म के लिए कड़े सेंसरशिप नियमों को बनाने की मांग की गई। फ़िल्म के प्रोडूसर, डायरेक्टर,और राइटर पर महाकाली वाहिनी के द्वारा एफ आई आर भी कविनगर थाने में करवाई गई। वेबसीरीज में सनातनी पुरुषों को राक्षसों के रूप में प्रस्तुत किया गया है और महिला पुरुष के वैवाहिक संबंधों को मैरिटल रेप की श्रेणी में लाकर कानून बनाने की बात कही गई है विरोध प्रदर्शन में उपस्थित निशि त्यागी जी,रीना त्यागी जी, सुमन उपाध्याय और गीता त्यागी जी,शिरोमणि त्यागी जी,ई े पूजा शर्मा,ज्योतित्यागी ,नीता राय ने सीरीज पर आपत्ति जताते हुए सेंसर बोर्ड से सीरीज को बैन करने की माँग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया मुख्य रूप से शैलज सिन्हा,डॉरचनाशाही,ज्योति चौधरी मंजूश्रीवतस्तव,सुधाशुक्ला,कुसूमगोसाईं,आशा,पूनमपांडे,सीतावर्मा,मोनिकागुप्ता,प्रीति मेहरा,पद्मागोसाईं,आंचल,शोभा,सोनिया,शालिनी,पूनम,कौशल, निधि राय,बबीता,तोशी श्रीवतास्तव,सरोज,सुनीता,सरोज उपस्थित रहीं। यह विरोध सनातन वैवाहिक संस्था के रक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की कड़ी है। डॉ उदिता त्यागी राष्ट्रीय समन्वयक महाकाली वाहिनी प्रेस
रिलीज़ जय महाकाली 7अप्रैल 2026 प्रेस विज्ञप्ति चिरैया वेबसीरीज सनातनी पारिवारों का वैवाहिक जीवन बर्बाद करने का वामपंथी षड्यंत्र, क्या कोई जागरूक महिलावादी डायरेक्टर/प्रोडूसर “हलाला प्रथा” पर वेबसीरीज बनाने की हिम्मत दिखा सकता है? - डॉ उदिता त्यागी महाकाली वाहिनी के तत्वाधान में डीएम कार्यालय गाजियाबाद पर वेबसीरीज चिरैया को बैन करने के लिए किया गया विरोध प्रदर्शन वामपंथी एजेंडा से प्रेरित “चिरैया” वेबसीरीज में सनातन विवाह के संबंधों पर कुठाराघात करते हुए “मैरिटल रेप”की धारणा को सही साबित लिए ग़लत आँकड़े प्रस्तुत करके सनातनी पुरुषों के प्रति समाज में घृणा फैला कर वैवाहिक संस्था को तोड़ने की साज़िश की जा रही है। आज बड़ी संख्या में महाकाली वाहिनी की महाकालियों के द्वारा इसका विरोध डीएम कार्यालय पर किया गया। सनातन धर्म पर रोज़ाना सिनेमा में अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर वामपंथियों द्वारा प्रोपोगंडा फ़िल्म /सीरीज के माध्यम से फेक नैरेटिव चलाए जा रहे हैं। जिसका शिकार मासूम सनातनी महिलाये और बच्चियाँ हो रही हैं।इन प्रोपोगैंडा में फँस कर महिलाये अपने परिवारों को छोड़ रही हैं,नवविवाहिताएं अपने पतियों की हत्या कर रही हैं,लड़कियां लव जिहाद में फँस रही हैं। डॉ उदिता त्यागी ने बताया कि वामपंथियों द्वारा सनातनी परंपराओं पर प्रहार किया जा रहा है।समाज में मासूम बच्चियों के मन में विवाह और पति के प्रति घृणा का भाव रोपा जा रहा है। उन्होंने पूछा क्या हलाला प्रथा पर किसी
वामपंथी की हिम्मत है वेबसीरीज बनाने की???क्या हलाला रेप की श्रेणी में नहीं आता???क्या सनातन धर्म इतना कमजोर हो गया है की कोई भी हमारे रीति रिवाजों पर प्रोपोगंडा चला कर हमारे बच्चों को गुमराह कर सकता है??? सीरीज में एक सनातनी परिवार के माध्यम से ये सब दिखाया गया है जिस से निर्माता/निर्देशक की दुर्भावना का पता चलता है। वाहिनी के द्वारा डीएम साहब के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को लिखे गए पत्र में ott प्लेटफार्म के लिए कड़े सेंसरशिप नियमों को बनाने की मांग की गई। फ़िल्म के प्रोडूसर, डायरेक्टर,और राइटर पर महाकाली वाहिनी के द्वारा एफ आई आर भी कविनगर थाने में करवाई गई। वेबसीरीज में सनातनी पुरुषों को राक्षसों के रूप में प्रस्तुत किया गया है और महिला पुरुष के वैवाहिक संबंधों को मैरिटल रेप की श्रेणी में लाकर कानून बनाने की बात कही गई है विरोध प्रदर्शन में उपस्थित निशि त्यागी जी,रीना त्यागी जी, सुमन उपाध्याय और गीता त्यागी जी,शिरोमणि त्यागी जी,ई े पूजा शर्मा,ज्योतित्यागी ,नीता राय ने सीरीज पर आपत्ति जताते हुए सेंसर बोर्ड से सीरीज को बैन करने की माँग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया मुख्य रूप से शैलज सिन्हा,डॉरचनाशाही,ज्योति चौधरी मंजूश्रीवतस्तव,सुधाशुक्ला,कुसूमगोसाईं,आशा,पूनमपांडे,सीतावर्मा,मोनिकागुप्ता,प्रीति मेहरा,पद्मागोसाईं,आंचल,शोभा,सोनिया,शालिनी,पूनम,कौशल, निधि राय,बबीता,तोशी श्रीवतास्तव,सरोज,सुनीता,सरोज उपस्थित रहीं। यह विरोध सनातन वैवाहिक संस्था के रक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की कड़ी है। डॉ उदिता त्यागी राष्ट्रीय समन्वयक महाकाली वाहिनी
- “कर्मशील व्यक्ति के लिए हर युग सतयुग”-आचार्य मनीष कौशिक -बारिश में भी भक्त करते रहे हरिनाम संकीर्तन जहांगीराबाद। श्री राम रसायन सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर प्रख्यात कथावाचक आचार्य मनीष कौशिक ने कहा कि “कलयुग निष्क्रिय लोगों के लिए है, जबकि जो व्यक्ति किसी कार्य के लिए संकल्प ले लेता है, वह द्वापर में जी रहा होता है। जैसे ही वह कार्य के लिए तत्पर होकर आगे बढ़ता है, वह त्रेतायुग में प्रवेश कर जाता है और जब वह कार्य को आरंभ कर देता है, तो वह सतयुग का अनुभव करता है।” उन्होंने कहा कि युगों का परिवर्तन केवल समय का विषय नहीं, बल्कि व्यक्ति की चेतना, संकल्प और कर्मशीलता पर निर्भर करता है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन को श्रेष्ठ कर्मों और पुण्य कार्यों में निरंतर लगाना चाहिए। ब्रज लीलाओं में बाल लीलाओं का विशेष महत्व है, जो मानव जीवन को प्रेम, सरलता और भक्ति का संदेश देती हैं। उन्होंने आगे कहा कि भगवान की गोवर्धन लीला और कालिया नाग दमन जैसी लीलाएँ केवल चमत्कार नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक और सामाजिक संकेत देती हैं। इन लीलाओं के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। ब्रज की लीलाएँ केवल कथा नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण का माध्यम हैं। कथा के बीच मे ही मौसम बिगड़ने के साथ साथ तेज बारिश शुरू हो गई। लेकिन बारिश में भी भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन जारी रखा। कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर हरि नाम संकीर्तन किया और धर्म, सेवा तथा सत्कर्मों में निरंतर जुड़े रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा से पूर्व आचार्य मनीष कौशिक व आचार्य संजीव शास्त्री ने समाजसेविका पूनम बंसल के आवास पर जाकर उन्हें राम रसायन सेवा संस्थान का आजीवन सदस्यता पत्र भी दिया।4
- Post by Good Morning1
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1
- संवाददाता रेनू पुरी की रिपोर्ट3
- Post by राष्ट्रीय स्वयं सेवक1
- लेबनान में IDF का बड़ा प्रहार: हिज़्बुल्लाह पर सीधा वार! लेबनान बॉर्डर पर हालात एक बार फिर भड़क गए हैं। देर शाम IDF ने हिज़्बुल्लाह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई और ड्रोन स्ट्राइक कीं। टारगेट—वे सेंटर, जहां से हाल के दिनों में रॉकेट लॉन्च होने की आशंका थी। हमले के वीडियो में देखा गया कि IDF ने मिलिटेंट्स की मूवमेंट, हथियारों के स्टोरेज पॉइंट और कमांड यूनिट्स को सटीक निशाना बनाया। धमाकों की आवाज़ दूर-दूर तक गूँजी और आसमान में धुएँ के गुबार छा गए। अब बड़ा सवाल—अगला नतीजा क्या होगा? सीमावर्ती इलाकों में तनाव और बढ़ सकता है दोनों तरफ से जवाबी हमले तेज़ होने की संभावना क्षेत्रीय युद्ध का खतरा फिर सिर उठा रहा है परिस्थिति बेहद संवेदनशील… और आने वाले 24 घंटे निर्णायक साबित हो सकते हैं।1
- बुलंदशहर ब्रेकिंग इस वक्त की बड़ी खबर बुलंदशहर के खुर्जा नगर क्षेत्र में 500 वर्षों पुराना शीतला माता के मंदिर में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति लगाने पर लोगों में आक्रोश। बिना शासन के अनुमति के दबंगों ने लगा दी मंदिर परिसर में रातों-रात अम्बेडकर की मूर्ति लोगो में आक्रोश । किला मेवई मे ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर में कथित तौर पर रातों-रात बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने से गांव में फैली सनसनी । शहर का माहौल खराब करने की नियत से लगाई गई मूर्ति । मंदिर के 78 वर्षीय नरेश पाल सिंह पुजारी ने कुछ ग्रामीणों पर जमीन कब्जाने की नियत से मूर्ति लगाने और विरोध करने पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए SPRA , SDM, CO और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद है। गांव में पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है। प्रशासन शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और मामले की जांच जारी है। मंदिर कमेटी और स्थानीय लोग घटना का विरोध कर रहे हैं प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई की बात कह रहा है। पूर्व में भी मंदिर की 20 हजार ईटों से जबरन रास्ता बनाने का भी लगाया आरोप। बुलंदशहर के खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम किला मेवई का मामला। बाइट - नरेश पाल सिंह मंदिर के पुजारी बाइट - मनीष पुजारी मंदिर कमेटी सदस्य रिपोर्ट मोहम्मद इरफान बुलंदशहर1
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1