भारत में समोसा सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, जो सुबह की चाय से लेकर शाम की हल्की भूख तक हर मौके पर पसंद किया जाता है। हालांकि, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने समोसा खाने वाले लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग हैरान हैं, तो कईयों ने बाहर के खाने की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता ज़ाहिर की है। वायरल वीडियो में एक शख्स बड़ी मात्रा में रखे समोसों पर ब्रश की मदद से रंग लगाता नज़र आ रहा है। वीडियो में साफ़ दिखाई देता है कि उसके पास समोसों का ढेर है और वह उन पर किसी तरह का रंग लगा रहा है। दावा किया जा रहा है कि समोसों को ज़्यादा आकर्षक और चमकदार दिखाने के लिए उन पर आर्टिफिशियल या केमिकल रंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो में इस्तेमाल किया गया पदार्थ वास्तव में केमिकल रंग ही है या नहीं, लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर खाने की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। यह वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है, जिस पर लोग अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि आजकल बाहर का खाना पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है और पैसा कमाने के लिए लोग ग्राहकों की सेहत से कोई मतलब नहीं रखते। लोगों ने यह भी कहा कि अगर वीडियो में किया जा रहा दावा सच है, तो यह लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। कई यूज़र्स ने प्रशासन और खाद्य विभाग से इस मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
भारत में समोसा सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, जो सुबह की चाय से लेकर शाम की हल्की भूख तक हर मौके पर पसंद किया जाता है। हालांकि, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने समोसा खाने वाले लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग हैरान हैं, तो कईयों ने बाहर के खाने की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता ज़ाहिर की है। वायरल वीडियो में एक शख्स बड़ी मात्रा में रखे समोसों पर ब्रश की मदद से रंग लगाता नज़र आ रहा है। वीडियो में साफ़ दिखाई देता है कि उसके पास समोसों का ढेर है और वह उन पर किसी तरह का रंग लगा रहा है। दावा किया जा रहा है कि समोसों को ज़्यादा आकर्षक और चमकदार दिखाने के लिए उन पर आर्टिफिशियल या केमिकल रंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो में इस्तेमाल किया गया पदार्थ वास्तव में केमिकल रंग ही है या नहीं, लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर खाने की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। यह वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है, जिस पर लोग अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि आजकल बाहर का खाना पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है और पैसा कमाने के लिए लोग ग्राहकों की सेहत से कोई मतलब नहीं रखते। लोगों ने यह भी कहा कि अगर वीडियो में किया जा रहा दावा सच है, तो यह लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। कई यूज़र्स ने प्रशासन और खाद्य विभाग से इस मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
- देवरिया जिले में मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी से तत्काल राहत मिली है। इस बदलाव से उन्हें सुकून महसूस हुआ है।1
- देवरिया के कपरवार में रामलीला मैदान को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इस मामले में, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता विश्राम मणि ने गंभीर चेतावनी दी है कि यदि 30 तारीख तक रामलीला मैदान को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वह अगले दिन, यानी पहली तारीख को, वहीं आत्मदाह कर लेंगे। इसी के साथ, राष्ट्रीय जन संग्रह पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा उर्फ संतोष बाबा ने भी घोषणा की है कि अगर इस महीने की 30 तारीख तक रामलीला मैदान से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वह भी उनके साथ आत्मदाह करेंगे।1
- भारत में समोसा सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, जो सुबह की चाय से लेकर शाम की हल्की भूख तक हर मौके पर पसंद किया जाता है। हालांकि, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने समोसा खाने वाले लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग हैरान हैं, तो कईयों ने बाहर के खाने की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता ज़ाहिर की है। वायरल वीडियो में एक शख्स बड़ी मात्रा में रखे समोसों पर ब्रश की मदद से रंग लगाता नज़र आ रहा है। वीडियो में साफ़ दिखाई देता है कि उसके पास समोसों का ढेर है और वह उन पर किसी तरह का रंग लगा रहा है। दावा किया जा रहा है कि समोसों को ज़्यादा आकर्षक और चमकदार दिखाने के लिए उन पर आर्टिफिशियल या केमिकल रंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो में इस्तेमाल किया गया पदार्थ वास्तव में केमिकल रंग ही है या नहीं, लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर खाने की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। यह वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है, जिस पर लोग अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि आजकल बाहर का खाना पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है और पैसा कमाने के लिए लोग ग्राहकों की सेहत से कोई मतलब नहीं रखते। लोगों ने यह भी कहा कि अगर वीडियो में किया जा रहा दावा सच है, तो यह लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। कई यूज़र्स ने प्रशासन और खाद्य विभाग से इस मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।1
- देवरिया नगर के सुभाष चौक पर युवा गांधीवादियों ने 'न्याय सत्याग्रह' शुरू किया है, जिसमें गल्फ ऑफ ओमान में अमेरिकी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले स्थानीय निवासी स्वर्गीय शिवानंद चौरसिया के परिवार के लिए न्याय की मांग की जा रही है। इस श्रद्धांजलि सभा और सत्याग्रह में बड़ी संख्या में गांधीवादी कार्यकर्ता, युवा और नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने स्वर्गीय शिवानंद चौरसिया को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा को संबोधित करते हुए रजत सिंह ने शिवानंद चौरसिया की मृत्यु को केवल एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पूरे देश की क्षति बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश में कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले एक भारतीय नौजवान की इस दुखद मृत्यु के बाद भी सरकार और प्रशासन द्वारा परिवार को अपेक्षित सहायता एवं सम्मान सुनिश्चित नहीं किया गया है। उपस्थित सभी गांधीवादियों ने एक स्वर में घोषणा की कि जब तक परिवार की चार प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह 'न्याय सत्याग्रह' जारी रहेगा। इन मांगों में शिवानंद को शहीद का दर्जा देना, परिवार के लिए सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और बच्चों की शिक्षा की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। वक्ताओं ने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल इन मांगों पर निर्णय लेने का आग्रह किया, ताकि पीड़ित परिवार को सम्मानजनक सहायता और न्याय मिल सके। इस सत्याग्रह में रजत सिंह, सूफी सलीम, अशोक कुशवाहा, सतीश, शम्स, प्रियेश, नीरज, उत्तेज नारायण, मिर्ज़ा खुर्शीद अहमद (शहर अध्यक्ष) और अशोक मालवीय जैसे प्रमुख व्यक्ति शामिल थे।2
- देवरिया में आगामी मोहर्रम पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में, देवरिया के पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने थाना सलेमपुर क्षेत्र में भारी पुलिस बल के साथ एक फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक ने कस्बा मझौलीराज में ताजिया जुलूस के लिए चिन्हित किए गए मार्गों, ताजिया रखने के स्थानों और कर्बला स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं और किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। फ्लैग मार्च में क्षेत्राधिकारी सलेमपुर गौरव कुमार सिंह सहित थाना सलेमपुर का पुलिस बल मौजूद रहा।1
- देवरिया जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बनकटा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन से 11 गोवंशीय पशुओं को बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश अभी जारी है। यह कार्रवाई शनिवार को पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी मनोज कुमार के पर्यवेक्षण में की गई। थाना क्षेत्र के पंचरुखिया-मठिया मार्ग स्थित ग्राम सोठाचक के पास चेकिंग के दौरान महिंद्रा बोलेरो पिकअप (नंबर- UP61T8320) को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 11 गोवंशीय पशु लदे पाए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आजमगढ़ जनपद के खरगीपुर गोडहरा थाना बरदह निवासी वाहिद पुत्र फिरोज अहमद और फत्तेपुर थाना रौनापार निवासी अवधेश कुमार पुत्र स्वर्गीय घुरहू के रूप में हुई है। पूछताछ में आजमगढ़ जनपद के हसनाडीह थाना अहिरौला निवासी आसिफ अंसारी का नाम भी सामने आया है, जिसकी तलाश की जा रही है। इस संबंध में थाना बनकटा पर मुकदमा संख्या 155/2025 के तहत उत्तर प्रदेश गो-हत्या निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न जनपदों में गो-तस्करी, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मौर्य, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार और थाना बनकटा के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।2
- देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में रविवार को आए तेज आंधी-तूफान के कारण सिरसिया स्थित देवरिया-कसया मुख्य मार्ग सहित बलियांव, सारंगपुर और आसपास के कई स्थानों पर पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही थाना रामपुर कारखाना पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया। थानाध्यक्ष अश्वनी प्रधान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सड़क पर गिरे पेड़ों को हटवाया। इस दौरान उपनिरीक्षक अभिषेक यादव, इंद्रजीत, विनय, पीयूष यादव, छाया और दीक्षा ने यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करते हुए मार्ग को जल्द से जल्द आवागमन के लिए सुचारु कराया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते कुछ ही समय में सड़क से अवरोध हट गया, जिससे यात्रियों तथा स्थानीय लोगों को राहत मिली। इस घटना को आंधी-तूफान जैसी विषम परिस्थितियों में भी पुलिस की सक्रियता और जनसहयोग का बेहतर उदाहरण बताया गया। जनपद पुलिस ने एक बार फिर यह साबित किया कि आपदा और आपात स्थिति में जनता की सुरक्षा एवं सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और पुलिस तथा स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से यातायात व्यवस्था शीघ्र सामान्य हो सकी।1