स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में निपटाएं लंबित प्रकरण: सीईओ स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में निपटाएं लंबित प्रकरण: सीईओ डीएलसीसी की बैठक में बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश, पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले ऋण और योजनाओं का लाभ डिंडौरी, जिले में युवाओं, किसानों, महिलाओं एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार और आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलसीसी) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और बैंकों के माध्यम से संचालित ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक उद्यम एवं स्वरोजगार योजना, पीएमएफएमई, किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन विभाग की योजनाएं, पीएम स्वनिधि तथा आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। लंबित प्रकरणों को लेकर सख्त हुए सीईओ समीक्षा के दौरान सामने आए लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी ने संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीएमएफएमई, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और भगवान बिरसा मुंडा आर्थिक कल्याण योजना के लंबित प्रकरणों का आगामी एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए पात्र हितग्राही लंबे समय से लाभ की प्रतीक्षा करते हैं। इसलिए फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति समाप्त की जाए और पात्र प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजना का लाभ सीईओ ने अन्य योजनाओं में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और बैंकर्स से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा, ताकि आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति और वितरण तक की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाएं केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिलना बेहद जरूरी है। बैंकर्स और विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी बैठक में योजनावार प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यक दस्तावेजों की कमी वाले प्रकरणों में हितग्राहियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक श्री रविशंकर सहित जनजातीय कार्य विभाग, जिला उद्योग केंद्र, कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी, ग्रामीण आजीविका मिशन, शहरी आजीविका मिशन तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। एक सप्ताह में परिणाम दिखाने पर जोर डीएलसीसी बैठक में प्रशासन का स्पष्ट संदेश रहा कि सरकारी स्वरोजगार और आर्थिक कल्याण योजनाओं में पात्र हितग्राहियों के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। अब संबंधित विभागों और बैंकर्स के सामने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की जिम्मेदारी है, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में निपटाएं लंबित प्रकरण: सीईओ स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में निपटाएं लंबित प्रकरण: सीईओ डीएलसीसी की बैठक में बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश, पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले ऋण और योजनाओं का लाभ डिंडौरी, जिले में युवाओं, किसानों, महिलाओं एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार और आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलसीसी) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और बैंकों के माध्यम से संचालित ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक उद्यम एवं स्वरोजगार योजना, पीएमएफएमई, किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन विभाग की योजनाएं, पीएम स्वनिधि तथा आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। लंबित प्रकरणों को लेकर सख्त हुए सीईओ समीक्षा के दौरान सामने आए लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी ने संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीएमएफएमई, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और भगवान बिरसा मुंडा आर्थिक कल्याण योजना के लंबित प्रकरणों का आगामी एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए पात्र हितग्राही लंबे समय से लाभ की प्रतीक्षा करते हैं। इसलिए फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति समाप्त की जाए और पात्र प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजना का लाभ सीईओ ने अन्य योजनाओं में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और बैंकर्स से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा, ताकि आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति और वितरण तक की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाएं केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिलना बेहद जरूरी है। बैंकर्स और विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी बैठक में योजनावार प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यक दस्तावेजों की कमी वाले प्रकरणों में हितग्राहियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक श्री रविशंकर सहित जनजातीय कार्य विभाग, जिला उद्योग केंद्र, कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी, ग्रामीण आजीविका मिशन, शहरी आजीविका मिशन तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। एक सप्ताह में परिणाम दिखाने पर जोर डीएलसीसी बैठक में प्रशासन का स्पष्ट संदेश रहा कि सरकारी स्वरोजगार और आर्थिक कल्याण योजनाओं में पात्र हितग्राहियों के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। अब संबंधित विभागों और बैंकर्स के सामने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की जिम्मेदारी है, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
- स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में निपटाएं लंबित प्रकरण: सीईओ स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में निपटाएं लंबित प्रकरण: सीईओ डीएलसीसी की बैठक में बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश, पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले ऋण और योजनाओं का लाभ डिंडौरी, जिले में युवाओं, किसानों, महिलाओं एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार और आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलसीसी) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और बैंकों के माध्यम से संचालित ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक उद्यम एवं स्वरोजगार योजना, पीएमएफएमई, किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन विभाग की योजनाएं, पीएम स्वनिधि तथा आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। लंबित प्रकरणों को लेकर सख्त हुए सीईओ समीक्षा के दौरान सामने आए लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी ने संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीएमएफएमई, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और भगवान बिरसा मुंडा आर्थिक कल्याण योजना के लंबित प्रकरणों का आगामी एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए पात्र हितग्राही लंबे समय से लाभ की प्रतीक्षा करते हैं। इसलिए फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति समाप्त की जाए और पात्र प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजना का लाभ सीईओ ने अन्य योजनाओं में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और बैंकर्स से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा, ताकि आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति और वितरण तक की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाएं केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिलना बेहद जरूरी है। बैंकर्स और विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी बैठक में योजनावार प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यक दस्तावेजों की कमी वाले प्रकरणों में हितग्राहियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक श्री रविशंकर सहित जनजातीय कार्य विभाग, जिला उद्योग केंद्र, कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी, ग्रामीण आजीविका मिशन, शहरी आजीविका मिशन तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। एक सप्ताह में परिणाम दिखाने पर जोर डीएलसीसी बैठक में प्रशासन का स्पष्ट संदेश रहा कि सरकारी स्वरोजगार और आर्थिक कल्याण योजनाओं में पात्र हितग्राहियों के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। अब संबंधित विभागों और बैंकर्स के सामने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की जिम्मेदारी है, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।1
- डिंडौरी जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल-खेल में दी जा रही प्रारंभिक शिक्षा, बच्चों का हो रहा सर्वांगीण विकास* * डिंडोरी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर के निर्देशन में जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में "पोषण भी, पढ़ाई भी" अभियान के अंतर्गत बच्चों को खेल-खेल में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) प्रदान की जा रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विभिन्न रोचक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण विधियों के माध्यम से बच्चों को अक्षर ज्ञान, संख्या ज्ञान, रंगों की पहचान, भाषा विकास तथा बौद्धिक कौशल विकसित करने का प्रशिक्षण दे रही हैं। इसी क्रम में परियोजना डिंडोरी के बरबसपुर रैयत, सालीवाड़ा रैयत तथा परियोजना शहपुरा के वार्ड क्रमांक-2 स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को विविध शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से खेल-खेल में सीखने का अवसर दिया जा रहा है। इन गतिविधियों से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है तथा उनकी प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव तैयार हो रही है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके। "पोषण भी, पढ़ाई भी" की यह पहल बच्चों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।1
- नौरोजाबाद थाना तहसील नौरोजाबाद पोस्ट पिनोरा ग्राम पंचायत देवरी माजरा का है करवाही मग किया जाता है अजय राठौर पिता रामसेवक राठौर उनकी पत्नी और बेटी फसल उखल रही कम से कम लगभग 15000से 20000हजार नुकसान किए हैं इस पर अधिकारी कोई सुनवाई नहीं होती मजदूर हु मेरी मम्मी बिकलांग है पापा नही है मृत्यु हो गये है2
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- पिंजरे देख भाग रहे बंदर, पकडऩे का अभियान दो दिन के लिए किया स्थगित पिंजरे देख भाग रहे बंदर, पकडऩे का अभियान दो दिन के लिए किया स्थगित हमले से बचने के दौरान छत से गिरकर एक व्यक्ति की हुई थी मौत, पंचायत ने बुलाए मंकी कैचर1
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.रघुराज किशोर तिवारी ने मंडला प्रवास के दौरान युवाओं की भूमिका और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया।1
- नर्मदा उद्गम से निकली आस्था की कांवड़‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठी अनूपपूर - सारस डोली के 51 शिवभक्त कांवरियों ने नर्मदा उद्गम कुंड से पवित्र जल लेकर शुरू की सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्र मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रावण मास की पुण्य बेला में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को आस्था, भक्ति और शिव आराधना का अद्भुत दृश्य साकार हुआ। डिंडोरी जिले के सारस डोली से आए 51 शिवभक्त कांवरियों ने मां नर्मदा के पावन उद्गम कुंड से विधिवत पूजा-अर्चना कर पवित्र नर्मदा जल अपनी कांवड़ में धारण किया और भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया। प्रातः लगभग 10 बजे प्रारंभ हुई इस धार्मिक यात्रा में शिवभक्त कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़ में नर्मदा जल धारण किए श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय मां नर्मदा’ के जयघोष करते हुए भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। पूरी यात्रा श्रद्धा, संकल्प और शिवभक्ति की त्रिवेणी का अनुपम संगम बनी हुई है। कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के साथ शिवलिंग, भगवान हनुमान जी महाराज, भगवान कार्तिकेय स्वामी तथा प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की आकर्षक प्रतिमाओं को सुसज्जित वाहन में विराजमान किया गया है। वाहन पर विराजित देव प्रतिमाओं के दर्शन तथा डीजे पर गूंजते मधुर भजन-कीर्तन से यात्रा मार्ग आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। नर्मदा उद्गम से जल धारण कर निकली यह कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मां नर्मदा की पावन धाराओं को भगवान शिव के चरणों तक पहुंचाने वाली श्रद्धा और संकल्प की आध्यात्मिक यात्रा है। मान्यता है कि मां नर्मदा स्वयं भगवान शिव की आराध्या एवं शिव से अभिन्न रूप से जुड़ी पवित्र नदी हैं। इसी आस्था के साथ शिवभक्त नर्मदा जल को कांवड़ में धारण कर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए आगे बढ़ रहे हैं। सात दिवसीय पदयात्रा पूर्ण करने के उपरांत सारस डोली पहुंचकर कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन, जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर नर्मदा उद्गम से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की जाएगी। श्रावण मास में नर्मदा उद्गम की पावन धरती से प्रारंभ हुई यह यात्रा अमरकंटक की उस सनातन आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत स्वरूप है, जहां नर्मदा की कल-कल धारा और शिवभक्ति का जयघोष मिलकर भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित करते हैं। 51 शिवभक्तों का यह कांवड़ दल आस्था, अनुशासन और भक्ति के साथ अपने गंतव्य की ओर अग्रसर है।1
- खेल-खेल में नौनिहाल सीख रहे अक्षर और गिनती, आंगनवाड़ी केंद्रों में तैयार हो रही भविष्य की मजबूत नींव खेल-खेल में नौनिहाल सीख रहे अक्षर और गिनती, आंगनवाड़ी केंद्रों में तैयार हो रही भविष्य की मजबूत नींव “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान से बच्चों में बढ़ रही सीखने की ललक, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और पोषण पर भी जोर डिंडौरी, डिंडौरी जिले के आंगनवाड़ी केंद्र अब नन्हे-मुन्नों के लिए सिर्फ पोषण और देखभाल का केंद्र नहीं, बल्कि खेल-खेल में सीखने और समझने की पहली पाठशाला बन रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर के निर्देशन में “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान के तहत बच्चों को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) से जोड़ा जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों की उम्र और उनकी सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए गतिविधि आधारित एवं रोचक शिक्षण पद्धतियों का उपयोग किया जा रहा है। बच्चे खेल और मनोरंजन के माध्यम से अक्षरों और संख्याओं की पहचान करना, रंगों को समझना, शब्दों का उच्चारण करना तथा अपनी भाषा में अभिव्यक्ति करना सीख रहे हैं। खेल बना पढ़ाई का माध्यम परियोजना डिंडौरी के बरबसपुर रैयत एवं सालीवाड़ा रैयत तथा परियोजना शहपुरा के वार्ड क्रमांक-2 स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। यहां बच्चों को ऐसी गतिविधियां कराई जा रही हैं, जिनमें पढ़ाई के साथ मनोरंजन भी शामिल है। इससे बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह और जिज्ञासा बढ़ रही है। शिक्षा के साथ पोषण और स्वास्थ्य पर भी ध्यान अभियान के तहत बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने के साथ-साथ उनके पोषण, स्वास्थ्य और समुचित देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य है कि बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के साथ-साथ मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत बनें। प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव विशेषज्ञों के अनुसार बचपन के शुरुआती वर्षों में मिलने वाला सीखने का अनुभव बच्चे के आगे के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल और गतिविधियों के माध्यम से दी जा रही शिक्षा बच्चों के लिए स्कूल जाने से पहले सीखने की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान के जरिए डिंडौरी जिले में नौनिहालों को सीखने का आनंददायक वातावरण देने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।1