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मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा शक्तिपीठ में 16 जून 2026, मंगलवार को काल भैरव के दिव्य और अलौकिक दर्शन एवं आरती का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी विशेष रूप से काल भैरव के दर्शन और आरती के आगामी आयोजन पर केंद्रित है।
रोहित कुमार पाठक
मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा शक्तिपीठ में 16 जून 2026, मंगलवार को काल भैरव के दिव्य और अलौकिक दर्शन एवं आरती का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी विशेष रूप से काल भैरव के दर्शन और आरती के आगामी आयोजन पर केंद्रित है।
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- आज मंगलवार, 16 जून, 2026 को माँ शारदा शक्तिपीठ मैहर में प्रातःकालीन दर्शन, आरती और दिव्य श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर देवी माँ का दिव्य रूप भक्तों के समक्ष प्रस्तुत हुआ।3
- मैहर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की तरक्की के साथ-साथ क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर भी दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। प्लांट की प्रगति के बावजूद, प्रदूषण में हो रही यह वृद्धि चिंता का विषय बनी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक बेहद चौंकाने वाला और हाईवोल्टेज ड्रामे का मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला कॉन्स्टेबल ने अपने रेंजर पति को एक होटल में उसकी प्रेमिका के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। इस घटना के बाद होटल परिसर से लेकर सड़क तक जमकर हंगामा हुआ, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। यह घटना तब हुई जब सतना जिले के बरौंधा सर्किल में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी बृजेंद्र पाण्डेय रीवा के एक होटल में एक युवती के साथ ठहरे हुए थे। अपनी कॉन्स्टेबल पत्नी को इसकी भनक लगते ही वह सीधे रीवा के उस होटल पहुँच गईं, जहाँ रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय अपनी प्रेमिका के साथ मौजूद थे। जैसे ही पत्नी ने अपने पति को दूसरी युवती के साथ देखा, उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। होटल के कमरे और परिसर में ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते एक बड़े ड्रामे में बदल गई। हंगामा बढ़ता देख होटल स्टाफ और आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, होटल के बाहर विवाद काफी ज्यादा बढ़ गया था। खुद को घिरता देख और बदनामी के डर से रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय, अपनी साख की परवाह किए बिना, उस युवती को साथ लेकर मौके पर मौजूद एक डंपर में बैठकर तेजी से फरार हो गए। एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी का इस तरह डंपर में बैठकर भागने का वाकया पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस प्रशासन और वन विभाग के आला अधिकारी इस पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए हैं और मामले की जांच की जा रही है।1
- सतना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मझगवां में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर 9वीं कक्षा का एक छात्र ओपीडी पर्चियाँ बनाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह वायरल वीडियो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है, क्योंकि जिस काउंटर पर प्रशिक्षित कर्मचारी होना चाहिए, वहाँ एक नाबालिग से काम कराया जा रहा था, जो अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही दर्शाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में व्यवस्थाएँ लंबे समय से भगवान भरोसे चल रही हैं। यदि वीडियो में दिख रहा बालक सच में छात्र है और उससे नियमित रूप से यह काम कराया जा रहा था, तो यह न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों के डेटा और स्वास्थ्य सेवाओं की गोपनीयता के लिए भी गंभीर खतरा है। इस घटना से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: ओपीडी काउंटर पर तैनात कर्मचारी आखिर कहाँ थे? किसके आदेश पर एक छात्र को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई? और क्या अस्पताल प्रबंधन को इस बारे में जानकारी थी या नहीं? वीडियो वायरल होने के बाद, लोगों की निगाहें अब स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना केवल एक अस्पताल की लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी गहरे सवाल खड़े करती है।1
- मैहर में जिलाधिकारी श्रीमती विदिशा मुखर्जी द्वारा गठित टास्क फोर्स समिति ने 16 जून को बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच स्टोन क्रेशर सील कर दिए। यह कार्रवाई स्टोन क्रेशरों द्वारा पर्यावरणीय और खनिज नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेजों के अभाव के कारण की गई है और समिति द्वारा मैहर तहसील में स्थित स्टोन क्रेशरों की जांच अभी भी जारी है। जांच समिति द्वारा स्टोन क्रेशरों में पर्यावरणीय अनुमति, वृक्षारोपण, बाउंड्रीवॉल, भंडारित खनिज की मात्रा, स्वीकृत क्षेत्र एवं डायवर्सन की स्थिति, स्प्रिंकलर और अन्य पर्यावरण संबंधी उपकरणों का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान, इन स्टोन क्रेशरों में आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए गए और पर्यावरणीय तथा खनिज नियमों का घोर उल्लंघन पाया गया, जिसके फलस्वरूप इन क्रेशरों को सील कर ताला लगा दिया गया। जिन पांच स्टोन क्रेशरों पर कार्रवाई की गई, उनमें जय बजरंग स्टोन क्रेशर तिलोरा, विंध्यवासिनी स्टोन क्रेशर बठिया, मां शारदा स्टोन क्रेशर रेउसा, अन्नपूर्णा स्टोन क्रेशर सिरमीली और साई स्टोन क्रेशर बठिया शामिल हैं। इस जांच दल में एसडीएम मैहर सुश्री दिव्या पटेल, तहसीलदार मैहर श्री जितेंद्र कुमार, पर्यावरण अधिकारी श्री जी. के. बैगा, महेंद्र सिंह, सहायक खनि अधिकारी आशुतोष मिश्रा के साथ-साथ संबंधित राजस्व निरीक्षक और हल्का पटवारी भी शामिल रहे।1
- मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद पद की कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने और पेपर लीक मामले के विरोध में सतना के सर्किट हाउस चौराहे पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जमकर आक्रोश व्यक्त किया। एनएसयूआई मैहर के जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी ने केंद्र और चुनावी संस्थाओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है, और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और एनएसयूआई इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी और इसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध जारी रखेगी। इस प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी के साथ हर्ष सिंह (जिला महासचिव), शिवानजय सिंह, शुभम तिवारी, विनय गर्ग, अब्बू केसर, अभिषेक सिंह बघेल, जितेंद्र कुशवाहा, रचित मिश्रा, अतुल शर्मा, मानवेंद्र सिंह, तनिष्क सिंह, शुभम सिंह, आर्य मिश्रा, नमो त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।1