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उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना, ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। कानपुर देहात के ग्राम कुसमी, पोस्ट कोरसा, तहसील अकबरपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह, पुत्र मिश्रीलाल, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। प्रजापति समाज से संबंध रखने वाले धर्मेंद्र सिंह पीढ़ियों से माटीकला के पारंपरिक कार्य से जुड़े हुए थे, लेकिन सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण वे आधुनिक उपकरण नहीं खरीद पा रहे थे। परिणामस्वरूप उनका उत्पादन सीमित था और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें माटीकला कार्य के साथ-साथ मजदूरी भी करनी पड़ती थी, जिससे उनकी मासिक आय लगभग 18 से 20 हजार रुपये के बीच थी। वर्ष 2025-26 में, उन्हें जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, कानपुर देहात के माध्यम से मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की जानकारी प्राप्त हुई। आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद, ग्रामीण बैंक, शाखा लालपुर, अकबरपुर द्वारा उन्हें 3 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। इस वित्तीय सहायता से श्री धर्मेंद्र सिंह ने अपनी इकाई का आधुनिकीकरण किया। उन्होंने जिगर मशीन, विभिन्न डाई तथा सोलर पैनल स्थापित किए, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पहले जहाँ अधिकांश कार्य पारंपरिक तरीके से होता था, वहीं अब आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कम समय में अधिक एवं बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार होने लगे हैं। इससे उनकी मेहनत कम हुई और उत्पादन लागत में भी कमी आई। आज श्री धर्मेंद्र सिंह की मासिक आय बढ़कर 30 से 32 हजार रुपये तक पहुँच गई है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी माटीकला इकाई में तीन अन्य ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे उनकी इकाई आज ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है। धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि उन्हें समय पर शासन की योजना का लाभ और वित्तीय सहयोग न मिला होता, तो उनके लिए अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाना कठिन था। आज वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अपने परिवार को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। श्री धर्मेंद्र सिंह की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाएँ वास्तव में पात्र लाभार्थियों के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। सरकार की योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे न केवल लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि प्रदेश में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है। उनकी यह प्रेरक यात्रा एक सशक्त संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति के साथ शासन की योजनाओं का लाभ लिया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।

1 hr ago
user_Arvind sharma kanpur dehat
Arvind sharma kanpur dehat
Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना, ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। कानपुर देहात के ग्राम कुसमी, पोस्ट कोरसा, तहसील अकबरपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह, पुत्र मिश्रीलाल, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। प्रजापति समाज से संबंध रखने वाले धर्मेंद्र सिंह पीढ़ियों से माटीकला के पारंपरिक कार्य से जुड़े हुए थे, लेकिन सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण वे आधुनिक उपकरण नहीं खरीद पा रहे थे। परिणामस्वरूप उनका उत्पादन सीमित था और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें माटीकला कार्य के साथ-साथ मजदूरी भी करनी पड़ती थी, जिससे उनकी मासिक आय लगभग 18 से 20 हजार रुपये के बीच थी। वर्ष 2025-26 में, उन्हें जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, कानपुर देहात के माध्यम से मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की जानकारी प्राप्त हुई। आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद, ग्रामीण बैंक, शाखा लालपुर, अकबरपुर द्वारा उन्हें 3 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। इस वित्तीय सहायता से श्री धर्मेंद्र सिंह ने अपनी इकाई का आधुनिकीकरण किया। उन्होंने जिगर मशीन, विभिन्न डाई तथा सोलर पैनल स्थापित किए, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पहले जहाँ अधिकांश कार्य पारंपरिक तरीके से होता था, वहीं अब आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कम समय में अधिक एवं बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार होने लगे हैं। इससे उनकी मेहनत कम हुई और उत्पादन लागत में भी कमी आई। आज श्री धर्मेंद्र सिंह की मासिक आय बढ़कर 30 से 32 हजार रुपये तक पहुँच गई है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी माटीकला इकाई में तीन अन्य ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे उनकी इकाई आज ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है। धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि उन्हें समय पर शासन की योजना का लाभ और वित्तीय सहयोग न मिला होता, तो उनके लिए अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाना कठिन था। आज वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अपने परिवार को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। श्री धर्मेंद्र सिंह की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाएँ वास्तव में पात्र लाभार्थियों के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। सरकार की योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे न केवल लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि प्रदेश में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है। उनकी यह प्रेरक यात्रा एक सशक्त संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति के साथ शासन की योजनाओं का लाभ लिया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।

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  • उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना, ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। कानपुर देहात के ग्राम कुसमी, पोस्ट कोरसा, तहसील अकबरपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह, पुत्र मिश्रीलाल, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। प्रजापति समाज से संबंध रखने वाले धर्मेंद्र सिंह पीढ़ियों से माटीकला के पारंपरिक कार्य से जुड़े हुए थे, लेकिन सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण वे आधुनिक उपकरण नहीं खरीद पा रहे थे। परिणामस्वरूप उनका उत्पादन सीमित था और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें माटीकला कार्य के साथ-साथ मजदूरी भी करनी पड़ती थी, जिससे उनकी मासिक आय लगभग 18 से 20 हजार रुपये के बीच थी। वर्ष 2025-26 में, उन्हें जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, कानपुर देहात के माध्यम से मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की जानकारी प्राप्त हुई। आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद, ग्रामीण बैंक, शाखा लालपुर, अकबरपुर द्वारा उन्हें 3 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। इस वित्तीय सहायता से श्री धर्मेंद्र सिंह ने अपनी इकाई का आधुनिकीकरण किया। उन्होंने जिगर मशीन, विभिन्न डाई तथा सोलर पैनल स्थापित किए, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पहले जहाँ अधिकांश कार्य पारंपरिक तरीके से होता था, वहीं अब आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कम समय में अधिक एवं बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार होने लगे हैं। इससे उनकी मेहनत कम हुई और उत्पादन लागत में भी कमी आई। आज श्री धर्मेंद्र सिंह की मासिक आय बढ़कर 30 से 32 हजार रुपये तक पहुँच गई है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी माटीकला इकाई में तीन अन्य ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे उनकी इकाई आज ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है। धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि उन्हें समय पर शासन की योजना का लाभ और वित्तीय सहयोग न मिला होता, तो उनके लिए अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाना कठिन था। आज वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अपने परिवार को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। श्री धर्मेंद्र सिंह की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाएँ वास्तव में पात्र लाभार्थियों के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। सरकार की योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे न केवल लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि प्रदेश में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है। उनकी यह प्रेरक यात्रा एक सशक्त संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति के साथ शासन की योजनाओं का लाभ लिया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।
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    उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना, ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। कानपुर देहात के ग्राम कुसमी, पोस्ट कोरसा, तहसील अकबरपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह, पुत्र मिश्रीलाल, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। प्रजापति समाज से संबंध रखने वाले धर्मेंद्र सिंह पीढ़ियों से माटीकला के पारंपरिक कार्य से जुड़े हुए थे, लेकिन सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण वे आधुनिक उपकरण नहीं खरीद पा रहे थे। परिणामस्वरूप उनका उत्पादन सीमित था और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें माटीकला कार्य के साथ-साथ मजदूरी भी करनी पड़ती थी, जिससे उनकी मासिक आय लगभग 18 से 20 हजार रुपये के बीच थी।

वर्ष 2025-26 में, उन्हें जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, कानपुर देहात के माध्यम से मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की जानकारी प्राप्त हुई। आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद, ग्रामीण बैंक, शाखा लालपुर, अकबरपुर द्वारा उन्हें 3 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया।

इस वित्तीय सहायता से श्री धर्मेंद्र सिंह ने अपनी इकाई का आधुनिकीकरण किया। उन्होंने जिगर मशीन, विभिन्न डाई तथा सोलर पैनल स्थापित किए, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पहले जहाँ अधिकांश कार्य पारंपरिक तरीके से होता था, वहीं अब आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कम समय में अधिक एवं बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार होने लगे हैं। इससे उनकी मेहनत कम हुई और उत्पादन लागत में भी कमी आई। आज श्री धर्मेंद्र सिंह की मासिक आय बढ़कर 30 से 32 हजार रुपये तक पहुँच गई है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी माटीकला इकाई में तीन अन्य ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे उनकी इकाई आज ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है।

धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि उन्हें समय पर शासन की योजना का लाभ और वित्तीय सहयोग न मिला होता, तो उनके लिए अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाना कठिन था। आज वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अपने परिवार को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। श्री धर्मेंद्र सिंह की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाएँ वास्तव में पात्र लाभार्थियों के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। सरकार की योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे न केवल लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि प्रदेश में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है। उनकी यह प्रेरक यात्रा एक सशक्त संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति के साथ शासन की योजनाओं का लाभ लिया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र स्थित गुरुदेव फोटो स्टूडियो में अवैध गांजा बिक्री की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एक बड़ी छापेमारी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक को शिकायत मिलने के बाद हरकत में आए पुलिस महकमे ने यह कार्रवाई की, जिसमें फोटो स्टूडियो की आड़ में गांजा बेचने का आरोप लगाया गया था। गांजा बिक्री की शिकायत के आधार पर, भारी पुलिस बल के साथ स्टूडियो में पहुंची पुलिस ने गहन तलाशी ली। हालांकि, तलाशी के दौरान पुलिस को कोई भी अवैध गांजा बरामद नहीं हुआ। इस बात की भी चर्चा है कि छापेमारी की भनक लगते ही संदिग्ध सामग्री को पहले ही हटा दिया गया था। पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
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    जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र स्थित गुरुदेव फोटो स्टूडियो में अवैध गांजा बिक्री की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एक बड़ी छापेमारी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक को शिकायत मिलने के बाद हरकत में आए पुलिस महकमे ने यह कार्रवाई की, जिसमें फोटो स्टूडियो की आड़ में गांजा बेचने का आरोप लगाया गया था।

गांजा बिक्री की शिकायत के आधार पर, भारी पुलिस बल के साथ स्टूडियो में पहुंची पुलिस ने गहन तलाशी ली। हालांकि, तलाशी के दौरान पुलिस को कोई भी अवैध गांजा बरामद नहीं हुआ। इस बात की भी चर्चा है कि छापेमारी की भनक लगते ही संदिग्ध सामग्री को पहले ही हटा दिया गया था। पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जालौन जिले की कालपी विधानसभा के चुर्खी क्षेत्र में एक चर्चित महापंचायत शुरू हो गई है। हाल के एक विवाद के बाद आयोजित इस महापंचायत को लेकर पूरे जिले में गहन चर्चा है, जहाँ आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रहे हैं। यह घटना कालपी की सियासत में शक्ति प्रदर्शन और हलचल बढ़ाने वाली मानी जा रही है। इस महापंचायत के आयोजन के पीछे के कारणों पर दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं: एक ओर विधायक विनोद चतुर्वेदी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है, वहीं दूसरी ओर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने स्पष्ट किया है कि यह महापंचायत क्षेत्र की समस्याओं और हाल की घटना को लेकर बुलाई गई है। दोनों पक्ष सार्वजनिक मंच पर अपनी-अपनी बात रख चुके हैं। कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जबकि एक स्थानीय समाचार टीम मौके पर मौजूद होकर महापंचायत से जुड़ी हर बड़ी अपडेट लगातार प्रदान कर रही है।
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    जालौन जिले की कालपी विधानसभा के चुर्खी क्षेत्र में एक चर्चित महापंचायत शुरू हो गई है। हाल के एक विवाद के बाद आयोजित इस महापंचायत को लेकर पूरे जिले में गहन चर्चा है, जहाँ आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रहे हैं। यह घटना कालपी की सियासत में शक्ति प्रदर्शन और हलचल बढ़ाने वाली मानी जा रही है।

इस महापंचायत के आयोजन के पीछे के कारणों पर दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं: एक ओर विधायक विनोद चतुर्वेदी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है, वहीं दूसरी ओर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने स्पष्ट किया है कि यह महापंचायत क्षेत्र की समस्याओं और हाल की घटना को लेकर बुलाई गई है। दोनों पक्ष सार्वजनिक मंच पर अपनी-अपनी बात रख चुके हैं। कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जबकि एक स्थानीय समाचार टीम मौके पर मौजूद होकर महापंचायत से जुड़ी हर बड़ी अपडेट लगातार प्रदान कर रही है।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    रिपोर्टर उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जालौन पुलिस ने 24 घंटे के अंदर एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। दो दिन पहले एक महिला की उसके ही घर के बाहर चारपाई पर सोते समय निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस टीम और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर छानबीन शुरू की। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने एक विशेष टीम गठित की। इस टीम ने 24 घंटे के भीतर हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आज, अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने इस खुलासे में बताया कि अभियुक्तगण ने पूछताछ में अपना अपराध कबूल करते हुए बताया है कि उन्होंने यह हत्या 15 साल पहले हुई एक घटना का बदला लेने के लिए की थी, जब मृतका ने उनके पिता की चप्पल मारकर बेइज्जती की थी। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई कर रही है।
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    जालौन पुलिस ने 24 घंटे के अंदर एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। दो दिन पहले एक महिला की उसके ही घर के बाहर चारपाई पर सोते समय निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस टीम और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर छानबीन शुरू की।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने एक विशेष टीम गठित की। इस टीम ने 24 घंटे के भीतर हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आज, अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने इस खुलासे में बताया कि अभियुक्तगण ने पूछताछ में अपना अपराध कबूल करते हुए बताया है कि उन्होंने यह हत्या 15 साल पहले हुई एक घटना का बदला लेने के लिए की थी, जब मृतका ने उनके पिता की चप्पल मारकर बेइज्जती की थी।

पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई कर रही है।
    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • केंद्रीय कैबिनेट ने प्रस्तावित भोपाल-कानपुर आर्थिक कॉरिडोर के एक महत्वपूर्ण हिस्से, कानपुर-कबरई कॉरिडोर के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद कानपुर और कबरई के बीच यात्रा का समय साढ़े तीन घंटे से घटकर मात्र डेढ़ घंटा रह जाएगा, जिससे सफर की अवधि में लगभग 58 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आएगी। यह कॉरिडोर न केवल यात्रियों के लिए तेज और सुगम यात्रा सुनिश्चित करेगा, बल्कि मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी अधिक तीव्र और कुशल बनेगी। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति प्रदान करेगी, साथ ही बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर परिवहन सुविधा से निवेश आकर्षित होने की संभावना बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कानपुर-कबरई कॉरिडोर वास्तव में प्रस्तावित भोपाल-कानपुर आर्थिक कॉरिडोर का एक प्रमुख घटक है, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क को और मजबूत बनाना तथा औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को एक नई रफ्तार देना है।
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    केंद्रीय कैबिनेट ने प्रस्तावित भोपाल-कानपुर आर्थिक कॉरिडोर के एक महत्वपूर्ण हिस्से, कानपुर-कबरई कॉरिडोर के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद कानपुर और कबरई के बीच यात्रा का समय साढ़े तीन घंटे से घटकर मात्र डेढ़ घंटा रह जाएगा, जिससे सफर की अवधि में लगभग 58 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आएगी।

यह कॉरिडोर न केवल यात्रियों के लिए तेज और सुगम यात्रा सुनिश्चित करेगा, बल्कि मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी अधिक तीव्र और कुशल बनेगी। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति प्रदान करेगी, साथ ही बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

बेहतर परिवहन सुविधा से निवेश आकर्षित होने की संभावना बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कानपुर-कबरई कॉरिडोर वास्तव में प्रस्तावित भोपाल-कानपुर आर्थिक कॉरिडोर का एक प्रमुख घटक है, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क को और मजबूत बनाना तथा औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को एक नई रफ्तार देना है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बुंदेलखंड राज्य के निर्माण की लड़ाई को अब और अधिक गति मिलने वाली है। यह संकेत दिया गया है कि इस आंदोलन को अब नई धार मिलेगी, जिससे संघर्ष में तेजी आएगी।
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    बुंदेलखंड राज्य के निर्माण की लड़ाई को अब और अधिक गति मिलने वाली है। यह संकेत दिया गया है कि इस आंदोलन को अब नई धार मिलेगी, जिससे संघर्ष में तेजी आएगी।
    user_मुजीब आलम पत्रकार
    मुजीब आलम पत्रकार
    Graphic designer उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय एडीजे-15 ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के एक मामले में अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय ने अभियुक्त धर्मेंद्र उर्फ पुराने, जो जगदीश यादव का पुत्र और कुम्भी थाना अकबरपुर, जनपद कानपुर देहात का निवासी है, को इस जघन्य अपराध का दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही 1,20,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
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    कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय एडीजे-15 ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के एक मामले में अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय ने अभियुक्त धर्मेंद्र उर्फ पुराने, जो जगदीश यादव का पुत्र और कुम्भी थाना अकबरपुर, जनपद कानपुर देहात का निवासी है, को इस जघन्य अपराध का दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही 1,20,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जालौन जिले के कैलिया थाना क्षेत्र के कूंड़ा गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मिट्टी भराई के काम के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 8 वर्षीय मासूम अमन की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चा खेलते समय ट्रॉली के बैक करने के दौरान उसके पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है।
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    जालौन जिले के कैलिया थाना क्षेत्र के कूंड़ा गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मिट्टी भराई के काम के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 8 वर्षीय मासूम अमन की दर्दनाक मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि बच्चा खेलते समय ट्रॉली के बैक करने के दौरान उसके पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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