*महुआडांड़ अनुमंडल में एक भी चिल्ड्रन पार्क नहीं, मोबाइल में सिमट रहा बच्चों का बचपन* *महुआडांड़ (लातेहार)* महुआडांड़, जो कि एक अनुमंडल के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है, यहां अब तक बच्चों के लिए एक भी समुचित चिल्ड्रन पार्क का अभाव स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। क्षेत्र में रहने वाले अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के खेलने, शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सुरक्षित व समर्पित स्थान होना बेहद जरूरी है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।चिल्ड्रन पार्क की कमी का असर अब बच्चों की दिनचर्या पर भी साफ दिखने लगा है। अभिभावकों के अनुसार, खेलने के लिए सुरक्षित जगह नहीं होने के कारण बच्चे अधिकतर समय मोबाइल फोन में ही व्यस्त रहते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।स्थिति यह है कि बच्चे और उनके अभिभावक मजबूर होकर आवासीय विद्यालय महुआडांड़ के मैदान का रुख कर रहे हैं। वहीं, कसरत के लिए लगाए गए ओपन जिम उपकरणों का उपयोग भी बच्चे खेल के रूप में करने लगे हैं, जो कई बार उनके लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह व्यवस्था न तो बच्चों के अनुकूल है और न ही सुरक्षित।ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि महुआडांड़ में जल्द से जल्द एक आधुनिक चिल्ड्रन पार्क का निर्माण कराया जाए, जहां झूले, फिसलपट्टी, हरियाली और बैठने की समुचित व्यवस्था हो। उनका मानना है कि इससे न केवल बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
*महुआडांड़ अनुमंडल में एक भी चिल्ड्रन पार्क नहीं, मोबाइल में सिमट रहा बच्चों का बचपन* *महुआडांड़ (लातेहार)* महुआडांड़, जो कि एक अनुमंडल के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है, यहां अब तक बच्चों के लिए एक भी समुचित चिल्ड्रन पार्क का अभाव स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। क्षेत्र में रहने वाले अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के खेलने, शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सुरक्षित व समर्पित स्थान होना बेहद जरूरी है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।चिल्ड्रन पार्क की कमी का असर अब बच्चों की दिनचर्या पर भी साफ दिखने लगा है। अभिभावकों के अनुसार, खेलने के लिए सुरक्षित जगह नहीं होने के कारण बच्चे अधिकतर समय मोबाइल फोन में ही व्यस्त रहते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।स्थिति यह है कि बच्चे और उनके अभिभावक मजबूर होकर आवासीय विद्यालय महुआडांड़ के मैदान का रुख कर रहे हैं। वहीं, कसरत के लिए लगाए गए ओपन जिम उपकरणों का उपयोग भी बच्चे खेल के रूप में करने लगे हैं, जो कई बार उनके लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह व्यवस्था न तो बच्चों के अनुकूल है और न ही सुरक्षित।ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि महुआडांड़ में जल्द से जल्द एक आधुनिक चिल्ड्रन पार्क का निर्माण कराया जाए, जहां झूले, फिसलपट्टी, हरियाली और बैठने की समुचित व्यवस्था हो। उनका मानना है कि इससे न केवल बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
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- महुआडांड़, जो कि एक अनुमंडल के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है, यहां अब तक बच्चों के लिए एक भी समुचित चिल्ड्रन पार्क का अभाव स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। क्षेत्र में रहने वाले अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के खेलने, शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सुरक्षित व समर्पित स्थान होना बेहद जरूरी है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। चिल्ड्रन पार्क की कमी का असर अब बच्चों की दिनचर्या पर भी साफ दिखने लगा है। अभिभावकों के अनुसार, खेलने के लिए सुरक्षित जगह नहीं होने के कारण बच्चे अधिकतर समय मोबाइल फोन में ही व्यस्त रहते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। स्थिति यह है कि बच्चे और उनके अभिभावक मजबूर होकर आवासीय विद्यालय महुआडांड़ के मैदान का रुख कर रहे हैं। वहीं, कसरत के लिए लगाए गए ओपन जिम उपकरणों का उपयोग भी बच्चे खेल के रूप में करने लगे हैं, जो कई बार उनके लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह व्यवस्था न तो बच्चों के अनुकूल है और न ही सुरक्षित। ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि महुआडांड़ में जल्द से जल्द एक आधुनिक चिल्ड्रन पार्क का निर्माण कराया जाए, जहां झूले, फिसलपट्टी, हरियाली और बैठने की समुचित व्यवस्था हो। उनका मानना है कि इससे न केवल बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।1
- रांची के कांके थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी ने 2022 में बुढ़मू से बच्ची को देखभाल के नाम पर लिया था, लेकिन विवाद के बाद उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित किया। घटना का विवरण 10-11 अप्रैल 2026 की रात आरोपियों ने बच्ची को मानसिक-शारीरिक यातनाएं देकर हत्या कर दी और शव को अस्पतालों में ले जाकर मामला सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका के बयान से पूरा मामला खुलासा हुआ। कांड संख्या 84/26 में धारा 103(1), 118(2), 127(2), 143(4), 61(2)/3(5) बीएनएस और 75 जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज। आरोपी और बरामद सामान सुषमा कुमारी, प्रदीप बारला और संतोष कुमार दास को हिरासत में लिया गया। सफेद मारुति स्विफ्ट डिजायर कार एमआई, विबो और नोकिया मोबाइल कैंची, पिलास, लाठी, रस्सी, एडहेसिव टेप। छापामारी टीम टीम का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक साक्षी जमुआर ने किया, जिसमें अमर कुमार पांडेय, कुणाल कुमार समेत कई पुलिसकर्मी शामिल। अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- सिसई (गुमला)। सिसई में बीते माह 15 मार्च 2026 को आयोजित विराट हिन्दू महासम्मेलन की सफलता को लेकर रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंंदिर कुदरा सिसई के सभागार में समिति द्वारा रविवार को समीक्षा बैठक किया गया। इस बैठक में आयोजनकर्ता हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा, कोषाध्यक्ष आनंद कुमार साहु, विद्या मंंदिर के प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा, व्यवस्थापक प्रमुख मदन साहु, गजराज महतो, शंभु चौहान, कृष्णा कुमार साहु सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। समीक्षा बैठक के दौरान कोषाध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों के समक्ष आय और व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। साथ ही सभी व्यय करने के बाद की बची हुई राशि की जानकारी भी दी। जिसपर उपस्थित सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कोषाध्यक्ष आनंद कुमार साहु को उनके इस बेहतरीन और निस्वार्थ भाव से कोष का व्यवस्था संभालने के लिए भूरि भूरि प्रशंसा की और धन्यवाद कहा।एवं बची हुई राशि को अगले वर्ष में होने वाले विराट हिन्दू महासम्मेलन के आयोजन के लिए समिति ने सर्वसम्मति से कोषाध्यक्ष को सौंप दिया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा ने कहा कि सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की दिन रात की मेहनत के कारण ही सिसई में इतना बड़ा आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो पाया है इसके लिए समिति की ओर से सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद। उन्होंने सम्मेलन में भारी संख्या में शामिल क्षेत्र की जनता की भागीदारी को लेकर सिसई की जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। वहीं उन्होंने अगले वर्ष होने वाले विराट हिन्दू महासम्मेलन को और भी भव्यपूर्ण तरीके से आयोजित करने की बात कही और कहा कि अगले वर्ष इतना ज्यादा भव्य तरीके से कार्यक्रम आयोजन किया जायेगा कि पूरे देश में सिसई का डंका बजेगा। और अंत में समीक्षा बैठक को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराये जाने पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए इसका समापन किया गया।3
- सिसई प्रखंड के रावण दहन मैदान में 15 मार्च को हुए विराट हिन्दू माहसम्मेलन कार्यक्रम की सफलता पूर्वक संपन्न को लेकर रविवार को प्रखंड के रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर कुदरा में समीक्षा बैठक किया गया। बैठक से संजय वर्मा ने समिति के पदाधिकारी सहित प्रखंड वासियों को धन्यवाद दिया।1
- *महुआडांड़ (लातेहार)* महुआडांड़, जो कि एक अनुमंडल के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है, यहां अब तक बच्चों के लिए एक भी समुचित चिल्ड्रन पार्क का अभाव स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। क्षेत्र में रहने वाले अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के खेलने, शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सुरक्षित व समर्पित स्थान होना बेहद जरूरी है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।चिल्ड्रन पार्क की कमी का असर अब बच्चों की दिनचर्या पर भी साफ दिखने लगा है। अभिभावकों के अनुसार, खेलने के लिए सुरक्षित जगह नहीं होने के कारण बच्चे अधिकतर समय मोबाइल फोन में ही व्यस्त रहते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।स्थिति यह है कि बच्चे और उनके अभिभावक मजबूर होकर आवासीय विद्यालय महुआडांड़ के मैदान का रुख कर रहे हैं। वहीं, कसरत के लिए लगाए गए ओपन जिम उपकरणों का उपयोग भी बच्चे खेल के रूप में करने लगे हैं, जो कई बार उनके लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह व्यवस्था न तो बच्चों के अनुकूल है और न ही सुरक्षित।ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि महुआडांड़ में जल्द से जल्द एक आधुनिक चिल्ड्रन पार्क का निर्माण कराया जाए, जहां झूले, फिसलपट्टी, हरियाली और बैठने की समुचित व्यवस्था हो। उनका मानना है कि इससे न केवल बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।1
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- बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार रविवार को लगभाग 3 बजे हंटरगंज प्रखंड के गोसाईडीह गांव पहुंचे, जहां चंद्रवंशी समाज के लोगों ने उनका गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने उन्हें फूल-मालाओं से लादकर तथा बुके भेंट कर सम्मानित किया। बताया गया कि विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद डॉ. प्रेम कुमार का यह हंटरगंज क्षेत्र का पहला दौरा था, जिसको लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा गया। उनके आगमन पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और स्वागत समारोह को यादगार बना दिया। इस दौरान डॉ. प्रेम कुमार ने क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया और लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।1