सतना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मझगवां में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर 9वीं कक्षा का एक छात्र ओपीडी पर्चियाँ बनाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह वायरल वीडियो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है, क्योंकि जिस काउंटर पर प्रशिक्षित कर्मचारी होना चाहिए, वहाँ एक नाबालिग से काम कराया जा रहा था, जो अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही दर्शाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में व्यवस्थाएँ लंबे समय से भगवान भरोसे चल रही हैं। यदि वीडियो में दिख रहा बालक सच में छात्र है और उससे नियमित रूप से यह काम कराया जा रहा था, तो यह न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों के डेटा और स्वास्थ्य सेवाओं की गोपनीयता के लिए भी गंभीर खतरा है। इस घटना से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: ओपीडी काउंटर पर तैनात कर्मचारी आखिर कहाँ थे? किसके आदेश पर एक छात्र को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई? और क्या अस्पताल प्रबंधन को इस बारे में जानकारी थी या नहीं? वीडियो वायरल होने के बाद, लोगों की निगाहें अब स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना केवल एक अस्पताल की लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी गहरे सवाल खड़े करती है।
सतना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मझगवां में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर 9वीं कक्षा का एक छात्र ओपीडी पर्चियाँ बनाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह वायरल वीडियो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है, क्योंकि जिस काउंटर पर प्रशिक्षित कर्मचारी होना चाहिए, वहाँ एक नाबालिग से काम कराया जा रहा था, जो अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही दर्शाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में व्यवस्थाएँ लंबे समय से भगवान भरोसे चल रही हैं। यदि वीडियो में दिख रहा बालक सच में छात्र है और उससे नियमित रूप से यह काम कराया जा रहा था, तो यह न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों के डेटा और स्वास्थ्य सेवाओं की गोपनीयता के लिए भी गंभीर खतरा है। इस घटना से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: ओपीडी काउंटर पर तैनात कर्मचारी आखिर कहाँ थे? किसके आदेश पर एक छात्र को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई? और क्या अस्पताल प्रबंधन को इस बारे में जानकारी थी या नहीं? वीडियो वायरल होने के बाद, लोगों की निगाहें अब स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना केवल एक अस्पताल की लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी गहरे सवाल खड़े करती है।
- मैहर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की तरक्की के साथ-साथ क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर भी दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। प्लांट की प्रगति के बावजूद, प्रदूषण में हो रही यह वृद्धि चिंता का विषय बनी हुई है।1
- मैहर के परसमनिया गढ़ी गोली कांड की घटना के वक्त का एक और लाइव वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि कमरे के अंदर से सुनीता सिंह ने बाबा राजा की पत्नी योगिता सिंह को निशाना बनाकर गोलियां दागीं। यह वीडियो स्पष्ट करता है कि परसमनिया में हुए इस गोली कांड में गोली कैसे चलाई गई, और इसे देखने का आग्रह किया गया है।1
- सतना जिले के शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय (डिग्री कॉलेज) में प्राचार्य के खिलाफ पिछले एक साल से चल रहा विवाद आखिरकार उनके तबादले के साथ समाप्त हो गया है। प्राचार्य पर गंभीर आरोपों और विभिन्न अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से लगातार विरोध प्रदर्शन जारी थे। जैसे ही प्राचार्य के स्थानांतरण के आधिकारिक आदेश सामने आए, कॉलेज परिसर का माहौल बदल गया और छात्रों व एनएसयूआई कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया और कॉलेज परिसर में हाथों में झंडे लेकर नाचते-गाते हुए जमकर अपनी जीत का उत्सव मनाया। विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस तबादले को अपनी लंबी लड़ाई की जीत बताया है। अब देखना यह होगा कि नए प्राचार्य के आने के बाद कॉलेज की व्यवस्थाओं में क्या सुधार देखने को मिलते हैं।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार क्षेत्र में हेमकुंड साहिब से लौट रहे सिख श्रद्धालुओं (निहंग सिखों) और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह विवाद कर्णप्रयाग बाजार के एक होटल में भोजन या पार्किंग को लेकर सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों/होटल कर्मचारियों के बीच शुरू हुई बहस के बाद बढ़ा। विवाद बढ़ने पर सिख श्रद्धालुओं ने कथित तौर पर धारदार हथियारों और तलवारों का इस्तेमाल किया। इस हमले में एक होटल कर्मचारी सहित कम से कम चार स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हिंसक घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने बद्रीनाथ नेशनल हाईवे को जाम कर दिया है, जिससे चारधाम यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। क्षेत्र में व्याप्त तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा शक्तिपीठ में 16 जून 2026, मंगलवार को काल भैरव के दिव्य और अलौकिक दर्शन एवं आरती का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी विशेष रूप से काल भैरव के दर्शन और आरती के आगामी आयोजन पर केंद्रित है।1
- RCCPL सीमेंट प्लांट पर कर्मचारियों के शोषण का आरोप लग रहा है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या प्लांट वास्तव में अपने कर्मचारियों का शोषण कर रहा है।1
- सतना जिले में बिजली विभाग की कथित मनमानी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक उपभोक्ता द्वारा CM हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद विभाग के अधिकारियों ने अपना आपा खो दिया। आरोप है कि प्रतिशोध की भावना से उपभोक्ता के घर की बिजली काट दी गई, जबकि उनके बिजली का बिल नियमित रूप से जमा था। पीड़ित उपभोक्ता का दावा है कि उनकी हाल ही में की गई शिकायत से नाराज होकर संबंधित जेई साहब और उनके कर्मचारियों ने यह कदम उठाया। बिजली कटने से परेशान उपभोक्ता ने सतना पुलिस थाने में जाकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। एक वीडियो में उपभोक्ता को बिजली विभाग के कर्मचारियों से सवाल करते और उन्हें अपना बिल चेक करने के लिए कहते सुना जा सकता है, जबकि विभाग के लोग लगातार बिजली काटने की बात दोहरा रहे हैं। पीड़ित उपभोक्ता ने विभाग पर प्रशासनिक पद के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उनका स्पष्ट कहना है कि सरकारी हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराना उनका अधिकार है, लेकिन विभाग के अधिकारी इसे अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा से जोड़कर उनके साथ 'गुंडई' कर रहे हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले पर बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतज़ार किया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के राम नगर स्थित जनार्दनपुर में जमीन के विवाद को लेकर लड़ाई हुई है।1