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e. video h bhatura goun ka video
Sagar Sen
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More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
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- कटनी मिशन चौक में भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर का भव्य स्वागत, युवाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह1
- बड़ी खबर *मध्यप्रदेश में नागौद के बाद सीधी जिले में भाजपा नेता ने महिला को सरेआम पीटा* मध्यप्रदेश के सीधी जिले के ग्राम-बहरी में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ सिहावल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम-बहरी में भाजपा नेता संतोष पाठक द्वारा एक महिला के साथ सरेआम बेरहमी से मारपीट का मामला उजागर हुआ है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इस मामले में प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। यह घटना महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है।1
- Post by Balkishan Namdev1
- कटनी जिले के रीठी तहसील मैं भारी अवस्था डॉक्टर की गैर मौजूदगी मात्र एक कंपाउंडर के के सहारे संचालित अस्पताल है लोग व्यवस्था के कारण दरवाजा इधर-उधर भटकती नजर आ रहे हैं वहीं अस्पताल में जगह-जगह भारी गंदगी अस्पताल परिसर के अंदर शराब की बोतल इधर-उधर बिखरी सिरिंज सुई डॉक्टर अकसर बाहर रहते हैं रीठीमें कम पाए जाते हैं उनक उनके शासकीय आवासपर उनकी बीमा में रहती है जिसकी देखरेख स्वयं की बजाय स्टाफ मेंबर के द्वारा कराया जाता है1
- *फूलों से सजी राह, नम आंखों से विदाई धर्मेश घई सहित श्रद्धालुओं ने सच्चिदानंद जी महाराज को किया अंतिम नमन* मैहर। मध्यभारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र धारकुंडी आश्रम के संस्थापक एवं महान तपस्वी संत स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज 102 वर्ष की आयु में मुंबई में ब्रह्मलीन हो गए। उनके ब्रह्मलीन होने के समाचार से संपूर्ण क्षेत्र सहित देशभर के संत समाज और श्रद्धालुओं में गहरा शोक व्याप्त है। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद जी महाराज के आशीर्वाद से 22 नवंबर 1956 को घने जंगलों से आच्छादित धारकुंडी क्षेत्र में कठोर तप, साधना और सेवा कार्यों के साथ आश्रम की स्थापना की थी। समय के साथ यह आश्रम आध्यात्मिक साधना, धर्म प्रचार, संस्कार एवं जनकल्याण का प्रमुख तीर्थस्थल बन गया और आज इसे पूरे मध्यभारत के सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्रों में विशेष स्थान प्राप्त है। गुरुदेव महाराज के ब्रह्मलीन होने के पश्चात उनके पार्थिव शरीर को मुंबई से सड़क मार्ग द्वारा अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ धारकुंडी आश्रम लाया गया। इस दौरान मैहर टोल प्लाजा के समीप भावुक एवं श्रद्धामय दृश्य देखने को मिला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई की अगुवाई में भक्तों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा गुरुदेव महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। टोल प्लाजा मार्ग को पुष्पों से सजाया गया था और जैसे ही गुरुदेव महाराज का वाहन वहां पहुंचा, उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। श्रद्धालुओं ने वाहन में विराजित गुरुदेव महाराज के पार्थिव शरीर के दर्शन कर अत्यंत भावविभोर होकर प्रणाम किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान पूरा वातावरण भक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत हो गया। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखाई दीं और ‘गुरुदेव अमर रहें’ के जयघोषों से क्षेत्र गूंज उठा। उपस्थित भक्तजनों ने स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज को युगद्रष्टा संत बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव सेवा, धर्म जागरण और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए समर्पित कर दिया। उनके सान्निध्य में अनेक धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, सेवा कार्य एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम निरंतर संचालित होते रहे, जिससे हजारों लोगों को धर्म और अध्यात्म की प्रेरणा प्राप्त हुई। गौरतलब है कि गुरुदेव महाराज का समाधि संस्कार धारकुंडी आश्रम में विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाएगा, जिसमें देशभर से संत समाज एवं श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, किंतु उनके द्वारा दिखाया गया साधना, सेवा और धर्म का पथ सदैव श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।2
- Post by Jagtapal Yadav g1
- Post by Balkishan Namdev4