उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को सरल, सुलभ और समान न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदौर में आयोजित ‘इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस’ वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का समाधान कर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, ई-जीरो एफआईआर और आधुनिक न्याय व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार न्याय प्रणाली को अधिक सरल और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का उदाहरण देते हुए सुशासन के लिए न्याय को जरूरी बताया।
उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को सरल, सुलभ
और समान न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदौर में आयोजित ‘इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस’ वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता
के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का समाधान कर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, ई-जीरो एफआईआर और आधुनिक न्याय व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार न्याय
प्रणाली को अधिक सरल और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का उदाहरण देते हुए सुशासन के लिए न्याय को जरूरी बताया।
- जन विश्वास अभियान का संकल्प हर समस्या का समाधान हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिलेगा2
- भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल उमरिया। सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर अचानक खराब हो गई। बस में सवार स्कूली बच्चों को भीषण गर्मी के बीच नीचे उतरकर बस को धक्का लगाना पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स को दिया गया है। इसी व्यवस्था के तहत संचालित एक बस शनिवार सुबह बस स्टैंड पर खराब हो गई। बस को चालू करने के लिए बच्चों को ही धक्का लगाते देखा गया। बार-बार बस खराब होने की शिकायत अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों के खराब होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ अभिभावकों ने बसों की उम्र और उनके रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, संबंधित बस की वास्तविक उम्र, तकनीकी स्थिति और फिटनेस की पुष्टि अधिकृत जांच के बाद ही हो सकेगी। बच्चों की सुरक्षा पर सवाल स्कूली बस का रास्ते में खराब होना तकनीकी खराबी का सामान्य मामला हो सकता है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बच्चों का सड़क पर उतरकर बस को धक्का लगाना चिंता का विषय है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों की नियमित तकनीकी जांच और सर्विसिंग कितनी गंभीरता से की जा रही है। क्या बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है? क्या वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है? क्या बच्चों के परिवहन के लिए बस की नियमित जांच की जाती है? इन सवालों का जवाब अब परिवहन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। डीईओ बोले- आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और आरटीओ से बस का निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद बस की तकनीकी स्थिति और फिटनेस संबंधी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच के बाद सामने आएगी हकीकत मामला केवल बस खराब होने तक सीमित नहीं है। यदि जांच में बस की फिटनेस या रखरखाव में कमी पाई जाती है तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा। वहीं यदि बस निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है तो बार-बार खराब होने के कारणों की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता के बीच सभी की नजर आरटीओ के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।1
- बिरसिंहपुर पाली ,जीरो ढाबा के पास 11kb line की केबल जल जाने के कारण दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे रहे और मजे की बात यह है कि यह केवल हर साल जलता है इसके बावजूद विभाग कोई स्थाई समाधान की बजाय हमेशा काम चलआऊ समाधान देता है जबकि मेंटेनेंस के नाम पर कई बार दिन दिन भर लाइट बंद कर रखी जाती है लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर होता कुछ नहीं1
- नौरोजाबाद थाना तहसील नौरोजाबाद पोस्ट पिनोरा ग्राम पंचायत देवरी माजरा का है करवाही मग किया जाता है अजय राठौर पिता रामसेवक राठौर उनकी पत्नी और बेटी फसल उखल रही कम से कम लगभग 15000से 20000हजार नुकसान किए हैं इस पर अधिकारी कोई सुनवाई नहीं होती मजदूर हु मेरी मम्मी बिकलांग है पापा नही है मृत्यु हो गये है2
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- शहाडार के जंगलों में 'वनराज' की दस्तक: देर रात सड़क पार करते दिखा विशालकाय बाघ, कैमरे में कैद हुआ दुर्लभ नजारा *शहाडार के जंगलों में 'वनराज' की दस्तक: देर रात सड़क पार करते दिखा विशालकाय बाघ, कैमरे में कैद हुआ दुर्लभ नजारा* * *कटनी जिले के शहाडार जंगल क्षेत्र में बाघों की आवाजाही बढ़ी; राहगीरों ने गाड़ी की हेडलाइट में बनाया वीडियो, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट।* कटनी । जिले के शहाडार जंगल क्षेत्र में एक बार फिर वनराज की मौजूदगी से सनसनी फैल गई है। शुक्रवार की देर रात मुख्य मार्ग से गुजर रहे राहगीरों को सड़क पार करता हुआ एक विशालकाय बाघ दिखाई दिया। वाहनों की हेडलाइट और टॉर्च की रोशनी में बाघ का यह शानदार और लाइव दृश्य राहगीरों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। *बिना किसी हड़बड़ाहट के जंगल में ओझल हुआ बाघ* वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि विशालकाय बाघ बिना किसी घबराहट या हड़बड़ाहट के बड़े ही शांत अंदाज में पक्की सड़क पार कर रहा है। गाड़ियों की रोशनी और हल्की आहट सुनकर बाघ कुछ पलों के लिए रुका, पीछे मुड़कर देखा और फिर सहजता से झाड़ियों में गायब हो गया। *स्थानीय ग्रामीणों और नियमित यात्रियों के अनुसार:* * *3 से 4 बाघों का कुनबा सक्रिय*: बीते कई महीनों से इस इलाके में 3 से 4 बाघ लगातार मूवमेंट कर रहे हैं। * *रात में बढ़ती है सक्रियता*: कभी-कभी दिन में भी बाघ सीमावर्ती इलाकों में नजर आते हैं, लेकिन रात के समय मुख्य सड़कों पर इनकी सक्रियता काफी बढ़ जाती है। *वन विभाग की निगरानी और सख्त निर्देश* मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग का गश्ती दल अलर्ट मोड पर है। वन अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में सतत निगरानी रखी जा रही है ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष (Man-Animal Conflict) की स्थिति उत्पन्न न हो। *राहगीरों और ग्रामीणों के लिए वन विभाग की एडवाइजरी:* अनावश्यक यात्रा से बचें: रात के समय शहाडार जंगल मार्ग से अकारण गुजरने से परहेज करें। दोपहिया वाहन चालक सावधान रहें: रात में बाइक/स्कूटी से गुजरने वाले राहगीर विशेष सतर्कता बरतें। *कौतूहल में जोखिम न लें:* जंगली जानवर दिखने पर वाहन रोकने, बेवजह हॉर्न बजाने या पास जाकर फोटो/वीडियो बनाने का भी चलाया जा रहा है। #shahdarkejungle #जंगलकराजा #katnimesher #KatniNews #NewsUpdate1
- उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को सरल, सुलभ और समान न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदौर में आयोजित ‘इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस’ वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का समाधान कर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, ई-जीरो एफआईआर और आधुनिक न्याय व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार न्याय प्रणाली को अधिक सरल और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का उदाहरण देते हुए सुशासन के लिए न्याय को जरूरी बताया।4
- सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल बच्चों से बस को धक्का लगवाया, सिस्टम को किसका इंतजार? सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया मानपुर। स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के दावों के बीच मानपुर में सामने आई एक तस्वीर ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को लेकर जा रही बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी के बीच बच्चों को बस से नीचे उतरना पड़ा और इसके बाद बच्चों से ही बस को धक्का लगवाया गया। घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब बच्चों की सुरक्षा के लिए बसें संचालित की जा रही हैं, तो क्या उनके रखरखाव और तकनीकी फिटनेस की नियमित निगरानी की जा रही है? फिटनेस प्रमाण-पत्र सिर्फ कागज पर तो नहीं? बताया जा रहा है कि सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स की बसों के माध्यम से कराया जा रहा है। बस के बीच रास्ते में खराब होने की घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता है। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि बच्चों के परिवहन में पुरानी बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, संबंधित बस की उम्र और तकनीकी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अधिकृत जांच के बिना नहीं की जा सकती। यही वजह है कि अब आरटीओ की जांच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। जांच में बस की फिटनेस, परमिट, बीमा, ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट्स और अन्य सुरक्षा मानकों की स्थिति स्पष्ट होना चाहिए। बच्चों से धक्का लगवाना बना सबसे बड़ा सवाल बस खराब होना एक तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या आपात स्थिति में बच्चों को बस से उतारकर उनसे भारी वाहन को धक्का लगवाना सुरक्षित व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है? भीषण गर्मी में सड़क पर बच्चों को खड़ा करना और उनसे बस को धक्का लगवाना उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। डीईओ बोले—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा— “आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।” अब सवाल यह है कि आरटीओ की जांच में क्या सामने आता है और उसके बाद क्या कार्रवाई होती है। जिम्मेदारों से 5 सीधे सवाल 1. बच्चों को लेकर चलने वाली बस की प्रतिदिन तकनीकी जांच कौन करता है? 2. संबंधित बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं? 3. बस की नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस का रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं? 4. बस खराब होने की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या है? 5. क्या बच्चों से बस को धक्का लगवाने की घटना की जिम्मेदारी तय होगी? अब जांच सिर्फ बस की नहीं, पूरी व्यवस्था की होनी चाहिए मामला केवल एक बस खराब होने का नहीं है। मामला उन बच्चों की सुरक्षा का है, जिन्हें अभिभावक विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं। यदि बस पूरी तरह फिट थी तो वह अचानक क्यों खराब हुई? और यदि तकनीकी खामी थी तो उसे बच्चों के परिवहन में क्यों लगाया गया? अब आरटीओ की जांच यह तय करेगी कि बस वास्तव में 'फिट' थी या केवल कागजों में।फ्रंट पेज के लिए वैकल्पिक सबसे तीखी हेडलाइन: “बच्चे पढ़ने निकले थे, बस धक्का लगाने लगे!” सांदीपनि विद्यालय की बस खराब होने से परिवहन व्यवस्था पर सवाल, भीषण गर्मी में बच्चों को सड़क पर उतारने की नौबत।1