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ICOPJournalist Janata ki Awaaz Vishal Sharma journalist ✍🏻 🙏🏻 अन्नदाता के आंसुओं की दास्तां – 'जट दी जून बुरी, तड़प-तड़प मर जाना' ​कुरुक्षेत्र/हरियाणा: ​आज जब आसमान में काले बादल घिरते हैं, तो शहर में रहने वालों को सुहाना मौसम नजर आता है, लेकिन खेत में खड़े उस किसान की रूह कांप जाती है जिसकी साल भर की मेहनत कनक (गेहूं) की शक्ल में कटने को तैयार खड़ी है। हरियाणा के खेतों से आज खुशी की महक नहीं, बल्कि एक अनकहे डर की गूँज सुनाई दे रही है। ​कुदरत की मार और अनिश्चितता का साया एक तरफ फसल की कटाई शुरू हो चुकी है, तो दूसरी तरफ कुदरत अपना कहर बरसाने को बेताब दिखती है। किसान की नजरें बार-बार आसमान की तरफ उठती हैं—ऊपर काले बादलों का साया है और नीचे जेब खाली है। ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने पहले ही फसल को काफी हद तक तबाह कर दिया है। अब किसान इस कशमकश में है कि जो बचा-कुचा अनाज है, उसे समेटे या अपनी किस्मत को रोए? ​मंडियों का हाल और कर्ज का बोझ किसान की दास्तां सिर्फ खेत तक सीमित नहीं है। फसल कटने के बाद असली परीक्षा मंडियों में शुरू होती है। वहां जाने के बाद फसल की सही कीमत मिलेगी या नहीं, सरकारी खरीद समय पर होगी या नहीं, और क्या पैसा वक्त पर खाते में आएगा? ये वो सवाल हैं जो किसान को रात भर सोने नहीं देते। ​किसान आज एक भयावह गणित के बीच फंसा है: ​आढ़ती का कर्ज: जिससे खाद और बीज के लिए पैसा लिया था। ​कंबाइन का किराया: फसल काटने वाली मशीन के पैसे कहाँ से आएंगे? ​घर की जरूरतें: क्या बच्चों की पढ़ाई और घर का राशन इस बार नसीब होगा? ​दर्द भरी दास्तां: जट दी जून बुरी... हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि किसान यह सोचने पर मजबूर है कि वह घर क्या लेकर जाएगा? क्या वह सिर्फ खाली हाथ और कर्ज की पोटली लेकर लौटेगा? बुजुर्गों की कही वो बात आज हकीकत बनकर सीने में चुभती है कि— 'जट दी जून बुरी, तड़प-तड़प मर जाना'। यह सिर्फ एक कहावत नहीं, बल्कि आज के अन्नदाता की वह कड़वी सच्चाई है जो समाज के हर संवेदनशील व्यक्ति को रोने पर मजबूर कर देती है। ​सरकार से गुहार क्या व्यवस्था को किसान की सिसकियां सुनाई देंगी? क्या सरकार समय रहते कनक की खरीद सुनिश्चित करेगी और किसानों को तत्काल राहत राशि प्रदान करेगी? आज देश का पेट भरने वाला खुद खाली पेट आसमान की ओर देख रहा है। यदि वक्त रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह सोना उगलने वाली मिट्टी किसान की उम्मीदों की कब्रगाह बन जाएगी। ​प्रस्तुति: विशाल शर्मा फ्रीलांस जर्नलिस्ट व शोधकर्ता

3 hrs ago
user_IndiaNews 9Live
IndiaNews 9Live
Media company Thanesar, Kurukshetra•
3 hrs ago

ICOPJournalist Janata ki Awaaz Vishal Sharma journalist ✍🏻 🙏🏻 अन्नदाता के आंसुओं की दास्तां – 'जट दी जून बुरी, तड़प-तड़प मर जाना' ​कुरुक्षेत्र/हरियाणा: ​आज जब आसमान में काले बादल घिरते हैं, तो शहर में रहने वालों को सुहाना मौसम नजर आता है, लेकिन खेत में खड़े उस किसान की रूह कांप जाती है जिसकी साल भर की मेहनत कनक (गेहूं) की शक्ल में कटने को तैयार खड़ी है। हरियाणा के खेतों से आज खुशी की महक नहीं, बल्कि एक अनकहे डर की गूँज सुनाई दे रही है। ​कुदरत की मार और अनिश्चितता का साया एक तरफ फसल की कटाई शुरू हो चुकी है, तो दूसरी तरफ कुदरत अपना कहर बरसाने को बेताब दिखती है। किसान की नजरें बार-बार आसमान की तरफ उठती हैं—ऊपर काले बादलों का साया है और नीचे जेब खाली है। ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने पहले ही फसल को काफी हद तक तबाह कर दिया है। अब किसान इस कशमकश में है कि जो बचा-कुचा अनाज है, उसे समेटे या अपनी किस्मत को रोए? ​मंडियों का हाल और कर्ज का बोझ किसान की दास्तां सिर्फ खेत तक सीमित नहीं है। फसल कटने के बाद असली परीक्षा मंडियों में शुरू होती है। वहां जाने के बाद फसल की सही कीमत मिलेगी या नहीं, सरकारी खरीद समय पर होगी या नहीं, और क्या पैसा

वक्त पर खाते में आएगा? ये वो सवाल हैं जो किसान को रात भर सोने नहीं देते। ​किसान आज एक भयावह गणित के बीच फंसा है: ​आढ़ती का कर्ज: जिससे खाद और बीज के लिए पैसा लिया था। ​कंबाइन का किराया: फसल काटने वाली मशीन के पैसे कहाँ से आएंगे? ​घर की जरूरतें: क्या बच्चों की पढ़ाई और घर का राशन इस बार नसीब होगा? ​दर्द भरी दास्तां: जट दी जून बुरी... हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि किसान यह सोचने पर मजबूर है कि वह घर क्या लेकर जाएगा? क्या वह सिर्फ खाली हाथ और कर्ज की पोटली लेकर लौटेगा? बुजुर्गों की कही वो बात आज हकीकत बनकर सीने में चुभती है कि— 'जट दी जून बुरी, तड़प-तड़प मर जाना'। यह सिर्फ एक कहावत नहीं, बल्कि आज के अन्नदाता की वह कड़वी सच्चाई है जो समाज के हर संवेदनशील व्यक्ति को रोने पर मजबूर कर देती है। ​सरकार से गुहार क्या व्यवस्था को किसान की सिसकियां सुनाई देंगी? क्या सरकार समय रहते कनक की खरीद सुनिश्चित करेगी और किसानों को तत्काल राहत राशि प्रदान करेगी? आज देश का पेट भरने वाला खुद खाली पेट आसमान की ओर देख रहा है। यदि वक्त रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह सोना उगलने वाली मिट्टी किसान की उम्मीदों की कब्रगाह बन जाएगी। ​प्रस्तुति: विशाल शर्मा फ्रीलांस जर्नलिस्ट व शोधकर्ता

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    ICOPJournalist Janata ki Awaaz Vishal Sharma journalist ✍🏻 🙏🏻 
अन्नदाता के आंसुओं की दास्तां – 'जट दी जून बुरी, तड़प-तड़प मर जाना'
​कुरुक्षेत्र/हरियाणा:
​आज जब आसमान में काले बादल घिरते हैं, तो शहर में रहने वालों को सुहाना मौसम नजर आता है, लेकिन खेत में खड़े उस किसान की रूह कांप जाती है जिसकी साल भर की मेहनत कनक (गेहूं) की शक्ल में कटने को तैयार खड़ी है। हरियाणा के खेतों से आज खुशी की महक नहीं, बल्कि एक अनकहे डर की गूँज सुनाई दे रही है।
​कुदरत की मार और अनिश्चितता का साया
एक तरफ फसल की कटाई शुरू हो चुकी है, तो दूसरी तरफ कुदरत अपना कहर बरसाने को बेताब दिखती है। किसान की नजरें बार-बार आसमान की तरफ उठती हैं—ऊपर काले बादलों का साया है और नीचे जेब खाली है। ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने पहले ही फसल को काफी हद तक तबाह कर दिया है। अब किसान इस कशमकश में है कि जो बचा-कुचा अनाज है, उसे समेटे या अपनी किस्मत को रोए?
​मंडियों का हाल और कर्ज का बोझ
किसान की दास्तां सिर्फ खेत तक सीमित नहीं है। फसल कटने के बाद असली परीक्षा मंडियों में शुरू होती है। वहां जाने के बाद फसल की सही कीमत मिलेगी या नहीं, सरकारी खरीद समय पर होगी या नहीं, और क्या पैसा वक्त पर खाते में आएगा? ये वो सवाल हैं जो किसान को रात भर सोने नहीं देते।
​किसान आज एक भयावह गणित के बीच फंसा है:
​आढ़ती का कर्ज: जिससे खाद और बीज के लिए पैसा लिया था।
​कंबाइन का किराया: फसल काटने वाली मशीन के पैसे कहाँ से आएंगे?
​घर की जरूरतें: क्या बच्चों की पढ़ाई और घर का राशन इस बार नसीब होगा?
​दर्द भरी दास्तां: जट दी जून बुरी...
हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि किसान यह सोचने पर मजबूर है कि वह घर क्या लेकर जाएगा? क्या वह सिर्फ खाली हाथ और कर्ज की पोटली लेकर लौटेगा? बुजुर्गों की कही वो बात आज हकीकत बनकर सीने में चुभती है कि— 'जट दी जून बुरी, तड़प-तड़प मर जाना'। यह सिर्फ एक कहावत नहीं, बल्कि आज के अन्नदाता की वह कड़वी सच्चाई है जो समाज के हर संवेदनशील व्यक्ति को रोने पर मजबूर कर देती है।
​सरकार से गुहार
क्या व्यवस्था को किसान की सिसकियां सुनाई देंगी? क्या सरकार समय रहते कनक की खरीद सुनिश्चित करेगी और किसानों को तत्काल राहत राशि प्रदान करेगी? आज देश का पेट भरने वाला खुद खाली पेट आसमान की ओर देख रहा है। यदि वक्त रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह सोना उगलने वाली मिट्टी किसान की उम्मीदों की कब्रगाह बन जाएगी।
​प्रस्तुति:
विशाल शर्मा 
फ्रीलांस जर्नलिस्ट व शोधकर्ता
    user_IndiaNews 9Live
    IndiaNews 9Live
    Media company Thanesar, Kurukshetra•
    3 hrs ago
  • Post by Anoopshukla
    1
    Post by Anoopshukla
    user_Anoopshukla
    Anoopshukla
    Thanesar, Kurukshetra•
    4 hrs ago
  • Post by Dharamvir Singh
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    Post by Dharamvir Singh
    user_Dharamvir Singh
    Dharamvir Singh
    Shahbad, Kurukshetra•
    12 hrs ago
  • Post by Mr Suresh Chauhan
    1
    Post by Mr Suresh Chauhan
    user_Mr Suresh Chauhan
    Mr Suresh Chauhan
    पत्रकार Barara, Ambala•
    16 hrs ago
  • सहारनपुर: जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गंगोह पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है- थाना गंगोह पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में एक शातिर गौकश को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया- मिली जानकारी के अनुसार जब पुलिस टीम गंगोह से नानौता मार्ग पर न्यू हॉलेंड शोरूम के पास संदिग्ध वाहन और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी- तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आते दिखे- पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर दोनों संदिग्ध भागने लगे, लेकिन कुछ दूरी पर उनकी बाइक फिसलकर गिर गई पुलिस के करीब पहुंचते ही बदमाशों ने पेड़ की आड़ लेकर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी- जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसे घायल अवस्था में पकड़ लिया गया- उसकी पहचान मरगूल उर्फ गुल्लु निवासी नानौता के रूप में हुई है- मौके से एक तमंचा .315 बोर, जिंदा व खोखा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की गई- घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में कॉम्बिंग जारी है-सीओ गंगोह अशोक कुमार सिसोदिया ने बताया कि अभियुक्त पर गौकशी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस के कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और आगे की कार्रवाई जारी है
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    सहारनपुर: जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गंगोह पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है- थाना गंगोह पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में एक शातिर गौकश को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया- मिली जानकारी के अनुसार जब पुलिस टीम गंगोह से नानौता मार्ग पर न्यू हॉलेंड शोरूम के पास संदिग्ध वाहन और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी- तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आते दिखे- पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर दोनों संदिग्ध भागने लगे, लेकिन कुछ दूरी पर उनकी बाइक फिसलकर गिर गई पुलिस के करीब पहुंचते ही बदमाशों ने पेड़ की आड़ लेकर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी- जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसे घायल अवस्था में पकड़ लिया गया- उसकी पहचान मरगूल उर्फ गुल्लु निवासी नानौता के रूप में हुई है- मौके से एक तमंचा .315 बोर, जिंदा व खोखा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की गई- घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में कॉम्बिंग जारी है-सीओ गंगोह अशोक कुमार सिसोदिया ने बताया कि अभियुक्त पर गौकशी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस के कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और आगे की कार्रवाई जारी है
    user_मिस सोनिया
    मिस सोनिया
    Lawyer नकुड़, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • विवाह नंबर एका इजराइल किसान लढाई या नही बोलता दे अमेरिका कोईराला
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    विवाह नंबर एका इजराइल किसान लढाई या नही बोलता दे अमेरिका कोईराला
    user_Mobin Kassar
    Mobin Kassar
    नकुड़, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • राजस्थान: कल आसमान में प्रकृति ने ऐसा नज़ारा पेश किया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। तेज़ गरज के साथ चमकती बिजली ने पूरे आकाश को रोशनी से भर दिया, मानो कोई विशाल आतिशबाज़ी हो रही हो। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह दृश्य देर तक चलता रहा। कई लोगों ने अपने घरों की छतों पर खड़े होकर इस प्राकृतिक “लाइट शो” का आनंद लिया। कुछ ने इसे कैमरे में कैद भी किया और सोशल मीडिया पर साझा किया, जहां यह तेजी से वायरल हो गया।
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    राजस्थान: कल आसमान में प्रकृति ने ऐसा नज़ारा पेश किया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। तेज़ गरज के साथ चमकती बिजली ने पूरे आकाश को रोशनी से भर दिया, मानो कोई विशाल आतिशबाज़ी हो रही हो।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह दृश्य देर तक चलता रहा। कई लोगों ने अपने घरों की छतों पर खड़े होकर इस प्राकृतिक “लाइट शो” का आनंद लिया। कुछ ने इसे कैमरे में कैद भी किया और सोशल मीडिया पर साझा किया, जहां यह तेजी से वायरल हो गया।
    user_पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    Court reporter असंध, करनाल, हरियाणा•
    7 hrs ago
  • Post by Anoopshukla
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    Post by Anoopshukla
    user_Anoopshukla
    Anoopshukla
    Thanesar, Kurukshetra•
    5 hrs ago
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