ऐप्जा की एकजुट ताकत के आगे झुका तंत्र, संघर्ष की जीत के बाद आंदोलन स्थगित ऐप्जा ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट संगठन के चीफ कोऑर्डिनेटर अनुराग सारथी ने वीडियो किया जारी लखीमपुर खीरी ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (ऐप्जा) के सतत संघर्ष और संगठनात्मक एकजुटता का असर आखिरकार देखने को मिला। संगठन की प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद 23 फरवरी को प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। यह आंदोलन गोला गोकरननाथ में जिला प्रवक्ता पियूष शुक्ला के खिलाफ दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमे के विरोध में प्रस्तावित था। ऐप्जा की निरंतर पहल और दबाव के बाद प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक सहमति बनी, जिसके परिणामस्वरूप आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर ऐप्जा के वरिष्ठ पत्रकार नेता अनुराग सारथी ने कहा— > “ऐप्जा के किसी भी कार्यकर्ता के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन अपने साथियों के अधिकार और स्वाभिमान के लिए हमेशा मजबूती से खड़ा रहेगा।” उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे संगठन की एकता, अनुशासन और संघर्षशीलता की जीत बताया। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी भी स्तर पर अन्याय हुआ, तो ऐप्जा पहले से भी अधिक मजबूती के साथ आवाज बुलंद करेगा। आपका जिला मीडिया प्रभारी अजय शुक्ला लखीमपुर खीरी
ऐप्जा की एकजुट ताकत के आगे झुका तंत्र, संघर्ष की जीत के बाद आंदोलन स्थगित ऐप्जा ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट संगठन के चीफ कोऑर्डिनेटर अनुराग सारथी ने वीडियो किया जारी लखीमपुर खीरी ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (ऐप्जा) के सतत संघर्ष और संगठनात्मक एकजुटता का असर आखिरकार देखने को मिला। संगठन की प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद 23 फरवरी को प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। यह आंदोलन गोला गोकरननाथ में जिला प्रवक्ता पियूष शुक्ला के खिलाफ दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमे के विरोध में प्रस्तावित था। ऐप्जा की निरंतर पहल और दबाव के बाद प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक सहमति बनी, जिसके परिणामस्वरूप आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर ऐप्जा के वरिष्ठ पत्रकार नेता अनुराग सारथी ने कहा— > “ऐप्जा के किसी भी कार्यकर्ता के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन अपने साथियों के अधिकार और स्वाभिमान के लिए हमेशा मजबूती से खड़ा रहेगा।” उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे संगठन की एकता, अनुशासन और संघर्षशीलता की जीत बताया। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी भी स्तर पर अन्याय हुआ, तो ऐप्जा पहले से भी अधिक मजबूती के साथ आवाज बुलंद करेगा। आपका जिला मीडिया प्रभारी अजय शुक्ला लखीमपुर खीरी
- भीरा पुलिस की चेतावनी भी रीलबाज युवक पर बेअसर लखीमपुर खीरी भीरा थाना क्षेत्र में एक युवक लगातार सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले वीडियो पोस्ट कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि कुछ दिन पूर्व भीरा पुलिस द्वारा सख्त चेतावनी दिए जाने के बावजूद युवक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। बताया जा रहा है कि युवक थाना भीरा क्षेत्र के रायपुर गांव का निवासी है। यदि उसके सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की जाए तो दर्जनों विवादित वीडियो आसानी से मिल जाएंगे। क्षेत्र में चर्चा है कि अब हालात ऐसे हो चुके हैं कि पानी सर से ऊपर गुजर रहा है—किसी दिन अगर जनता भड़क गई तो यह युवक अपने तथाकथित “ज्ञान के घमंड” की भारी कीमत चुका सकता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस जानकर अनजान बनी हुई है? कहीं यह लापरवाही भविष्य में कानून-व्यवस्था के लिए भारी न पड़ जाए। 👉 प्रशासन से मांग: युवक के सोशल मीडिया अकाउंट की गंभीरता से जांच कर समय रहते कार्रवाई की जाए, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।1
- भुगतान न मिलने से ठेकेदार व मजदूरों में आक्रोश पुलिस चौकी पहुंचे पीड़ित, दो लाख समेत हजारों रुपये बकाया होने का आरोप, महिला मजदूरों से अभद्रता की शिकायत पलिया। दिन भर मेहनत-मजदूरी करके अपने-अपने परिवारों का भरण-पोषण करने वाले मजदूरों को जब अपनी मेहनत की कमाई का हक पाने के लिए दरदर भटकना पड़े तो उनकी पीड़ा साफ झलकती है। ऐसे कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं कि बड़े-बड़े लोग मजदूरों से मजदूरी तो करा लेते हैं, लेकिन जब उनकी मजदूरी देने का नम्बर आता है तो टालमटोल करते हैं, काम में कमियां निकालते और ढेरों सारे बहाने बनाते हैं। जब मजदूर पुलिस से मदद मांगते हैं तो उनकी मदद भी नहीं की जाती है। ऐसा ही एक मामला पलिया नगर में सामने आया, जहां भुगतान न मिलने से आक्रोशित ठेकेदार व कई मजदूर पुलिस चौकी पहुंच गए और कार्रवाई की मांग की। मोहल्ला रंगरेजान प्रथम निवासी विवेक गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने ठेकेदारी के तहत सम्पूर्णानगर रोड स्थित गोकुलधाम में मनोज गुप्ता (बीड़ी वालों) के मकान का निर्माण कार्य लिया था। कुल आठ लाख रुपये का भुगतान बनता था, लेकिन अब तक केवल छह लाख रुपये ही दिए गए हैं। शेष दो लाख रुपये मांगने पर टालमटोल और अभद्र व्यवहार किया जाता है। इसी मामले में मोहल्ला टेहरा निवासी शिवराम वर्मा ने बताया कि उन्होंने उक्त मकान में बिजली का कार्य किया था, जिसका करीब 71 हजार रुपये बकाया है। कई बार मांगने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। वहीं टेहरा निवासी रामसागर ने सात हजार रुपये और सुभाषनगर निवासी जयपाल ने करीब 15 हजार रुपये बकाया होने की तहरीर दी है। पीड़ितों का आरोप है कि रविवार को जब ठेकेदार व अन्य मजदूर सामूहिक रूप से अपना भुगतान मांगने पहुंचे तो मनोज गुप्ता ने महिला मजदूरों के साथ भी गाली-गलौज किया। इससे आक्रोशित मजदूर पुलिस चौकी पहुंचे और मामले की जांच कराकर बकाया राशि दिलाने की मांग की। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें उनकी मेहनत की कमाई जल्द दिलाई जाए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ितों द्वारा तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by अमित कुमार1
- फरधान में दलित युवक की गड़ासे से काटकर नृशंस हत्या लखीमपुर, फरधान के गांव खेतौसा में मीर गौतम की गड़ासे से काटकर हत्या कर दी गई। घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। बताया जाता कि दोनों गुटों के बीच आए दिन छोटे मोटे विवाद होते रहते थे। शनिवार की रात भी उनके बीच शराब के नशे में विवाद हुआ। आरोपी मीर गौतम को घर से उठा लाए। सभी के सामने गड़ासे से काटकर हत्या कर दी।1
- फरधान मारपीट मामला: इलाज के दौरान घायल की मौत, पुलिस ने केस किया दर्ज, सीओ सदर विवेक तिवारी ने दी जानकारी स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश लोकेशन: लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश लखीमपुर खीरी (फरधान)। जनपद के थाना फरधान क्षेत्र के अंतर्गत बीते दिनों दो पक्षों में हुई मारपीट की घटना ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। झगड़े के दौरान घायल हुए एक व्यक्ति की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, वहीं पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, थाना फरधान क्षेत्र के अंतर्गत किसी विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। इस संघर्ष में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे तत्काल जिला अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया था। दुर्भाग्यवश, काफी प्रयासों के बाद भी घायल व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ सदर विवेक तिवारी का आधिकारिक बयान घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर, श्री विवेक तिवारी ने मीडिया को बाइट देते हुए पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया: > "थाना फरधान क्षेत्र के अंतर्गत मारपीट की एक सूचना प्राप्त हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था। घायल को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई है। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है।" > दोषियों की धरपकड़ जारी सीओ सदर विवेक तिवारी ने आगे बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस की टीमें सक्रिय हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। निष्कर्ष इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस प्रशासन ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।1
- लखीमपुर खीरी के ओयल कस्बे में स्थित मेंढक मंदिर अपनी अनोखी बनावट और रहस्यमयी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। 19वीं सदी में ओयल रियासत के राजा द्वारा बनवाया गया यह शिव मंदिर एक विशाल मेंढक की आकृति पर बना है। मान्यता है कि सूखा और प्राकृतिक संकट दूर करने के लिए तांत्रिक सलाह पर इसका निर्माण कराया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर का शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है, जिसे श्रद्धालु चमत्कार मानते हैं। परिसर में बना प्राचीन कुआं भी रहस्य का विषय है, जिसका जलस्तर हमेशा समान रहता है। सावन, नागपंचमी और महाशिवरात्रि पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है। अनोखी संरचना और आस्था के कारण यह मंदिर आज भी श्रद्धा और जिज्ञासा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।1
- धौरहरा, खीरी। सिसैया–ढखेरवा हाईवे स्थित ग्राम महादेव में मां वैष्णो शुगर इन्स्टीट्यूट में बैगास भरते समय बिजली के तार की चपेट में आने से दो नाबालिग झुलस गए। 16 वर्षीय रिंकू को गंभीर हालत में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ रेफर किया गया है। वहीं 15 वर्षीय अजय का इलाज अवतार हॉस्पिटल में चल रहा है। हादसे के बाद प्लांट अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।1
- ऐप्जा ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट संगठन के चीफ कोऑर्डिनेटर अनुराग सारथी ने वीडियो किया जारी लखीमपुर खीरी ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (ऐप्जा) के सतत संघर्ष और संगठनात्मक एकजुटता का असर आखिरकार देखने को मिला। संगठन की प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद 23 फरवरी को प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। यह आंदोलन गोला गोकरननाथ में जिला प्रवक्ता पियूष शुक्ला के खिलाफ दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमे के विरोध में प्रस्तावित था। ऐप्जा की निरंतर पहल और दबाव के बाद प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक सहमति बनी, जिसके परिणामस्वरूप आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर ऐप्जा के वरिष्ठ पत्रकार नेता अनुराग सारथी ने कहा— > “ऐप्जा के किसी भी कार्यकर्ता के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन अपने साथियों के अधिकार और स्वाभिमान के लिए हमेशा मजबूती से खड़ा रहेगा।” उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे संगठन की एकता, अनुशासन और संघर्षशीलता की जीत बताया। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी भी स्तर पर अन्याय हुआ, तो ऐप्जा पहले से भी अधिक मजबूती के साथ आवाज बुलंद करेगा। आपका जिला मीडिया प्रभारी अजय शुक्ला लखीमपुर खीरी1