हमीरपुर के मौदहा स्थित बिवार थाना क्षेत्र के सायर गांव में ग्राम प्रधान की शिकायत करना एक ग्रामीण को महंगा पड़ गया। पीड़ित राजेंद्र विश्वकर्मा ने आरोप लगाया है कि शिकायत से नाराज ग्राम प्रधान के भाई मनोज कुमार सहित भोला और राजेश नामक तीन लोगों ने उसे रास्ते में रोककर गाली-गलौज की। जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपितों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। इस मारपीट में राजेंद्र विश्वकर्मा के सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित राजेंद्र विश्वकर्मा, जिन्होंने पुलिस को दी तहरीर में अपना नाम राजेंद्र कुमार पुत्र देवीदीन विश्वकर्मा भी बताया है, ने बिवार थाना पुलिस को घटना की सूचना दी और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी नंदराम प्रजापति ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर भोला, राजेश और ग्राम प्रधान के भाई मनोज कुमार (जिन्हें मनोज पुत्र रामविशाल भी कहा गया है) के विरुद्ध पुरानी रंजिश और मारपीट के आरोप में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडे ने पुष्टि की कि घायल का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है और मामले की विवेचना नियमानुसार जारी है। पुलिस ने कहा है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हमीरपुर के मौदहा स्थित बिवार थाना क्षेत्र के सायर गांव में ग्राम प्रधान की शिकायत करना एक ग्रामीण को महंगा पड़ गया। पीड़ित राजेंद्र विश्वकर्मा ने आरोप लगाया है कि शिकायत से नाराज ग्राम प्रधान के भाई मनोज कुमार सहित भोला और राजेश नामक तीन लोगों ने उसे रास्ते में रोककर गाली-गलौज की। जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपितों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। इस मारपीट में राजेंद्र विश्वकर्मा के सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित राजेंद्र विश्वकर्मा, जिन्होंने पुलिस को दी तहरीर में अपना नाम राजेंद्र कुमार पुत्र देवीदीन विश्वकर्मा भी बताया है, ने बिवार थाना पुलिस को घटना की सूचना दी और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी नंदराम प्रजापति ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर भोला, राजेश और ग्राम प्रधान के भाई मनोज कुमार (जिन्हें मनोज पुत्र रामविशाल भी कहा गया है) के विरुद्ध पुरानी रंजिश और मारपीट के आरोप में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडे ने पुष्टि की कि घायल का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है और मामले की विवेचना नियमानुसार जारी है। पुलिस ने कहा है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के बिवांर थाना क्षेत्र के उमरी गांव में एक महिला रात के समय अपने पति की मेहनत की कमाई के ₹30,000 और सोने-चांदी के जेवरात लेकर ससुराल से फरार हो गई। इस घटना के बाद पति ने अपनी मां के साथ थाने में तहरीर दी है। उमरी गांव के मुकेश कुमार, पुत्र जगमोहन अनुरागी, का विवाह चार साल पहले जनपद बांदा के रिवना गांव की आरती देवी, पुत्री जगन्नाथ, से हुआ था। मुकेश गुड़गांव में मजदूरी का काम करते हैं और 15 जून को ही वहां से अपने घर लौटे थे। परिजनों के रात को सो जाने पर, आरती देवी बिना किसी को बताए चुपचाप घर से निकल गईं, और जाते समय उन्होंने दरवाजा की बाहर की कुंडी भी बंद कर दी। सुबह नींद खुलने पर जब परिवार के सदस्यों ने आरती देवी को गायब पाया, तो उनकी तलाश की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद, पति मुकेश कुमार ने बिवांर थाने में पत्नी के खिलाफ नगदी और जेवरात लेकर भाग जाने की शिकायत दर्ज कराई। उपनिरीक्षक रवि शंकर मिश्रा ने बताया कि उन्हें तहरीर मिल गई है, और पहचान के लिए महिला की फाइल फोटो भी ले ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है।1
- बांदा के तिंदवारी थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव के निवासी दिव्यांग धर्मेंद्र ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, 14 महीने पहले हुई मारपीट और मोबाइल तोड़े जाने की एक घटना में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जब वे डीआईजी के निर्देश पर इंसाफ़ की उम्मीद में थाने पहुंचे, तो उन्हें कथित तौर पर अपमान, मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ा और उन्हें बिना न्याय के लौटना पड़ा। यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति का दर्द नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी पीड़ित की रक्षा करना है। दूसरी ओर, थानाध्यक्ष संदीप पटेल ने इन सभी आरोपों को सिरे से निराधार बताते हुए इसे ₹6000 के लेन-देन से जुड़ा एक विवाद बताया है। इस स्थिति में, असली सवाल यह नहीं है कि कौन क्या कह रहा है, बल्कि यह है कि सच आखिर कहाँ दबा पड़ा है। लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि लोकतंत्र में न्याय केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के माध्यम से स्थापित होता है। सबसे पीड़ादायक पहलू यह है कि यह दिव्यांग व्यक्ति अब अपने परिवार सहित आत्मदाह करने की चेतावनी देने को मजबूर होने की बात कह रहा है। यदि किसी नागरिक को अपनी फरियाद सुनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने की चेतावनी देनी पड़ती है, तो यह केवल उसकी बेबसी नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनशीलता पर एक तीखा कटाक्ष है। अब प्रशासन के सामने चुनौती केवल इन आरोपों का जवाब देना ही नहीं है, बल्कि यह साबित करना भी है कि कानून की चौखट पर न्याय बिकता नहीं, बल्कि मिलता भी है, और वर्दी का सम्मान उसके अधिकार से नहीं, बल्कि उसके आचरण से तय होता है।1
- Post by Gautam Gautam2
- एक विज्ञापन के माध्यम से छात्र-छात्राओं और परिवारों के लिए अलग कमरों की अग्रिम बुकिंग उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। यह सुविधा केवल सीमित समय के लिए है, और इच्छुक व्यक्तियों को तुरंत संपर्क करने के लिए कहा गया है। संपर्क और व्हाट्सएप के लिए 9559160040 नंबर जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त, वीआईपी कमरे भी अग्रिम बुकिंग के लिए उपलब्ध हैं, जिनके भुगतान संबंधी जानकारी के लिए 8299674120 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- अयोध्या राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा को भी पद से हटा दिया गया है। बताया गया है कि चंपत राय के पास पूरे मंदिर की जिम्मेदारी थी। सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है, और अब ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाएगा। गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू भी शामिल हैं। सभी आठों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस संबंध में गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज की गई थी। हालांकि, इस FIR में चंपत राय, डॉक्टर अनिल मिश्रा या अन्य किसी बड़े पदाधिकारी का नाम शामिल नहीं है। अन्य प्रमुख खबरों में, सरकार ने पहली बार 'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद हुए छह जवानों के नाम सार्वजनिक किए हैं। इसके अतिरिक्त, NCERT की किताबों से संविधान की प्रस्तावना हटाए जाने की खबर भी सामने आई है। आज के प्रमुख आयोजनों पर नजर डालें तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर जाएंगे और वहाँ के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश के पहले इलेक्ट्रॉनिक पार्क की नींव रखेंगे।1
- आज पनवाड़ी विकासखंड कार्यालय के सभागार कक्ष में ब्लॉक प्रमुख अंजना श्रीप्रकाश अनुरागी ने अध्यक्षता की।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के पचखुरा बुजुर्ग गाँव में 35 वर्षीय मानवेंद्र प्रजापति ने शुक्रवार को अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह पिछले एक वर्ष से अपनी पत्नी के मायके से वापस न लौटने के कारण अत्यंत क्षुब्ध थे। परिजनों द्वारा दोपहर बाद सूचना दिए जाने पर पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने शुक्रवार शाम को शव को फंदे से उतारा और मोर्चरी भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया, जिसके बाद शाम को गाँव में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक मानवेंद्र प्रजापति तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी पत्नी कल्पना अपने बच्चों पुनीत और रूद्र के साथ पिछले एक साल से अपने मायके उमरी, थाना बिवांर में अपनी माँ के पास रह रही थीं। पत्नी के ससुराल न लौटने के कारण मानवेंद्र लगातार परेशान रहते थे, जिसके चलते वह शराब के आदी हो गए थे और अपनी मेहनत-मजदूरी का सारा पैसा शराब में बर्बाद कर देते थे। अब अपने पीछे वह पत्नी कल्पना और बेटों पुनीत व रूद्र को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं।1
- मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में कुल 380 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।1
- कानपुर में हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उसकी गिरफ्तारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे राहगीरों ने बनाया था। पुलिस ने अजय ठाकुर को रतनलाल नगर स्थित एक धुलाई सेंटर से गिरफ्तार किया है, ऐसी चर्चा है। वह 'बाबा' पर हमले की घटना के बाद से फरार चल रहा था। अब उसकी गिरफ्तारी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब साझा किया जा रहा है।1