Shuru
Apke Nagar Ki App…
आज, 22 जून 2026 को सुबह लगभग 10:00 बजे बलिया के भीमपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम गौरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और जाँच में पाया कि अम्बेडकर प्रतिमा की उंगली टूटी हुई थी। स्थानीय ग्रामवासियों और समिति के सदस्यों से बातचीत के बाद पुलिस ने तत्काल प्रतिमा की मरम्मत करवा दी है। इस मामले में थानाध्यक्ष भीमपुरा को दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर अभियोग पंजीकृत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मौके पर कानून-व्यवस्था संबंधी कोई समस्या नहीं है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी रसड़ा रजनीश कुमार ने जानकारी देते हुए एक वीडियो बाइट भी दी है।
गंगा 24 ख़बर
आज, 22 जून 2026 को सुबह लगभग 10:00 बजे बलिया के भीमपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम गौरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और जाँच में पाया कि अम्बेडकर प्रतिमा की उंगली टूटी हुई थी। स्थानीय ग्रामवासियों और समिति के सदस्यों से बातचीत के बाद पुलिस ने तत्काल प्रतिमा की मरम्मत करवा दी है। इस मामले में थानाध्यक्ष भीमपुरा को दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर अभियोग पंजीकृत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मौके पर कानून-व्यवस्था संबंधी कोई समस्या नहीं है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी रसड़ा रजनीश कुमार ने जानकारी देते हुए एक वीडियो बाइट भी दी है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बलिया में एक सड़क दुर्घटना में एसडीएम बैरिया धर्मेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी सरकारी गाड़ी और एक पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में एसडीएम के साथ-साथ उनके वाहन के ड्राइवर और एक सुरक्षाकर्मी को भी चोटें आई हैं। यह दुर्घटना उस समय हुई जब एसडीएम बलिया से बैरिया तहसील जा रहे थे। पुलिस की मदद से सभी घायल व्यक्तियों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनका इलाज किया जा रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टर करण सिंह चौहान ने इस संबंध में एक बाइट भी दी है।1
- बलिया के थाना चितबड़ागांव परिसर में हाल ही में जीर्णोद्धारित 'मिशन शक्ति' केंद्र और पुलिस सहायता केंद्र के नवनिर्मित द्वितीय तल का उद्घाटन किया गया है। इस अवसर पर बलिया के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री ओमवीर सिंह ने स्वयं केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया। पुलिस विभाग ने बताया है कि इस महत्वपूर्ण पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और उनके सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। विभाग का कहना है कि इस केंद्र के माध्यम से आम जनता, विशेषकर महिलाओं को, बेहतर सहायता और आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की मधुबन तहसील और मधुबन थाना क्षेत्र में मौसम अत्यंत सुंदर बना हुआ है। यह खुशनुमा मौसम फसलों के लिए बेहद शुभ और अच्छा बताया जा रहा है। इस सुंदर मौसम से क्षेत्र की जनता को भी भारी राहत मिली है।1
- यह पोस्ट "सम्राट चौधरी जी" और उनकी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाती है, जिसमें भरत भूषण तिवारी जैसे युवाओं को गोली मारने और गैंगरेप के दोषियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज न करने का दावा किया गया है। इसका मुख्य उदाहरण बेगूसराय की एक महिला का मामला है, जिसे दो-दो बार गैंगरेप का शिकार बनाया गया। पोस्ट में बताया गया है कि पीड़िता के प्राइवेट पार्ट से गोली, पत्थर और लकड़ी के टुकड़े निकाले गए, फिर भी इतनी बड़ी घटना के महीनों बाद भी कई अभियुक्त आज तक फरार हैं। इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि ऐसे मामलों में "सम्राट चौधरी की पुलिस को क्या हो जाता है?" इस गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए, जन सुराज के नेताओं ने आज पीड़ित परिवार से मुलाकात की। जन सुराज ने दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होने तक वे इस लड़ाई को मजबूती से लड़ते रहेंगे। यह पोस्ट पीड़िता के पति और जन सुराज के नेताओं से हुई बातचीत को सुनने और इस पर विचार करने का आह्वान करती है कि "बिहार कहां जा रहा है?"1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में जमीन कब्जा से जुड़े एक मामले पर घोसी से सांसद राजीव राय का पहला बयान सामने आया है।1
- जल दिवस के अवसर पर देवरिया जिला कलेक्ट्रेट परिसर में पानी को राष्ट्रीय पेय घोषित करने की मांग को लेकर एक प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन नदी, झील, चेकडैम, तालाब, बावड़ी, जोहड़ और कुआं जैसे जलस्रोतों के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने, जीव-जन्तु एवं वनस्पतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जलदोहन व जलप्रदूषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि पानी को राष्ट्रीय पेय घोषित करने से भारत को विश्व स्तर पर एक ऐतिहासिक सफलता मिलेगी, क्योंकि दुनिया के किसी भी देश ने सादे पानी को अपना राष्ट्रीय पेय नहीं बनाया है। उनका मानना है कि भारत ऐसा करके अन्य देशों को एक नया रास्ता दिखा सकता है। इस घोषणा से जलदोहन और जलप्रदूषण पर प्रभावी ढंग से रोक लगेगी, जिससे जल संकट की भयावह स्थिति से बचा जा सकेगा। 'पानी बचाओ महासंघ' ने सरकार से मांग की है कि एक महीने के भीतर पानी को राष्ट्रीय पेय घोषित किया जाए। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे राष्ट्र निर्माण और जनहित में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जल संरक्षण हेतु धरना, प्रदर्शन, अनशन और जनजागरण अभियान चलाने को मजबूर होंगे।1
- देवरिया जिले में मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी से तत्काल राहत मिली है। इस बदलाव से उन्हें सुकून महसूस हुआ है।1
- देवरिया के कपरवार में रामलीला मैदान को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इस मामले में, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता विश्राम मणि ने गंभीर चेतावनी दी है कि यदि 30 तारीख तक रामलीला मैदान को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वह अगले दिन, यानी पहली तारीख को, वहीं आत्मदाह कर लेंगे। इसी के साथ, राष्ट्रीय जन संग्रह पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा उर्फ संतोष बाबा ने भी घोषणा की है कि अगर इस महीने की 30 तारीख तक रामलीला मैदान से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वह भी उनके साथ आत्मदाह करेंगे।1
- भारत में समोसा सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, जो सुबह की चाय से लेकर शाम की हल्की भूख तक हर मौके पर पसंद किया जाता है। हालांकि, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने समोसा खाने वाले लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग हैरान हैं, तो कईयों ने बाहर के खाने की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता ज़ाहिर की है। वायरल वीडियो में एक शख्स बड़ी मात्रा में रखे समोसों पर ब्रश की मदद से रंग लगाता नज़र आ रहा है। वीडियो में साफ़ दिखाई देता है कि उसके पास समोसों का ढेर है और वह उन पर किसी तरह का रंग लगा रहा है। दावा किया जा रहा है कि समोसों को ज़्यादा आकर्षक और चमकदार दिखाने के लिए उन पर आर्टिफिशियल या केमिकल रंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो में इस्तेमाल किया गया पदार्थ वास्तव में केमिकल रंग ही है या नहीं, लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर खाने की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। यह वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है, जिस पर लोग अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि आजकल बाहर का खाना पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है और पैसा कमाने के लिए लोग ग्राहकों की सेहत से कोई मतलब नहीं रखते। लोगों ने यह भी कहा कि अगर वीडियो में किया जा रहा दावा सच है, तो यह लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। कई यूज़र्स ने प्रशासन और खाद्य विभाग से इस मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।1