लखीमपुर खीरी के थाना पढ़ुआ क्षेत्र में टहारा से रायपुर तक सड़क निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी न देने और ठेकेदार की दबंगई का मामला सामने आया है। पीड़ित मजदूरों का आरोप है कि लगभग 25 मजदूरों ने सड़क बनाने का काम किया था, जिनका करीब 4 लाख रुपये बकाया है। जब मजदूरों ने पैसे मांगे तो ठेकेदार ने फोन नंबर ब्लॉक कर दिया, मजदूरी देने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि दुर्गेश नामक व्यक्ति ने मजदूरों को गंदी-गंदी गालियां दीं और उन्हें जेसीबी के नीचे रौंदने की धमकी भी दी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट का प्रयास भी किया गया। इसके बाद परेशान मजदूरों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही जेसीबी (वाहन संख्या UP 43 AT 2506) को लाकर पुलिस के हवाले कर दिया और थाना पढ़ुआ में लिखित शिकायती पत्र सौंपा। शिकायत देने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने पर मजदूरों में आक्रोश है और उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "योगी सरकार में ठेकेदार मालामाल मजदूर हो गए कंगाल, वाह रे वाह योगी सरकार।" पीड़ितों ने थाना प्रभारी मोहित पुंडीर से न्याय की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मजदूरी नहीं दिलवाई जाती तब तक जेसीबी न छोड़ी जाए, अन्यथा वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएंगे।
लखीमपुर खीरी के थाना पढ़ुआ क्षेत्र में टहारा से रायपुर तक सड़क निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी न देने और ठेकेदार की दबंगई का मामला सामने आया है। पीड़ित मजदूरों का आरोप है कि लगभग 25 मजदूरों ने सड़क बनाने का काम किया था, जिनका करीब 4 लाख रुपये बकाया है। जब मजदूरों ने पैसे मांगे तो ठेकेदार ने फोन नंबर ब्लॉक कर दिया, मजदूरी देने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि दुर्गेश नामक व्यक्ति ने मजदूरों को गंदी-गंदी गालियां दीं और उन्हें जेसीबी के नीचे रौंदने की धमकी भी दी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट का प्रयास भी किया गया। इसके बाद परेशान मजदूरों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही जेसीबी (वाहन संख्या UP 43 AT 2506) को लाकर पुलिस के हवाले कर दिया और थाना पढ़ुआ में लिखित शिकायती पत्र सौंपा। शिकायत देने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने पर मजदूरों में आक्रोश है और उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "योगी सरकार में ठेकेदार मालामाल मजदूर हो गए कंगाल, वाह रे वाह योगी सरकार।" पीड़ितों ने थाना प्रभारी मोहित पुंडीर से न्याय की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मजदूरी नहीं दिलवाई जाती तब तक जेसीबी न छोड़ी जाए, अन्यथा वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएंगे।
- लखीमपुर खीरी के थाना पढ़ुआ क्षेत्र में टहारा से रायपुर तक सड़क निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी न देने और ठेकेदार की दबंगई का मामला सामने आया है। पीड़ित मजदूरों का आरोप है कि लगभग 25 मजदूरों ने सड़क बनाने का काम किया था, जिनका करीब 4 लाख रुपये बकाया है। जब मजदूरों ने पैसे मांगे तो ठेकेदार ने फोन नंबर ब्लॉक कर दिया, मजदूरी देने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि दुर्गेश नामक व्यक्ति ने मजदूरों को गंदी-गंदी गालियां दीं और उन्हें जेसीबी के नीचे रौंदने की धमकी भी दी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट का प्रयास भी किया गया। इसके बाद परेशान मजदूरों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही जेसीबी (वाहन संख्या UP 43 AT 2506) को लाकर पुलिस के हवाले कर दिया और थाना पढ़ुआ में लिखित शिकायती पत्र सौंपा। शिकायत देने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने पर मजदूरों में आक्रोश है और उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "योगी सरकार में ठेकेदार मालामाल मजदूर हो गए कंगाल, वाह रे वाह योगी सरकार।" पीड़ितों ने थाना प्रभारी मोहित पुंडीर से न्याय की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मजदूरी नहीं दिलवाई जाती तब तक जेसीबी न छोड़ी जाए, अन्यथा वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएंगे।1
- लखीमपुर खीरी में नीट परीक्षा से जुड़े कथित तनाव और देशभर में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के विरोध में शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने शहर अध्यक्ष रियाज़ अहमद 'मोनू' के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए और सभी ने दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष मोनिस अली नक़वी, देवेंद्र सिंह, शहर उपाध्यक्ष अजय मिश्रा और शहर सोशल मीडिया प्रभारी कैफ अंसारी सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान शहर अध्यक्ष रियाज़ अहमद 'मोनू' ने मांग की कि नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद कथित रूप से आत्महत्या करने वाले 20 छात्रों के मामलों में जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा प्रत्येक मृतक छात्र के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई। इसके साथ ही, कांग्रेस नेताओं ने जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि घटना के समय सादी वर्दी में मौजूद जिन लोगों पर छात्रों से मारपीट का आरोप है, उनकी पहचान कर स्वतंत्र जांच की जाए और आरोप सही मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं में खुशी का माहौल देखने को मिला। जंतर-मंतर पर मौजूद कई छात्रों ने एक-दूसरे को बधाई दी और इस घटनाक्रम को अपने आंदोलन की बड़ी सफलता करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर जमकर नारेबाजी की और कहा कि अपनी मांगों को लेकर वे जो आंदोलन चला रहे थे, वह आखिरकार रंग लाया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर छात्रों के बीच जश्न का माहौल बना रहा, वहीं स्थिति को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई।1
- लखीमपुर खीरी के रामापुर स्थित पंचायत भवन के पीछे पानी की पाइप एक बार फिर से फट गई है और लगातार पानी बह रहा है। पाइप फटने की वजह से हो रहे पानी के बहाव को रोकने के लिए इसे जल्द से जल्द ठीक करवाने की मांग की गई है।1
- पलिया क्षेत्र के ग्राम पूरनपुरवा खल्ला से दो स्कूली छात्र रहस्यमय ढंग से लापता हो गए हैं, जिससे परिजनों में हड़कंप मचा हुआ है। लापता बच्चों में गांव के जसवन्त गुप्ता का 12 वर्षीय पुत्र सुधीर (कक्षा सात का छात्र) और पूरनमासी का 13 वर्षीय पुत्र अमन (कक्षा आठ का छात्र) शामिल हैं। दोनों छात्र ग्राम गजरौरा पटिहन स्थित पंडित श्री राजेश्वर प्रसाद मिश्रा बाल विद्या मंदिर में पढ़ते हैं। परिजनों के अनुसार, शनिवार 25 जुलाई को दोनों बच्चे रोजाना की तरह स्कूल से घर लौटे थे। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे दोनों घर से निकले, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वापस नहीं आए। परिजनों ने जब खोजबीन शुरू की तो पता चला कि दोनों बच्चे पटिहन से राजू के ई-रिक्शा पर बैठकर पलिया गए थे। ई-रिक्शा चालक के पूछने पर बच्चों ने जानकारी दी थी कि वे मैलानी स्थित अपनी मौसी के घर जा रहे हैं। इसके बाद से ही दोनों बच्चों का कुछ पता नहीं चल पाया है। परिजनों ने रिश्तेदारों और अन्य संभावित स्थानों पर काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। परेशान होकर पीड़ित परिजनों ने पलिया कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी है और दोनों बच्चों की शीघ्र तलाश कर उन्हें सकुशल बरामद करने की मांग की है।2
- पलिया नगर स्थित एक फर्नीचर की दुकान पर काम करते समय एक मजदूर लकड़ी कटर मशीन की चपेट में आ गया, जिससे उसके दाहिने हाथ की उंगली कट गई। इस हादसे के तुरंत बाद दुकान पर अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। घायल की पहचान आदिल के रूप में हुई है, जो पीलीभीत जनपद की पूरनपुर तहसील का निवासी है और पलिया में एक फर्नीचर की दुकान पर काम करता था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद मजदूर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।2