राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें भारी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए, जबकि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की उपस्थिति ने इस प्रदर्शन को और अधिक चर्चा में ला दिया। प्रदर्शन स्थल पर "जय भीम" के नारों की गूँज सुनाई देती रही। शनिवार सुबह अमेरिका के बोस्टन से नई दिल्ली पहुँचे अभिजीत दिपके का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने स्वागत किया, जिसके बाद वे सीधे जंतर-मंतर पहुँचे। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं। दिपके ने विशेष रूप से नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है, और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने अपनी भारत वापसी पर माँ द्वारा गिरफ्तारी की आशंका व्यक्त करने का भी ज़िक्र किया, और कहा कि यह डर सिर्फ उनकी माँ का नहीं, बल्कि देश के अनेक युवाओं के परिवारों में मौजूद है जो सरकार की आलोचना करने पर कार्रवाई की आशंका रखते हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति की मौजूदगी ने कुछ समय के लिए तनाव पैदा कर दिया, जब वह कथित तौर पर कीटनाशक स्प्रे लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुँचा और सीजेपी के खिलाफ नारेबाजी करने लगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और उस व्यक्ति के बीच मामूली कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई, लेकिन दिल्ली पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया और उस व्यक्ति को हटा दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा। सीजेपी समर्थकों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, साथ ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर भी ज़ोर दिया। संगठन के प्रवक्ता ने बताया कि उनका प्रमुख उद्देश्य धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जनसमर्थन जुटाना है, और आगे की रणनीति का निर्णय संगठन सामूहिक रूप से करेगा। गर्मी और भारी भीड़ के कारण प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके की तबीयत भी कुछ समय के लिए बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मंच के पीछे विश्राम के लिए ले जाया गया और फिर वाहन में बैठाकर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। उनके सहयोगियों ने बताया कि उनकी स्थिति स्थिर है। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी, जो समय के साथ युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों को लेकर व्यापक समर्थन हासिल कर चुकी है। शनिवार का यह प्रदर्शन दिल्ली पुलिस की अनुमति से शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया था।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें भारी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए, जबकि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की उपस्थिति ने इस प्रदर्शन को और अधिक चर्चा में ला दिया। प्रदर्शन स्थल पर "जय भीम" के नारों की गूँज सुनाई देती रही। शनिवार सुबह अमेरिका के बोस्टन से नई दिल्ली पहुँचे अभिजीत दिपके का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने स्वागत किया, जिसके बाद वे सीधे जंतर-मंतर पहुँचे। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं। दिपके ने विशेष रूप से नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है, और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने अपनी भारत वापसी पर माँ द्वारा गिरफ्तारी की आशंका व्यक्त करने का भी ज़िक्र किया, और कहा कि यह डर सिर्फ उनकी माँ का नहीं, बल्कि देश के अनेक युवाओं के परिवारों में मौजूद है जो सरकार की आलोचना करने पर कार्रवाई की आशंका रखते हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति की मौजूदगी ने कुछ समय के लिए तनाव पैदा कर दिया, जब वह कथित तौर पर कीटनाशक स्प्रे लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुँचा और सीजेपी के खिलाफ नारेबाजी करने लगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और उस व्यक्ति के बीच मामूली कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई, लेकिन दिल्ली पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया और उस व्यक्ति को हटा दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा। सीजेपी समर्थकों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, साथ ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर भी ज़ोर दिया। संगठन के प्रवक्ता ने बताया कि उनका प्रमुख उद्देश्य धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जनसमर्थन जुटाना है, और आगे की रणनीति का निर्णय संगठन सामूहिक रूप से करेगा। गर्मी और भारी भीड़ के कारण प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके की तबीयत भी कुछ समय के लिए बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मंच के पीछे विश्राम के लिए ले जाया गया और फिर वाहन में बैठाकर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। उनके सहयोगियों ने बताया कि उनकी स्थिति स्थिर है। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी, जो समय के साथ युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों को लेकर व्यापक समर्थन हासिल कर चुकी है। शनिवार का यह प्रदर्शन दिल्ली पुलिस की अनुमति से शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया था।
- दिल्ली की होलंबी खुर्द पुनर्वास कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची की जान चली गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि एक जर्जर सेफ्टी टैंक पर बना पिलर अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से इलाके में गम और गुस्से का माहौल बना हुआ है। लोग इस हादसे के लिए लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और निष्पक्ष जांच के साथ-साथ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- जंतर-मंतर पर "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो" के जोरदार नारों से माहौल गूंज उठा है, जहाँ प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है।1
- सरकारी स्कूलों की शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जो राज्य कभी इस मामले में 27वें स्थान पर था, वह अब पहले स्थान पर पहुँच गया है, जिसने केरल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। यह महत्वपूर्ण बदलाव दिल्ली में हुई शिक्षा क्रांति के बाद पंजाब के सरकारी स्कूलों में भी देखे जा रहे हैं।1
- राजधानी दिल्ली में गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बाहरी उत्तरी जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। बवाना थाना पुलिस ने कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से एक बड़ी गैंगवार और हत्या की वारदात को होने से पहले ही रोक दिया गया। पुलिस के अनुसार, बवाना थाना पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने गश्त के दौरान कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं, जिसके बाद उन्होंने आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से दो पिस्तौल और 27 जिंदा कारतूस बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झज्जर निवासी अजय और पूठ खुर्द निवासी कन्हैया के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों किसी व्यक्ति की हत्या करने के इरादे से इलाके में घूम रहे थे और वारदात को अंजाम देने के बाद उनकी योजना जयपुर के रास्ते नेपाल फरार होने की थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी विक्की हडल नामक व्यक्ति के जरिए हिमांशु भाऊ गैंग के संपर्क में आए थे। पुलिस का कहना है कि गैंग के सदस्य एक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आपस में संपर्क बनाए हुए थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से इलाके में एक बड़ी आपराधिक वारदात को टाला जा सका है।1
- प्रधान चेत राम शर्मा जी बिलासपुर सेवक सभा पं० दिल्ली के सौजन्य से मिली जानकारी के अनुसार, महा सचिव मोहिन्दर सिंह डोगरा जी ने हाल ही में लेफ्टिनेंट बने एक व्यक्ति को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में कथित पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों और युवाओं का एक बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस विरोध प्रदर्शन में सोशल मीडिया पर सक्रिय युवाओं ने भी बड़ी संख्या में सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की। छात्रों और युवाओं ने जंतर-मंतर पर हुंकार भरते हुए 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' के नारे लगाए और दावा किया कि उन्होंने मोदी सरकार की नींद उड़ा दी है।1
- दिल्ली में, सपा सांसद राजीव राय ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि यह सरकार अवसर देखकर लोगों को ठगती है। राय ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव चल रहे थे, तभी यह कहा गया था कि चुनाव खत्म होने के बाद LPG के दाम किश्तों में बढ़ने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने वर्तमान सरकार को 'दिशा विहीन सरकार' करार दिया, जिसकी न तो कोई अपनी सोच है, न कोई स्पष्ट रणनीति है और न ही कोई सुदृढ़ योजना।1
- योगी आदित्यनाथ ने गोंडा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए जोरदार ढंग से यह बात कही कि पहले अत्याचार का दौर था। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज किसी में भी त्योहारों में बाधा डालने की हिम्मत नहीं है।1