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सुरेश कान्हा के जन्मदिन के अवसर पर बांदा के जिला महिला चिकित्सालय में 40 नवजात बच्चों को उपहार बांटे गए। इनमें जॉनसन बेबी किट, टॉवल और मिठाई शामिल थी।
Surash Sahu
सुरेश कान्हा के जन्मदिन के अवसर पर बांदा के जिला महिला चिकित्सालय में 40 नवजात बच्चों को उपहार बांटे गए। इनमें जॉनसन बेबी किट, टॉवल और मिठाई शामिल थी।
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- बांदा पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण और बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान को "ऑपरेशन दहन" नाम दिया गया है, जिसके तहत 76 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों को नष्ट किया गया है।1
- बांदा जिले के पैलानी तहसील क्षेत्र में स्थित सिंधन कला के केन नदी घाट पर आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक वृहद मॉक एक्सरसाइज का रिहर्सल आयोजित किया गया। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में हुए इस अभ्यास में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, राहत-बचाव टीमों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। रिहर्सल के दौरान, बाढ़ और नदी में डूबने जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने का सघन अभ्यास किया गया। इस क्रम में, फतेहपुर की 12वीं वाहिनी पीएसी की एक 11-सदस्यीय टीम ने राहत एवं बचाव अभियानों का प्रभावी प्रदर्शन करते हुए आपदा प्रबंधन की अपनी तैयारियों का आकलन किया। टीम ने नदी में डूबने की एक काल्पनिक घटना का सफलतापूर्वक बचाव कर अपनी दक्षता का प्रमाण दिया। मॉक ड्रिल के तहत, जिला कमांडेंट होमगार्ड अरुण कुमार सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज सिंह को डूबने वाले व्यक्तियों के रूप में चित्रित किया गया। रेस्क्यू टीम ने उन्हें सुरक्षित नदी से बाहर निकाला और एंबुलेंस के माध्यम से तहसील पैलानी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार, ऑक्सीजन सपोर्ट और अन्य आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं जल आपदाओं की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और आपदा प्रबंधन से संबंधित समग्र तैयारियों का भी गहन मूल्यांकन किया गया।1
- बांदा जिले की पैलानी तहसील के सिंधन कला में केन नदी के घाट पर बुधवार को आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदाओं से निपटने की तैयारी हेतु एक मेगा मॉक एक्सरसाइज का रिहर्सल किया गया। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार हुए इस अभ्यास में प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग और पीएसी की टीमों ने मिलकर राहत और बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के दौरान केन नदी में डूबने की एक काल्पनिक घटना का मंचन किया गया। इसमें फतेहपुर की 12वीं वाहिनी पीएसी की 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जिला कमांडेंट होमगार्ड अरुण कुमार सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज सिंह को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद, उन्हें एंबुलेंस द्वारा पैलानी तहसील ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार, ऑक्सीजन सपोर्ट और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का अभ्यास किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मॉक एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य मानसून में संभावित बाढ़ और जल आपदाओं के दौरान राहत व बचाव कार्यों की प्रभावशीलता को बढ़ाना है। इसका अंतिम लक्ष्य किसी भी आपात स्थिति में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम से कम करना है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में डीजीपी राजीव कृष्ण के 'ऑपरेशन दहन' के तहत पुलिस ने नशे के सौदागरों पर ऐसा कहर बरपाया है कि उनकी रूह कांप उठी है। बांदा पुलिस ने कुल 76 किलो 297 ग्राम "मौत का सामान" भस्मक भट्ठी के हवाले कर दिया। यह कार्रवाई एसपी पलाश बंसल के 'मिशन क्लीन बांदा' के तहत सीओ सदर सौरभ सिंह की निगरानी में की गई। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 75 किलो 799 ग्राम सूखा गांजा और 498 ग्राम स्मैक, नशीला पाउडर तथा गोलियां शामिल थीं, जिन्हें "सैकड़ों युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने का सामान" और "एक-एक पुड़िया में मौत" बताया गया है। इस अभियान में कोतवाली नगर ने 27 केस दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया, जबकि चिल्ला थाने ने 11 केस के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। गिरवां ने 4 और जसपुरा-नरैनी ने 3-3 केस के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई। एसपी पलाश बंसल ने बांदा में नशे का कारोबार करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए साफ आदेश दिया है कि वे या तो अपना धंधा छोड़ दें या बांदा छोड़ दें, क्योंकि उनके पास "तीसरा कोई ऑप्शन नहीं है।" उन्होंने घोषणा की कि नशे के खिलाफ यह जंग अब "आर-पार की होगी" और 'ऑपरेशन दहन' तो अभी "सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है।"2
- बबेरू कस्बे में अपनी मां और छोटे भाई की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी राजकिशोर मिश्रा के खिलाफ बांदा न्यायालय ने धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा जारी की है। आरोपी ने पिछले 10 मई 2026 को तिंदवारी रोड के पास अपनी मां शांति देवी और छोटे भाई देवीदीन की कथित तौर पर हत्या कर दी थी, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा है। पुलिस द्वारा आरोपी राजकिशोर मिश्रा पुत्र जगदीश मिश्रा को गिरफ्तार करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। माननीय न्यायालय ने 18 मई 2026 को उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया था। वारंट की तामील के निरंतर प्रयासों के बावजूद, अभियुक्त राजकिशोर मिश्रा के दस्तावेज न होने और माननीय न्यायालय से अपनी उपस्थिति छिपाने के कारण, माननीय न्यायालय मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट बांदा ने 30 मई 2026 को यह उद्घोषणा जारी की है। इसी क्रम में आज गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे बबेरू कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र सिंह राजावत की मौजूदगी में अभियुक्त के आवास के पास मुनादी करवाई गई और नोटिस चिपकाया गया। पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि अभियुक्त जल्द ही न्यायालय में हाजिर नहीं होता है, तो आगे की कार्यवाही की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अभियुक्त की ही होगी।1
- बांदा में नगर पालिका की बड़ी लापरवाही के कारण लोग भारी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिससे कई बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। स्थानीय निवासियों को कूड़े के ढेर के बीच से निकलना पड़ रहा है और उन्हें नालियों की सफाई खुद ही करनी पड़ रही है। पिछले दो दिनों से एक मृत कुत्ता भी वहीं पड़ा हुआ है, जो इस अनदेखी का एक और उदाहरण है।1