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अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्रि कषगम' (TVK) के बैनर तले शानदार चुनावी शुरुआत करते हुए सरकार बनाई है। विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों के साथ गठबंधन करके सत्ता संभाली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, सीएम विजय ने दिन में ही व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। उनके इस आदेश के अनुसार, तमिलनाडु सचिवालय में 1 जून से बॉयोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की जाएगी।
Vijay thalapati
अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्रि कषगम' (TVK) के बैनर तले शानदार चुनावी शुरुआत करते हुए सरकार बनाई है। विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों के साथ गठबंधन करके सत्ता संभाली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, सीएम विजय ने दिन में ही व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। उनके इस आदेश के अनुसार, तमिलनाडु सचिवालय में 1 जून से बॉयोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की जाएगी।
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- अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्रि कषगम' (TVK) के बैनर तले शानदार चुनावी शुरुआत करते हुए सरकार बनाई है। विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों के साथ गठबंधन करके सत्ता संभाली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, सीएम विजय ने दिन में ही व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। उनके इस आदेश के अनुसार, तमिलनाडु सचिवालय में 1 जून से बॉयोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की जाएगी।1
- राजस्थान के अलवर स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में बाघिन एसटी-19 के शावकों की मनमोहक अटखेलियाँ कैमरे में कैद की गई हैं। पानी की ठंडी लहरों में मस्ती करते शावकों का यह खूबसूरत दृश्य वन्यजीव प्रेमियों का दिल जीत रहा है। भीषण गर्मी के बीच इन शावकों को पानी में खेलता देख पर्यटक और स्थानीय लोग बेहद उत्साहित नज़र आए। सरिस्का में बाघों की बढ़ती संख्या और उनके इस स्वाभाविक व्यवहार को दर्शाती ये तस्वीरें वन्यजीव संरक्षण की सफलता की कहानी भी बयां कर रही हैं।1
- अब घरों के भीतर दुकानें खोली नहीं जा सकेंगी। इसके साथ ही, ई-मित्र सहित कुल 17 सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।1
- टोल प्लाजा पर एक सड़क दुर्घटना में ट्रक और एक ईको वाहन के बीच टक्कर हो गई, जिसके बाद लोग यह अनुमान लगा रहे थे कि गलती किसकी थी। कुछ का मानना था कि ट्रक चालक की गलती थी, जबकि अन्य ईको वाहन चालक को जिम्मेदार ठहरा रहे थे, लेकिन हादसे का असल कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस घटना में न तो ट्रक चालक की कोई गलती थी और न ही ईको चालक की। यह हादसा मुख्य रूप से टोल प्लाजा पर सभी सर्विस लाइनों के चालू न होने की वजह से हुआ। टोल पर मौजूद इस अव्यवस्था के कारण ट्रक चालक को अपनी गाड़ी को दूसरी तरफ मोड़ना पड़ा, जिसके चलते यह टक्कर हुई। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में शामिल सभी लोग भगवत कृपा से सुरक्षित हैं, और किसी के भी घायल होने की कोई सूचना नहीं है।1
- राजस्थान के कोटपुतली बहरोड़ जिले की बानसूर तहसील के चीपड़ी गांव, पोस्ट हरसौरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लगभग 11 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से, ठेकेदार के माध्यम से किए जा रहे पीसीसी (PCC) कार्य में गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। जब इस संबंध में ठेकेदार के कर्मचारियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि "यह ऐसे ही चलेगा और हम इसी तरीके से काम करेंगे।" इस जवाब से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है, जिन्होंने इस मामले में समाधान और हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।4
- आज, रविवार 30 मई 2026 को दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया यानी भारतीय बौद्ध महासभा की राजस्थान प्रदेश शाखा के तत्वावधान में, डीग जिला शाखा का एक दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर ग्राम जालूकी स्थित अंबेडकर पार्क में बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध उपासक, उपासिकाओं और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की, जिसकी शुरुआत बुद्ध पूजा, याचना और बुद्ध वंदना से हुई, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। शिविर में संगठन के विस्तार, धर्म प्रचार, सामाजिक जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यकर्ताओं ने संगठन की गतिविधियों, सदस्यता अभियान और सामाजिक कार्यों को लेकर अपने-अपने विचार भी व्यक्त किए। प्रशिक्षण सत्र का उद्घाटन आदरणीय फूलसिंह बौद्ध, प्रदेश अध्यक्ष द्वारा प्रातः 10 बजे किया गया, जिन्होंने शिविराथियों का परिचय भी कराया। इसके उपरांत, आदरणीय डॉ. राजेश पवार, राष्ट्रीय सचिव ने दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के ध्येय, उद्देश्य एवं मिशन के साथ-साथ शाखा का कामकाज कैसे करें और हिसाब कैसे लिखें, इन विषयों पर मार्गदर्शन दिया। दोपहर के सत्र में डॉ. राजेश पवार ने कार्यकर्ताओं और प्रबोधन की आचार संहिता पर अपने विचार रखे, जिसके पश्चात आदरणीय फूलसिंह बौद्ध ने पदाधिकारी और उनकी जिम्मेदारियों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। अंत में, शिविराथियों ने अपने मनोगत व्यक्त किए। इस दौरान, राज्य केंद्र और जिला शाखा के पदाधिकारियों - आदरणीय फूलसिंह बौद्ध (प्रदेश अध्यक्ष), आदरणीय जयसिंह बौद्ध (प्रदेश महासचिव), आदरणीय ताराचंद बौद्ध (प्रदेश कोषाध्यक्ष), आदरणीय रामस्वरूप बौद्ध (प्रदेश उपाध्यक्ष), आदरणीय विनोद कुमार बौद्ध (प्रदेश सचिव), आदरणीय प्यारेलाल बौद्ध (प्रदेश संगठन), आदरणीय सुंदरलाल बौद्ध (मंडल अध्यक्ष), आदरणीय भगवान सहाय बौद्ध (जिला कोषाध्यक्ष), और माननीय डॉ. राजेश पवार (राष्ट्रीय सचिव) - के मार्गदर्शन से प्रभावित होकर दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया की डीग जिला शाखा की कार्यकारिणी का विस्तार किया गया। इसमें आयुष्मान रिसपाल सिंह बौद्ध को जिलाध्यक्ष, आयुष्मान राकेश कुमार बौद्ध को जिला महासचिव, आयुष्मान हरि सिंह बौद्ध को जिला उपाध्यक्ष (संस्कार विभाग), आयुष्मति बीना भास्कर को जिला उपाध्यक्ष (महिला विभाग), आयुष्मान सुरेंद्र कुमार को जिला उपाध्यक्ष (प्रचार व पर्यटन विभाग), आयुष्मान राम सिंह बौद्ध फौजी को जिला उपाध्यक्ष (संरक्षण विभाग), आयुष्मान रामकिशन बौद्ध को जिला कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान रिंकू बोहरा और आयुष्मान मास्टर रमेश चंद्र सहेड़ा को सचिव (संस्कार विभाग), आयुष्मान राजेश इंदौरिया को कार्यालय सचिव, आयुष्मान मास्टर सुपन राम बौद्ध और आयुष्मान करण सिंह बौद्ध को सचिव (प्रचार व पर्यटन विभाग), आयुष्मति राजकुमारी बौद्ध और आयुष्मति मंजू रानी बौद्ध को सचिव (महिला प्रकोष्ठ), आयुष्मान मास्टर प्रमोद कुमार को निरीक्षण सचिव, आयुष्मान सूरजमल सूबेदार और आयुष्मान नेमसिंह बौद्ध को सचिव (संरक्षण विभाग) बनाया गया। साथ ही, आयुष्मान प्रदीप सिंह बौद्ध, आयुष्मान कजौड़ी लाल, आयुष्मान साहब सिंह, आयुष्मति पिंकी बौद्ध और आयुष्मान मास्टर रामजीवन सहित कई अन्य को भी जिला संगठन में निर्वाचित किया गया। कार्यक्रम का सुचारु संचालन आदरणीय मास्टर राम हंस खौलिया ने किया। अंत में, पूज्य भंते सुमेध सागर ने सर्व सुख गाथा के साथ कार्यक्रम का समापन किया और आयोजकों द्वारा सभी उपासक एवं उपासिकाओं को मालपुआ का भोजन करवा कर विदा किया गया।4