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उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मोबाइल चोरी के संदेह को लेकर दिनदहाड़े एक खूनी वारदात हुई है। इस घटना से पूरा चित्रकूट दहल गया है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
Abhay TV News
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मोबाइल चोरी के संदेह को लेकर दिनदहाड़े एक खूनी वारदात हुई है। इस घटना से पूरा चित्रकूट दहल गया है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
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- जनपद चित्रकूट की तहसील मानिकपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत गौरिया में 29 मई, 2026 की बीती रात आए भीषण आंधी-तूफान के कारण भारी तबाही हुई है। गौरिया गाँव के निवासी छेदीलाल के घर पर एक विशालकाय पीपल का पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर गिर गया, जिससे उनका पूरा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर जमींदोज हो गया है। इस हृदय विदारक घटना में घर में रखा सारा गृहस्थी का सामान और अनाज बर्बाद हो गया, जिससे पीड़ित परिवार के सामने रहने और खाने का गंभीर संकट पैदा हो गया है। गनीमत रही कि इस बड़े हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि घर के भीतर मौजूद एक मासूम बच्ची मलबे में दब गई थी। ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसे मामूली चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने हल्का लेखपाल और ग्राम प्रधान को लिखित और मौखिक रूप से सूचना दे दी है। पीड़ित छेदीलाल और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री राहत कोष से यह गुहार लगाई है कि पीड़ित परिवार की अत्यंत दयनीय स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे अपने आशियाने का पुनर्निर्माण कर सकें।2
- चित्रकूट के रामघाट से रोहित गुप्ता ने अपने घर के पास सड़क की खराब हालत को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि सड़क में बहुत गहरे गड्ढे हैं, जिसके कारण वहां से गुजरने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। गुप्ता ने अधिकारियों से जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराने की अपील की है।1
- चित्रकूट जिले की कर्वी तहसील के अंतर्गत आने वाले कोलाउंहा गांव में भीषण गंदगी जमा हो गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। गांव के निवासी गंदे नाले और नालियों की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामवासियों के अनुसार, इस स्थिति के लिए गांव के प्रधान, सचिव और उनके सफ़ाई कर्मचारी जिम्मेदार हैं, क्योंकि वे गांव सुधार के लिए किसी भी प्रकार से कार्यरत नहीं हैं। लोगों का कहना है कि इन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण गांव में साफ़-सफ़ाई की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। गांववालों ने कलेक्टर और उनकी टीम से इस गंभीर मुद्दे पर गौर करने और आवश्यक कार्रवाई करने की उम्मीद जताई है, ताकि कोलाउंहा गांव को गंदगी की समस्या से निजात मिल सके।1
- सतना में हुई चंद घंटों की बारिश ने नगर निगम के स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी है। वार्ड नंबर 5 के मुख्तियार गंज क्षेत्र में लोगों के घरों में करीब डेढ़ फीट तक पानी घुस गया है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का पानी लोगों के किचन और कमरों तक पहुँच गया है, जिसके कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वार्ड वासियों का कहना है कि पूरे शहर में नाले और नालियों की सफाई के नाम पर निगम प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है। स्मार्ट सिटी के इस वार्ड में पानी का घरों में घुसना, निगम की सफाई व्यवस्था की बदहाली और उसके दावों की सच्चाई पर गंभीर सवाल उठाता है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। शहर की कई सड़कें थोड़ी सी बारिश में ही पानी से लबालब होकर 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' जैसी दिखने लगी हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल निकासी व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, स्थिति बदहाल है और शहर के अधिकांश वार्डों में कई जगहों पर सड़कें इसी तरह 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' में बदल गई हैं। इस जलभराव के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनता का कहना है कि यह समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन इस बार हालात और भी बदतर हैं। शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि स्मार्ट सिटी के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये का लाभ आखिर कब मिलेगा, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या के स्थायी समाधान की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब जिला प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस जलभराव की समस्या का स्थायी हल निकालें, ताकि सतना की सड़कें, सड़कें ही रहें और 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' न बनें।4
- चित्रकूट के मानिकपुर थाना क्षेत्र में एक बकरी चरवाहे का शव पेड़ से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। कल्याणपुर गांव के चौकी पुरवा लक्ष्मणपुर निवासी 45 वर्षीय अजय कोल, जो बकरी चराते थे, शुक्रवार शाम मछली पकड़ने की बात कहकर अपने घर से निकले थे। हालांकि, अजय रात 11 बजे तक भी वापस नहीं लौटे, जिसके बाद उनके परिजनों और ग्रामीणों ने रातभर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार सुबह लगभग 8 बजे बरदहा नदी के फोहा घाट के पास एक बरगद के पेड़ पर उनका शव उनकी ही साफी के सहारे लटका हुआ पाया गया। इस सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर दोपहर 2 बजे जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच अभी जारी है।1
- सतना जिले के जैतवारा क्षेत्र में हुई अचानक तेज़ बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। बेमौसम बरसात के कारण जैतवारा के कोनिया में बने ओपन खरीदी केंद्र पर खुले आसमान के नीचे रखा हज़ारों क्विंटल गेहूं पूरी तरह भीग गया। प्रशासन की इस बड़ी लापरवाही के तहत, किसानों की कड़ी मेहनत से उपजा यह गेहूं बिना किसी पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम के खुले में पड़ा रहा। मौके पर तिरपाल या अन्य सुरक्षा साधनों का स्पष्ट अभाव नज़र आया, जिससे किसानों की उपज बारिश में भीगती रही। खरीदी केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम न होने के कारण अब किसानों को भारी नुकसान की चिंता सता रही है। गेहूं के भीगने से उसकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे किसानों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों और किसानों ने इस घोर लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया है और तत्काल प्रभाव से उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मोबाइल चोरी के संदेह को लेकर दिनदहाड़े एक खूनी वारदात हुई है। इस घटना से पूरा चित्रकूट दहल गया है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।2