खैरथल क्षेत्र में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति अब एक गंभीर सामाजिक और पारिवारिक संकट का रूप ले चुकी है, जहाँ शराब, स्मैक, गांजा और नशीली दवाओं की आसान उपलब्धता युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। हालात इतने खराब हैं कि पिछले दो वर्षों में अकेले नशा, अवसाद और घरेलू विवादों से जुड़ी समस्याओं के कारण 73 लोगों ने आत्महत्या कर ली है। बीते 12 महीनों में थाना क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक लावारिस शव मिले हैं, जिनमें से कई मामलों में नशा एक प्रमुख वजह के तौर पर सामने आया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले एक वर्ष में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग करने वाले 115 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 77 चालकों को गिरफ्तार किया गया है। नशे के लिए पैसे जुटाने की मजबूरी कई युवाओं को चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर धकेल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है, लेकिन इसकी प्रभावी रोकथाम नहीं हो पा रही है। क्षेत्र में नशे का नेटवर्क लगातार फैल रहा है, जहाँ कुछ जगहों पर देर रात तक अवैध शराब बेची जाती है और कुछ मेडिकल स्टोर बिना चिकित्सकीय पर्ची के नशीली दवाएं व कफ सिरप उपलब्ध करा रहे हैं। हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों से भी सूखे नशे और अवैध शराब के कारोबार की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इस नशे की लत का सबसे गहरा असर परिवारों पर पड़ रहा है; थानों में आए दिन ऐसी महिलाएं पहुंच रही हैं जो पति या बेटे की शराबखोरी और घरेलू हिंसा से परेशान हैं। कई परिवार अपने परिजनों को खो चुके हैं, और अनेक घरों में आर्थिक तथा सामाजिक संकट गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नशे की लत से ग्रस्त युवाओं के उपचार और पुनर्वास के लिए नशा मुक्ति केंद्रों की सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। इस संबंध में खैरथल-तिजारा की एसएसपी जया सिंह ने बताया कि पुलिस अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन युवाओं को नशे से बचाने के लिए परिवारों की सक्रिय भूमिका भी अत्यंत आवश्यक है। सैटेलाइट अस्पताल खैरथल के पीएमओ डॉ. नितिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति की निर्णय क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे अवसाद, हिंसा और अपराध की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।
खैरथल क्षेत्र में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति अब एक गंभीर सामाजिक और पारिवारिक संकट का रूप ले चुकी है, जहाँ शराब, स्मैक, गांजा और नशीली दवाओं की आसान उपलब्धता युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। हालात इतने खराब हैं कि पिछले दो वर्षों में अकेले नशा, अवसाद और घरेलू विवादों से जुड़ी समस्याओं के कारण 73 लोगों ने आत्महत्या कर ली है। बीते 12 महीनों में थाना क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक लावारिस शव मिले हैं, जिनमें से कई मामलों में नशा एक प्रमुख वजह के तौर पर सामने आया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले एक वर्ष में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग करने वाले 115 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 77 चालकों को गिरफ्तार किया गया है। नशे के लिए पैसे जुटाने की मजबूरी कई युवाओं को चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर धकेल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है, लेकिन इसकी प्रभावी रोकथाम नहीं हो पा रही है। क्षेत्र में नशे का नेटवर्क लगातार फैल रहा है, जहाँ कुछ जगहों पर देर रात तक अवैध शराब बेची जाती है और कुछ मेडिकल स्टोर बिना चिकित्सकीय पर्ची के नशीली दवाएं व कफ सिरप उपलब्ध करा रहे हैं। हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों से भी सूखे नशे और अवैध शराब के कारोबार की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इस नशे की लत का सबसे गहरा असर परिवारों पर पड़ रहा है; थानों में आए दिन ऐसी महिलाएं पहुंच रही हैं जो पति या बेटे की शराबखोरी और घरेलू हिंसा से परेशान हैं। कई परिवार अपने परिजनों को खो चुके हैं, और अनेक घरों में आर्थिक तथा सामाजिक संकट गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नशे की लत से ग्रस्त युवाओं के उपचार और पुनर्वास के लिए नशा मुक्ति केंद्रों की सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। इस संबंध में खैरथल-तिजारा की एसएसपी जया सिंह ने बताया कि पुलिस अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन युवाओं को नशे से बचाने के लिए परिवारों की सक्रिय भूमिका भी अत्यंत आवश्यक है। सैटेलाइट अस्पताल खैरथल के पीएमओ डॉ. नितिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति की निर्णय क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे अवसाद, हिंसा और अपराध की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।
- भिवाड़ी पुलिस ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत राहगीरों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था करके जल संरक्षण और जनसेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। जिला भिवाड़ी में चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना है। इसके अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका लक्ष्य जल स्रोतों का संरक्षण करना, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना, पानी की बर्बादी रोकना और लोगों को जल बचाने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के तहत कई प्रमुख गतिविधियाँ शामिल हैं, जैसे जल संरक्षण की शपथ लेना, पौधारोपण करना और पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाना। इसमें जल स्रोतों की सफाई और उनके संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें आमजन, विद्यार्थी और स्वयंसेवी संगठन सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही, जल बचाओ और पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं, और वर्षा जल संचयन के महत्व पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 'जल है तो कल है' के संदेश के साथ, जिला प्रशासन और पुलिस जिला भिवाड़ी ने लोगों से 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' से जुड़कर जल बचाने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया है।1
- गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 रुपये के नोटों के संबंध में एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, बाजार में 500 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों की एक बड़ी खेप का पता चला है। ये जाली नोट देखने में बिल्कुल असली जैसे ही प्रतीत होते हैं, जिससे इनकी पहचान करना काफी मुश्किल हो सकता है। इसी के मद्देनजर, MHA और RBI ने आम जनता को सलाह दी है कि वे किसी भी वित्तीय लेनदेन के दौरान 500 रुपये के नोटों के सुरक्षा फीचर्स की अच्छी तरह से जांच कर लें।1
- अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्रि कषगम' (TVK) के बैनर तले शानदार चुनावी शुरुआत करते हुए सरकार बनाई है। विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों के साथ गठबंधन करके सत्ता संभाली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, सीएम विजय ने दिन में ही व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। उनके इस आदेश के अनुसार, तमिलनाडु सचिवालय में 1 जून से बॉयोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की जाएगी।1
- ग्राम पतलिया में श्री श्री 1008 बाबा मंढवाला के नाम पर एक विशाल भंडारा और रागनी कम्पीटिशन का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ हजारों ग्रामीणों ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर, कम्पीटिशन पार्टी ने धार्मिक भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।1
- अलवर जिले के बगड़तिराया बस स्टैंड पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह बस स्टैंड पुलिस थाना के ठीक पास स्थित है, बावजूद इसके यहाँ जाम की समस्या से निपटने के लिए कोई व्यवस्था या सुविधा उपलब्ध नहीं है। प्रशासन की उदासीनता के चलते प्रतिदिन दुर्घटनाएँ होती हैं और लगातार जाम लगता रहता है। यह स्थान एक महत्वपूर्ण चौमुखा रास्ता है, जहाँ से जयपुर और दिल्ली को जोड़ने वाला मार्ग भी गुजरता है, लेकिन सरकार और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है।1