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शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित एक शिक्षिका के भरोसे 6वीं से 8वीं तक की कक्षाएं दो शिक्षकों के दूसरे स्कूल में संबद्ध होने से बढ़ी परेशानी अभिभावकों ने जनसुनवाई में लगाई शिक्षक वापस भेजने की गुहार
Neelesh THAKUR
शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित एक शिक्षिका के भरोसे 6वीं से 8वीं तक की कक्षाएं दो शिक्षकों के दूसरे स्कूल में संबद्ध होने से बढ़ी परेशानी अभिभावकों ने जनसुनवाई में लगाई शिक्षक वापस भेजने की गुहार
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- मंडला-व्यक्ति विशेष के निजी स्वार्थ के चलते वक्फ संपत्ति की दीवार तोड़े जाने पर मुस्लिम समुदाय में आक्रोश राजस्व अमले पर उठ रहे गंभीर सवाल मुस्लिम समुदाय ने सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन..!1
- जबलपुर: सूने मकान में लाखों की चोरी करने वाले तीन शातिर चोर गिरफ्तार, सोने के जेवर और नकदी बरामद जबलपुर (मध्य प्रदेश): जबलपुर की पनागर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़ी चोरी की वारदात का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी की घटना को अंजाम देने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से लाखों रुपए के सोने के जेवर और नगदी बरामद की गई है।1
- 🔴 जबलपुर-सिवनी में लोकायुक्त का छापा, बाबू के पास सवा 6 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज मिलने का दावा - जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे सिवनी में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी सुभाष शर्मा से जुड़े जबलपुर और सिवनी के 5 ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की। - 🔎 प्रारंभिक जांच के दौरान करीब 5 करोड़ रुपए की जमीन और प्लॉट तथा लगभग 1.20 करोड़ रुपए के फार्महाउस और दो मकानों से संबंधित दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। - 🏠 लोकायुक्त की टीम ने जबलपुर स्थित निवास और पाटन तहसील क्षेत्र के फार्महाउस समेत अन्य ठिकानों पर संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले। - 📄 लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, संपत्तियों के दस्तावेजों और मूल्यांकन की जांच जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद आय और संपत्ति से जुड़े वास्तविक तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। - ⚠️ नोट: यह जानकारी लोकायुक्त की प्रारंभिक कार्रवाई और जांच से संबंधित है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद सामने आएगा। - 📲 जबलपुर और मध्य प्रदेश की सटीक एवं भरोसेमंद खबरों के लिए Shuru News पर सच तक पत्रिका न्यूज़ को Follow करें। - ✍️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर 📰 सच तक पत्रिका न्यूज़1
- स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में निपटाएं लंबित प्रकरण: सीईओ स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में निपटाएं लंबित प्रकरण: सीईओ डीएलसीसी की बैठक में बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश, पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले ऋण और योजनाओं का लाभ डिंडौरी, जिले में युवाओं, किसानों, महिलाओं एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार और आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलसीसी) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और बैंकों के माध्यम से संचालित ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक उद्यम एवं स्वरोजगार योजना, पीएमएफएमई, किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन विभाग की योजनाएं, पीएम स्वनिधि तथा आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। लंबित प्रकरणों को लेकर सख्त हुए सीईओ समीक्षा के दौरान सामने आए लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी ने संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीएमएफएमई, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और भगवान बिरसा मुंडा आर्थिक कल्याण योजना के लंबित प्रकरणों का आगामी एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए पात्र हितग्राही लंबे समय से लाभ की प्रतीक्षा करते हैं। इसलिए फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति समाप्त की जाए और पात्र प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजना का लाभ सीईओ ने अन्य योजनाओं में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और बैंकर्स से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा, ताकि आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति और वितरण तक की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाएं केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिलना बेहद जरूरी है। बैंकर्स और विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी बैठक में योजनावार प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यक दस्तावेजों की कमी वाले प्रकरणों में हितग्राहियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक श्री रविशंकर सहित जनजातीय कार्य विभाग, जिला उद्योग केंद्र, कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी, ग्रामीण आजीविका मिशन, शहरी आजीविका मिशन तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। एक सप्ताह में परिणाम दिखाने पर जोर डीएलसीसी बैठक में प्रशासन का स्पष्ट संदेश रहा कि सरकारी स्वरोजगार और आर्थिक कल्याण योजनाओं में पात्र हितग्राहियों के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। अब संबंधित विभागों और बैंकर्स के सामने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की जिम्मेदारी है, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।1
- खेल-खेल में नौनिहाल सीख रहे अक्षर और गिनती, आंगनवाड़ी केंद्रों में तैयार हो रही भविष्य की मजबूत नींव खेल-खेल में नौनिहाल सीख रहे अक्षर और गिनती, आंगनवाड़ी केंद्रों में तैयार हो रही भविष्य की मजबूत नींव “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान से बच्चों में बढ़ रही सीखने की ललक, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और पोषण पर भी जोर डिंडौरी, डिंडौरी जिले के आंगनवाड़ी केंद्र अब नन्हे-मुन्नों के लिए सिर्फ पोषण और देखभाल का केंद्र नहीं, बल्कि खेल-खेल में सीखने और समझने की पहली पाठशाला बन रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर के निर्देशन में “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान के तहत बच्चों को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) से जोड़ा जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों की उम्र और उनकी सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए गतिविधि आधारित एवं रोचक शिक्षण पद्धतियों का उपयोग किया जा रहा है। बच्चे खेल और मनोरंजन के माध्यम से अक्षरों और संख्याओं की पहचान करना, रंगों को समझना, शब्दों का उच्चारण करना तथा अपनी भाषा में अभिव्यक्ति करना सीख रहे हैं। खेल बना पढ़ाई का माध्यम परियोजना डिंडौरी के बरबसपुर रैयत एवं सालीवाड़ा रैयत तथा परियोजना शहपुरा के वार्ड क्रमांक-2 स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। यहां बच्चों को ऐसी गतिविधियां कराई जा रही हैं, जिनमें पढ़ाई के साथ मनोरंजन भी शामिल है। इससे बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह और जिज्ञासा बढ़ रही है। शिक्षा के साथ पोषण और स्वास्थ्य पर भी ध्यान अभियान के तहत बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने के साथ-साथ उनके पोषण, स्वास्थ्य और समुचित देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य है कि बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के साथ-साथ मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत बनें। प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव विशेषज्ञों के अनुसार बचपन के शुरुआती वर्षों में मिलने वाला सीखने का अनुभव बच्चे के आगे के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल और गतिविधियों के माध्यम से दी जा रही शिक्षा बच्चों के लिए स्कूल जाने से पहले सीखने की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान के जरिए डिंडौरी जिले में नौनिहालों को सीखने का आनंददायक वातावरण देने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- अपराध समीक्षा बैठक में एसपी सम्पत उपाध्याय ने दिए सख्त निर्देश, गंभीर अपराधों के त्वरित निराकरण पर जोर जबलपुर। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) ने शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में अपराध समीक्षा बैठक लेकर जिले में लंबित गंभीर अपराधों, महिला संबंधी अपराधों, साइबर फ्रॉड, फरार आरोपियों एवं वारंटियों सहित विभिन्न मामलों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के निर्देश दिए गए।बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनु बेनिवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-4 अंजना तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सूर्यकांत शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अखिलेश तिवारी सहित समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।एसपी ने त्रिवार्षिक तुलनात्मक अपराध आंकड़ों के साथ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई एवं माइनर एक्ट की समीक्षा की। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी, एससी-एसटी एक्ट तथा महिला संबंधी अपराधों के लंबित प्रकरणों की थानावार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिएधारा 363 भादवि एवं धारा 137(2) बीएनएस के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए एसपी ने गुम/अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की हरसंभव प्रयास कर दस्तयाबी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि नाबालिग के जिले से बाहर होने की जानकारी मिलती है तो तत्काल टीम गठित कर संबंधित स्थान पर भेजी जाएमहिला संबंधी अपराधों और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए एसपी ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, विवेचना पूर्ण करने और समय पर चालान पेश करने के साथ महिला संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने को कहा।गंभीर अपराध, साइबर फ्रॉड एवं धोखाधड़ी के मामलों में फरार आरोपियों तथा वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। जिले से बाहर रह रहे फरार आरोपियों और वारंटियों की पतासाजी कर पुलिस टीमें गठित कर संबंधित स्थानों पर भेजने तथा अधिक से अधिक गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गयाएसपी ने सीएम हेल्पलाइन, वरिष्ठ कार्यालयों एवं जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।बैठक में सीसीटीएनएस के अंतर्गत ई-साक्ष्य, ई-विवेचना, ई-एफआईआर, ई-चालान एवं ई-समंस की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। अधिकारियों एवं सीसीटीएनएस प्रभारी से डिजिटल कार्यवाही के दौरान आ रही व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान के निर्देश दिए गए। ई-जीरो एफआईआर एवं ई-एफआईआर के पंजीयन को भी प्रभावी रूप से लागू करने के लिए निर्देशित किया गयाएसपी ने सीसीटीएनएस में डाटा एंट्री की गुणवत्ता सुधारने पर जोर देते हुए कहा कि छोटी-छोटी गलतियों को सुधारात्मक दृष्टिकोण से ठीक किया जाए, ताकि भविष्य में त्रुटियों की संभावना कम हो। सभी प्रकार की आवश्यक प्रविष्टियां पूर्ण कर समय पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गएपुलिस मुख्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए टैब के माध्यम से विवेचकों को विवेचना, नक्शा मौका एवं अन्य डिजिटल कार्यवाही करने के लिए दिए गए प्रशिक्षण की भी समीक्षा की गई। विवेचकों को टैब के माध्यम से केस डायरी लेखन, घटनास्थल का नक्शा, अपराध से संबंधित फोटो, वीडियो एवं दस्तावेज अपलोड करने के निर्देश दिए गएबढ़ते साइबर अपराधों और गोल्डन ऑवर में तत्काल पुलिस रिस्पांस की आवश्यकता को देखते हुए सभी थानों में संचालित साइबर हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। प्रशिक्षित कर्मचारियों के माध्यम से साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड एवं अन्य साइबर अपराधों की शिकायतों पर तत्काल प्रतिक्रिया और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।एसपी ने गुम हुए मोबाइल फोन की शिकायतों पर भी तत्काल कार्रवाई करते हुए CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल की पतासाजी कर उन्हें संबंधित व्यक्तियों को वापस दिलाने के निर्देश दिए।बैठक में पिछले छह माह में प्राप्त शिकायतों एवं सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की संख्या तथा उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही पिछले छह माह में घटित गंभीर अपराधों और उनके निराकरण की जानकारी लेते हुए लंबित मामलों में फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।2