डिंडौरी जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल-खेल में दी जा रही प्रारंभिक शिक्षा, बच्चों का हो रहा सर्वांगीण विकास* * डिंडोरी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर के निर्देशन में जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में "पोषण भी, पढ़ाई भी" अभियान के अंतर्गत बच्चों को खेल-खेल में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) प्रदान की जा रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विभिन्न रोचक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण विधियों के माध्यम से बच्चों को अक्षर ज्ञान, संख्या ज्ञान, रंगों की पहचान, भाषा विकास तथा बौद्धिक कौशल विकसित करने का प्रशिक्षण दे रही हैं। इसी क्रम में परियोजना डिंडोरी के बरबसपुर रैयत, सालीवाड़ा रैयत तथा परियोजना शहपुरा के वार्ड क्रमांक-2 स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को विविध शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से खेल-खेल में सीखने का अवसर दिया जा रहा है। इन गतिविधियों से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है तथा उनकी प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव तैयार हो रही है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके। "पोषण भी, पढ़ाई भी" की यह पहल बच्चों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
डिंडौरी जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल-खेल में दी जा रही प्रारंभिक शिक्षा, बच्चों का हो रहा सर्वांगीण विकास* * डिंडोरी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर के निर्देशन में जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में "पोषण भी, पढ़ाई भी" अभियान के अंतर्गत बच्चों को खेल-खेल में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) प्रदान की जा रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विभिन्न रोचक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण विधियों के माध्यम से बच्चों को अक्षर ज्ञान, संख्या ज्ञान, रंगों की पहचान, भाषा विकास तथा बौद्धिक कौशल विकसित करने का प्रशिक्षण दे रही हैं। इसी क्रम में परियोजना डिंडोरी के बरबसपुर रैयत, सालीवाड़ा रैयत तथा परियोजना शहपुरा के वार्ड क्रमांक-2 स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को विविध शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से खेल-खेल में सीखने का अवसर दिया जा रहा है। इन गतिविधियों से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है तथा उनकी प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव तैयार हो रही है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके। "पोषण भी, पढ़ाई भी" की यह पहल बच्चों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- डिंडौरी जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल-खेल में दी जा रही प्रारंभिक शिक्षा, बच्चों का हो रहा सर्वांगीण विकास* * डिंडोरी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर के निर्देशन में जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में "पोषण भी, पढ़ाई भी" अभियान के अंतर्गत बच्चों को खेल-खेल में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) प्रदान की जा रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विभिन्न रोचक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण विधियों के माध्यम से बच्चों को अक्षर ज्ञान, संख्या ज्ञान, रंगों की पहचान, भाषा विकास तथा बौद्धिक कौशल विकसित करने का प्रशिक्षण दे रही हैं। इसी क्रम में परियोजना डिंडोरी के बरबसपुर रैयत, सालीवाड़ा रैयत तथा परियोजना शहपुरा के वार्ड क्रमांक-2 स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को विविध शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से खेल-खेल में सीखने का अवसर दिया जा रहा है। इन गतिविधियों से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है तथा उनकी प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव तैयार हो रही है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके। "पोषण भी, पढ़ाई भी" की यह पहल बच्चों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।1
- मंडला-व्यक्ति विशेष के निजी स्वार्थ के चलते वक्फ संपत्ति की दीवार तोड़े जाने पर मुस्लिम समुदाय में आक्रोश राजस्व अमले पर उठ रहे गंभीर सवाल मुस्लिम समुदाय ने सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन..!1
- अमरकंटक नगर परिषद ने अतिक्रमण के विरुद्ध चलाया सघन अभियान अनूपपुर - मुख्य मार्गों से अवैध कब्जे हटाए, व्यापारियों को निर्धारित सीमा में व्यवसाय करने की हिदायत प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल तथा पर्यटन नगरी अमरकंटक में नगर परिषद द्वारा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास व्यापारियों द्वारा निर्धारित सीमा से बाहर किए गए अवैध कब्जों एवं निर्माण को हटाया गया तथा संबंधित व्यापारियों को भविष्य में निर्धारित सीमा के भीतर ही व्यवसाय करने की सख्त हिदायत दी गई। नगर परिषद के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र परिसर के मुख्य मार्ग पर व्यापारियों द्वारा दुकानों से आगे बढ़कर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। वहीं जैन मंदिर परिसर के पीछे किए गए पांच अवैध निर्माणों को भी बलपूर्वक हटाया गया। मुख्य मार्ग पर दुकानों के सामने निर्धारित स्थल से अतिरिक्त स्थान घेरकर रखी गई सामग्री एवं किए गए कब्जे को हटाते हुए व्यापारियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित सीमा के भीतर ही अपनी दुकानें संचालित करें। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 10 स्थित कोटि तीर्थ घाट एवं गांधी कुंड मुख्य मार्ग पर किए गए अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण का भी निरीक्षण किया गया। नगर परिषद द्वारा संबंधित व्यापारियों को 24 घंटे की मोहलत देते हुए निर्देशित किया गया कि वे मुख्य मार्ग से पांच फीट अंदर रहकर ही व्यापार करें तथा मार्ग को बाधित करने वाले अवैध निर्माण एवं कब्जे स्वयं हटा लें। नगर परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जेसीबी मशीन के माध्यम से बलपूर्वक अवैध कब्जा हटाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित व्यापारी की होगी। इसी तरह नर्मदा मंदिर के आसपास के व्यापारियों को भी अवैध कब्जे एवं निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी दुकान की सामग्री मुख्य मार्ग पर न रखें और न ही निर्धारित सीमा से बाहर किसी प्रकार का अवैध कब्जा करें। इससे श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि मार्ग पर अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित होने अथवा जाम की स्थिति निर्मित होने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा अवैध कब्जों को सख्ती से बलपूर्वक हटाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से नगर की व्यवस्था एवं सुगम यातायात बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर परिषद अमरकंटक का अमला, अमरकंटक थाना पुलिस बल तथा उप तहसील अमरकंटक के नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। नगर परिषद की कार्रवाई से मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण कर व्यापार करने वाले लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।1
- शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित एक शिक्षिका के भरोसे 6वीं से 8वीं तक की कक्षाएं दो शिक्षकों के दूसरे स्कूल में संबद्ध होने से बढ़ी परेशानी अभिभावकों ने जनसुनवाई में लगाई शिक्षक वापस भेजने की गुहार1
- *ड्राइवरों का भरोसा* *शहडोल एसपी की निष्पक्षता पर भरोसा, लेकिन बुढ़ार पुलिस पर फूटा गुस्सा: दबंगों को संरक्षण देने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी* *👉मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ ने जताई उम्मीद: ‘ईमानदार और सख्त पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल पीड़ितों को न्याय दिलाकर दागी अफसरों पर करेंगे कड़ा प्रहार’* *शहडोल। जिला शहडोल के बुढ़ार थाना क्षेत्र में निर्दोष चालकों को कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर व वीडियो कबूलनामा करवाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जहाँ एक ओर जिले के सख्त, न्यायप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की अपराध-मुक्त प्रशासन की नीति पर जनता और महासंघ को पूरा भरोसा है, वहीं दूसरी ओर बुढ़ार थाना प्रभारी की संदेहास्पद और पक्षपातपूर्ण भूमिका ने खाकी की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है।* *👉एसपी साहब की* *पारदर्शी कार्यशैली पर भरोसा, थाना प्रभारी पर लीपापोती का आरोप* *मध्य प्रदेश ड्राइवर* *महासंघ का स्पष्ट कहना है कि शहडोल जिले में पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की छवि एक कड़क, निष्पक्ष और न्यायप्रिय अधिकारी की है, जो कभी भी अपराधियों या भ्रष्ट तत्वों को बर्दाश्त नहीं करते।* *👉लेकिन बुढ़ार थाना प्रभारी द्वारा उनके निर्देशों के विपरीत* *जाकर दबंग व रसूखदार ट्रांसपोर्टरों के दबाव में काम किया जा रहा है।* *पीड़ित चालकों के साथ हुए इस जघन्य अपराध में जहाँ वसूली,कूटरचना और अपहरण जैसी गंभीर धाराएँ लगनी चाहिए थीं, वहीं बुढ़ार थाना प्रभारी ने आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने की नीयत से केवल* *BNS-115(2), BNS-127(2), BNS-296(a), BNS-3(5) और BNS-351(3) जैसी जमानती व हल्की* *धाराओं में एफआईआर दर्ज कर इतिश्री कर ली।* *इन कड़क व गैर-जमानती धाराओं को जोड़ने की माँग* *👉 ड्राइवर महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पूरी सच्चाई सामने रखेगा।* 👉*महासंघ को पूरा विश्वास है कि कप्तान* *साहब मामले की* *गंभीरता को समझते हुए एफआईआर में तत्काल निम्नलिखित गैर-जमानती (Non-Bailable) धाराएं जोड़ने का आदेश देंगे:* *👉BNS धारा 308 (Extortion / जबरन वसूली): डरा-धमकाकर जबरन कबूलनामा और दस्तखत करवाने के जुर्म में।* *👉BNS धारा 336(3) / 340 (Forgery / कूटरचना): जबरन दस्तखत करवाकर फर्जी साक्ष्य निर्मित करने के प्रयास हेतु।* *👉BNS धारा 140 (Abduction / बंधक बनाना): छल-बल से बुलाकर अवैध रूप से कमरे में बंद करने हेतु।* *👉"लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत हटाएं एसपी साहब, वरना पूरे प्रदेश में होगा चक्काजाम"* *👉चालक महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए माँग की है कि ऐसे दागी और अपराधियों को संरक्षण देने वाले बुढ़ार थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर लाइन हाजिर किया जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष विवेचना हो सके।* *👉महासंघ ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों का बचाव करने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई और एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं नहीं जोड़ी गईं, तो संपूर्ण मध्य प्रदेश चालक महासंघ शहडोल जिले में उग्र आंदोलन शुरू करेगा। प्रदेशभर के चालक सड़कों पर उतरकर पहिया जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बुढ़ार पुलिस की हठधर्मिता और लापरवाही की होगी।*1
- जन विश्वास अभियान का संकल्प हर समस्या का समाधान हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिलेगा2
- *ड्राइवरों का भरोसा* *शहडोल एसपी की निष्पक्षता पर भरोसा, लेकिन बुढ़ार पुलिस पर फूटा गुस्सा: दबंगों को संरक्षण देने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी* *👉मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ ने जताई उम्मीद: ‘ईमानदार और सख्त पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल पीड़ितों को न्याय दिलाकर दागी अफसरों पर करेंगे कड़ा प्रहार’* *शहडोल। जिला शहडोल के बुढ़ार थाना क्षेत्र में निर्दोष चालकों को कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर व वीडियो कबूलनामा करवाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जहाँ एक ओर जिले के सख्त, न्यायप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की अपराध-मुक्त प्रशासन की नीति पर जनता और महासंघ को पूरा भरोसा है, वहीं दूसरी ओर बुढ़ार थाना प्रभारी की संदेहास्पद और पक्षपातपूर्ण भूमिका ने खाकी की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है।* *👉एसपी साहब की* *पारदर्शी कार्यशैली पर भरोसा, थाना प्रभारी पर लीपापोती का आरोप* *मध्य प्रदेश ड्राइवर* *महासंघ का स्पष्ट कहना है कि शहडोल जिले में पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की छवि एक कड़क, निष्पक्ष और न्यायप्रिय अधिकारी की है, जो कभी भी अपराधियों या भ्रष्ट तत्वों को बर्दाश्त नहीं करते।* *👉लेकिन बुढ़ार थाना प्रभारी द्वारा उनके निर्देशों के विपरीत* *जाकर दबंग व रसूखदार ट्रांसपोर्टरों के दबाव में काम किया जा रहा है।* *पीड़ित चालकों के साथ हुए इस जघन्य अपराध में जहाँ वसूली,कूटरचना और अपहरण जैसी गंभीर धाराएँ लगनी चाहिए थीं, वहीं बुढ़ार थाना प्रभारी ने आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने की नीयत से केवल* *BNS-115(2), BNS-127(2), BNS-296(a), BNS-3(5) और BNS-351(3) जैसी जमानती व हल्की* *धाराओं में एफआईआर दर्ज कर इतिश्री कर ली।* *इन कड़क व गैर-जमानती धाराओं को जोड़ने की माँग* *👉 ड्राइवर महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पूरी सच्चाई सामने रखेगा।* 👉*महासंघ को पूरा विश्वास है कि कप्तान* *साहब मामले की* *गंभीरता को समझते हुए एफआईआर में तत्काल निम्नलिखित गैर-जमानती (Non-Bailable) धाराएं जोड़ने का आदेश देंगे:* *👉BNS धारा 308 (Extortion / जबरन वसूली): डरा-धमकाकर जबरन कबूलनामा और दस्तखत करवाने के जुर्म में।* *👉BNS धारा 336(3) / 340 (Forgery / कूटरचना): जबरन दस्तखत करवाकर फर्जी साक्ष्य निर्मित करने के प्रयास हेतु।* *👉BNS धारा 140 (Abduction / बंधक बनाना): छल-बल से बुलाकर अवैध रूप से कमरे में बंद करने हेतु।* *👉"लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत हटाएं एसपी साहब, वरना पूरे प्रदेश में होगा चक्काजाम"* *👉चालक महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए माँग की है कि ऐसे दागी और अपराधियों को संरक्षण देने वाले बुढ़ार थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर लाइन हाजिर किया जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष विवेचना हो सके।* *👉महासंघ ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों का बचाव करने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई और एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं नहीं जोड़ी गईं, तो संपूर्ण मध्य प्रदेश चालक महासंघ शहडोल जिले में उग्र आंदोलन शुरू करेगा। प्रदेशभर के चालक सड़कों पर उतरकर पहिया जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बुढ़ार पुलिस की हठधर्मिता और लापरवाही की होगी।*1