हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में किसान-मजदूर-व्यापारी संयुक्त मोर्चा का आंदोलन शनिवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन का संतोषजनक समाधान न मिलने पर हजारों किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सभा के बाद किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए, जहां उन्होंने रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। देखते ही देखते रेलवे लाइन पर करीब आधा किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बन गई। किसानों के भारी जमावड़े से प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद पुलिस बल किसानों की भीड़ के सामने बेबस नजर आया। किसानों ने ट्रैक पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी और उपखंड अधिकारी उमा मित्तल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता चली। किसान नेताओं ने गेहूं खरीद अवधि बढ़ाने, पोर्टल पर दर्ज समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांगें रखीं। लंबे विचार-विमर्श के बाद जिला कलक्टर ने हनुमानगढ़ जिले में शीघ्र ही आठ लाख बैग उपलब्ध करवाने तथा पोर्टल पर दर्ज संपूर्ण गेहूं का उठाव करवाने का भरोसा दिलाया। प्रशासन के इस आश्वासन पर संयुक्त मोर्चा ने सहमति जताई और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में किसान-मजदूर-व्यापारी संयुक्त मोर्चा का आंदोलन शनिवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन का संतोषजनक समाधान न मिलने पर हजारों किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सभा के बाद किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए, जहां उन्होंने रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। देखते ही देखते रेलवे लाइन पर करीब आधा किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बन गई। किसानों के भारी जमावड़े से प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद पुलिस बल किसानों की भीड़ के सामने बेबस नजर आया। किसानों ने ट्रैक पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी और उपखंड अधिकारी उमा मित्तल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता चली। किसान नेताओं ने गेहूं खरीद अवधि बढ़ाने, पोर्टल पर दर्ज समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांगें रखीं। लंबे विचार-विमर्श के बाद जिला कलक्टर ने हनुमानगढ़ जिले में शीघ्र ही आठ लाख बैग उपलब्ध करवाने तथा पोर्टल पर दर्ज संपूर्ण गेहूं का उठाव करवाने का भरोसा दिलाया। प्रशासन के इस आश्वासन पर संयुक्त मोर्चा ने सहमति जताई और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
- सोशल मीडिया पर एक 17 वर्षीय छात्र सिद्धांत द्वारा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठाए गए गंभीर सवाल इन दिनों तेजी से वायरल हो रहे हैं। ये प्रश्न अब CBSE के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी गहन चर्चा का विषय बन गए हैं, जिसने छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। सिद्धांत ने विशेष रूप से CBSE की टेंडर प्रक्रिया पर ही ये गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिसके बाद यह मूलभूत प्रश्न उठ रहा है कि आखिर इनका जवाब कौन देगा। इन सवालों के माध्यम से यह भी पूछा जा रहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ कब तक जारी रहेगा।1
- हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में किसान-मजदूर-व्यापारी संयुक्त मोर्चा का आंदोलन शनिवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन का संतोषजनक समाधान न मिलने पर हजारों किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सभा के बाद किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए, जहां उन्होंने रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। देखते ही देखते रेलवे लाइन पर करीब आधा किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बन गई। किसानों के भारी जमावड़े से प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद पुलिस बल किसानों की भीड़ के सामने बेबस नजर आया। किसानों ने ट्रैक पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी और उपखंड अधिकारी उमा मित्तल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता चली। किसान नेताओं ने गेहूं खरीद अवधि बढ़ाने, पोर्टल पर दर्ज समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांगें रखीं। लंबे विचार-विमर्श के बाद जिला कलक्टर ने हनुमानगढ़ जिले में शीघ्र ही आठ लाख बैग उपलब्ध करवाने तथा पोर्टल पर दर्ज संपूर्ण गेहूं का उठाव करवाने का भरोसा दिलाया। प्रशासन के इस आश्वासन पर संयुक्त मोर्चा ने सहमति जताई और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।1
- चम्बल ढीपरी में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ विकास के नाम पर खोदा गया एक नाला अब ग्रामीणों के लिए आफत बन गया है। नालियां अवरुद्ध होने के कारण अब घरों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं, प्रशासन की इस बेपरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय 'गौमाता-राष्ट्रमाता गविष्टि यात्रा' के साथ जालौन जिले के कोंच नगर पहुँचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने सरकार से स्पष्ट मांग की कि गाय को मात्र एक पशु न मानकर उसे 'गौमाता' के रूप में घोषित किया जाए। उन्होंने सनातन धर्म के लिए 'नकली हिंदुओं' को सबसे बड़ा खतरा बताया। शंकराचार्य ने भाजपा, आरएसएस सहित कई मुख्यमंत्रियों के बयानों पर तीखा निशाना साधा। विशेष रूप से, उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'वैध बूचड़खाने' संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर गाय ने ऐसा कौन सा अपराध किया है, जिसके कारण उसे काटा जा रहा है। शंकराचार्य ने गौहत्या को रोकने और सनातन धर्म की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाज से एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया।1
- बूंदी के हिंडोली स्थित आदर्श पुलिस थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार में शनिवार शाम एक रेडीमेड कपड़ा व्यापारी पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया, जिसने कस्बे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हीरा का बाड़ा निवासी 28 वर्षीय पीड़ित व्यापारी नरेश कुमार गुर्जर अपनी दुकान पर थे। शाम करीब 7:25 बजे, धनपुरा निवासी मुकुट गुर्जर, जो अपने साथ 5-7 अन्य अज्ञात बदमाशों को एक स्विफ्ट कार (नंबर RJ 08 2019) में लेकर आया था, उसने धारदार गंडासों से लैस होकर नरेश पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित ने मकान मालिक असलम के घर में छिपकर अपनी जान बचाई, लेकिन बदमाशों का हौसला इतना बुलंद था कि उन्होंने पीड़ित की मारुति आल्टो कार (नंबर RJ 08 CA 7629) के सभी शीशे तोड़ दिए और गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। आरोपियों ने नरेश को जान से मारने की धमकियां देते हुए मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। मुख्य बाजार जैसी व्यस्ततम जगह पर शाम के समय हुई इस घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि अगर व्यापारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि बदमाशों में कानून का कोई डर नहीं है। पीड़ित की तहरीर पर हिंडोली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 333 और 324(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच एएसआई भागचंद को सौंपी गई है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन व पुलिस अधीक्षक से क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और मुख्य आरोपी मुकुट गुर्जर सहित सभी हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है, ताकि जनता का कानून पर विश्वास बहाल हो सके।1
- रावतभाटा नगर पालिका ने अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए 132 जीएसएस के पास बाड़ोलिया क्षेत्र में सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया। इस अभियान में जेसीबी मशीन और दो ट्रैक्टरों की सहायता से लगभग 20 ट्रॉली पत्थरों को हटाया गया, जिससे सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई। यह कार्रवाई तब की गई जब पालिका को सूचना मिली थी कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा रातों-रात पत्थर डालकर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना मिलते ही अतिक्रमण प्रभारी नरपत सिंह के निर्देश पर पालिका का अतिक्रमण दल तुरंत मौके पर पहुंचा। इस कार्रवाई के दौरान जगदीश चंद्र सफेला, प्रकाश सारवान, नरेंद्र कुमार, होमगार्ड जवान और नगर पालिका के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखी गई, और अवैध कब्जे के प्रयास को सफल नहीं होने दिया गया। नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सार्वजनिक एवं सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- राजस्थान के कोटा शहर में तेज़ आंधी के दौरान एक बड़ा पेड़ अचानक टूटकर दो ऑटो रिक्शाओं पर गिर गया। यह घटना शहर के सुभाष सर्किल स्थित पूर्व पार्षद देवेंद्र चौधरी के कार्यालय के पास हुई। हादसे के वक्त ऑटो रिक्शा में सवारियां मौजूद थीं, लेकिन सभी यात्री बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ी राहत मिली है। पेड़ गिरने के बाद मौके पर तत्काल अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। तेज़ आंधी और खराब मौसम के कारण शहर में कई स्थानों पर पेड़ गिरने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। फिलहाल, इस हादसे में किसी के भी गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं है।4