विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने सोमवार को स्पष्ट किया कि समिति का जम्मू-कश्मीर दौरा पूरी तरह से भारत-पाकिस्तान और चीन-भारत संबंधों के साथ-साथ पासपोर्ट कार्यालयों व पासपोर्ट सेवाओं के कामकाज से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य घाटी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करना या स्थानीय परिस्थितियों तथा घरेलू मुद्दों का आकलन करना बिल्कुल भी नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए थरूर ने बताया कि उन्होंने उपराज्यपाल से मुलाकात की है, लेकिन उन्हें अन्य चीजों को देखने या दूसरे लोगों की राय सुनने का अवसर नहीं मिला है। उन्होंने फिर दोहराया कि यह दौरा कश्मीर घाटी की स्थिति का जायजा लेने के लिए नहीं है, क्योंकि वे विदेश मामलों की समिति हैं और घरेलू मुद्दों पर विचार करना उनका काम नहीं है। संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति को भारत की विदेश नीति, राजनयिक गतिविधियों और विदेश मंत्रालय से संबंधित मामलों की जाँच करने का कार्य सौंपा गया है। समिति वर्तमान में जम्मू और कश्मीर के दौरे पर है, जो पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों और क्षेत्र में पासपोर्ट संबंधी सेवाओं के वितरण से जुड़े विषयों की समीक्षा का हिस्सा है।
विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने सोमवार को स्पष्ट किया कि समिति का जम्मू-कश्मीर दौरा पूरी तरह से भारत-पाकिस्तान और चीन-भारत संबंधों के साथ-साथ पासपोर्ट कार्यालयों व पासपोर्ट सेवाओं के कामकाज से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य घाटी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करना या स्थानीय परिस्थितियों तथा घरेलू मुद्दों का आकलन करना बिल्कुल भी नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए थरूर ने बताया कि उन्होंने उपराज्यपाल से मुलाकात की है, लेकिन उन्हें अन्य चीजों को देखने या दूसरे लोगों की राय सुनने का अवसर नहीं मिला है। उन्होंने फिर दोहराया कि यह दौरा कश्मीर घाटी की स्थिति का जायजा लेने के लिए नहीं है, क्योंकि वे विदेश मामलों की समिति हैं और घरेलू मुद्दों पर विचार करना उनका काम नहीं है। संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति को भारत की विदेश नीति, राजनयिक गतिविधियों और विदेश मंत्रालय से संबंधित मामलों की जाँच करने का कार्य सौंपा गया है। समिति वर्तमान में जम्मू और कश्मीर के दौरे पर है, जो पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों और क्षेत्र में पासपोर्ट संबंधी सेवाओं के वितरण से जुड़े विषयों की समीक्षा का हिस्सा है।
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- चम्बा जिले की विधानसभा के गारम पंचायत चमबी के अकेरा और अच्छेड गांवों में स्थापित पानी की पाइपलाइन की हालत बेहद खराब हो चुकी है।1
- जवाली के ढसोली क्षेत्र में चोरों ने एक दुकान को निशाना बनाते हुए काफ़ी सामान चुरा लिया। चोरों ने दुकान पर मनोरंजन के लिए लगाई गई एलसीडी को भी नहीं बख्शा और उसे भी अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। यह वारदात जवाली में चोरों के बुलंद हौसलों को दर्शाती है, क्योंकि वे अब मंदिरों के बाद दुकानों को भी अपना निशाना बना रहे हैं।1
- जंगल गली मेले में डोगरी कलाकार श्री विजय कुमार जी विजय ने एक शानदार स्टेज परफॉर्मेंस दी। मनवाल के रहने वाले ये डोगरी गायक अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। पोस्ट में दर्शकों से इस प्रदर्शन को लाइक, शेयर और फॉलो करने का आग्रह किया गया है।1
- सुजानपुर नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन के लिए रखी गई बैठक पार्षदों की गैर-हाजिरी के कारण एक बार फिर स्थगित कर दी गई है। यह बैठक उपमंडल एवं निर्वाचन अधिकारी विकास शुक्ला द्वारा सोमवार 22 जून को सुबह 11:00 बजे नगर परिषद बैठक हॉल में आयोजित की गई थी। इस बैठक का उद्देश्य नगर परिषद सुजानपुर को नया अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दिलाना था, जिसके लिए नौ वार्डों के सभी नौ पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य थी। निर्धारित समय पर उपमंडल अधिकारी विकास शुक्ला, तहसीलदार प्रवीण ठाकुर और नगर परिषद कार्यालय अधीक्षक सीनत शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, जिन पार्षदों के लिए यह बैठक बुलाई गई थी, उनमें से केवल वार्ड नंबर 4 के पार्षद विनय सियाल ही उपस्थित हुए। विनय सियाल ने अपनी हाजिरी लगाई और तुरंत वहां से चले गए। अधिकारियों ने करीब 12:00 बजे, लगभग एक घंटे तक इंतजार करने के बाद, पार्षदों की अनुपस्थिति के कारण बैठक को स्थगित कर दिया। अनुपस्थित रहने वाले आठ पार्षदों में बलविंदर सिंह, मनीष गुप्ता, ज्योतिका ठाकुर, शिवानी, प्रमिला मेहरा, नीलम धीमान, बीना धीमान और मीनाक्षी महाजन शामिल हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आगामी बैठक की तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली बैठक में पार्षदों की मौजूदगी की संख्या मायने नहीं रखेगी, बल्कि जो भी पार्षद मौके पर मौजूद होंगे, उन्हीं के बीच से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन कर लिया जाएगा। अधिकारी ने आगे कहा कि यदि पार्षदों में आपसी सहमति बनती है, तो चुनाव नहीं करवाया जाएगा, लेकिन अगर उम्मीदवार मैदान में आते हैं तो चुनाव प्रक्रिया अपनाई जाएगी।2
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- चंबा जिले के बाज़ार रोड पर रेहड़ियों के अतिक्रमण से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर एक नागरिक ने डीसी महोदय से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, बाज़ार रोड पर आधे से ज़्यादा जगह पर, लगभग 22 स्थानों पर, रेहड़ियां लगाई गई हैं, जिसके कारण यह सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इन रेहड़ियों की वजह से रोज़ाना दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिनमें लोगों की टांगें टूट रही हैं या हाथ-पैर फ्रैक्चर हो रहे हैं। इस स्थिति से आम जनता को भारी कष्ट उठाना पड़ रहा है। जनता का मार्ग होने के बावजूद रेहड़ियों के कारण हो रही इन समस्याओं को देखते हुए डीसी महोदय से जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करने की विनम्र विनती की गई है।1