राम मंदिर में चढ़ावा घोटाला विवाद जैसे-जैसे खुलता जा रहा है, सियासी तापमान भी उसी तेजी से बढ़ रहा है। इस संबंध में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी 150 पन्नों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है, जिसमें कई गंभीर अनियमितताओं की तरफ इशारा किया गया है। खबर है कि इस रिपोर्ट की एक कॉपी प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी पहुंचाई गई है। हालांकि, रिपोर्ट आने से पहले ही इसे लेकर सियासत शुरू हो चुकी थी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कन्नौज में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी को धर्म से ज्यादा धन से प्यार है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की घटना ने सनातन परंपराओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। अखिलेश यादव ने पुजारियों से पूछताछ करने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस मामले में बड़ी मछलियों को छोड़ा जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर सरकार बैक फुट पर है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री यह कह रहे हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, वहीं दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चंपत राय को पूज्यनीय बता रहे हैं। गौरतलब है कि जिन चंपत राय को पूज्यनीय कहा जा रहा है, उन्हें एसआईटी ने अयोध्या से बाहर न जाने की हिदायत दी है। ऐसे में अब बुनियादी सवाल यह उठ रहा है कि क्या एसआईटी की रिपोर्ट से बड़ी मछलियां शिकंजे में आएंगी, या फिर कुछ छोटे-मोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर इस मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा।
राम मंदिर में चढ़ावा घोटाला विवाद जैसे-जैसे खुलता जा रहा है, सियासी तापमान भी उसी तेजी से बढ़ रहा है। इस संबंध में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी 150 पन्नों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है, जिसमें कई गंभीर अनियमितताओं की तरफ इशारा किया गया है। खबर है कि इस रिपोर्ट की एक कॉपी प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी पहुंचाई गई है। हालांकि, रिपोर्ट आने से पहले ही इसे लेकर सियासत शुरू हो चुकी थी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कन्नौज में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी को धर्म से ज्यादा धन से प्यार है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की घटना ने सनातन परंपराओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। अखिलेश यादव ने पुजारियों से पूछताछ करने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस मामले में बड़ी मछलियों को छोड़ा जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर सरकार बैक फुट पर है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री यह कह रहे हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, वहीं दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चंपत राय को पूज्यनीय बता रहे हैं। गौरतलब है कि जिन चंपत राय को पूज्यनीय कहा जा रहा है, उन्हें एसआईटी ने अयोध्या से बाहर न जाने की हिदायत दी है। ऐसे में अब बुनियादी सवाल यह उठ रहा है कि क्या एसआईटी की रिपोर्ट से बड़ी मछलियां शिकंजे में आएंगी, या फिर कुछ छोटे-मोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर इस मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा।
- सपा सांसद अफजाल अंसारी ने राम मंदिर में चंदा चोरी की जांच पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह से एक 'नाटक' करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की है कि इस बेईमानी से जुड़े मामले की जांच का काम चारों शंकराचार्यों को सौंप दिया जाना चाहिए। अफजाल अंसारी ने अपनी इस मांग के समर्थन में कहा कि सनातन धर्म के लिए 4 पीठों की स्थापना करके 4 शंकराचार्य बैठाए गए थे।1
- प्रयागराज की नन्ही बेटी अन्नी यादव ने यमुना नदी पार कर जिले का मान बढ़ाया है। नैनी क्षेत्र के खरकौनी गांव की 8 वर्षीय अन्नी यादव ने यह शानदार उपलब्धि हासिल की है, जिससे उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस सफलता में उनकी माता सोनम यादव, पिता रंजीत यादव और कोच मोनू निषाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अपनी नन्ही उम्र में यह बड़ा कारनामा कर अन्नी यादव आज पूरे प्रयागराज और प्रदेश के बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।4
- प्रयागराज में हर साल मोहर्रम की 8 तारीख को अटाला स्थित रोशन बाग से मेहंदी का जुलूस निकलकर अपने तय रास्ते से अटाला इमामबाड़े तक जाता है। हालांकि, इस बार यह मेहंदी नहीं उठाई जा रही है, जिस कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ताजियादार अल्ताफ अहमद से बातचीत के बाद उन्होंने इस बार व्यक्तिगत कारणों से मेहंदी न उठाने की बात कही है। इस फैसले को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी है और वे मेहंदी उठाने की मांग कर रहे हैं।4
- प्रयागराज में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर सिविल लाइंस इलाके में स्थित चार शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई इन दुकानों के सामने भीड़ जुटने और खुले में शराब पीने से यातायात बाधित होने की शिकायतों के बाद की गई है। दरअसल, तीन दिन पहले संगम सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने शहर के प्रमुख चौराहों और शराब दुकानों के बाहर लगने वाली भीड़ पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ऐसी किसी भी दुकान का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाए, जहाँ भीड़ इकट्ठा होती है या खुले में शराब पीने की शिकायतें सामने आती हैं।1
- प्रयागराज में हर साल मोहर्रम की 8 तारीख को अटाला स्थित रोशन बाग से मेहंदी उठाई जाती है, जो अपने तय रास्ते से होते हुए अटाला इमामबाड़े तक जाती है। हालांकि, इस वर्ष यह परंपरा टूट रही है क्योंकि मेहंदी नहीं उठाई जा रही है। ताजियादार अल्ताफ अहमद से बातचीत में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों के चलते मेहंदी न उठाने की बात कही है। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और वे मेहंदी उठाने की मांग कर रहे हैं।1
- कौशांबी जिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान ₹25 हजार का इनामी बदमाश गुड्डू उर्फ साहिल गिरफ्तार कर लिया गया है, जो भैंस चोरी की घटनाओं में वांछित था। जवाबी फायरिंग में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी के कब्जे से तमंचा, कारतूस और नकदी भी बरामद हुई है। यह बदमाश मंझनपुर थाना क्षेत्र के बंधवा रजबर और भेलखा गांव से 29 और 30 अप्रैल की रात को चार भैंसों और एक बच्चे की चोरी के मामले में वांछित था। इस मामले में दर्ज मुकदमों की जांच के तहत पुलिस पहले ही छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि गुड्डू उर्फ साहिल फरार चल रहा था और उस पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गुड्डू उर्फ साहिल एदिलपुर नहर के पास अपने साथियों का इंतजार कर रहा है और किसी वारदात की फिराक में है। पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी किए जाने पर आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में की गई पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुड्डू उर्फ साहिल पुत्र तूफान अहमद, निवासी रहीमपुर मौलानी, थाना करारी के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और ₹3310 नकद बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने अपने साथियों के साथ बंधवा रजबर और भेलखा गांव से भैंसें चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, चोरी की गई भैंसों को उन्नाव के स्लॉटर हाउस में ₹30 हजार में बेचा गया था और यह रकम आपस में बांट ली गई थी। सीओ मंझनपुर शिवांक सिंह ने इस कार्रवाई की जानकारी दी है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1
- प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर में कुछ दबंगों ने एक परिवार के घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला किया। इस हिंसक वारदात में महिलाओं का सिर फोड़ दिया गया, साथ ही मोबाइल फोन और सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए गए। दबंगों ने घर के पूरे परिवार को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि बबलू उर्फ़ अशफाक, अरमान पुत्र अशफाक, अर्सलान पुत्र अशफाक, अयान पुत्र अशफाक, अलफ़ाक और आफ़ताब ने मिलकर यह भयानक मारपीट की। गौरतलब है कि पिछले साल इसी दबंग परिवार के एक सदस्य अरमान के खिलाफ अवैध असलहे का प्रदर्शन करने और वीडियो-फोटो वायरल होने के बाद कार्रवाई हुई थी। इसके बावजूद, इन दबंगों में औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस का कोई खौफ नहीं दिखता। इस घटना के बाद, घायल पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंचा है। हालांकि, रामपुर पुलिस पर आरोपियों को बचाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि थाने में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम दिख रही है।1
- प्रयागराज में एक नाराज छात्रा ने कैंट थाने में एफआईआर दर्ज न किए जाने को लेकर जमकर हंगामा किया। छात्रा ने थाने के भीतर ही वीडियो बनाना शुरू कर दिया और इंस्पेक्टर से सीधे सवाल किया, "अकेली आई हूं तो क्या एफआईआर नहीं दर्ज करोगे?" इस दौरान छात्रा की इंस्पेक्टर से तीखी नोकझोंक भी हुई। इंस्पेक्टर ने छात्रा से पूछा कि क्या वीडियो बनाने से वह डर जाएंगे। हालांकि, छात्रा के इस हंगामे के बाद पुलिस ने आखिरकार उसकी रिपोर्ट दर्ज कर ली। यह मामला शादी का झांसा देकर शोषण करने से जुड़ा है और पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में 14 लोगों की जान चली गई, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इस त्रासदी का जिम्मेदार कौन है। आजकल पूरे देश में लाइब्रेरी खोलने का एक नया चलन तेजी से बढ़ रहा है, जहाँ बच्चे स्कूल, कॉलेज और घरों की बजाय पढ़ाई के नाम पर अधिक समय बिता रहे हैं। ये लाइब्रेरी हर गली-मोहल्ले में खुल गई हैं, लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से इनमें कोई सुविधा नहीं है। खासकर, अधिकतर लाइब्रेरी तो जमीन के अंदर बने तहखानों में संचालित हो रही हैं, जहाँ किसी भी घटना की स्थिति में बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इस गंभीर स्थिति के लिए सरकार और प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है कि वे इन लाइब्रेरियों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। मोटी मलाई चाटकर आसानी से मान्यता प्रदान कर दी जाती है और उसके बाद दोबारा यह जाँचने की ज़हमत भी नहीं उठाई जाती कि वहाँ क्या सुविधाएँ हैं और क्या नहीं। ज़्यादातर लाइब्रेरियों में फायर सेफ्टी की सुविधा तो है ही नहीं; नाम मात्र की सुविधा के साथ रातोंरात लाइब्रेरी संचालित की जा रही हैं। हालांकि, यह केवल सरकार और प्रशासन की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उन अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर नज़र रखनी चाहिए जो इन लाइब्रेरियों में घंटों बिताने या पढ़ाई करने जाते हैं। उन्हें यह देखना चाहिए कि उनके बच्चे वहाँ क्या कर रहे हैं और वहाँ क्या सुविधाएँ उपलब्ध हैं, खासकर जब लाइब्रेरी के अंदर से ज़्यादा भीड़ बाहर फोन पर दिखती है। सरकार और प्रशासन से विनम्र निवेदन किया गया है कि ऐसी लाइब्रेरियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उन्हें बंद करवाया जाए, जहाँ सुविधा के नाम पर सिर्फ़ ठेंगा है।1