*ड्राइवरों का भरोसा* *शहडोल एसपी की निष्पक्षता पर भरोसा, लेकिन बुढ़ार पुलिस पर फूटा गुस्सा: दबंगों को संरक्षण देने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी* *👉मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ ने जताई उम्मीद: ‘ईमानदार और सख्त पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल पीड़ितों को न्याय दिलाकर दागी अफसरों पर करेंगे कड़ा प्रहार’* *शहडोल। जिला शहडोल के बुढ़ार थाना क्षेत्र में निर्दोष चालकों को कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर व वीडियो कबूलनामा करवाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जहाँ एक ओर जिले के सख्त, न्यायप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की अपराध-मुक्त प्रशासन की नीति पर जनता और महासंघ को पूरा भरोसा है, वहीं दूसरी ओर बुढ़ार थाना प्रभारी की संदेहास्पद और पक्षपातपूर्ण भूमिका ने खाकी की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है।* *👉एसपी साहब की* *पारदर्शी कार्यशैली पर भरोसा, थाना प्रभारी पर लीपापोती का आरोप* *मध्य प्रदेश ड्राइवर* *महासंघ का स्पष्ट कहना है कि शहडोल जिले में पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की छवि एक कड़क, निष्पक्ष और न्यायप्रिय अधिकारी की है, जो कभी भी अपराधियों या भ्रष्ट तत्वों को बर्दाश्त नहीं करते।* *👉लेकिन बुढ़ार थाना प्रभारी द्वारा उनके निर्देशों के विपरीत* *जाकर दबंग व रसूखदार ट्रांसपोर्टरों के दबाव में काम किया जा रहा है।* *पीड़ित चालकों के साथ हुए इस जघन्य अपराध में जहाँ वसूली,कूटरचना और अपहरण जैसी गंभीर धाराएँ लगनी चाहिए थीं, वहीं बुढ़ार थाना प्रभारी ने आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने की नीयत से केवल* *BNS-115(2), BNS-127(2), BNS-296(a), BNS-3(5) और BNS-351(3) जैसी जमानती व हल्की* *धाराओं में एफआईआर दर्ज कर इतिश्री कर ली।* *इन कड़क व गैर-जमानती धाराओं को जोड़ने की माँग* *👉 ड्राइवर महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पूरी सच्चाई सामने रखेगा।* 👉*महासंघ को पूरा विश्वास है कि कप्तान* *साहब मामले की* *गंभीरता को समझते हुए एफआईआर में तत्काल निम्नलिखित गैर-जमानती (Non-Bailable) धाराएं जोड़ने का आदेश देंगे:* *👉BNS धारा 308 (Extortion / जबरन वसूली): डरा-धमकाकर जबरन कबूलनामा और दस्तखत करवाने के जुर्म में।* *👉BNS धारा 336(3) / 340 (Forgery / कूटरचना): जबरन दस्तखत करवाकर फर्जी साक्ष्य निर्मित करने के प्रयास हेतु।* *👉BNS धारा 140 (Abduction / बंधक बनाना): छल-बल से बुलाकर अवैध रूप से कमरे में बंद करने हेतु।* *👉"लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत हटाएं एसपी साहब, वरना पूरे प्रदेश में होगा चक्काजाम"* *👉चालक महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए माँग की है कि ऐसे दागी और अपराधियों को संरक्षण देने वाले बुढ़ार थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर लाइन हाजिर किया जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष विवेचना हो सके।* *👉महासंघ ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों का बचाव करने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई और एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं नहीं जोड़ी गईं, तो संपूर्ण मध्य प्रदेश चालक महासंघ शहडोल जिले में उग्र आंदोलन शुरू करेगा। प्रदेशभर के चालक सड़कों पर उतरकर पहिया जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बुढ़ार पुलिस की हठधर्मिता और लापरवाही की होगी।*
*ड्राइवरों का भरोसा* *शहडोल एसपी की निष्पक्षता पर भरोसा, लेकिन बुढ़ार पुलिस पर फूटा गुस्सा: दबंगों को संरक्षण देने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी* *👉मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ ने जताई उम्मीद: ‘ईमानदार और सख्त पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल पीड़ितों को न्याय दिलाकर दागी अफसरों पर करेंगे कड़ा प्रहार’* *शहडोल। जिला शहडोल के बुढ़ार थाना क्षेत्र में निर्दोष चालकों को कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर व वीडियो कबूलनामा करवाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जहाँ एक ओर जिले के सख्त, न्यायप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की अपराध-मुक्त प्रशासन की नीति पर जनता और महासंघ को पूरा भरोसा है, वहीं दूसरी ओर बुढ़ार थाना प्रभारी की संदेहास्पद और पक्षपातपूर्ण भूमिका ने खाकी की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है।* *👉एसपी साहब की* *पारदर्शी कार्यशैली पर भरोसा, थाना प्रभारी पर लीपापोती का आरोप* *मध्य प्रदेश ड्राइवर* *महासंघ का स्पष्ट कहना है कि शहडोल जिले में पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की छवि एक कड़क, निष्पक्ष और न्यायप्रिय अधिकारी की है, जो कभी भी अपराधियों या भ्रष्ट तत्वों को बर्दाश्त नहीं करते।* *👉लेकिन बुढ़ार थाना प्रभारी द्वारा उनके निर्देशों के विपरीत* *जाकर दबंग व रसूखदार ट्रांसपोर्टरों के दबाव में काम किया जा रहा है।* *पीड़ित चालकों के साथ हुए इस जघन्य अपराध में जहाँ वसूली,कूटरचना और अपहरण जैसी गंभीर धाराएँ लगनी चाहिए थीं, वहीं बुढ़ार थाना प्रभारी ने आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने की नीयत से केवल* *BNS-115(2), BNS-127(2), BNS-296(a), BNS-3(5) और BNS-351(3) जैसी जमानती व हल्की* *धाराओं में एफआईआर दर्ज कर इतिश्री कर ली।* *इन कड़क व गैर-जमानती धाराओं को जोड़ने की माँग* *👉 ड्राइवर महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पूरी सच्चाई सामने रखेगा।* 👉*महासंघ को पूरा विश्वास है कि कप्तान* *साहब मामले की* *गंभीरता को समझते हुए एफआईआर में तत्काल निम्नलिखित गैर-जमानती (Non-Bailable) धाराएं जोड़ने का आदेश देंगे:* *👉BNS धारा 308 (Extortion / जबरन वसूली): डरा-धमकाकर जबरन कबूलनामा और दस्तखत करवाने के जुर्म में।* *👉BNS धारा 336(3) / 340 (Forgery / कूटरचना): जबरन दस्तखत करवाकर फर्जी साक्ष्य निर्मित करने के प्रयास हेतु।* *👉BNS धारा 140 (Abduction / बंधक बनाना): छल-बल से बुलाकर अवैध रूप से कमरे में बंद करने हेतु।* *👉"लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत हटाएं एसपी साहब, वरना पूरे प्रदेश में होगा चक्काजाम"* *👉चालक महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए माँग की है कि ऐसे दागी और अपराधियों को संरक्षण देने वाले बुढ़ार थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर लाइन हाजिर किया जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष विवेचना हो सके।* *👉महासंघ ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों का बचाव करने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई और एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं नहीं जोड़ी गईं, तो संपूर्ण मध्य प्रदेश चालक महासंघ शहडोल जिले में उग्र आंदोलन शुरू करेगा। प्रदेशभर के चालक सड़कों पर उतरकर पहिया जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बुढ़ार पुलिस की हठधर्मिता और लापरवाही की होगी।*
- अमरकंटक नगर परिषद ने अतिक्रमण के विरुद्ध चलाया सघन अभियान अनूपपुर - मुख्य मार्गों से अवैध कब्जे हटाए, व्यापारियों को निर्धारित सीमा में व्यवसाय करने की हिदायत प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल तथा पर्यटन नगरी अमरकंटक में नगर परिषद द्वारा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास व्यापारियों द्वारा निर्धारित सीमा से बाहर किए गए अवैध कब्जों एवं निर्माण को हटाया गया तथा संबंधित व्यापारियों को भविष्य में निर्धारित सीमा के भीतर ही व्यवसाय करने की सख्त हिदायत दी गई। नगर परिषद के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र परिसर के मुख्य मार्ग पर व्यापारियों द्वारा दुकानों से आगे बढ़कर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। वहीं जैन मंदिर परिसर के पीछे किए गए पांच अवैध निर्माणों को भी बलपूर्वक हटाया गया। मुख्य मार्ग पर दुकानों के सामने निर्धारित स्थल से अतिरिक्त स्थान घेरकर रखी गई सामग्री एवं किए गए कब्जे को हटाते हुए व्यापारियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित सीमा के भीतर ही अपनी दुकानें संचालित करें। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 10 स्थित कोटि तीर्थ घाट एवं गांधी कुंड मुख्य मार्ग पर किए गए अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण का भी निरीक्षण किया गया। नगर परिषद द्वारा संबंधित व्यापारियों को 24 घंटे की मोहलत देते हुए निर्देशित किया गया कि वे मुख्य मार्ग से पांच फीट अंदर रहकर ही व्यापार करें तथा मार्ग को बाधित करने वाले अवैध निर्माण एवं कब्जे स्वयं हटा लें। नगर परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जेसीबी मशीन के माध्यम से बलपूर्वक अवैध कब्जा हटाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित व्यापारी की होगी। इसी तरह नर्मदा मंदिर के आसपास के व्यापारियों को भी अवैध कब्जे एवं निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी दुकान की सामग्री मुख्य मार्ग पर न रखें और न ही निर्धारित सीमा से बाहर किसी प्रकार का अवैध कब्जा करें। इससे श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि मार्ग पर अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित होने अथवा जाम की स्थिति निर्मित होने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा अवैध कब्जों को सख्ती से बलपूर्वक हटाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से नगर की व्यवस्था एवं सुगम यातायात बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर परिषद अमरकंटक का अमला, अमरकंटक थाना पुलिस बल तथा उप तहसील अमरकंटक के नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। नगर परिषद की कार्रवाई से मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण कर व्यापार करने वाले लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।1
- उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को सरल, सुलभ और समान न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदौर में आयोजित ‘इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस’ वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का समाधान कर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, ई-जीरो एफआईआर और आधुनिक न्याय व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार न्याय प्रणाली को अधिक सरल और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का उदाहरण देते हुए सुशासन के लिए न्याय को जरूरी बताया।4
- भरौलl ग्राम वासियों द्वारा सागर मंदिर तक पैदल कावड़ यात्रा निकल गई। उमरिया जिला मुख्यालय अंतर्गत दोपहर 1:00 बजे स्थानीय निवासी ग्राम बरवाला के श्रद्धालु द्वाराभरौलl से सागर मंदिर तक पैदल कावड़ यात्रा निकल गई कावड़ यात्रा का समापन सागर मंदिर में किया जाएगा जहां पर शंकर जी की पूजा अर्चना कर कावड़ यात्रा का समापन किया जाएगा।1
- स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में निपटाएं लंबित प्रकरण: सीईओ स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में निपटाएं लंबित प्रकरण: सीईओ डीएलसीसी की बैठक में बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश, पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले ऋण और योजनाओं का लाभ डिंडौरी, जिले में युवाओं, किसानों, महिलाओं एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार और आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलसीसी) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और बैंकों के माध्यम से संचालित ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक उद्यम एवं स्वरोजगार योजना, पीएमएफएमई, किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन विभाग की योजनाएं, पीएम स्वनिधि तथा आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। लंबित प्रकरणों को लेकर सख्त हुए सीईओ समीक्षा के दौरान सामने आए लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी ने संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीएमएफएमई, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और भगवान बिरसा मुंडा आर्थिक कल्याण योजना के लंबित प्रकरणों का आगामी एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए पात्र हितग्राही लंबे समय से लाभ की प्रतीक्षा करते हैं। इसलिए फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति समाप्त की जाए और पात्र प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजना का लाभ सीईओ ने अन्य योजनाओं में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और बैंकर्स से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा, ताकि आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति और वितरण तक की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाएं केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिलना बेहद जरूरी है। बैंकर्स और विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी बैठक में योजनावार प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यक दस्तावेजों की कमी वाले प्रकरणों में हितग्राहियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक श्री रविशंकर सहित जनजातीय कार्य विभाग, जिला उद्योग केंद्र, कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी, ग्रामीण आजीविका मिशन, शहरी आजीविका मिशन तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। एक सप्ताह में परिणाम दिखाने पर जोर डीएलसीसी बैठक में प्रशासन का स्पष्ट संदेश रहा कि सरकारी स्वरोजगार और आर्थिक कल्याण योजनाओं में पात्र हितग्राहियों के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। अब संबंधित विभागों और बैंकर्स के सामने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की जिम्मेदारी है, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।1
- *ड्राइवरों का भरोसा* *शहडोल एसपी की निष्पक्षता पर भरोसा, लेकिन बुढ़ार पुलिस पर फूटा गुस्सा: दबंगों को संरक्षण देने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी* *👉मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ ने जताई उम्मीद: ‘ईमानदार और सख्त पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल पीड़ितों को न्याय दिलाकर दागी अफसरों पर करेंगे कड़ा प्रहार’* *शहडोल। जिला शहडोल के बुढ़ार थाना क्षेत्र में निर्दोष चालकों को कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर व वीडियो कबूलनामा करवाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जहाँ एक ओर जिले के सख्त, न्यायप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की अपराध-मुक्त प्रशासन की नीति पर जनता और महासंघ को पूरा भरोसा है, वहीं दूसरी ओर बुढ़ार थाना प्रभारी की संदेहास्पद और पक्षपातपूर्ण भूमिका ने खाकी की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है।* *👉एसपी साहब की* *पारदर्शी कार्यशैली पर भरोसा, थाना प्रभारी पर लीपापोती का आरोप* *मध्य प्रदेश ड्राइवर* *महासंघ का स्पष्ट कहना है कि शहडोल जिले में पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल की छवि एक कड़क, निष्पक्ष और न्यायप्रिय अधिकारी की है, जो कभी भी अपराधियों या भ्रष्ट तत्वों को बर्दाश्त नहीं करते।* *👉लेकिन बुढ़ार थाना प्रभारी द्वारा उनके निर्देशों के विपरीत* *जाकर दबंग व रसूखदार ट्रांसपोर्टरों के दबाव में काम किया जा रहा है।* *पीड़ित चालकों के साथ हुए इस जघन्य अपराध में जहाँ वसूली,कूटरचना और अपहरण जैसी गंभीर धाराएँ लगनी चाहिए थीं, वहीं बुढ़ार थाना प्रभारी ने आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने की नीयत से केवल* *BNS-115(2), BNS-127(2), BNS-296(a), BNS-3(5) और BNS-351(3) जैसी जमानती व हल्की* *धाराओं में एफआईआर दर्ज कर इतिश्री कर ली।* *इन कड़क व गैर-जमानती धाराओं को जोड़ने की माँग* *👉 ड्राइवर महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पूरी सच्चाई सामने रखेगा।* 👉*महासंघ को पूरा विश्वास है कि कप्तान* *साहब मामले की* *गंभीरता को समझते हुए एफआईआर में तत्काल निम्नलिखित गैर-जमानती (Non-Bailable) धाराएं जोड़ने का आदेश देंगे:* *👉BNS धारा 308 (Extortion / जबरन वसूली): डरा-धमकाकर जबरन कबूलनामा और दस्तखत करवाने के जुर्म में।* *👉BNS धारा 336(3) / 340 (Forgery / कूटरचना): जबरन दस्तखत करवाकर फर्जी साक्ष्य निर्मित करने के प्रयास हेतु।* *👉BNS धारा 140 (Abduction / बंधक बनाना): छल-बल से बुलाकर अवैध रूप से कमरे में बंद करने हेतु।* *👉"लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत हटाएं एसपी साहब, वरना पूरे प्रदेश में होगा चक्काजाम"* *👉चालक महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए माँग की है कि ऐसे दागी और अपराधियों को संरक्षण देने वाले बुढ़ार थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर लाइन हाजिर किया जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष विवेचना हो सके।* *👉महासंघ ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों का बचाव करने वाले थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई और एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं नहीं जोड़ी गईं, तो संपूर्ण मध्य प्रदेश चालक महासंघ शहडोल जिले में उग्र आंदोलन शुरू करेगा। प्रदेशभर के चालक सड़कों पर उतरकर पहिया जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बुढ़ार पुलिस की हठधर्मिता और लापरवाही की होगी।*1
- जीरो ढाबा के पास 11 केवी लाइन में आग, दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे जीरो ढाबा के पास 11 केवी लाइन में आग, दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे हर साल जलती है केबल, फिर भी स्थायी समाधान नहीं; मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती पर भी उठे सवाल उमरिया। जिले के जीरो ढाबा के पास शुक्रवार को 11 केवी विद्युत लाइन की केबल जल जाने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। केबल में खराबी के कारण लंबे समय तक ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ा। बिजली व्यवस्था बाधित होने से ग्रामीणों के साथ-साथ दुकानदारों और अन्य उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जीरो ढाबा के पास 11 केवी लाइन की केबल जलने की समस्या नई नहीं है। हर साल किसी न किसी समय यहां केबल जलने से बिजली आपूर्ति बाधित होती है, इसके बावजूद विद्युत विभाग द्वारा अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। हर बार अस्थायी रूप से मरम्मत कर बिजली व्यवस्था बहाल कर दी जाती है, लेकिन कुछ समय बाद समस्या दोबारा सामने आ जाती है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेंटेनेंस के नाम पर कई बार दिनभर बिजली बंद रखी जाती है, लेकिन इसके बावजूद बार-बार लाइन में खराबी और केबल जलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर मेंटेनेंस के नाम पर होने वाली लंबी बिजली कटौती का स्थायी लाभ उपभोक्ताओं को क्यों नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि जीरो ढाबा के पास बार-बार जलने वाली 11 केवी लाइन की तकनीकी जांच कराकर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर साल बिजली संकट की स्थिति से ग्रामीणों को राहत मिल सके।2
- खेल-खेल में नौनिहाल सीख रहे अक्षर और गिनती, आंगनवाड़ी केंद्रों में तैयार हो रही भविष्य की मजबूत नींव खेल-खेल में नौनिहाल सीख रहे अक्षर और गिनती, आंगनवाड़ी केंद्रों में तैयार हो रही भविष्य की मजबूत नींव “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान से बच्चों में बढ़ रही सीखने की ललक, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और पोषण पर भी जोर डिंडौरी, डिंडौरी जिले के आंगनवाड़ी केंद्र अब नन्हे-मुन्नों के लिए सिर्फ पोषण और देखभाल का केंद्र नहीं, बल्कि खेल-खेल में सीखने और समझने की पहली पाठशाला बन रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर के निर्देशन में “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान के तहत बच्चों को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) से जोड़ा जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों की उम्र और उनकी सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए गतिविधि आधारित एवं रोचक शिक्षण पद्धतियों का उपयोग किया जा रहा है। बच्चे खेल और मनोरंजन के माध्यम से अक्षरों और संख्याओं की पहचान करना, रंगों को समझना, शब्दों का उच्चारण करना तथा अपनी भाषा में अभिव्यक्ति करना सीख रहे हैं। खेल बना पढ़ाई का माध्यम परियोजना डिंडौरी के बरबसपुर रैयत एवं सालीवाड़ा रैयत तथा परियोजना शहपुरा के वार्ड क्रमांक-2 स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। यहां बच्चों को ऐसी गतिविधियां कराई जा रही हैं, जिनमें पढ़ाई के साथ मनोरंजन भी शामिल है। इससे बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह और जिज्ञासा बढ़ रही है। शिक्षा के साथ पोषण और स्वास्थ्य पर भी ध्यान अभियान के तहत बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने के साथ-साथ उनके पोषण, स्वास्थ्य और समुचित देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य है कि बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के साथ-साथ मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत बनें। प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव विशेषज्ञों के अनुसार बचपन के शुरुआती वर्षों में मिलने वाला सीखने का अनुभव बच्चे के आगे के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल और गतिविधियों के माध्यम से दी जा रही शिक्षा बच्चों के लिए स्कूल जाने से पहले सीखने की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान के जरिए डिंडौरी जिले में नौनिहालों को सीखने का आनंददायक वातावरण देने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल बच्चों से बस को धक्का लगवाया, सिस्टम को किसका इंतजार? सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया मानपुर। स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के दावों के बीच मानपुर में सामने आई एक तस्वीर ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को लेकर जा रही बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी के बीच बच्चों को बस से नीचे उतरना पड़ा और इसके बाद बच्चों से ही बस को धक्का लगवाया गया। घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब बच्चों की सुरक्षा के लिए बसें संचालित की जा रही हैं, तो क्या उनके रखरखाव और तकनीकी फिटनेस की नियमित निगरानी की जा रही है? फिटनेस प्रमाण-पत्र सिर्फ कागज पर तो नहीं? बताया जा रहा है कि सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स की बसों के माध्यम से कराया जा रहा है। बस के बीच रास्ते में खराब होने की घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता है। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि बच्चों के परिवहन में पुरानी बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, संबंधित बस की उम्र और तकनीकी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अधिकृत जांच के बिना नहीं की जा सकती। यही वजह है कि अब आरटीओ की जांच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। जांच में बस की फिटनेस, परमिट, बीमा, ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट्स और अन्य सुरक्षा मानकों की स्थिति स्पष्ट होना चाहिए। बच्चों से धक्का लगवाना बना सबसे बड़ा सवाल बस खराब होना एक तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या आपात स्थिति में बच्चों को बस से उतारकर उनसे भारी वाहन को धक्का लगवाना सुरक्षित व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है? भीषण गर्मी में सड़क पर बच्चों को खड़ा करना और उनसे बस को धक्का लगवाना उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। डीईओ बोले—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा— “आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।” अब सवाल यह है कि आरटीओ की जांच में क्या सामने आता है और उसके बाद क्या कार्रवाई होती है। जिम्मेदारों से 5 सीधे सवाल 1. बच्चों को लेकर चलने वाली बस की प्रतिदिन तकनीकी जांच कौन करता है? 2. संबंधित बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं? 3. बस की नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस का रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं? 4. बस खराब होने की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या है? 5. क्या बच्चों से बस को धक्का लगवाने की घटना की जिम्मेदारी तय होगी? अब जांच सिर्फ बस की नहीं, पूरी व्यवस्था की होनी चाहिए मामला केवल एक बस खराब होने का नहीं है। मामला उन बच्चों की सुरक्षा का है, जिन्हें अभिभावक विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं। यदि बस पूरी तरह फिट थी तो वह अचानक क्यों खराब हुई? और यदि तकनीकी खामी थी तो उसे बच्चों के परिवहन में क्यों लगाया गया? अब आरटीओ की जांच यह तय करेगी कि बस वास्तव में 'फिट' थी या केवल कागजों में।फ्रंट पेज के लिए वैकल्पिक सबसे तीखी हेडलाइन: “बच्चे पढ़ने निकले थे, बस धक्का लगाने लगे!” सांदीपनि विद्यालय की बस खराब होने से परिवहन व्यवस्था पर सवाल, भीषण गर्मी में बच्चों को सड़क पर उतारने की नौबत।1