“कर्मशील व्यक्ति के लिए हर युग सतयुग”-आचार्य मनीष कौशिक -बारिश में भी भक्त करते रहे हरिनाम संकीर्तन “कर्मशील व्यक्ति के लिए हर युग सतयुग”-आचार्य मनीष कौशिक -बारिश में भी भक्त करते रहे हरिनाम संकीर्तन जहांगीराबाद। श्री राम रसायन सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर प्रख्यात कथावाचक आचार्य मनीष कौशिक ने कहा कि “कलयुग निष्क्रिय लोगों के लिए है, जबकि जो व्यक्ति किसी कार्य के लिए संकल्प ले लेता है, वह द्वापर में जी रहा होता है। जैसे ही वह कार्य के लिए तत्पर होकर आगे बढ़ता है, वह त्रेतायुग में प्रवेश कर जाता है और जब वह कार्य को आरंभ कर देता है, तो वह सतयुग का अनुभव करता है।” उन्होंने कहा कि युगों का परिवर्तन केवल समय का विषय नहीं, बल्कि व्यक्ति की चेतना, संकल्प और कर्मशीलता पर निर्भर करता है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन को श्रेष्ठ कर्मों और पुण्य कार्यों में निरंतर लगाना चाहिए। ब्रज लीलाओं में बाल लीलाओं का विशेष महत्व है, जो मानव जीवन को प्रेम, सरलता और भक्ति का संदेश देती हैं। उन्होंने आगे कहा कि भगवान की गोवर्धन लीला और कालिया नाग दमन जैसी लीलाएँ केवल चमत्कार नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक और सामाजिक संकेत देती हैं। इन लीलाओं के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। ब्रज की लीलाएँ केवल कथा नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण का माध्यम हैं। कथा के बीच मे ही मौसम बिगड़ने के साथ साथ तेज बारिश शुरू हो गई। लेकिन बारिश में भी भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन जारी रखा। कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर हरि नाम संकीर्तन किया और धर्म, सेवा तथा सत्कर्मों में निरंतर जुड़े रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा से पूर्व आचार्य मनीष कौशिक व आचार्य संजीव शास्त्री ने समाजसेविका पूनम बंसल के आवास पर जाकर उन्हें राम रसायन सेवा संस्थान का आजीवन सदस्यता पत्र भी दिया।
“कर्मशील व्यक्ति के लिए हर युग सतयुग”-आचार्य मनीष कौशिक -बारिश में भी भक्त करते रहे हरिनाम संकीर्तन “कर्मशील व्यक्ति के लिए हर युग सतयुग”-आचार्य मनीष कौशिक -बारिश में भी भक्त करते रहे हरिनाम संकीर्तन जहांगीराबाद। श्री राम रसायन सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर प्रख्यात कथावाचक आचार्य मनीष कौशिक ने कहा कि “कलयुग निष्क्रिय लोगों के लिए है, जबकि जो व्यक्ति किसी कार्य के लिए संकल्प ले लेता है, वह द्वापर में जी रहा होता है। जैसे
ही वह कार्य के लिए तत्पर होकर आगे बढ़ता है, वह त्रेतायुग में प्रवेश कर जाता है और जब वह कार्य को आरंभ कर देता है, तो वह सतयुग का अनुभव करता है।” उन्होंने कहा कि युगों का परिवर्तन केवल समय का विषय नहीं, बल्कि व्यक्ति की चेतना, संकल्प और कर्मशीलता पर निर्भर करता है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन को श्रेष्ठ कर्मों और पुण्य कार्यों में निरंतर लगाना चाहिए। ब्रज लीलाओं में बाल लीलाओं का विशेष महत्व है,
जो मानव जीवन को प्रेम, सरलता और भक्ति का संदेश देती हैं। उन्होंने आगे कहा कि भगवान की गोवर्धन लीला और कालिया नाग दमन जैसी लीलाएँ केवल चमत्कार नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक और सामाजिक संकेत देती हैं। इन लीलाओं के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। ब्रज की लीलाएँ केवल कथा नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण का माध्यम हैं। कथा के बीच मे ही मौसम बिगड़ने के साथ साथ तेज बारिश शुरू हो
गई। लेकिन बारिश में भी भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन जारी रखा। कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर हरि नाम संकीर्तन किया और धर्म, सेवा तथा सत्कर्मों में निरंतर जुड़े रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा से पूर्व आचार्य मनीष कौशिक व आचार्य संजीव शास्त्री ने समाजसेविका पूनम बंसल के आवास पर जाकर उन्हें राम रसायन सेवा संस्थान का आजीवन सदस्यता पत्र भी दिया।
- “कर्मशील व्यक्ति के लिए हर युग सतयुग”-आचार्य मनीष कौशिक -बारिश में भी भक्त करते रहे हरिनाम संकीर्तन जहांगीराबाद। श्री राम रसायन सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर प्रख्यात कथावाचक आचार्य मनीष कौशिक ने कहा कि “कलयुग निष्क्रिय लोगों के लिए है, जबकि जो व्यक्ति किसी कार्य के लिए संकल्प ले लेता है, वह द्वापर में जी रहा होता है। जैसे ही वह कार्य के लिए तत्पर होकर आगे बढ़ता है, वह त्रेतायुग में प्रवेश कर जाता है और जब वह कार्य को आरंभ कर देता है, तो वह सतयुग का अनुभव करता है।” उन्होंने कहा कि युगों का परिवर्तन केवल समय का विषय नहीं, बल्कि व्यक्ति की चेतना, संकल्प और कर्मशीलता पर निर्भर करता है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन को श्रेष्ठ कर्मों और पुण्य कार्यों में निरंतर लगाना चाहिए। ब्रज लीलाओं में बाल लीलाओं का विशेष महत्व है, जो मानव जीवन को प्रेम, सरलता और भक्ति का संदेश देती हैं। उन्होंने आगे कहा कि भगवान की गोवर्धन लीला और कालिया नाग दमन जैसी लीलाएँ केवल चमत्कार नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक और सामाजिक संकेत देती हैं। इन लीलाओं के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। ब्रज की लीलाएँ केवल कथा नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण का माध्यम हैं। कथा के बीच मे ही मौसम बिगड़ने के साथ साथ तेज बारिश शुरू हो गई। लेकिन बारिश में भी भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन जारी रखा। कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर हरि नाम संकीर्तन किया और धर्म, सेवा तथा सत्कर्मों में निरंतर जुड़े रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा से पूर्व आचार्य मनीष कौशिक व आचार्य संजीव शास्त्री ने समाजसेविका पूनम बंसल के आवास पर जाकर उन्हें राम रसायन सेवा संस्थान का आजीवन सदस्यता पत्र भी दिया।4
- Post by Good Morning1
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1
- संवाददाता रेनू पुरी की रिपोर्ट3
- Post by फरमान इदरीसी1
- Post by राष्ट्रीय स्वयं सेवक1
- लेबनान में IDF का बड़ा प्रहार: हिज़्बुल्लाह पर सीधा वार! लेबनान बॉर्डर पर हालात एक बार फिर भड़क गए हैं। देर शाम IDF ने हिज़्बुल्लाह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई और ड्रोन स्ट्राइक कीं। टारगेट—वे सेंटर, जहां से हाल के दिनों में रॉकेट लॉन्च होने की आशंका थी। हमले के वीडियो में देखा गया कि IDF ने मिलिटेंट्स की मूवमेंट, हथियारों के स्टोरेज पॉइंट और कमांड यूनिट्स को सटीक निशाना बनाया। धमाकों की आवाज़ दूर-दूर तक गूँजी और आसमान में धुएँ के गुबार छा गए। अब बड़ा सवाल—अगला नतीजा क्या होगा? सीमावर्ती इलाकों में तनाव और बढ़ सकता है दोनों तरफ से जवाबी हमले तेज़ होने की संभावना क्षेत्रीय युद्ध का खतरा फिर सिर उठा रहा है परिस्थिति बेहद संवेदनशील… और आने वाले 24 घंटे निर्णायक साबित हो सकते हैं।1
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1