*ड्राइवरों का भरोसा* *शहडोल एसपी की निष्पक्षता पर भरोसा, लेकिन बुढ़ार पुलिस पर फूटा गुस्सा: दबंगों को संरक्षण देने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी* *👉मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ ने जताई उम्मीद: ‘ईमानदार और सख्त पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल पीड़ितों को न्याय दिलाकर दागी अफसरों पर करेंगे कड़ा प्रहार’* *शहडोल। जिला शहडोल के बुढ़ार थाना क्षेत्र में निर्दोष चालकों को कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर व वीडियो कबूलनामा करवाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जहाँ एक ओर जिले के सख्त, न्यायप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की अपराध-मुक्त प्रशासन की नीति पर जनता और महासंघ को पूरा भरोसा है, वहीं दूसरी ओर बुढ़ार थाना प्रभारी की संदेहास्पद और पक्षपातपूर्ण भूमिका ने खाकी की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है।* *👉एसपी साहब की* *पारदर्शी कार्यशैली पर भरोसा, थाना प्रभारी पर लीपापोती का आरोप* *मध्य प्रदेश ड्राइवर* *महासंघ का स्पष्ट कहना है कि शहडोल जिले में पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की छवि एक कड़क, निष्पक्ष और न्यायप्रिय अधिकारी की है, जो कभी भी अपराधियों या भ्रष्ट तत्वों को बर्दाश्त नहीं करते।* *👉लेकिन बुढ़ार थाना प्रभारी द्वारा उनके निर्देशों के विपरीत* *जाकर दबंग व रसूखदार ट्रांसपोर्टरों के दबाव में काम किया जा रहा है।* *पीड़ित चालकों के साथ हुए इस जघन्य अपराध में जहाँ वसूली,कूटरचना और अपहरण जैसी गंभीर धाराएँ लगनी चाहिए थीं, वहीं बुढ़ार थाना प्रभारी ने आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने की नीयत से केवल* *BNS-115(2), BNS-127(2), BNS-296(a), BNS-3(5) और BNS-351(3) जैसी जमानती व हल्की* *धाराओं में एफआईआर दर्ज कर इतिश्री कर ली।* *इन कड़क व गैर-जमानती धाराओं को जोड़ने की माँग* *👉 ड्राइवर महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पूरी सच्चाई सामने रखेगा।* 👉*महासंघ को पूरा विश्वास है कि कप्तान* *साहब मामले की* *गंभीरता को समझते हुए एफआईआर में तत्काल निम्नलिखित गैर-जमानती (Non-Bailable) धाराएं जोड़ने का आदेश देंगे:* *👉BNS धारा 308 (Extortion / जबरन वसूली): डरा-धमकाकर जबरन कबूलनामा और दस्तखत करवाने के जुर्म में।* *👉BNS धारा 336(3) / 340 (Forgery / कूटरचना): जबरन दस्तखत करवाकर फर्जी साक्ष्य निर्मित करने के प्रयास हेतु।* *👉BNS धारा 140 (Abduction / बंधक बनाना): छल-बल से बुलाकर अवैध रूप से कमरे में बंद करने हेतु।* *👉"लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत हटाएं एसपी साहब, वरना पूरे प्रदेश में होगा चक्काजाम"* *👉चालक महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए माँग की है कि ऐसे दागी और अपराधियों को संरक्षण देने वाले बुढ़ार थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर लाइन हाजिर किया जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष विवेचना हो सके।* *👉महासंघ ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों का बचाव करने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई और एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं नहीं जोड़ी गईं, तो संपूर्ण मध्य प्रदेश चालक महासंघ शहडोल जिले में उग्र आंदोलन शुरू करेगा। प्रदेशभर के चालक सड़कों पर उतरकर पहिया जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बुढ़ार पुलिस की हठधर्मिता और लापरवाही की होगी।*
*ड्राइवरों का भरोसा* *शहडोल एसपी की निष्पक्षता पर भरोसा, लेकिन बुढ़ार पुलिस पर फूटा गुस्सा: दबंगों को संरक्षण देने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी* *👉मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ ने जताई उम्मीद: ‘ईमानदार और सख्त पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल पीड़ितों को न्याय दिलाकर दागी अफसरों पर करेंगे कड़ा प्रहार’* *शहडोल। जिला शहडोल के बुढ़ार थाना क्षेत्र में निर्दोष चालकों को कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर व वीडियो कबूलनामा करवाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जहाँ एक ओर जिले के सख्त, न्यायप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की अपराध-मुक्त प्रशासन की नीति पर जनता और महासंघ को पूरा भरोसा है, वहीं दूसरी ओर बुढ़ार थाना प्रभारी की संदेहास्पद और पक्षपातपूर्ण भूमिका ने खाकी की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है।* *👉एसपी साहब की* *पारदर्शी कार्यशैली पर भरोसा, थाना प्रभारी पर लीपापोती का आरोप* *मध्य प्रदेश ड्राइवर* *महासंघ का स्पष्ट कहना है कि शहडोल जिले में पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की छवि एक कड़क, निष्पक्ष और न्यायप्रिय अधिकारी की है, जो कभी भी अपराधियों या भ्रष्ट तत्वों को बर्दाश्त नहीं करते।* *👉लेकिन बुढ़ार थाना प्रभारी द्वारा उनके निर्देशों के विपरीत* *जाकर दबंग व रसूखदार ट्रांसपोर्टरों के दबाव में काम किया जा रहा है।* *पीड़ित चालकों के साथ हुए इस जघन्य अपराध में जहाँ वसूली,कूटरचना और अपहरण जैसी गंभीर धाराएँ लगनी चाहिए थीं, वहीं बुढ़ार थाना प्रभारी ने आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने की नीयत से केवल* *BNS-115(2), BNS-127(2), BNS-296(a), BNS-3(5) और BNS-351(3) जैसी जमानती व हल्की* *धाराओं में एफआईआर दर्ज कर इतिश्री कर ली।* *इन कड़क व गैर-जमानती धाराओं को जोड़ने की माँग* *👉 ड्राइवर महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पूरी सच्चाई सामने रखेगा।* 👉*महासंघ को पूरा विश्वास है कि कप्तान* *साहब मामले की* *गंभीरता को समझते हुए एफआईआर में तत्काल निम्नलिखित गैर-जमानती (Non-Bailable) धाराएं जोड़ने का आदेश देंगे:* *👉BNS धारा 308 (Extortion / जबरन वसूली): डरा-धमकाकर जबरन कबूलनामा और दस्तखत करवाने के जुर्म में।* *👉BNS धारा 336(3) / 340 (Forgery / कूटरचना): जबरन दस्तखत करवाकर फर्जी साक्ष्य निर्मित करने के प्रयास हेतु।* *👉BNS धारा 140 (Abduction / बंधक बनाना): छल-बल से बुलाकर अवैध रूप से कमरे में बंद करने हेतु।* *👉"लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत हटाएं एसपी साहब, वरना पूरे प्रदेश में होगा चक्काजाम"* *👉चालक महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए माँग की है कि ऐसे दागी और अपराधियों को संरक्षण देने वाले बुढ़ार थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर लाइन हाजिर किया जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष विवेचना हो सके।* *👉महासंघ ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों का बचाव करने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई और एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं नहीं जोड़ी गईं, तो संपूर्ण मध्य प्रदेश चालक महासंघ शहडोल जिले में उग्र आंदोलन शुरू करेगा। प्रदेशभर के चालक सड़कों पर उतरकर पहिया जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बुढ़ार पुलिस की हठधर्मिता और लापरवाही की होगी।*
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- नौरोजाबाद थाना तहसील नौरोजाबाद पोस्ट पिनोरा ग्राम पंचायत देवरी माजरा का है करवाही मग किया जाता है अजय राठौर पिता रामसेवक राठौर उनकी पत्नी और बेटी फसल उखल रही कम से कम लगभग 15000से 20000हजार नुकसान किए हैं इस पर अधिकारी कोई सुनवाई नहीं होती मजदूर हु मेरी मम्मी बिकलांग है पापा नही है मृत्यु हो गये है2
- *भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से बस को लगवाया धक्का!* *सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस बस स्टैंड पर हुई खराब; मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल* *भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से बस को लगवाया धक्का!* *सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस बस स्टैंड पर हुई खराब; मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल* *रवि सेन | दैनिक देशबंधु* मानपुर, उमरिया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सांदीपनि विद्यालयों में बच्चों के आवागमन के लिए बसों का संचालन कराया जा रहा है। इसी व्यवस्था के तहत सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स को मिला है। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर इसी व्यवस्था में संचालित एक बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी में बस में सवार स्कूली बच्चों को नीचे उतरकर बस को धक्का लगाना पड़ा। घटना सामने आने के बाद बच्चों के सुरक्षित परिवहन और बसों की तकनीकी स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। *पुरानी बसों के संचालन का आरोप* अभिभावकों का कहना है कि बस खराब होने की यह पहली घटना नहीं है। बच्चों के परिवहन में लगी बसों के बार-बार खराब होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि पुरानी बसों को डेंट-पेंट कराकर बच्चों के परिवहन में लगाया जा रहा है। हालांकि, संबंधित बस की वास्तविक उम्र, तकनीकी स्थिति और फिटनेस की पुष्टि अधिकृत जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए अब आरटीओ की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। *बच्चों की सुरक्षा पर सवाल* स्कूली बस का बीच रास्ते में खराब होना तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी में बच्चों का खुद सड़क पर उतरकर बस को धक्का लगाना परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। क्या बच्चों के परिवहन में लगी बसों की नियमित तकनीकी जांच होती है? क्या उनके फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध हैं? क्या नियमित सर्विसिंग और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद सामने आना चाहिए। *जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण* मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा, “आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।” अब आरटीओ के निरीक्षण से यह स्पष्ट होगा कि बस निर्धारित फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। *सवाल बस खराब होने से आगे का* मामला केवल एक बस के खराब होने तक सीमित नहीं है। यदि बच्चों के परिवहन के लिए संचालित बसों की तकनीकी स्थिति कमजोर पाई जाती है तो यह व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल होगा। वहीं यदि बस फिटनेस मानकों पर खरी उतरती है तो बार-बार खराब होने की शिकायतों के कारणों की जांच भी जरूरी होगी। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब निगाह आरटीओ के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।1
- जन विश्वास अभियान का संकल्प हर समस्या का समाधान हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिलेगा2
- नर्मदा उद्गम से निकली आस्था की कांवड़‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठी अनूपपूर - सारस डोली के 51 शिवभक्त कांवरियों ने नर्मदा उद्गम कुंड से पवित्र जल लेकर शुरू की सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्र मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रावण मास की पुण्य बेला में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को आस्था, भक्ति और शिव आराधना का अद्भुत दृश्य साकार हुआ। डिंडोरी जिले के सारस डोली से आए 51 शिवभक्त कांवरियों ने मां नर्मदा के पावन उद्गम कुंड से विधिवत पूजा-अर्चना कर पवित्र नर्मदा जल अपनी कांवड़ में धारण किया और भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया। प्रातः लगभग 10 बजे प्रारंभ हुई इस धार्मिक यात्रा में शिवभक्त कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़ में नर्मदा जल धारण किए श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय मां नर्मदा’ के जयघोष करते हुए भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। पूरी यात्रा श्रद्धा, संकल्प और शिवभक्ति की त्रिवेणी का अनुपम संगम बनी हुई है। कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के साथ शिवलिंग, भगवान हनुमान जी महाराज, भगवान कार्तिकेय स्वामी तथा प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की आकर्षक प्रतिमाओं को सुसज्जित वाहन में विराजमान किया गया है। वाहन पर विराजित देव प्रतिमाओं के दर्शन तथा डीजे पर गूंजते मधुर भजन-कीर्तन से यात्रा मार्ग आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। नर्मदा उद्गम से जल धारण कर निकली यह कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मां नर्मदा की पावन धाराओं को भगवान शिव के चरणों तक पहुंचाने वाली श्रद्धा और संकल्प की आध्यात्मिक यात्रा है। मान्यता है कि मां नर्मदा स्वयं भगवान शिव की आराध्या एवं शिव से अभिन्न रूप से जुड़ी पवित्र नदी हैं। इसी आस्था के साथ शिवभक्त नर्मदा जल को कांवड़ में धारण कर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए आगे बढ़ रहे हैं। सात दिवसीय पदयात्रा पूर्ण करने के उपरांत सारस डोली पहुंचकर कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन, जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर नर्मदा उद्गम से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की जाएगी। श्रावण मास में नर्मदा उद्गम की पावन धरती से प्रारंभ हुई यह यात्रा अमरकंटक की उस सनातन आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत स्वरूप है, जहां नर्मदा की कल-कल धारा और शिवभक्ति का जयघोष मिलकर भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित करते हैं। 51 शिवभक्तों का यह कांवड़ दल आस्था, अनुशासन और भक्ति के साथ अपने गंतव्य की ओर अग्रसर है।1
- भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल उमरिया। सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर अचानक खराब हो गई। बस में सवार स्कूली बच्चों को भीषण गर्मी के बीच नीचे उतरकर बस को धक्का लगाना पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स को दिया गया है। इसी व्यवस्था के तहत संचालित एक बस शनिवार सुबह बस स्टैंड पर खराब हो गई। बस को चालू करने के लिए बच्चों को ही धक्का लगाते देखा गया। बार-बार बस खराब होने की शिकायत अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों के खराब होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ अभिभावकों ने बसों की उम्र और उनके रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, संबंधित बस की वास्तविक उम्र, तकनीकी स्थिति और फिटनेस की पुष्टि अधिकृत जांच के बाद ही हो सकेगी। बच्चों की सुरक्षा पर सवाल स्कूली बस का रास्ते में खराब होना तकनीकी खराबी का सामान्य मामला हो सकता है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बच्चों का सड़क पर उतरकर बस को धक्का लगाना चिंता का विषय है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों की नियमित तकनीकी जांच और सर्विसिंग कितनी गंभीरता से की जा रही है। क्या बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है? क्या वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है? क्या बच्चों के परिवहन के लिए बस की नियमित जांच की जाती है? इन सवालों का जवाब अब परिवहन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। डीईओ बोले- आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और आरटीओ से बस का निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद बस की तकनीकी स्थिति और फिटनेस संबंधी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच के बाद सामने आएगी हकीकत मामला केवल बस खराब होने तक सीमित नहीं है। यदि जांच में बस की फिटनेस या रखरखाव में कमी पाई जाती है तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा। वहीं यदि बस निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है तो बार-बार खराब होने के कारणों की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता के बीच सभी की नजर आरटीओ के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।1
- बिरसिंहपुर पाली ,जीरो ढाबा के पास 11kb line की केबल जल जाने के कारण दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे रहे और मजे की बात यह है कि यह केवल हर साल जलता है इसके बावजूद विभाग कोई स्थाई समाधान की बजाय हमेशा काम चलआऊ समाधान देता है जबकि मेंटेनेंस के नाम पर कई बार दिन दिन भर लाइट बंद कर रखी जाती है लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर होता कुछ नहीं1
- *ड्राइवरों का भरोसा* *शहडोल एसपी की निष्पक्षता पर भरोसा, लेकिन बुढ़ार पुलिस पर फूटा गुस्सा: दबंगों को संरक्षण देने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी* *👉मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ ने जताई उम्मीद: ‘ईमानदार और सख्त पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल पीड़ितों को न्याय दिलाकर दागी अफसरों पर करेंगे कड़ा प्रहार’* *शहडोल। जिला शहडोल के बुढ़ार थाना क्षेत्र में निर्दोष चालकों को कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर व वीडियो कबूलनामा करवाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जहाँ एक ओर जिले के सख्त, न्यायप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की अपराध-मुक्त प्रशासन की नीति पर जनता और महासंघ को पूरा भरोसा है, वहीं दूसरी ओर बुढ़ार थाना प्रभारी की संदेहास्पद और पक्षपातपूर्ण भूमिका ने खाकी की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है।* *👉एसपी साहब की* *पारदर्शी कार्यशैली पर भरोसा, थाना प्रभारी पर लीपापोती का आरोप* *मध्य प्रदेश ड्राइवर* *महासंघ का स्पष्ट कहना है कि शहडोल जिले में पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की छवि एक कड़क, निष्पक्ष और न्यायप्रिय अधिकारी की है, जो कभी भी अपराधियों या भ्रष्ट तत्वों को बर्दाश्त नहीं करते।* *👉लेकिन बुढ़ार थाना प्रभारी द्वारा उनके निर्देशों के विपरीत* *जाकर दबंग व रसूखदार ट्रांसपोर्टरों के दबाव में काम किया जा रहा है।* *पीड़ित चालकों के साथ हुए इस जघन्य अपराध में जहाँ वसूली,कूटरचना और अपहरण जैसी गंभीर धाराएँ लगनी चाहिए थीं, वहीं बुढ़ार थाना प्रभारी ने आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने की नीयत से केवल* *BNS-115(2), BNS-127(2), BNS-296(a), BNS-3(5) और BNS-351(3) जैसी जमानती व हल्की* *धाराओं में एफआईआर दर्ज कर इतिश्री कर ली।* *इन कड़क व गैर-जमानती धाराओं को जोड़ने की माँग* *👉 ड्राइवर महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पूरी सच्चाई सामने रखेगा।* 👉*महासंघ को पूरा विश्वास है कि कप्तान* *साहब मामले की* *गंभीरता को समझते हुए एफआईआर में तत्काल निम्नलिखित गैर-जमानती (Non-Bailable) धाराएं जोड़ने का आदेश देंगे:* *👉BNS धारा 308 (Extortion / जबरन वसूली): डरा-धमकाकर जबरन कबूलनामा और दस्तखत करवाने के जुर्म में।* *👉BNS धारा 336(3) / 340 (Forgery / कूटरचना): जबरन दस्तखत करवाकर फर्जी साक्ष्य निर्मित करने के प्रयास हेतु।* *👉BNS धारा 140 (Abduction / बंधक बनाना): छल-बल से बुलाकर अवैध रूप से कमरे में बंद करने हेतु।* *👉"लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत हटाएं एसपी साहब, वरना पूरे प्रदेश में होगा चक्काजाम"* *👉चालक महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए माँग की है कि ऐसे दागी और अपराधियों को संरक्षण देने वाले बुढ़ार थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर लाइन हाजिर किया जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष विवेचना हो सके।* *👉महासंघ ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों का बचाव करने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई और एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं नहीं जोड़ी गईं, तो संपूर्ण मध्य प्रदेश चालक महासंघ शहडोल जिले में उग्र आंदोलन शुरू करेगा। प्रदेशभर के चालक सड़कों पर उतरकर पहिया जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बुढ़ार पुलिस की हठधर्मिता और लापरवाही की होगी।*1