ऊंचाहार नगर के छोटी रेलवे क्रासिंग संख्या 43 सी पर सोमवार को एक बोलेरो चालक की लापरवाही के कारण बड़ा रेल हादसा होते-होते टला ऊंचाहार (रायबरेली): ऊंचाहार नगर के छोटी रेलवे क्रासिंग संख्या 43 सी पर सोमवार को एक बोलेरो चालक की लापरवाही के कारण बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। तेज रफ्तार बोलेरो ने बंद रेलवे फाटक के बूम में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। इस अचानक हुई टक्कर से क्रासिंग के आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज रफ्तार का कहर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार को रायबरेली-ऊंचाहार शटल पैसेंजर ट्रेन के स्टेशन पर आगमन की सूचना प्राप्त हुई थी। रेलवे नियमों का पालन करते हुए गेटमैन ने यातायात रोककर फाटक बंद कर दिया था। इसी बीच, एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन आया और उसने बंद फाटक की परवाह किए बिना सीधे बूम में टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि टक्कर के समय ट्रेन क्रासिंग से कुछ दूरी पर थी, जिससे एक भीषण दुर्घटना टल गई। रेलवे प्रशासन की सतर्कता घटना के तुरंत बाद गेटमैन ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और दुर्घटना करने वाले वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार त्रिपाठी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया: "बूम क्षतिग्रस्त होने के बावजूद रेल यातायात बाधित नहीं होने दिया गया। वैकल्पिक तकनीकी व्यवस्था का उपयोग कर ट्रेनों को सुरक्षित पास कराया जा रहा है। चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।" कानूनी कार्रवाई शुरू आरपीएफ ने बोलेरो को जब्त कर लिया है और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ रेल सुरक्षा में बाधा डालने की धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे क्रासिंग पर बरती जाने वाली जल्दबाजी और लापरवाही की ओर सबका ध्यान खींचा है। रेलवे अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि फाटक बंद होने पर धैर्य रखें, क्योंकि आपकी थोड़ी सी जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है।
ऊंचाहार नगर के छोटी रेलवे क्रासिंग संख्या 43 सी पर सोमवार को एक बोलेरो चालक की लापरवाही के कारण बड़ा रेल हादसा होते-होते टला ऊंचाहार (रायबरेली): ऊंचाहार नगर के छोटी रेलवे क्रासिंग संख्या 43 सी पर सोमवार को एक बोलेरो चालक की लापरवाही के कारण बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। तेज रफ्तार बोलेरो ने बंद रेलवे फाटक के बूम में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। इस अचानक हुई टक्कर से क्रासिंग के आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज रफ्तार का कहर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार को रायबरेली-ऊंचाहार शटल पैसेंजर ट्रेन के स्टेशन पर आगमन की सूचना प्राप्त हुई थी। रेलवे नियमों का पालन करते हुए गेटमैन ने यातायात रोककर फाटक बंद कर दिया था। इसी बीच, एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन आया और उसने बंद फाटक की परवाह किए बिना सीधे बूम में टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि टक्कर के समय ट्रेन क्रासिंग से कुछ दूरी पर थी, जिससे एक भीषण दुर्घटना टल गई। रेलवे प्रशासन की सतर्कता घटना के तुरंत बाद गेटमैन ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और दुर्घटना करने वाले वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार त्रिपाठी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया: "बूम क्षतिग्रस्त होने के बावजूद रेल यातायात बाधित नहीं होने दिया गया। वैकल्पिक तकनीकी व्यवस्था का उपयोग कर ट्रेनों को सुरक्षित पास कराया जा रहा है। चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।" कानूनी कार्रवाई शुरू आरपीएफ ने बोलेरो को जब्त कर लिया है और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ रेल सुरक्षा में बाधा डालने की धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे क्रासिंग पर बरती जाने वाली जल्दबाजी और लापरवाही की ओर सबका ध्यान खींचा है। रेलवे अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि फाटक बंद होने पर धैर्य रखें, क्योंकि आपकी थोड़ी सी जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है।
- उत्तर प्रदेश के महराजगंज से खाकी को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जहाँ आपसी विवाद सुलझाने पहुँची पुलिस ने कथित तौर पर खुद ही गुंडई की सारी हदें पार कर दीं। सोशल मीडिया पर वायरल दावों और आरोपों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने एक व्यक्ति को बीच सड़क पर पटक-पटक कर बेरहमी से पीटा, जिससे 'मित्र पुलिस' का चेहरा और भी भयावह नजर आने लगा। महिलाओं के साथ भी अभद्रता का आरोप मामला यहीं नहीं थमा; पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने घर की महिलाओं को भी नहीं बख्शा और उन्हें थाने ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। यह घटना उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है। क्या वर्दी अब प्रताड़ना का लाइसेंस है? एक तरफ सरकार 'अनुशासित पुलिस' और 'रामराज्य' की बात करती है, वहीं दूसरी ओर मामूली बहस पर पुलिस का यह हिंसक अवतार जनता में खौफ पैदा कर रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या वर्दी अब आम नागरिकों को प्रताड़ित करने का लाइसेंस बन चुकी है? इस घटना ने विपक्ष को भी हमलावर होने का मौका दे दिया है, जिससे खाकी की साख दांव पर है।1
- मेरठ में होमगार्ड का एग्जाम देकर लौट रहे युवक का हेलमेट चोरी हो गया वह पहली बार मेरठ आया था इसलिए रास्ता भटककर, दिल्ली-मेरठ बाईपास पर पहुंच गया विनोद कुमार दरोगा जितेंद्र सिंह ने बिना किसी कारण के युवक को थप्पड़ मारे, गालियां दीं जिसका वीडियो सोशलमीडिया पर वायरल हो रहा है,और बाइक का चालान काटते हुए 5000 भी छीन लेने का आरोप लगा है।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by Local news tv1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- सफाई करने वाला 3 महीने से नहीं आ रहा इतना गन्दगी है कि लोगों का आना जाना बहुत मुश्किल है....... ग्राम मलाक पिंजरी पोस्ट बारातफ़रीक सिराथू कौशाम्बी1
- ऊंचाहार (रायबरेली): ऊंचाहार नगर के छोटी रेलवे क्रासिंग संख्या 43 सी पर सोमवार को एक बोलेरो चालक की लापरवाही के कारण बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। तेज रफ्तार बोलेरो ने बंद रेलवे फाटक के बूम में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। इस अचानक हुई टक्कर से क्रासिंग के आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज रफ्तार का कहर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार को रायबरेली-ऊंचाहार शटल पैसेंजर ट्रेन के स्टेशन पर आगमन की सूचना प्राप्त हुई थी। रेलवे नियमों का पालन करते हुए गेटमैन ने यातायात रोककर फाटक बंद कर दिया था। इसी बीच, एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन आया और उसने बंद फाटक की परवाह किए बिना सीधे बूम में टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि टक्कर के समय ट्रेन क्रासिंग से कुछ दूरी पर थी, जिससे एक भीषण दुर्घटना टल गई। रेलवे प्रशासन की सतर्कता घटना के तुरंत बाद गेटमैन ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और दुर्घटना करने वाले वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार त्रिपाठी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया: "बूम क्षतिग्रस्त होने के बावजूद रेल यातायात बाधित नहीं होने दिया गया। वैकल्पिक तकनीकी व्यवस्था का उपयोग कर ट्रेनों को सुरक्षित पास कराया जा रहा है। चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।" कानूनी कार्रवाई शुरू आरपीएफ ने बोलेरो को जब्त कर लिया है और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ रेल सुरक्षा में बाधा डालने की धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे क्रासिंग पर बरती जाने वाली जल्दबाजी और लापरवाही की ओर सबका ध्यान खींचा है। रेलवे अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि फाटक बंद होने पर धैर्य रखें, क्योंकि आपकी थोड़ी सी जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है।1