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चंबा जिले के बाज़ार रोड पर रेहड़ियों के अतिक्रमण से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर एक नागरिक ने डीसी महोदय से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, बाज़ार रोड पर आधे से ज़्यादा जगह पर, लगभग 22 स्थानों पर, रेहड़ियां लगाई गई हैं, जिसके कारण यह सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इन रेहड़ियों की वजह से रोज़ाना दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिनमें लोगों की टांगें टूट रही हैं या हाथ-पैर फ्रैक्चर हो रहे हैं। इस स्थिति से आम जनता को भारी कष्ट उठाना पड़ रहा है। जनता का मार्ग होने के बावजूद रेहड़ियों के कारण हो रही इन समस्याओं को देखते हुए डीसी महोदय से जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करने की विनम्र विनती की गई है।
🇮🇳manmeet singh 🇮🇳
चंबा जिले के बाज़ार रोड पर रेहड़ियों के अतिक्रमण से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर एक नागरिक ने डीसी महोदय से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, बाज़ार रोड पर आधे से ज़्यादा जगह पर, लगभग 22 स्थानों पर, रेहड़ियां लगाई गई हैं, जिसके कारण यह सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इन रेहड़ियों की वजह से रोज़ाना दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिनमें लोगों की टांगें टूट रही हैं या हाथ-पैर फ्रैक्चर हो रहे हैं। इस स्थिति से आम जनता को भारी कष्ट उठाना पड़ रहा है। जनता का मार्ग होने के बावजूद रेहड़ियों के कारण हो रही इन समस्याओं को देखते हुए डीसी महोदय से जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करने की विनम्र विनती की गई है।
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- ग्राम पंचायत चमबी के तहत आने वाले अकेरा और अच्छेड गांवों के लिए बिछाई गई पानी की पाइपलाइन की हालत बेहद खराब है। जानकारी के अनुसार, यह पाइपलाइन कई स्थानों से टूटी हुई है और उसे अस्थायी रूप से प्लास्टिक के लिफाफों का इस्तेमाल करके जोड़ा गया है।1
- नूरपुर शहर में लगातार सामने आ रही पेयजल समस्या को लेकर नगर परिषद ने पहल तेज कर दी है। नगर परिषद अध्यक्ष नीति महाजन की अध्यक्षता में पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) आनंद वलोरिया से मुलाकात की। इस दौरान शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें बरसात के मौसम से पहले पुरानी पाइपलाइन बदलने और पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। अध्यक्ष नीति महाजन ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान बार-बार पाइपलाइन टूटने के कारण शहर में लगातार 16 दिनों तक पेयजल आपूर्ति बाधित रही थी, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए बरसात शुरू होने से पहले सभी जर्जर और पुरानी पाइपलाइन को बदल दिया जाए। बैठक के दौरान पेयजल संकट से जुड़े सभी मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद वलोरिया ने नगर परिषद को आश्वासन दिया है कि शहर की पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बरसात से पहले पुरानी पाइपलाइन को बदलने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान शहरवासियों को किसी भी तरह के पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।1
- मंदोली का मशहूर दो दिवसीय दंगल शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। इस दंगल की सबसे बड़ी माली के लिए पहलवान सिकंदर शेख और पहलवान मोनू के बीच एक महत्वपूर्ण मुकाबला हुआ। इस दौरान, पहलवान सिकंदर शेख ने मोनू पहलवान को पराजित कर बड़ी माली पर अपना कब्जा जमा लिया। मुकाबले के दौरान दोनों पहलवानों ने जबरदस्त दावपेच का प्रदर्शन किया।1
- जनजातीय उपमंडल पांगी की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर भाजपा मंडल पांगी और भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार राणा के नेतृत्व में पंचायत समिति सदस्यों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आवासीय आयुक्त पांगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें क्षेत्र की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो घाटी के जनप्रतिनिधि क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि पांगी प्रदेश का एक अति दुर्गम जनजातीय क्षेत्र है, जहाँ भौगोलिक विषमताओं के कारण लोगों को पहले से ही अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जनजातीय विकास से जुड़े बजट में कटौती की जा रही है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के स्कूलों और महाविद्यालयों में विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों को समाप्त किए जाने से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही, विभिन्न विभागों में सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। प्रतिनिधियों ने पंचायत चुनावों के बाद नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार न दिए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका तर्क है कि प्रदेश सरकार द्वारा 6 जून 2026 को जारी अधिसूचना के तहत पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को 18 अक्टूबर तक वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में सरकारी विकास कार्यों का अधिकांश समय अप्रैल से अक्टूबर के बीच होता है, ऐसे में नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिकारों से वंचित रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनभावनाओं के विपरीत है। इसके अतिरिक्त, पिछले दो महीनों से बनी विद्युत आपूर्ति की समस्या का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों के अनुसार, घाटी के कई गाँव लंबे समय से अनियमित बिजली आपूर्ति या अंधेरे की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के समक्ष रखी गई अन्य मांगों में राशन गोदामों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना, लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए टेंडरों एवं खर्च की गई धनराशि का विवरण सार्वजनिक करना, विभिन्न विभागों द्वारा पिछले दो वर्षों में खर्च किए गए बजट की जानकारी उपलब्ध कराना, तथा बीएसएनएल और जियो नेटवर्क सेवाओं में सुधार करना शामिल है। ज्ञापन के अंत में, जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पांगी घाटी के समस्त जनप्रतिनिधि सामूहिक रूप से क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले किसी भी हालात की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रदेश सरकार की होगी।1
- Post by Mdakbar1
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