मुज़फ्फरनगर | बड़ी खबर पिन्ना बाईपास पर ओवरलोड-ओवरहाइट गन्ने के ट्राले बन रहे जानलेवा, जिम्मेदार बने मूकदर्शक मुज़फ्फरनगर शहर के पिन्ना बाईपास पर ओवरलोड और ओवर-हाइट गन्ने से लदे ट्राले आम जनता की जान के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रहे ये भारी वाहन कभी भी बड़े हादसे को दावत दे सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि पूर्व में इसी बाईपास और आसपास के इलाकों में कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है, इसके बावजूद संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गन्ना सीजन शुरू होते ही ओवरलोड ट्रालों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इन ट्रालों की ऊंचाई और वजन तय मानकों से कहीं अधिक होता है, जिससे न केवल ट्रैफिक बाधित होता है बल्कि दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए यह रास्ता बेहद खतरनाक बन जाता है। रात के समय हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जब इन ट्रालों पर न तो रिफ्लेक्टर होते हैं और न ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद न तो परिवहन विभाग और न ही यातायात पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति होती है, जबकि ओवरलोड और ओवर-हाइट वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। अब सवाल यह है कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? पिन्ना बाईपास से गुजरने वाले हजारों राहगीरों और वाहन चालकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड गन्ना ट्रालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंड लगाया जाए, ताकि किसी और परिवार को अपनों को न खोना पड़े।
मुज़फ्फरनगर | बड़ी खबर पिन्ना बाईपास पर ओवरलोड-ओवरहाइट गन्ने के ट्राले बन रहे जानलेवा, जिम्मेदार बने मूकदर्शक मुज़फ्फरनगर शहर के पिन्ना बाईपास पर ओवरलोड और ओवर-हाइट गन्ने से लदे ट्राले आम जनता की जान के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रहे ये भारी वाहन कभी भी बड़े हादसे को दावत दे सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि पूर्व में इसी बाईपास और आसपास के इलाकों में कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है, इसके बावजूद संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गन्ना सीजन शुरू होते ही ओवरलोड ट्रालों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इन ट्रालों की ऊंचाई और वजन तय मानकों से कहीं अधिक होता है, जिससे न केवल ट्रैफिक बाधित होता है बल्कि दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए यह रास्ता बेहद खतरनाक बन जाता है। रात के समय हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जब इन ट्रालों पर न तो रिफ्लेक्टर होते हैं और न ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद न तो परिवहन विभाग और न ही यातायात पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति होती है, जबकि ओवरलोड और ओवर-हाइट वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। अब सवाल यह है कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? पिन्ना बाईपास से गुजरने वाले हजारों राहगीरों और वाहन चालकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड गन्ना ट्रालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंड लगाया जाए, ताकि किसी और परिवार को अपनों को न खोना पड़े।
- शहीद विवेक देशवाल के सम्मान की लड़ाई: बुजुर्ग पिता दर-दर भटकने को मजबूर2
- मुजफ्फरनगर थाना रतनपुरी पुलिस ने मुठभेड़ में एक शतिर वाछित ₹25000 का इनामी बदमाश किया घायल गिरफ्तार ।1
- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
- मुज़फ्फरनगर एकलौते शहीद बेटे विवेक देशवाल के सम्मान की गुहार लेकर बुजुर्ग पिता दर-दर भटकने को मजबूर हैं। 02 नवंबर 2024 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में देश सेवा के दौरान शहीद हुए जवान के पिता की आंखों में आज भी बेटे की शहादत का गर्व है, लेकिन सम्मान और हक की मांग करते-करते उनकी आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं। बुजुर्ग पिता का कहना है कि उन्होंने अपना इकलौता बेटा देश को सौंप दिया, लेकिन शहादत के बाद मिलने वाले सम्मान, सहायता और सरकारी प्रक्रियाओं के लिए उन्हें लगातार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हर दरवाजे पर उम्मीद लेकर जाने वाले इस पिता को अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। शहीद के पिता की पीड़ा जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है। सवाल यह उठता है कि जिस परिवार ने देश के लिए सबसे बड़ी कुर्बानी दी, उसे न्याय और सम्मान के लिए भटकना क्यों पड़ रहा है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की जा रही है कि शहीद परिवार को शीघ्र सम्मान, सहायता और उनका हक दिलाया जाए, ताकि एक बुजुर्ग पिता की आंखों से बहते आंसू थम सकें।1
- good morning Jai hind Jai Bharat follow like comment share kro sabhi deshvasiyo bhaiya ji namskar parnaam ji 🕉️3
- शादी में आतिशबाजी के दौरान पायदान बुनाई मशीन में लगी आग हजारों का समान जला जनपद मुजफ्फरनगर के मीरापुर कस्बे के मौहल्ला सरफपुरा में शादी में आतिशबाजी के दौरान एक मकान में पटाखा गिरने के कारण पायदान बुनाई मशीन में आग लग गई पायदान बुनाई मशीन में लगी आग के कारण हजारों रूपए का सामान जलकर खाक हो गया है शुक्रवार के दिन मीरापुर कस्बे के मौहल्ला सरफपुरा निवासी सलीम पुत्र फैयाज के यहां जनपद मेरठ के क़स्बा लावड़ से बारात आई हुई थी शुक्रवार की रात्रि में आतिशबाजी के दौरान मोहल्ले के ढिल्ला पुत्र गुलजार के घर के आंगन में लगी पायदान बुनाई मशीन में पटाखे गिरने के कारण आग लग गई आग लगने से पायदान बुनाई मशीन सहित आसपास रखा हजारों रूपए का सामान भी जलकर राख हो गया है2
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