हिमाचल प्रदेश की संवेदनशील सरकार ने कठिन समय से जूझ रहे तीन जरूरतमंद परिवारों को संबल प्रदान किया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला ने इन परिवारों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी है। वीरवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू जी ने स्वयं तीनों परिवारों के आश्रितों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें ऊना जिला के हरदयाल सिंह शामिल हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही अपने माता-पिता दोनों को खो दिया था और अब अपने परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पद पर नियुक्त किया गया है। कांगड़ा की शिवानी, जिनके पति का सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था और पीछे तीन मासूम बेटियां हैं, उन्हें मल्टी टास्क वर्कर के पद पर नियुक्त कर नई उम्मीद दी गई है। इसी तरह इंदौरा के निखिल को भी अपने पिता के निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर आने के कारण मल्टी टास्क वर्कर के रूप में रोजगार प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू जी ने इस अवसर पर कहा कि जब इरादे नेक हों, तो सरकार सिर्फ फैसले ही नहीं लेती, बल्कि परिवारों का भविष्य भी संवारती है, क्योंकि कठिन समय में साथ खड़ी सरकार ही असली जनसेवक होती है। इस मौके पर बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राजेश शर्मा भी उपस्थित थे, जिन्होंने बताया कि उन्होंने ही माननीय मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्रदान करने का आग्रह किया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। डॉ. राजेश ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार अनुकंपा के आधार पर तत्परता से नियुक्तियां प्रदान कर रही है और जिनका कोई नहीं, वर्तमान सरकार उनकी माता भी है और पिता भी।
हिमाचल प्रदेश की संवेदनशील सरकार ने कठिन समय से जूझ रहे तीन जरूरतमंद परिवारों को संबल प्रदान किया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला ने इन परिवारों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी है। वीरवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू जी ने स्वयं तीनों परिवारों के आश्रितों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें ऊना जिला के हरदयाल सिंह शामिल हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही अपने माता-पिता दोनों को खो दिया था और अब अपने परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पद पर नियुक्त किया गया है। कांगड़ा की शिवानी, जिनके पति का सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था और पीछे तीन मासूम बेटियां हैं, उन्हें मल्टी टास्क वर्कर के पद पर नियुक्त कर नई उम्मीद दी गई है। इसी तरह इंदौरा के निखिल को
भी अपने पिता के निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर आने के कारण मल्टी टास्क वर्कर के रूप में रोजगार प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू जी ने इस अवसर पर कहा कि जब इरादे नेक हों, तो सरकार सिर्फ फैसले ही नहीं लेती, बल्कि परिवारों का भविष्य भी संवारती है, क्योंकि कठिन समय में साथ खड़ी सरकार ही असली जनसेवक होती है। इस मौके पर बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राजेश शर्मा भी उपस्थित थे, जिन्होंने बताया कि उन्होंने ही माननीय मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्रदान करने का आग्रह किया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। डॉ. राजेश ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार अनुकंपा के आधार पर तत्परता से नियुक्तियां प्रदान कर रही है और जिनका कोई नहीं, वर्तमान सरकार उनकी माता भी है और पिता भी।
- Dinesh Kumarकुनिहार, सोलन, हिमाचल प्रदेश80% accidental person Dinesh Kumar 46 years old person. I no it's but unfortunately Stop Shara pension back 2 years or not given any place jobs poor condition 😔 helping please 🥺 help 🙏🙏🙏🙏.11 hrs ago
- हिमाचल प्रदेश पंचायत चौकीदार यूनियन ने सरकार से उन पंचायत चौकीदारों को दैनिक वेतनभोगी बनाने की मांग उठाई है, जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक 12 वर्ष का सेवाकाल पूरा कर लिया है। इस संबंध में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमवर्धन और महासचिव बलदेव चौहान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमवर्धन ने बताया कि अस्थायी पंचायत चौकीदार कर्मचारियों के लिए 12 वर्ष का सेवाकाल पूरा होने पर दैनिक वेतनभोगी बनाए जाने का प्रावधान तो है, लेकिन 31 अगस्त 2022 के बाद से इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग चार वर्षों से पंचायत चौकीदार अपनी इस मांग के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रेमवर्धन ने यह भी बताया कि बजट सत्र 2026-27 के दौरान पंचायती राज मंत्री द्वारा विधानसभा में घोषणा की गई थी कि 31 मार्च 2026 तक 12 वर्ष का सेवाकाल पूरा कर चुके पंचायत चौकीदारों को जल्द दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा, साथ ही दैनिक वेतनभोगी पंचायत चौकीदारों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाएगा। हाल ही में, यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर अपनी मांगें उनके समक्ष रखीं, जिस पर मुख्यमंत्री ने पंचायत चौकीदारों की मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया है। यूनियन को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही अधिसूचना जारी कर पात्र पंचायत चौकीदारों को दैनिक वेतनभोगी का दर्जा प्रदान करेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्ष 1952 से पंचायत चौकीदार ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, और उन्हें आशा है कि सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करेगी।3
- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) द्वारा उठाई गई मांग के बाद, हिमाचल प्रदेश सरकार ने NEET अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए एक अहम निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने 20 से 22 जून तक हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बसों में परीक्षार्थियों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है। बिलासपुर के भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष नितिन चड्डा ने विद्यार्थियों के हित में उठाए गए इस कदम को सराहनीय बताया है।1
- हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संघ की रामपुर खंड इकाई की त्रैमासिक बैठक गुरुवार को खंड अध्यक्ष बुद्धि सिंह चौहान की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में खंड कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ-साथ 12 जोनों के प्रधानों, महासचिवों और कोषाध्यक्षों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान पेंशनरों की लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। पेंशनरों ने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 31 जुलाई 2026 तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे सचिवालय का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।1
- नाचन जन कल्याण फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए महादेव पंचायत के पूर्व प्रधान नीलकमल को महादेव जोन का अध्यक्ष नियुक्त किया है। सुंदरनगर में आयोजित फाउंडेशन की बैठक के दौरान यह बड़ी जिम्मेदारी नीलकमल को सौंपी गई, जिसके तहत उन्हें 18 पंचायतों की कमान मिली है।1
- सैंज में माप-तोल विभाग ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी तराजू और बाट पास किए। बुद्धि सिंह ठाकुर की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने यह कार्यवाही दूसरे दिन भी जारी रखी।1
- अंबाला लोकसभा सांसद वरुण मुलाना शनिवार को साढ़ौरा रेस्ट हाउस पहुंचे और जनसंपर्क अभियान के तहत कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सांसद के समक्ष क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क बनाए रखने, संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की मांग रखी। यमुनानगर पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अनिल संधू मोंटी ने स्वीकार किया कि एक विधायक के पार्टी छोड़ने से कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ा है, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि जो लोग पार्टी से गए हैं, वे वापस आएंगे क्योंकि वे सभी अपने ही लोग हैं। उन्होंने सांसद मुलाना और उनकी विधायक धर्मपत्नी से क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने का आग्रह किया। अपने संबोधन में सांसद मुलाना ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की असली ताकत बताते हुए संगठन को मजबूत करने और हर कार्यकर्ता के सम्मान व भागीदारी के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर सांसद वरुण मुलाना ने विधायक रेनू बाला के पति इंजीनियर ऋषिपाल के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि वे इसे अपनी “घर वापसी” बता रहे हैं, तो उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि भाजपा में जाने से पहले वे बसपा में थे। मुलाना ने विधायक पक्ष के इस दावे को खारिज किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया, क्योंकि घटनाक्रम के दौरान वे स्वयं वहां मौजूद थे और संबंधित लोग अपना मोबाइल तक वापस लेने नहीं आए, बल्कि बाद में किसी कर्मचारी के माध्यम से मंगवाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पर्दे के पीछे से भाजपा की बैठकों के लिए लोगों को बुलाया जा रहा है। सांसद ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो सामने आकर इस्तीफा दें और चुनाव लड़ें। सांसद मुलाना ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पर भी हमला बोला, यह सवाल करते हुए कि भाजपा अपने 12 वर्षों का जश्न मना रही है, लेकिन इन वर्षों में जनता को महंगाई, बेरोजगारी और धार्मिक ध्रुवीकरण के अलावा क्या मिला है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में जनता सरकार के 12 सालों का जश्न मना रही होती, तो यह माना जा सकता था कि सरकार ने जनहित में काम किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए सांसद वरुण मुलाना ने कहा कि मुख्यमंत्री हरियाणा के मुद्दों से ज्यादा पंजाब, बिहार और बंगाल की बातें करते हैं। उन्होंने पंजाब में नशा खत्म करने की बात से पहले हरियाणा में फैल रहे नशे, गुंडागर्दी, फायरिंग और रंगदारी जैसे आम होते जा रहे मामलों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब के साथ जल विवाद का मुद्दा उठाते हुए सरकार से हरियाणा को अपने हिस्से का पानी दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में सांसद ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।1
- शिमला पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में बाहरी राज्यों के दो मुख्य चिट्टे (हेरोइन) सप्लायर्स को 'बैकवर्ड लिंकेज' जांच के आधार पर गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से अपर शिमला क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क को गहरा झटका लगा है। पकड़े गए आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी बेनकाब किया जा सके। एएसपी अभिषेक ने इस संबंध में जानकारी दी है। पहले मामले में, ठियोग पुलिस थाना की टीम ने 5 जून 2026 को राजेश चौहान (जुब्बल), मानिक सूद (कोटखाई) और अंशुल शर्मा (जुब्बल) से 9.150 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इस मामले की गहन जांच, तकनीकी विश्लेषण और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की पड़ताल के बाद पुलिस को मादक पदार्थ के मुख्य स्रोत की जानकारी मिली। 'बैकवर्ड लिंकेज' के माध्यम से यह सामने आया कि इस खेप की आपूर्ति खरड़ (पंजाब) के एक सप्लायर ने की थी। पुख्ता सबूतों के आधार पर, ठियोग पुलिस की टीम ने 16 जून 2026 को दबिश देकर आरोपी हिमान्शु कनौजिया उर्फ हर्ष (पुत्र राकेश कनौजिया, निवासी गोविन्द कॉलोनी, खरड़, जिला मोहाली, पंजाब) को गिरफ्तार कर लिया। इसी अभियान की दूसरी कड़ी में, जुब्बल थाना में 28 अप्रैल 2026 को दर्ज एनडीपीएस मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया। इस मामले में पहले 20.09 ग्राम चिट्टा बरामद कर तीन आरोपियों पंकज, विनय वर्मा और पूजा को गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए तस्करों से सघन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य सप्लायर की पहचान मनजीत सिंह (24 वर्ष) के रूप में हुई। जुब्बल पुलिस की टीम ने 17 जून 2026 को हरियाणा के फतेहाबाद में छापेमारी कर आरोपी मनजीत सिंह (पुत्र दर्शन राम, निवासी गांव म्योंद कलां, जाखल, हरियाणा) को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ है कि मनजीत सिंह ही अपर शिमला क्षेत्र में चिट्टे की सप्लाई करने वाला मुख्य सूत्रधार था।2
- रामपुर बुशैहर में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।1